खाली वक्त में करें ये 5 साइड बिजनेस, कमाई में माने गए हैं बेहतर

खाली समय का सही इस्तेमाल सभी करना चाहते। वहीं लोग ये भी चाहते हैं कि समय का इस्तेमाल इस तरह किया जाए कि इनकम में भी फायदा हो। आज हम आपको बता रहे हैं 5 साइड बिजनेस जो आपकी ये दोनो इच्छाएं पूरी करेंगे। इन 5 साइड बिजनेस को कमाई के हिसाब से कई औसत फुल टाइम नौकरियों से बेहतर मान गया है।

पार्ट-टाइम जॉब ऑफर करने वाली कंपनी फ्लैक्सीजॉब ने इन जॉब को अपनी टॉप जॉब लिस्ट में शामिल किया है।अमेरिकी कंपनी फ्लैक्सीजॉब भारत के लिए भी जॉब ऑफर करती है। अगस्त के महीने में कंपनी ने भारतीयों के लिए 10 कैटेगरी में पार्ट-टाईम जॉब ऑफर किए हैं।

फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक लिस्ट में सिर्फ उन साइड बिजनेस को शामिल किया गया है, जिसमें होने वाली हर घंटे की औसत कमाई अमेरिकी सरकार द्वारा तय न्यूनतम प्रति घंटे आय (7 डॉलर) का कम से कम दोगुना हो।

ग्रुप फिटनेस इंस्ट्रक्टर

फ्लैक्सी जॉब की लिस्ट में सबसे ऊपर ग्रुप फिटनेस इंस्ट्रक्टर हैं। वेबसाइट्स के मुताबिक योग, फिटनेस, साइकलिंग, इस सेग्मेंट में आते हैं। वेबसाइट के मुताबिक इस जॉब की सबसे खास बात ये है लोग पहले खुद अपने खाली समय में इन एक्टिविटी को सीखते हैं, बाद में वो खुद इस सर्विस को ऑफर करने लगते हैं। यानि अपने खाली समय के इस्तेमाल में ये सबसे अच्छा ऑप्शन है।

अमेरिकी में इस जॉब के लिए कम से कम 40 डॉलर प्रति घंटे तक मिल जाते हैं। वहीं दिल्ली में एक से दो घंटे हर दिन के योग सेशन के लिए औसत फीस 2000 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति माह है। अगर टीचर फेमस है या सिखाई जा रही एक्टिविटी खास है तो कमाई कई गुना ज्यादा हो सकती है।

स्पेशल एजुकेशन ट्यूटर

बुजुर्ग हो या किसी परेशानी से जूझ रहा बच्चा- स्पेशल एजेकुशन ट्यूटर की जरूरत हर जगह बढ़ रही है। स्पेशल ट्यूटर उन लोगों को कहते हैं जो किसी खास जरूरत के हिसाब से सिखाने में मदद करते हैं। इन जॉब में साइन लैंग्वेज सिखाने वालों से लेकर, किसी अक्षमता के शिकार लोगों के ट्यूटर शामिल हैं।

फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक अक्सर अवेयरनेस बढ़ाने के लिए सरकारें, इंस्टीट्यूशन, कंपनियां या स्कूल इस तरह के प्रोग्राम चलाती हैं जहां वो ट्यूटर को पार्ट टाइम जॉब ऑफर करते हैं। अमेरिका में एक साइन लैंग्वेज सिखाने वाले को हर घंटे 35 डॉलर तक मिल सकते हैं।

दो या दो से ज्यादा भाषाओं के जानकार

अगर आप एक से ज्यादा भाषाएं जानते हैं तो आपके पास अवसरों की कमी नहीं, खास तौर पर भारत जैसे देश में जहां कई तरह की भाषाएं हैं। फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक कंटेट का ट्रांसलेशन हो या किसी कंपनी के अधिकारी का दुभाषिया बनना, या फिर एक से ज्यादा भाषाओं में माहिर होना काफी फायदे मंद जॉब है। सबसे खास बात ये है कि अगर आप कोई दूसरी भाषा नहीं जानते तो आप अपने खाली समय का इस्तेमाल कर इसे सीख सकते हैं और बाद में इसका इस्तेमाल दूसरों को सिखाने में कर सकते हैं।

इवेंट/ प्रोडक्ट फोटोग्राफर

खाली समय में फोटोग्राफी करना कई लोगों का शौक होता है, वहीं दूसरी तरफ कई कंपनियां ऐसे लोगो की तलाश करती हैं जो उनके लिए किसी खास इवेंट में जाकर पूरे इवेंट या फिर किसी प्रोडक्ट की फोटोग्राफी कर सकें। मीडिया हाउस भी बेहतर फोटोग्राफ्स की तलाश करते रहते हैं। इस जॉब में फोटोग्राफी के साथ एडिटिंग की जानकारी होना जरूरी माना जाता है।

कई लोग फोटोग्राफी की मदद से फोटो फीचर भी पोस्ट करते हैं, जो किसी इवेंट, प्रोडक्ट या किसी टूर का हिस्सा हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक राइटिंग के मुकाबले फोटो फीचर ज्यादा देखे जाते हैं ऐसे में इन पोस्ट्स के हिट होने की संभावना भी ज्यादा होती है। फ्लैक्सी जॉब के मुताबिक प्रोडक्ट फोटोग्राफर हर घंटे कम से कम 20 डॉलर कमा लेते हैं।

रिज्यूम राइटर

फ्लैक्सीजॉब के मुताबिक आपको जॉब ऑफर होने में सबसे अहम रोल दिलाता है आपका बायोडाटा या रिज्यूम या सीवी, लेकिन खास बात ये है अधिकांश लोग नहीं जानते है कि बायोडाटा, या रिज्यूम कैसे तैयार किया जाए। यहीं पर रिज्यूम राइटर की मदद ली जाती है। रिज्यूम राइटर बनने के लिए आपको सिर्फ भाषा पर पकड़ और प्रजेंटेशन स्किल चाहिए। फ्लैक्सीजॉब के मुताबिक इस जॉब में कमाई इस बात पर निर्भर होती है कि आप कितने एक्सपीरियंस वाले प्रोफेश्नल के लिए के लिए रिज्यूम बना रहे हैं।

अक्सर मिडिल मैनेजमेंट से टॉप जॉब के लिए एप्लाई करने वाले एग्जीक्यूटिव फ्रीलांसर एक्सपर्ट्स के साथ काम करते हैं। दरअसल ऊपरी लेवल के जॉब एप्लीकेशन में औपचारिकताएं और प्रजेंटेशन काफी अहम होता है। भारत में फ्रीलांसर रिज्यूम राइटर 500 से 3000 रुपए प्रति रिज्यूम फीस चार्ज करते हैं।

साइड बिजनेस पाने के दो तरीके हैं इसमें फ्लैक्सिबल जॉब ऑफर करने वेबसाइट्स हैं। वहीं डायरेक्ट अप्रोच से भी काम किया जाता है।फ्रीलांसर डॉट कॉम और फ्लैक्सी जॉब भारतीयों के लिए भी साइड बिजनेस ऑफर करती हैं। आपको जॉब ऑफर करने के बदले ये आपसे फीस लेती हैं।इसके अलावा कई कंपनियां सीधे शॉर्ट टर्म प्रोजेक्ट्स निकालती हैं। लोग सोशल मीडिया के जरिए भी बिजनेस पाने की कोशिश करते हैं।

खास बात ध्यान रखें कि साइड बिजनेस कमाई का बड़ा जरिया है और लोग लगातार अवसरों की तलाश में लगे रहते हैं। इससे इन जॉब्स में जालसाजी का खतरा भी उतना ज्यादा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी जेनुइन कंपनियां जॉब मिलने से पहले आपसे फीस नहीं मांगती। वहीं स्थापित हो चुकी कंपनियां अगर फीस लेती हैं तो वो भी काफी मामूली।

आपकी कार को स्पेशल बना देंगे ये 5 गैजेट्स, कम खर्च में करते हैं बड़ा काम

सफर के दौरान कि‍न चीजों की जरूरत पड़ती है और कौन सी एक साधारण कार में आमतौर पर नहीं होतीं इसे ध्‍यान में रखते हुए कुछ बेहतरीन डि‍वाइस बनाए गए हैं। यह आपके सफर को आसान कर देते हैं कई ऐसे फंक्‍शन आपकी कार में जोड़ देते हैं जो फि‍लहाल केवल महंगी कारों में ही मौजूद हैं।

यह छोटे छोटे डि‍वाइस बड़े काम करते हैं। इनकी बदौलत आपका सफर न केवल सुरक्षि‍त होता है बल्‍कि झंझट भी कुछ कम हो जाते हैं। आप इनकी बदौलत अपनी कार को एडवांस फीचर्स से लैस कर देते हैं। जानें वो 5 डि‍वाइस जि‍नकी बदौलत आप अपनी कार को बना सकते हैं स्‍पेशल।

1 डैशकैम

डैशकैम न केवल आपको एक यादगार सफर को शूट करने की सहूलि‍यत देता है बल्‍कि‍ एक्‍सीडेंट हो जाने की दशा में यह आपकी काफी मदद करता करता है। ऐसा नहीं है कि‍ यह आपको कि‍सी एक्‍सीडेंड से बचा लेगा मगर एक्‍सीडेंट की कंडीशन में इसकी मदद से यह तो साबि‍त हो सकता है कि‍ गलती कि‍सने की थी। आजकल ऐसे डैशकैम आ गए हैं जो कार स्‍टार्ट होते ही अपने आप स्‍टार्ट हो जाते हैं और कार के ऑफ होते ही ऑफ हो जाते हैं।

2 ऑटोमैटि‍क

यह एक छोटा सा अडैप्‍टर होता है और आपकी कार की मैमोरी की तरह काम करता है। इसमें आपके वाहन से जुड़ी हर तरह की डि‍टेल होती है। यह डि‍वाइस ब्‍लूटूथ के जरि‍ए आपके फोन से भी जुड़ जाता है। इंजन की प्राब्‍लम बताता है, यह याद रखता है कि‍ आपने कार कहां पार्क की, आपके ट्रि‍प की हि‍स्‍ट्री याद रखता है और एक्‍सीडेंट या कि‍सी और तरह की इमरजेंसी में मदद के लि‍ए कॉल भी कर सकता है।

3 जीपीएस ट्रैकर

आपके मोबाइल से अटैच जीपीएस ट्रैकर हमेशा आपकी कार की लोकेशन बताता रहेगा। इसके कई फायदे हैं, चोरी होने की दशा में कार को ट्रेस करना बहुत आसान हो जाता है और अगर आपने कि‍सी और को या बच्‍चों को कार दी है तो उनकी लोकेशन पर आप नजर रख सकते हैं।

4 रडार डि‍टेक्‍टर

वैसे तो आपको ओवर स्‍पीड में नहीं चलना चाहि‍ए मगर दि‍ल है कि‍ मानता नहीं। वि‍देशों में यह डि‍वाइस पॉपुलर है। लोग चालान से बचने के लि‍ए इसका इस्‍तेमाल करते हैं। यह रेंज में आने से पहले ही बता देता है कि‍ आगे स्‍पीड ट्रैक हो रही है।

5 टायर प्रैशर मॉनीटरिंग सिस्‍टम

इसकी बदौलत आप अपने टायर की हेल्‍थ पर लगातार नजर रख सकते हैं। यह प्रेशर और टेंपरेचर दोनों को मॉनीटर करता है। यह भी दो तरह के आते हैं एक मैनुअल जि‍समें आपको हर टायर का प्रेशर खुद चेक करना होता है और दूसरा ऑटोमेटि‍क। ऑटोमेटि‍क वाला चार सेंसर के साथ आता है जो चारों टायर पर अटैच हो जाता है। इसका डि‍स्‍प्‍ले आपके डैश बोर्ड पर होता है। इसमें चारों टायर का प्रेशर और टेंपरेचर पता चलता रहता है।

भारत में कम पूँजी में कौन कौन से बिज़नेस शुरू कर सकते हैं?

भारत के श्रम मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2017 में 17 करोड़ लोग बेरोजगार है और बेरोजगारी बढ़ने की दर अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है. इस तरह में माहौल में सभी लोगों के लिए अपनी रोजी-रोटी की व्यवस्था करना सबसे बड़ा सवाल है. इसलिए इस लेख में हम इन बेरोजगार लोगें की समस्याओं को कम करने के लिए कुछ ऐसे उद्योगों और व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं जो कि थोड़ी पूँजी की सहायता से शुरू किये जा सकते है.

इस लेख में हमने यह भी बताया है कि कौन सा बिज़नेस 10 हजार रुपये में और कौन सा 50 हजार या उससे अधिक का निवेश करने पर खोला जा सकता है. लोगों की सुविधा के लिए यहाँ यह भी बताया गया है कि रुपये की व्यवस्था कहाँ से करें.

आइये अब जानते हैं कि कितने रुपये की मदद से कौन सा बिज़नेस शुरू किया जा सकता है.

1. 15 हजार रुपए में शुरू होने वाले बिजनेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार का ऋण शिशु उद्योग केटेगरी के अंतर्गत लिया जा सकता है.

a. प्रिंट और फोटो कॉपी बिजनेसः यह बिजनेस 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. इसके लिए आपको एक प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन और एक उपयुक्त स्थान जो कि किसी बस्ती, कॉलेज, स्कूल, सरकारी दफ्तर या कोर्ट के पास होना चाहिए.

b. मोबाइल रीचार्ज और सिम कार्ड बिक्री: यह बिजनेस 7 से 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. यह हमेशा चलने वाला बिज़नेस माना जाता है क्योंकि लोग साल भर अपने मोबाइल के रिचार्ज कूपन खरीदते हैं. इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि इस बिज़नेस को घर के किसी बाहरी कमरे में खोला जा सकता है और घर को कोई भी सदस्य इसे चला सकता है. इसे चलाने के लिए व्यक्ति को किसी डिग्री धारक होने की जरुरत भी नही होती है.

c. ब्रेकफास्ट शॉपः इस बिसनेस को चलाने के लिए बहुत ज्यादा शुरूआती खर्चे की जरुरत नही होती है. आप इस बिज़नेस को चलाने के लिए घर की लेडीज की मदद भी ले सकते हैं. अगर इस प्रकार की मूवेबल शॉप किसी कॉलेज, स्कूल या किसी ऑफिस या कोर्ट के बाहर लगायी जाये तो बिज़नेस बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा. आपके घर के आस पास भी बहुत से ऐसे लोग होंगे जो अपनी फैमिली के साथ नही रहते हैं और सुबह अच्छा नास्ता खोजते रहते हैं.ऐसे लोग आपके ग्राहक हो सकते हैं.

d. प्लांट नर्सरीः घर को खूबसूरत बनाने के लिए प्लांट नर्सरी पर बहुत-से लोग डिपेंड रहते हैं.आप इस बिज़नेस को लोकल नगर पालिका के अधिकारी की मदद से शुरू कर सकते हैं. इसके लिए सबसे उपयुक्त जगह सड़क के किनारे ही होती है क्योंकि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और सड़क का किनारा होने के कारण ग्राहक भी बड़ी मात्रा में मिलते हैं.

E. जूस की दुकान: जैसे जैसे लोगों की जिंदगी में आपा-धापी बढ़ रही है वैसे ही लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है. अब लोग बचत की नही बल्कि सेहत की ज्यादा चिंता करते हैं. आपने देखा होगा कि हर मौसम में जूस की दुकान पर हमेशा भीड़ लगी रहती है.
भारत में रोजगार और विकास के विभिन्न कार्यक्रमों की सूची

2. 50 हजार तक की लागत से शुरू होने वाले बिज़नेस इस प्रकार हैं :

a. डिजिटल स्टूडियोः यह बिजनेस 50 हजार रुपए से शुरू किया जा सकता है. कम्प्यूटर, यूपीएस, फोटो क्वालिटी प्रिंटर आदि की बिक्री और मरम्मत का बिजनेस बेहतर विकल्प है. इस बिज़नेस की डिमांड भी साल के ज्यदातर महीनों में रहती है. यह बिज़नेस फैमिली फंक्शन जैसे बर्थडे, तिलक, मुंडन, शादी की सालगिरह इत्यादि में ठीक चलता है.

b.घर में ब्यूटी पार्लर: यह बिज़नेस अपने घर में ही शुरू किया जा सकता है. इसके लिए आपको ब्यूटिशियन का कोर्से करना पड़ सकता है. यह रिसेशन प्रूफ अर्थात हमेशा चलने वाला बिज़नेस है क्योंकि हर किसी के पड़ोस में शादी, बर्थडे, सालगिरह इत्यादि फंक्शन होते ही रहते हैं. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको सिर्फ कॉस्मेटिक सामान और अच्छे संपर्क जुटाने की जरुरत होगी.

c. क्रेच सेंटर: इन तरह के सेंटर की मांग ज्यादातर शहरों में होती है जहाँ पर पति और पत्नि दोनों जॉब करते हैं और जिनके पास बच्चों को सँभालने का समय नही होता है.इस सेंटर में बच्चों के लिए कुछ खिलौने और गेम्स खरीदने के लिए रुपयों की जरुरत पड़ती है.

3. 50 हजार से 1 लाख रुपये में शुरू होने वाले बिज़नेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण “किशोर केटेगरी” में तहत लिया जा सकता है.

a. मिनरल वाटर सप्लायरः जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ रहा है वैसे वैसे प्रथ्वी का जल भी दूषित होता जा रहा है और भूजल के अधिक दोहन के कारण जल स्रोतों का जल सूखता जा रहा है. इन परिस्तिथियों में शुद्ध पानी की पूर्ती करना एक बहुत बड़ा बिज़नेस बन गया है. वर्तमान में शुद्ध जल का बिज़नेस 60 अरब रूपये का हो चुका है और यह हर साल 33% की दर से बढ़ रहा है. इस बिज़नेस के लिए आप किसी ब्रांडेड पानी की एजेंसी लेकर बोतल बंद पानी की सप्लाई घरों में शुरू कर सकते हैं. लेकिन यदि आप अपना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना चाहते हैं तो खर्चा 5 लाख से 8 लाख तक का हो सकता है.

b. ट्रैवल एजेंसीः रेल-बस रिजर्वेशन और शहर के भीतर टैक्सी बुक करने का व्यवसाय भी अच्छे मुनाफे वाला है. इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा 50 हजार रुपये की जरुरत पड़ेगी.

c. आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉपः इस बिजनेस की बाजार में अच्छी मांग है. 1 लाख रुपए खर्च करें तो आर्टिफिशियल ज्वैलरी का बिजनेस स्टार्ट किया जा सकता है.

सरकारी मदद से शुरू किये जाने वाले कुछ बिज़नेस इस प्रकार हैं: इन बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार के प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जरुरत के अनुसार 50 हजर से 10 लाख तक का ऋण लिया जा सकता है. इसके अलावा स्टार्ट उप इंडिया स्कीम के तहत भी भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता से सकते हैं.

4 . बेकरी का बिजनेस: आजकल फ़ास्ट फ़ूड के बढ़ते चलन के कारण इस व्यापार को भारत के किसी भी छोटे/बड़े शहर में शुरू किया जा सकता है .
स्वयं की लागत: Rs. 85,000
सरकारी मदद: 3.50 लाख
वार्षिक कमाई : 4.0 लाख

विस्तृत जानकारी: इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको शुरुआत में 85000 रुपये स्वयं की जेब से और बकाया के 3.5 लाख रुपये सरकार से ले सकते हैं . प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप 2.95 लाख रुपये का टर्म लोन तथा 1.50 लाख रुपये का कार्यशील पूंजी लोन (working capital loan) ले सकते हैं . इसे छोटे से शहर में भी शुरू किया जा सकता है . इस बिज़नेस से आप अपनी लागत को निकालकर लगभग 35000 रुपये/महीने कमा सकते हैं .

5. सेनेटरी नैपकिन का बिज़नेस: इस बिज़नेस को 15000 रुपये की निजी लागत से भी शुरू किया जा सकता है. भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बिज़नेस में और भी चमक आ गयी है .

स्वयं की लागत: 15,000 रुपये
सरकारी मदद: 1.50 लाख रुपये
वार्षिक कमाई : 1.8 लाख रुपये

विस्तृत जानकारी: इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होगी जिसमे 1.35 लाख का लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल जायेगा . यदि आप 1440 सेनेटरी नैपकिन एक दिन में तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो एक साल में 54000 पैकेट तैयार किये जा सकते हैं . यदि एक पैकेट की कीमत 13 रुपये रखी जाती है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री के सकते हैं . और यदि इस आय में से पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो साल में 2 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है .

6. मुर्गी पालन के लिए ऋण: वर्तमान समय में मांसाहारी भोजन खाने वालों की संख्या बढ़ने के कारण यह सबसे ज्यादा उभरता हुआ बिज़नेस है. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको पहली यह शर्त पूरी करनी होगी कि आपके 500 मीटर के दायरे में कोई और मुर्गी पालन केंद्र नही होना चाहिये .

इसके लिए अगर आपको लोन की जरुरत है तो आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी पास की ब्रांच में जाकर “Broiler Plus” नामक योजना के तहत 5000 मुर्गियां पालने के लिए 3 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं और यदि आप 15000 मुर्गियां पालना चाहते हैं तो अधिकत्तम 9 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है .

यह लोन छप्पर बनाने, कमरा बनाने, पानी और बिजली की व्यवस्था करने और अन्य उपकरण खरीदने के लिए मिल सकता है . इस लोन को चुकता करने के लिए आपको 5 साल का समय मिलेगा जिसे न चुका पाने की हालत में 6 महीने तक का अतिरिक्त समय भी मिल सकता है.

ऊपर दिए गए बिज़नेस मॉडल के अलावा निम्न तरीके से भी लोग बहुत कमाई कर रहे हैं:

7. वीडियो बनाकर: लोग कुछ रोचक से वीडियो जो कि किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं जैसे शिक्षा, मनोरंजन, खेलकूद, अजब गज़ब इत्यादि को बनाकर यू ट्यूब को बेच सकते हैं.

कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर,मोबाइल एप्प बना कर, मछली पालन करके, शहद उत्पादन करके,ब्लॉग्गिंग करके और इलेक्ट्रॉनिक चीजों की रिपेयरिंग करके भी रुपये कमाए जा सकते हैं.

अंत में यह कहना ही ठीक होगा कि मेहनती और जुनूनी लोगों के लिए पैसा कमाना कोई बड़ी समस्या नही है. अगर कोई ईमानदारी से पैसा कमाना चाहता है तो ऊपर दिए गए व्यवसाय में से अपनी योग्यता और सहूलियत के हिसाब से बिज़नेस शुरू कर सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग फटाफट और बिना संघर्ष किये रुपये कमाना चाहते हैं जो कि बिज़नेस में संभव ही नही है.

नोट: यदि किसी व्यक्ति को रोजगार/लाइसेंस से सम्बंधित कोई राय लेनी है तो वह टोल फ्री नम्बर 1800-180-6763 पर काल कर सकता है.

भारत में कम पूँजी में कौन कौन से बिज़नेस शुरू कर सकते हैं?

भारत के श्रम मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2017 में 17 करोड़ लोग बेरोजगार है और बेरोजगारी बढ़ने की दर अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है. इस तरह में माहौल में सभी लोगों के लिए अपनी रोजी-रोटी की व्यवस्था करना सबसे बड़ा सवाल है. इसलिए इस लेख में हम इन बेरोजगार लोगें की समस्याओं को कम करने के लिए कुछ ऐसे उद्योगों और व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं जो कि थोड़ी पूँजी की सहायता से शुरू किये जा सकते है.

इस लेख में हमने यह भी बताया है कि कौन सा बिज़नेस 10 हजार रुपये में और कौन सा 50 हजार या उससे अधिक का निवेश करने पर खोला जा सकता है. लोगों की सुविधा के लिए यहाँ यह भी बताया गया है कि रुपये की व्यवस्था कहाँ से करें.

आइये अब जानते हैं कि कितने रुपये की मदद से कौन सा बिज़नेस शुरू किया जा सकता है.

1. 15 हजार रुपए में शुरू होने वाले बिजनेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार का ऋण शिशु उद्योग केटेगरी के अंतर्गत लिया जा सकता है.

a. प्रिंट और फोटो कॉपी बिजनेसः यह बिजनेस 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. इसके लिए आपको एक प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन और एक उपयुक्त स्थान जो कि किसी बस्ती, कॉलेज, स्कूल, सरकारी दफ्तर या कोर्ट के पास होना चाहिए.

b. मोबाइल रीचार्ज और सिम कार्ड बिक्री: यह बिजनेस 7 से 10 हजार रुपए में शुरू हो सकता है. यह हमेशा चलने वाला बिज़नेस माना जाता है क्योंकि लोग साल भर अपने मोबाइल के रिचार्ज कूपन खरीदते हैं. इसका सबसे अच्छा फायदा यह है कि इस बिज़नेस को घर के किसी बाहरी कमरे में खोला जा सकता है और घर को कोई भी सदस्य इसे चला सकता है. इसे चलाने के लिए व्यक्ति को किसी डिग्री धारक होने की जरुरत भी नही होती है.

c. ब्रेकफास्ट शॉपः इस बिसनेस को चलाने के लिए बहुत ज्यादा शुरूआती खर्चे की जरुरत नही होती है. आप इस बिज़नेस को चलाने के लिए घर की लेडीज की मदद भी ले सकते हैं. अगर इस प्रकार की मूवेबल शॉप किसी कॉलेज, स्कूल या किसी ऑफिस या कोर्ट के बाहर लगायी जाये तो बिज़नेस बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा. आपके घर के आस पास भी बहुत से ऐसे लोग होंगे जो अपनी फैमिली के साथ नही रहते हैं और सुबह अच्छा नास्ता खोजते रहते हैं.ऐसे लोग आपके ग्राहक हो सकते हैं.

d. प्लांट नर्सरीः घर को खूबसूरत बनाने के लिए प्लांट नर्सरी पर बहुत-से लोग डिपेंड रहते हैं.आप इस बिज़नेस को लोकल नगर पालिका के अधिकारी की मदद से शुरू कर सकते हैं. इसके लिए सबसे उपयुक्त जगह सड़क के किनारे ही होती है क्योंकि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और सड़क का किनारा होने के कारण ग्राहक भी बड़ी मात्रा में मिलते हैं.

E. जूस की दुकान: जैसे जैसे लोगों की जिंदगी में आपा-धापी बढ़ रही है वैसे ही लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है. अब लोग बचत की नही बल्कि सेहत की ज्यादा चिंता करते हैं. आपने देखा होगा कि हर मौसम में जूस की दुकान पर हमेशा भीड़ लगी रहती है.
भारत में रोजगार और विकास के विभिन्न कार्यक्रमों की सूची

2. 50 हजार तक की लागत से शुरू होने वाले बिज़नेस इस प्रकार हैं :

a. डिजिटल स्टूडियोः यह बिजनेस 50 हजार रुपए से शुरू किया जा सकता है. कम्प्यूटर, यूपीएस, फोटो क्वालिटी प्रिंटर आदि की बिक्री और मरम्मत का बिजनेस बेहतर विकल्प है. इस बिज़नेस की डिमांड भी साल के ज्यदातर महीनों में रहती है. यह बिज़नेस फैमिली फंक्शन जैसे बर्थडे, तिलक, मुंडन, शादी की सालगिरह इत्यादि में ठीक चलता है.

b.घर में ब्यूटी पार्लर: यह बिज़नेस अपने घर में ही शुरू किया जा सकता है. इसके लिए आपको ब्यूटिशियन का कोर्से करना पड़ सकता है. यह रिसेशन प्रूफ अर्थात हमेशा चलने वाला बिज़नेस है क्योंकि हर किसी के पड़ोस में शादी, बर्थडे, सालगिरह इत्यादि फंक्शन होते ही रहते हैं. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको सिर्फ कॉस्मेटिक सामान और अच्छे संपर्क जुटाने की जरुरत होगी.

c. क्रेच सेंटर: इन तरह के सेंटर की मांग ज्यादातर शहरों में होती है जहाँ पर पति और पत्नि दोनों जॉब करते हैं और जिनके पास बच्चों को सँभालने का समय नही होता है.इस सेंटर में बच्चों के लिए कुछ खिलौने और गेम्स खरीदने के लिए रुपयों की जरुरत पड़ती है.

3. 50 हजार से 1 लाख रुपये में शुरू होने वाले बिज़नेस: इन सभी बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बिना कुछ गिरवी रखे 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का ऋण “किशोर केटेगरी” में तहत लिया जा सकता है.

a. मिनरल वाटर सप्लायरः जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ रहा है वैसे वैसे प्रथ्वी का जल भी दूषित होता जा रहा है और भूजल के अधिक दोहन के कारण जल स्रोतों का जल सूखता जा रहा है. इन परिस्तिथियों में शुद्ध पानी की पूर्ती करना एक बहुत बड़ा बिज़नेस बन गया है. वर्तमान में शुद्ध जल का बिज़नेस 60 अरब रूपये का हो चुका है और यह हर साल 33% की दर से बढ़ रहा है. इस बिज़नेस के लिए आप किसी ब्रांडेड पानी की एजेंसी लेकर बोतल बंद पानी की सप्लाई घरों में शुरू कर सकते हैं. लेकिन यदि आप अपना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना चाहते हैं तो खर्चा 5 लाख से 8 लाख तक का हो सकता है.

b. ट्रैवल एजेंसीः रेल-बस रिजर्वेशन और शहर के भीतर टैक्सी बुक करने का व्यवसाय भी अच्छे मुनाफे वाला है. इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा 50 हजार रुपये की जरुरत पड़ेगी.

c. आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉपः इस बिजनेस की बाजार में अच्छी मांग है. 1 लाख रुपए खर्च करें तो आर्टिफिशियल ज्वैलरी का बिजनेस स्टार्ट किया जा सकता है.

सरकारी मदद से शुरू किये जाने वाले कुछ बिज़नेस इस प्रकार हैं: इन बिज़नेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार के प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत जरुरत के अनुसार 50 हजर से 10 लाख तक का ऋण लिया जा सकता है. इसके अलावा स्टार्ट उप इंडिया स्कीम के तहत भी भारत सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता से सकते हैं.

4 . बेकरी का बिजनेस: आजकल फ़ास्ट फ़ूड के बढ़ते चलन के कारण इस व्यापार को भारत के किसी भी छोटे/बड़े शहर में शुरू किया जा सकता है .
स्वयं की लागत: Rs. 85,000
सरकारी मदद: 3.50 लाख
वार्षिक कमाई : 4.0 लाख

विस्तृत जानकारी: इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको शुरुआत में 85000 रुपये स्वयं की जेब से और बकाया के 3.5 लाख रुपये सरकार से ले सकते हैं . प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप 2.95 लाख रुपये का टर्म लोन तथा 1.50 लाख रुपये का कार्यशील पूंजी लोन (working capital loan) ले सकते हैं . इसे छोटे से शहर में भी शुरू किया जा सकता है . इस बिज़नेस से आप अपनी लागत को निकालकर लगभग 35000 रुपये/महीने कमा सकते हैं .
bakery business

5. सेनेटरी नैपकिन का बिज़नेस: इस बिज़नेस को 15000 रुपये की निजी लागत से भी शुरू किया जा सकता है. भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बिज़नेस में और भी चमक आ गयी है .

स्वयं की लागत: 15,000 रुपये
सरकारी मदद: 1.50 लाख रुपये
वार्षिक कमाई : 1.8 लाख रुपये

विस्तृत जानकारी: इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होगी जिसमे 1.35 लाख का लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल जायेगा . यदि आप 1440 सेनेटरी नैपकिन एक दिन में तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो एक साल में 54000 पैकेट तैयार किये जा सकते हैं . यदि एक पैकेट की कीमत 13 रुपये रखी जाती है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री के सकते हैं . और यदि इस आय में से पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो साल में 2 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है .

6. मुर्गी पालन के लिए ऋण: वर्तमान समय में मांसाहारी भोजन खाने वालों की संख्या बढ़ने के कारण यह सबसे ज्यादा उभरता हुआ बिज़नेस है. इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको पहली यह शर्त पूरी करनी होगी कि आपके 500 मीटर के दायरे में कोई और मुर्गी पालन केंद्र नही होना चाहिये .

इसके लिए अगर आपको लोन की जरुरत है तो आप भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी पास की ब्रांच में जाकर “Broiler Plus” नामक योजना के तहत 5000 मुर्गियां पालने के लिए 3 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं और यदि आप 15000 मुर्गियां पालना चाहते हैं तो अधिकत्तम 9 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है .

यह लोन छप्पर बनाने, कमरा बनाने, पानी और बिजली की व्यवस्था करने और अन्य उपकरण खरीदने के लिए मिल सकता है . इस लोन को चुकता करने के लिए आपको 5 साल का समय मिलेगा जिसे न चुका पाने की हालत में 6 महीने तक का अतिरिक्त समय भी मिल सकता है.

ऊपर दिए गए बिज़नेस मॉडल के अलावा निम्न तरीके से भी लोग बहुत कमाई कर रहे हैं:

7. वीडियो बनाकर: लोग कुछ रोचक से वीडियो जो कि किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं जैसे शिक्षा, मनोरंजन, खेलकूद, अजब गज़ब इत्यादि को बनाकर यू ट्यूब को बेच सकते हैं.

कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर,मोबाइल एप्प बना कर, मछली पालन करके, शहद उत्पादन करके,ब्लॉग्गिंग करके और इलेक्ट्रॉनिक चीजों की रिपेयरिंग करके भी रुपये कमाए जा सकते हैं.

अंत में यह कहना ही ठीक होगा कि मेहनती और जुनूनी लोगों के लिए पैसा कमाना कोई बड़ी समस्या नही है. अगर कोई ईमानदारी से पैसा कमाना चाहता है तो ऊपर दिए गए व्यवसाय में से अपनी योग्यता और सहूलियत के हिसाब से बिज़नेस शुरू कर सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग फटाफट और बिना संघर्ष किये रुपये कमाना चाहते हैं जो कि बिज़नेस में संभव ही नही है.

नोट: यदि किसी व्यक्ति को रोजगार/लाइसेंस से सम्बंधित कोई राय लेनी है तो वह टोल फ्री नम्बर 1800-180-6763 पर काल कर सकता है.

80 नहीं 30 हजार रुपए किलो मिलती है मोदी वाली मशरूम, ये हैं खूबिया

गुजरात के युवा ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने पीएम नरेंद्र मोदी पर विदेश से मंगा कर मशरूम खाने का आरोप लगाया है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए अल्पेश ने कहा है कि पीएम मोदी ताइवान से मशरूम मंगवा कर खाते हैं।

पीएम जो मशरूम खाते हैं उस एक मशरूम की कीमत 80 हजार रुपए है। इसपर कई दिनों से बहस चल रही है, ऐसे में चलिए जानेत हैं आखिर क्या है मशरूम की सच्चाई।

मोदी ने बताया था वो खाते हैं ‘गुच्‍छी

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे, तब उन्‍होंने एक बार कुछ पत्रकारों को ऑन रिकॉर्ड यह बताया था कि उनकी सेहत का राज हिमाचल प्रदेश का मशरूम है। पीएम मोदी मशरूम की जिस प्रजाति को सबसे ज्‍यादा पसंद करते हैं, उसे ‘गुच्‍छी’ कहते हैं और यह हिमालय के पहाड़ों पर पाया जाता है।

उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश के जंगलो में पाया जाता है

इसका उत्‍पादन नहीं किया जा सकता और इसे प्राकृतिक रूप से ही हासिल किया जाता है। यह उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्‍मू-कश्‍मीर के ऊंचे पहाड़ों पर जंगलों में पाया जाता है और बर्फ के बढ़ने और पिघलने के बीच के दौर में ही उगता है।

जानें क्यों होता है इतना महंगा

अब चूंकि यह बहुत कम पाया जाता है, इसलिए इसकी कीमत कभी-कभी 30,000 रुपये किलो तक पहुंच जाती है। हालांकि एक किलो में काफी मशरूम आ जाता है, क्‍योंकि यह सूखने पर बिकता है। औसतन देखें तो गुच्‍छी मशरूम 10,000 रुपये किलो मिल जाता है

इस मशरूम में बी कॉम्प्लैक्ट विटामिन, विटामिन डी और कुछ जरूरी एमीने एसिड पाए जाते हैं. इसे लगातार खाने से दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं बहुत ही कम हो जाती हैं. इसकी मांग सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका, फ्रांस, इटली और स्विटरलैंड जैसे देशों में भी है।

ये हैं मारुति‍ की 6 सुपर फ्लॉप कारें, लोगों को इम्‍प्रेस करने में हुईं फेल

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या ने कई हि‍ट कारों को पेश कि‍या है जो आज भी कई लोगों की पहली पसंद हैं। लेकि‍न ऐसा नहीं है कि‍ मारुति‍ ने कभी जोखि‍म नहीं लि‍या। मारुति‍ सुजुकी इंडि‍या की ओर से ऐसी कारों को भी उतारा गया जो लोगों को इम्‍प्रेस करने में फेल हो गईं। इन कारों की घटती सेल की वजह से मारुति‍ ने इन्‍हें बनाना बंद कर दि‍या। यहां हम आपको मारुति‍ की ऐसी ही कारों के बारे में बता रहे हैं जो मार्केट में फ्लॉप साबि‍त हुईं।

मारुति‍ बलेनो अल्‍टूरा

स्‍टेशन वैगन को बेचने में कई कंपनि‍यां फेल हुई हैं। फि‍एट और टाटा के बाद मारुति‍ ने बलेनो अल्‍टूरा को लॉन्‍च कि‍या जोकि‍ स्‍टेशन वैगन बेस्‍ड कार थी। लेकि‍न यह कार भी बुरी तरह से फेल हो गई। भारतीय बाजार इस कार के लि‍ए तैयार नहीं था जि‍स वजह से की सेल्‍स बढ़ रही पाई। इसकी कीमत भी 7.5 लाख रुपए थी जोकि‍ उस वक्‍त काफी ज्‍यादा थी।

कब हुई लॉन्‍च: 1999
कब हुई बंद: 2005

मारुति‍ एस्‍टि‍लो

2007 में मारुति‍ एस्‍टि‍लो को लॉन्‍च कि‍या गया जोकि‍ जेन की जगह उतारी गई थी। लेकि‍न यह कार अपने पुराने वर्जन की मजबूत सेल्‍स को बरकरार नहीं रख पाई। मारुति‍ ने एस्‍टि‍लो को अपडेट के साथ 2009 में दोबारा पेश कि‍या। इस कार की एवरेज सेल्‍स करीब 850 यूनि‍ट्स थी।

मारुति‍ सुजुकी

ग्रैंड वि‍टारा मारुति‍ सुजुकी की ओर से भारतीय बाजार में जापान से सीबीयू रूट के जरि‍ए ग्रैंड वि‍टारा को पेश कि‍या गया। इसलि‍ए इसकी कीमत भी काफी ज्‍यादा थी। उस वक्‍त इसकी कीमत 20 लाख रुपए रखी गई। ग्रैंड वि‍टारा की सेल्‍स बेहद खराब रही और कंपनी को इसे बंद करना पड़ा।

कब हुई लॉन्‍च: 2006
कब हुई बंद: 2014

मारुति‍ वरसा

साल 2001 में मारुति‍ ने एमपीवी सेगमेंट में वरसा को लॉन्‍च कि‍या था। वरसा लॉन्‍च होने के साथ फ्लॉप हो गई। इस कार के प्रमोशन के लि‍ए अभि‍नेता अमि‍ताभ बच्‍चन को लि‍या गया था। इस कार को साल 2009 में बंद कर दि‍या गया। वरसा में 1.3 लीटर पेट्रोल इंजन को लगाया गया था।

मारुति‍ सुजुकी कि‍जाशी

मारुति‍ ने पहली बार कि‍जाशी के साथ लग्‍जरी कार सेगमेंट में एंट्री की थी। लेकि‍न स्‍मॉल कार में महारत हासि‍ल करने वाली मारुति‍ लग्‍जरी कार में फ्लॉप हो गई। मारुति‍ किजाशी की कीमत 18 लाख रुपए रखी गई थी। इसे ऑटोमैटि‍क और मैनुअल दोनों ट्रांसमि‍शन के साथ उपलब्‍ध कराया गया।

कब हुई लॉन्‍च: 2011
कब हुई बंद: 2014

मारुति‍ ए-स्‍टार

मारुति‍ सुजुकी ने नवंबर 2008 में ए-स्‍टार को भारत में लॉन्‍च कि‍या था। मारुति‍ सुजुकी ए-स्‍टार को दूसरे देशों में नेक्‍स्‍ट जेन ऑल्‍टो के नाम से बेचा जाता था। ए-स्‍टार मॉडल को नि‍सान यूरोप के साथ कि‍ए गए कॉन्‍ट्रैक्‍ट के तहत Pixo नाम से भी बेचा जाता था। भारत में मारुति‍ सुजुकी ए-स्‍टार को के-सीरि‍ज पेट्रोल इंजन के साथ पेश कि‍या गया था और अब सेम फैमि‍ली इंजन को वैगनआर, स्‍वि‍फ्ट, सेलेरि‍ओ, ऑल्‍टो के10 और डीजायर में है। हालांकि‍, मारुति‍ ए-स्‍टार की ज्‍यादा सफलता नहीं मि‍ल पाई। जनवरी-दि‍संबर 2013 के दौरान मारुति केवल ए-स्‍टार के 592 यूनि‍ट्स (एवरेज मंथली) ही बेच पा रही थी। इसलि‍ए कंपनी को 2014 में इसे बंद करना पड़ा।

कब हुई लॉन्‍च: 2008
कब हुई बंद: 2014

हादसा होने पर आपके घर का गैस सिलिंडर दिला सकता है 50 लाख रु ,जाने कैसे

हर LPG उपभोक्ता का 50 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस होता है। इसके लिए उपभोक्ता को कोई मासिक प्रीमियम नहीं भरनी होती। यदि कोई हादसा होता है तो यह राशि संबंधित एजेंसी को देना होती है।

हर साल गैस सिलिंडर फटने से कई हादसे होते हैं लेकिन आम लोगों को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी नहीं। यही वजह है कि हादसा होने के बाद भी बहुत कम लोग ही इस इंश्योरेंस के लिए क्लेम करते हैं। जबकि यह क्लेम राशि लेना आपका अधिकार है और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी। आज हम इससे जुड़ी पूरी जानकारी दे रहे हैं।

50 लाख रुपए तक का क्लेम किया जा सकता है।

LPG से यदि कोई हादसा होता है तो 40 लाख तक का इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है। वहीं सिलिंडर फटने से यदि किसी व्यक्ति की मौत होती है तो 50 लाख रुपए तक का क्लेम किया जा सकता है। इस तरह के एक्सीडेंट में प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति को 10 लाख रुपए तक की क्षतिपूर्ति राशि का नियम भी है।

उपभोक्तो को प्रीमियम नहीं भरना होता

इस इंश्योरेंस के लिए उपभोक्ता को कोई प्रीमियम नहीं भरना होता । गैस कनेक्शन लेने के साथ ही ग्राहक को यह इंश्योरेंस मिल जाता है। पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के वितरकों को यह बीमा करवाना होता है।

इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी दें

  • इस तरह का कोई हादसा होता है तो सबसे पहले पुलिस और इंश्योरेंस कंपनी को जानकारी दें।
  •  बीमा की रकम का दावा करने के लिए एफआईआर की कॉपी सुरक्षित रखें।
  •  कोई घायल हुआ है तो उससे संबंधित बिल भी संभालकर रखें।
  •  हादसे में किसी की मौत हुई है तो उसकी रिपोर्ट की जरूरत पड़ेगी।

SBI के ग्राहक हैं तो याद रखें ये नंबर, बिना बैंक जाए ही हो जाएंगे ये 7 बड़े काम

SBI Quick एक MISSED CALL बैंकिंग है।

यूटिलिटी डेस्क।SBI Quick एक MISSED CALL बैंकिंग है। इससे आप अकाउंट बैलेंस से लेकर मिनी स्टेटमेंट तक की जानकारी सिर्फ SMS पर पा सकते हैं। एंड्रॉइड, विंडोज, आईओएस से लेकर ब्लैकबेरी कस्टमर तक के लिए यह ऐप अवेलेबल है। आप इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप एक बार इंस्टॉल हो गया तो फिर आपको इसे यूज करने के लिए इंटरनेट की भी जरूरत नहीं। क्योंकि इसमें पूरा काम SMS और Missed Call से होता है।

इसके लिए आपको SBI Quick में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। आप इस सुविधा का लाभ तभी ले सकते हैं, जब आपका मोबाइल नंबर अकाउंट से रजिस्टर्ड हो। यह सुविधा SB/CA/OD/CC अकाउंट्स के लिए है। इस फेसिलिटी का यूज करने के लिए आपको किसी Login ID या पासवर्ड की जरूरत नहीं। सिर्फ आपको एक बार रजिस्ट्रेशन की प्रॉसेस करना होगी। SBI Quick किसी भी तरह की फाइनेंशियल ट्रांजेक्श्न की फेसिलिटी अवेलेबल नहीं करवाता।

ATM कार्ड घुम गया है तो लॉक करवा सकते हैं

आपका ATM कार्ड घुम गया या चोरी हो गया है तो आप उसे लॉक करवा सकते हैं। इसके लिए आपको ‘BLOCKXXXX’ लिखकर 567676 पर मैसेज करना होगा। यह मैसेज के बाद आपको एसबीआई की तरफ से एक SMS मिलेगा। इसमें एटीएम कार्ड ब्लॉक करने की डेट और टाइम लिखा होगा।

सिर्फ मैसेज से चेंज हो जाएगा पिन

आप अपने ATM कार्ड का पिन चेंज करना चाहते हैं तो यह काम सिर्फ एक मैसेज से ही कर सकते हैं। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से PIN लिखकर 567676 पर मैसेज करना होगा। फिर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। इसके जरिए आप पिन चेंज कर सकेंगे। OTP आने के 24 घंटे के अंदर आप पिन चेंज कर लें तो बेहतर होगा।

आगे देखिए और कौन से काम हो जाएंगे सिर्फ मैसेज से...
Balance Enquiry

यदि आपको अपने अकाउंट का लास्ट बैलेंस चाहिए तो BAL लिखकर 09223766666 पर मैसेज करें। आप मिस कॉल भी कर सकते हैं।

Mini Statement

लास्ट 5 ट्रांजेक्शन का मिनी स्टेस्टमेंट चाहिए तो MSTMT लिखकर 09223866666 पर मैसेज करें।

E-Statement (last 6 month)

आप इसके जरिए अपने सेविंग अकाउंट का पिछले 6 माह का स्टेटमेंट भी पा सकते हैं। स्टेटमेंट आपको रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर मेल की जाएगी। इसके लिए आपको ESTMT लिखकर 09223588888 पर मैसेज करना होगा।

एजुकेश्न Loan Interest Certificate

एजुकेशन लोन का इंटरेस्ट सर्टिफिकेट चाहिए तो लिखकर 09223588888 पर मैसेज करें।

होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट

होम लोन का इंटरेस्ट सर्टिफिकेट चाहिए तो लिखकर 09223588888 पर मैसेज करें।

सफर के दौरान सोएं चैन की नींद, स्टेशन आते ही जगा देगा भारतीय रेलवे

भारतीय रेलवे से जब आप एक जगह से दूसरे राज्य जाने के लिए सफर करते हैं, तो इसमें कई बार 24 घंटों से भी ज्यादा का समय लगता है. ऐसे में आपको अपने गंतव्य स्टेशन को लेकर सतर्क रहना पड़ता है. इसकी वजह से कई बार आपकी नींद में भी खलल पड़ता है.

अगर आप रेलवे से सफर करते हैं और नहीं चाहते कि आपकी नींद में खलल पड़े, तो आप डेस्ट‍िनेशन अलर्ट सेट कर सकते हैं. अलर्ट सेट करने से ये फायदा ये होगा कि जैसे ही आपका स्टेशन आएगा, उससे पहले ही रेलवे की तरफ से अलर्ट भेजा जाएगा. ताकि आप सो भी रहे हों, तो समय पर अपने गंतव्य पर उठ सकते हैं.

कई लोग इस वजह से अपने गंतव्य स्टेशन से आगे निकल जाते हैं, क्योंकि उनकी नींद समय पर नहीं खुली. भारतीय रेलवे ने ऐसे ही लोगों के लिए ‘डेस्ट‍िनेशन अलर्ट’ और वेकअप अलार्म जैसी सुविधाएं शुरू की हैं.अगर आप डेस्ट‍िनेशन अलर्ट सेट करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप 139 पर कॉल कर सकते हैं. ध्यान रख‍िये इस नंबर पर उसी मोबाइल से फोन कीजिए, जिस पर आप अलर्ट चाहते हैं.

कॉल करने के बाद पसंदीदा भाषा चुनिये. इसके बाद आईवीआर मेन्यू से 7वां विकल्प चुनिये. नंबर 2 प्रेस डेस्ट‍िनेशन अलर्ट के लिए प्रेस कीजिए. 2 नंबर दबाते ही PNR नंबर एंटर करना है. इसके बाद 1 दबाकर पीएनआर नंबर कंन्फर्म करना है. जैसे ही आप डेस्ट‍िनेशन अलर्ट सेट करेंगे, वैसे ही आपके मोबाइल पर कंन्फर्मेशन अलर्ट भी आ जाएगा.

SMS के जरिये : आप 139 पर SMS भेजकर भी डेस्टिनेशनल अलर्ट को एक्ट‍िवेट कर सकते हैं. इसके लिए आपको ALERT (PNR Number) के फॉर्मेट में भेजना है. यह मैसेज भेजते ही आपके मोबाइल में डेस्टिनेशन अलर्ट सेट होने का मैसेज आ जाएगा.

वैक-अप अलार्म ऐसे सेट करें : सफर में अगर आप चैन की नींद सोना चाहते हैं, तो आप वेक-अप अलार्म सेट कर सकते हैं. इसके लिए भी आपको 139 पर कॉल कर के आईवीआर के जरिये इसे सेट कर सकते हैं;इसके लिए भी जिस नंबर पर वेकअप अलार्म चाहिए, उसी से कॉल करना है. कॉल करने के बाद पसंदीदा भाषा चुनें और आईवीआर मेन्यू पर 7 का विकल्प चुनने के बाद आपको वेक अप अलार्म के लिए एक दबाना है.

1 दबाने के बाद आपको अपना पीएनआर नंबर एंटर करना है. पीएनआर को 1 नंबर प्रेस कर के कन्फर्म करें. इसके बाद आपको एसटीडी कोड एंटर करना है. यह एसटीडी कोड उस मोबाइल नंबर का ही होना चाहिए, जिस पर आप वेक-अप अलार्म सेट करना चाहते हैं.डेस्टिनेशन अलर्ट और वेक अप अलार्म सेट करने के लिए आप 139 पर एग्जीक्यूटिव से बात कर सकते हैं. वो भी आपके लिए ये काम कर देगा.

लगेगा चार्ज : भारतीय रेलवे के मुताबिक 139 पर कॉल करने के लिए आपको चार्ज देना होगा. अगर आप मेट्रो शहरों से कर रहे हैं, तो आपको 1.20 पैसे प्रति 60 सेकंड चुकाना होगा. वहीं, गैर-मेट्रो शहरों के लिए यह चार्ज 2 रुपये प्रति 60 सेंकड है. SMS के लिए आपको 3 रुपये चुकाने होंगे.

कहां-कहां हुआ आपके आधार का यूज, ऐसे करें पता

मौजूदा समय में आधार कार्ड सबसे अहम दस्तावेज बनकर उभरा है. मोबाइल नंबर लेने से लेकर अन्य कामों के लिए पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड की ही ज्यादातर मांग की जा रही है.

आधार कार्ड की बढ़ती मांग को देखते हुए इसका गलत इस्तेमाल होने की आशंका भी पैदा हो गई है. ऐसे में आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने एक नई सुविधा शुरू की है, जिसके जरिये आप घर बैठे पता कर सकते हैं कि आपका आधार कार्ड कहां-कहां यूज हुआ है.

इस सुविधा का इस्तेमाल कर आप न सिर्फ जान सकेंगे कि आपका आधार कार्ड कहां-कहां यूज हुआ है, बल्क‍ि इसकी बदौलत आपको कुछ गड़बड़ी नजर आती है, तो आप आसानी से इसकी श‍िकायत भी कर सकते हैं. आगे जानिए कैसे यूज करें इस सुविधा को.

इसके लिए आपको uidai की वेबसाइट पर जाना होगा. यहां आपको ‘Aadhaar Authentication History’ का विकल्प दिखेगा.

जैसे ही आप इस पर क्ल‍िक करेंगे, वैसे ही आपके सामने नई विंडो खुलेगी. यहां आपको आधार नंबर एंटर करना है. इसके साथ ही नीचे दिया गया कैप्चा भी दर्ज करना होगा.

इसके बाद आपको ये बताना होगा कि आपको कब से कब तक की जानकारी चाहिए. ओटीपी जनरेट करने के ऑप्शन पर क्ल‍िक करना है. आधार के साथ रजिस्टर आपके मोबाइल नंबर पर यह ओटीपी आएगा.

ओटीपी एंटर करते ही आपको उस समय सीमा अवध‍ि के दौरान की सारी जानकारी मिल जाएगी, जो आप ने ओटीपी जनरेट करने से पहले दर्ज की थी. अगर आपको हिस्ट्री देखकर कुछ भी गड़बड़ी नजर आई, तो इसकी श‍िकायत यूआईडीएआई से 1947 पर कॉल कर के कर सकते हैं.

दरअसल जब भी आपके आधार को यूज किया जाता है, तो इसे यूज करने के लिए हर संबंध‍ित व्यक्‍त‍ि को यूआईडीएआई को रिक्वेस्ट भेजनी होती है. इसके आधार पर ही यूआईडीएआई आपका डाटा यहां पेश करता है.