शरीर के टॉक्सिन निकालने के लिए मददगार है ये 5 चीजें, आज ही करें अपनी डाइट में शामिल

गलत खान-पान की आदतें और खराब लाइफस्टाइल हमारी सेहत पर बुरा असर डालते हैं। यही वजह है कि हमारे शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं जो हमें बीमार बना देते हैं। इन्हें शरीर से बाहर निकालना अति आवश्यक होता है।

इसके लिए हमें ऐसी आदतें डालनी होंगी जिससे शरीर डिटॉक्सिफाई (दूषित चीजें बाहर) हो जाए। सबसे पहले एक प्लान बना लें। इसके लिए आपको कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना होगा।

खीरा

खीरे में 96 प्रतिशत पानी और फाइबर पाया जाता है जो हमारे शरीर से खतरनाक केमिकल्स और एसिडिक पदार्थों को बाहर कर डायजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाता है। इसे खाने से हमारी स्किन पर ग्लो भी साफ दिखता है।

हरा धनिया

धनिये में एंटी फंगल और एंटीसेप्टिक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में नुकसानदायक तत्वों को सेल्स से दूर रखते हैं। इसके अलावा यह हमारे शरीर की सफाई करने वाले एंजाइम्स को बढ़ाते हैं और शरीर से सारे विषैले पदार्थों को बाहर निकालते हैं।

हरी प्याज

हरी प्याज भी हमारे शरीर से विषैले तत्वों को खत्म करने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और सल्फर शरीर को डिटॉक्स करने वाले एंजाइम्स को सक्रिय कर देते हैं। हरी प्याज के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम रहता है।

अखरोट

अखरोट हमारे दिल को हेल्दी रखता है, इस बारे में तो आपने बहुत सुना होगा, लेकिन इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है। इसके सेवन से शरीर में विषाक्त पदार्थ जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां पैदा होती हैं वो सब धीरे धीरे बाहर हो जाते हैं। शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन के लिए अखरोट वरदान समान है।

सनफ्लॉवर के बीज

सनफ्लॉवर के बीज में सेलेनियम केमिकल और विटामिन-ई पाए जाते हैैं, जो हमारे लिवर के काम करने की क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके अलावा ये हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बनने से भी रोकते हैं।

सिर्फ 40 रुपए की इस दवा से एक ही रात में गलकर शरीर से बाहर आ जाएगी पथरी, इस तरह करे इस्तेमाल

जिन लोगों का अब तक यह मानना है कि, पथरी का ऑपरेशन के सिवा कोई इलाज नहीं है, तो आज वह लोग इस खबर को ज़रूर पढ़े।  इस तरीके को पढ़ने के बाद आपको यह लगने लगेगा कि, पथरी गलकर भी निकल सकती है।

ये तरीका पूरी तरह आजमाया हुआ है वो सिर्फ एक पर नहीं अनेक मरीजों पर। एक दवा से शरीर की पथरी गलकर बाहर निकल जाती है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि, दवा तो काफी महंगी होगी, हम आपको बता दें कि,यह चमत्कारी दवा मात्र 30 से 40 रुपए में आपको बाज़ार में उपलब्ध हो जाएगी।

बता दें कि, प्रयोग के बाद सामने आया कि, इस दवा के सेवन से कम से कम एक दिन में पथरी के दर्द में आराम हो जाता है। तो आइये जानते इस चमत्कारी दवा के बारे में…।

जानिए कोनसी है यह चमत्कारी दवा

ये कुछ और नहीं ये है गुडहल के फूलों का पाउडर अर्थात इंग्लिश में कहें तो Hibiscus powder। ये पाउडर बहुत आसानी से पंसरी से मिल जाता है।

अगर आप गूगल पर Hibiscus powder नाम से सर्च करेंगे तो आपको अनेक जगह ये पाउडर online मिल भी जायेगा और जब आप online इसको मंगवाए तो इसको देखिएगा organic hibiscus powder क्योंकि आज कल बहुत सारी कंपनिया organic भी ला रहीं हैं तो वो बेस्ट रहेगा। कुल मिलाकर बात ये है के इसकी उपलबध्ता बिलकुल आसान है।

इस्तेमाल की विधि

गुडहल का पाउडर एक चम्मच रात को सोते समय खाना खाने के कम से कम एक डेढ़ घंटा बाद गर्म पानी के साथ फांक लीजिये। ये थोडा कड़वा ज़रूर होता है, जिसे आपको बर्दाश्त करना होगा। इसे खाने के बाद आप कुछ भी खाना पीना नहीं करेंगे, यह समझ लीजिए कि, इसके बाद सिर्फ सोना ही है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में रहने वाली पथरी के दर्द से पीड़ित सतीष मिश्रा ने बताया कि, उन्होंने भी इस दवा का सेवन किया है। उन्होंने बताया कि, उनके स्टोन का साइज़ काफी बड़ा था, इसलिए उन्हें पहले दो दिन रात को ये पाउडर लेने के बाद सीने में अचानक बहुत तेज़ दर्द हुआ,

उनको ऐसा लगा मानो जैसे हार्ट अटैक आ जायेगा। मगर वो दर्द था उनके स्टोन के टूटने का। जो दो दिन बाद होना बंद हो गया और 5 दिनों बाद मानो उन्हे पथरी जैसे थी ही नहीं। आज इस दवा का सेवन हजारों लोग कर रहे हैं।

किशमिश का पानी पीने से साफ हो जाती है लिवर की गंदगी, नष्‍ट हो जाते हैं शरीर के ये रोग

किशमिश पोषक तत्वों का भंडार है। अन्य सभी सूखे मेवों की तरह किशमिश का बखान कम ही सुनने को मिलता है। लेकिन जब आपको इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में पता चलेगा तो आप नियमित रूप से इसका सेवन करेंगे। आज हम भीगे हुए किशमिश खाने के कुछ स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में बता रहे हैं।

किशमिश का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसके अधिकतम स्वास्थ्य लाभों को प्राप्त करने के लिए इसे भिगो कर रख दिया जाए। बस एक गिलास पानी में 8-10 किशमिश रात भर भिगोना है। सुबह इसे अच्छी तरह फेंटें और फिर इसे खाली पेट पी लें।

किशमिश का पानी पीने के लाभ

लिवर

किशमिश सबसे अच्छे ड्राई फ्रूट्स में से एक है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है और लीवर को प्रभावित होने से बचाता है। किशमिश का पानी पीने से लिवर हमेशा रोगमुक्‍त रहता है।

बेहतर डाइजेशन

भीगे हुए किशमिश में कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि इसे ज्यादा मात्रा में न लें। इसे नियमित अपने आहार में शामिल करने से डाइजेशन की समस्या से निजात मिलता है।

मुंह से बदबू

मुंह से आ रही बदबू को भी किशमिश के सेवन से खत्म किया जा सकता है। खासकर यदि किसी महिला को नियमित मुंह से बदबू आने की शिकायत रहती है तो उन्हें इसका उपयोग आवश्यक तौर पर करना चाहिए।

कैंसर के बचाव

सूखे किशमिश में इतनी क्षमता होती है कि यदि किसी के शरीर में कैंसर सेल डेवलेप हो रहे होते हैं, तो उसे रोकता है और आपको स्वस्थ बनाता है।

हाइपरटेंशन से बचाव

विशेषज्ञों का मानना है कि किशमिश के सेवन से आप हाइपरटेंशन की स्थिति से लड़ सकते हैं। जैसा कि पहले ही जिक्र किया गया है कि इसमें कई तरह के लाभदायक तत्व मौजूद होते हैं। इसी तरह इसमें पोटाशियम भी होता है। इसके सेवन से हाइपरटेंशन की स्थिति में सुधार होता है।

अनीमिया से बचाव

माना जाता है कि किशमिश के सेवन से आप अनीमिया से भी लड़ सकते हैं। असल में किशमिश आयरन का बेहतरीन स्रोता होता है। साथ ही इसमें विटामिन बी काम्प्लेक्स भी बहुतायत में पाया जाता है। ये सभी तत्व रक्त फार्मेशन में उपयोगी हैं। इतना ही नहीं इसमें कापर भी होता है जिससे रेड ब्लड सेल्स बनने में मदद मिलती है। अतः आप इसे अपने खानपान में निश्चित रूप से सेवन करें।

बालों को जड़ से काला बनाने के लिए खाएं ये सब्जी, गंजापन भी हो जायेगा दूर

लोगों को तरोई की सब्जी भले ही कम पसंद हो, लेकिन ये स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटी आॅक्सिटेंड एवं फाइबर तत्व शरीर को पोषण देते हैं। ये सफेद बालों को काला और घना बनाने में भी मदद करता है। ये स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

बालों को काला बनाने के लिए तोरी के टुकड़े करके इन्हें छाया में सुखा लें। अब इसमें नारियल तेल मिलाकर दो से तीन दिनों के लिए रख दें। जब तोरी तेल में अच्छे से डुब जाए तब इसे उबाल लें और तेल के आधा रह जाने पर इसे छानकर रख लें। अब इस तेल से रोज बालों की मालिश करें इससे एक सप्ताह में बाल काले होने लगेंगे।

बालों को घना, काला एवं रेशमी बनाने के लिए आंवला, शिकाई और रीठा को बराबर मात्रा में पीस लें। अब तीन बड़े चम्मच नारियल के तेल में इन पिसी हुई सामग्री को डालकर पकाएं। तेल के एक चौथाई रहने पर इसे ठंडा करके रख लें। इससे बालों की मालिश करें तो बाल काले एवं घने होंगे।

तरोई का रस पीलिया रोग के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसके रस की दो-तीन बूंदें नाक में डालने से पीला पानी निकलने लगता है और पीलिया का असर कम होने लगता है। तोरी के पत्तों का पेस्ट सफेद दागों से भी छुटकारा दिलाता है। तोरी के 15-20 पत्तों को पीसकर उसका लेप प्रभावित जगह पर लगाने से दाग ठीक हो जाते हैं। वहीं इसके बीजों को पीसकर इसका पेस्ट शरीर पर लगाने से कष्ठ रोग भी ठीक हो जाता है।

तरोई पथरी की समस्या को खत्म करने में भी कारगर है। इसके एक चम्मच रस को दो चम्मच गाय के दूध व पानी में मिलाकर पीने से पथरी गलने लगती हैं। इसे रोजाना दिन में तीन बार पीना होगा। तोरी बवासीर के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसकी सब्जी खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है।

चूंकि इसमें फाइबर काफी मात्रा में होते हैं तो ये पेट की गंदगी को बाहर निकालता है। साथ ही आतंरिक घावों को भरने का काम करता है। तरोई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें पर लगाने से एक दिन में ही राहत मिलेगी। ये गांठ वाले फोड़े को भी ठीक करने में कारगर है।

तोरी स्किन की समस्याओं को दूर करने में भी बहुत असरदार है। तोरी की जड़ को गाय के मक्सन के साथ पीसकर चकत्तों एवं रैशेस पर लगाने से परेशानी दूर हो जाती है। ये पिंपल्स और रिंकल्स को भी कम करता

वियाग्रा ने बनाई ये नई पिल, बिना किसी साईड इफैक्ट के सिर्फ 5 मिनट में दिखती है असर

आमतौर पर सेक्सुअल प्रॉब्लम से परेशान पुरुषों को वियाग्रा खाने की सलाह दी जाती है. लेकिन कुछ युवा इसे शौकिया तौर पर भी लेते हैं. अब उन पुरुषों के लिए खुशखबरी है जो वियाग्रा का सेवन करते हैं. ब्रिटीश के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी नई वियाग्रा बनाई है जो कि पांच मिनट में अपना असर दिखाना शुरू कर देगी.

इस नई वियाग्रा को शोधकर्ताओं ने एरोक्जोन क्रीम की मदद से बनाया है.इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से गुजर रहे लोगों के लिए वियाग्रा बेहद फायदेमंद है.आमतौर पर पुरुषों में उत्तेजना की कमी का कारण लिंग में ब्लड फ्लो ना होने के कारण होता है.

शरीर में ब्लड फ्लो को ठीक करने का काम वियाग्रा करती है.हालांकि ये नई वियाग्रा बेशक 5 मिनट में असर दिखाना शुरू हो जाएगी लेकिन ये सिर्फ 30 मिनट तक असरदार रहेगी. इसके बाद इसका इफेक्ट खत्म हो जाएगा. अभी तक जो वियाग्रा मौजूद हैं उनका असर चार घंटे से लेकर 36 घंटे तक रहता है.

जो कि वियाग्रा लेने वाले के लिए परेशानी का सबब बन जाता है. लेकिन ये नई दवा अब हर तरह की परेशानी दूर करेगी.इस दवा के लिए 230 ऐसे पुरुषों पर टेस्ट किए गए जिन्हें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या थी. रिसर्च के नतीजों में पाया गया कि प्रतिभागियों में से 44 फीसदी पुरुषों पर दवा ने 5 मिनट में असर करना शुरू किया.

बाकी बचे हुए पुरुषों में से 70 फीसदी पर 10 मिनट में दवा का असर शुरू हो गया.अभी इस दवा पर और 1000 ऐसे ही पुरुषों पर टेस्टिंग चल रही है जिसके नतीजे जल्दी ही आएंगे. 2021 पर इस दवा के बाजार में आने के आसार हैं. इस नई वियाग्रा की कीमत 460 रूपए तक होगी.

देश का सबसे बड़ा कैंसर हॉस्पिटल, यहां सिर्फ 10 रूपये में होगा इलाज

हरियाणा के झज्जर में आज देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (National Cancer Institute) शुरू होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन करेंगे.

बताया जा रहा है कि फिलहाल राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में 50 बेड की सुविधा शुरू की जा चुकी है. इस साल के अंत तक यहां 400 बेडों की सुविधा शुरू कर दी जाएगी. फिलहाल संस्थान की ओपीडी में 80 से 100 मरीजों को देखा जा रहा है.

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के निदेशक डॉक्टर जीके रथ ने बताया कि दिल्ली के एम्स से भी यहां मरीज लाए जा रहे हैं. साल 2020 तक 500 बेड की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है. यहां मार्च से ऑपरेशन थियेटर और रेडियोथेरेपी की सुविधा भी शुरू हो जाएगी.

प्रोटोन थैरेपी से नष्ट होगा ट्यूमर…

गौरतलब है कि झज्जर में तैयार हुए देश के सबसे बड़े कैंसर संस्थान में प्रोटोन थैरेपी की भी व्यवस्था की गई है. यह ऐसी थैरेपी है जिसमें प्रोटोन बीम से मरीजों के कैंसर के ट्यूमर को नष्ट कर दिया जाता है. इसके लिए एम्स ने अत्याधुनिक मशीन का ऑर्डर भी दे दिया है. निजी अस्पतालों में इस मशीन से इलाज का खर्च 20 से 25 लाख रुपये तक जाता है.

केवल कैंसर कोशिकाओं को ही बनाता है निशाना…

बता दें कि प्रोटोन थैरेपी केवल कैंसर कोशिकाओं को ही निशाना बनाती है. जबकि आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचता है. इससे शरीर के अन्य हिस्सों पर रेडिएशन का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है.

फीस महज 10 रुपये…

झज्जर के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की फीस महज 10 रुपये होगी. यह ओपीडी शुल्क होगा. पिछले माह ही इस संस्थान में ओपीडी सेवा शुरू की गई थी. फिलहाल एम्स से यहां मरीज रेफर किए जा रहे हैं.

वजन घटाना है तो हर रोज खाएं ये 5 चीजें , मोटापे का है रामबाण इलाज़

वजन घटाना आसान है मगर इसके लिए आपको सही तरीका पता होना चाहिए। ज्यादातर लोग जिम में घंटों मेहनत करते हैं फिर भी उनका वजन जल्दी कम नहीं होता है। इसका कारण यह है कि वो अपने खानपान में बदलाव नहीं करते हैं।अगर आप ऐसे आहार खाएं, जो आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं, तो आप आसानी से वजन घटा सकते हैं।

आइए आपको बताते हैं ऐसे 5 फूड्स जिन्हें आपको रोजाना खाना चाहिए, ताकि आपका मेटाबॉलिज्म अच्छा रहे और शरीर की चर्बी कम हो।

काली मिर्च

काली मिर्च में पिपरीन नामक तत्व होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और शरीर में फैट को जमने से रोकता है। इसके साथ ही काली मिर्च की बाहरी पर्त पर एक खास तरह का फोटोन्यूट्रिएंट होता है, जो फैट सेल्स को तोड़ता है, जिससे शरीर में फैट जमता नहीं है। इसलिए अपने आहार में रोज काली मिर्च का सेवन करें। सब्जी, दाल, सलाद, चाय आदि में काली मिर्च पाउडर डाल सकते हैं। इससे आपकी चर्बी तेजी से कम होगी।

अंडा

अक्सर लोग अंडे को ज्यादा फैट वाला आहार मानते हुए नहीं खाते हैं। अंडे में विटामिन डी की मात्रा अच्छी होती है, जो कि आपको ज्यादातर फूड्स से नहीं मिलती है।

शोध में पाया गया है कि अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी होती है, तो आपका मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इसके अलावा अंडे में जरूरी प्रोटीन्स होते हैं, जो आपको पेट भरने का एहसास करवाते हैं। हालांकि आप ज्याद मात्रा में अंडे की जर्दी (पीले भाग) का सेवन न करें।

दूध

ज्यादातर लोग जब डाइटिंग करते हैं, तो दूध या दूध से बने आहार जैसे- पनीर, दही, योगर्ट आदि का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं। ये गलती आपके शरीर को कमजोर कर सकती है। दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है।

दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन ए, बी1, बी2, बी12 और विटामिन डी आदि पाए जाते हैं। ये सभी तत्व शरीर के लिए जरूरी होते हैं इसलिए दूध जरूर पिएं। दूध आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और वजन घटाता है। अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है, तो स्किम्ड या टोंड दूध पिएं मगर जरूर पिएं।

ग्रीन टी

ग्रीन टी भी मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। ग्रीन टी में ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मददगार होते हैं। अगर आप अपना वजन तेजी से घटाना चाहते हैं, तो चाय और कॉफी बिल्कुल छोड़ दें और दिन में 2 कप ग्रीन टी जरूर पिएं।

एक कप ग्रीन टी में आधा नींबू का रस मिलाने से इसके फायदे और ज्यादा बढ़ जाते हैं। मगर ध्यान दें कि दिनभर में 4 से ज्यादा ग्रीन टी न पिएं। इसके अलावा खाना खाने से आधा घंटा पहले और खाना खाने के 1 घंटे बाद तक ग्रीन टी न पिएं।

गर्म पानी

वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी चीज है वो ये है कि आप रोज सुबह उठने के बाद एक ग्लास गुनगुना पानी पिएं। अगर हो सके तो दिन में भी जो पानी पिएं वो गुनगुना हो। ये गुनगुना पानी आपके पेट की चर्बी को तेजी से कम करने में मदद करता है।

हमेशा पका कर ही खाएं ये 5 चीजें, कच्‍चा खाने से सेहत को होते हैं ये नुकसान

हममें से ज्‍यादातर लोग ये जानते हैं कि कच्‍चे आहार से वजन कम होता है और अधिक पोषक तत्‍व मिलता है। लेकिन ये बात पूरी तरह से सत्‍य नहीं है। कुछ फूड ऐसे हैं जिन्‍हें पकाकर ही खाना चाहिए, क्‍यों कि ऐसे फूड का सेवन आप अगर बिना पकाए करते हैं तो इसके कई साइड इफेक्‍ट्स हो सकते हैं। यहां हम आपको 5 ऐसे फूड के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन कभी भी कच्‍चा न करें।

अंडे

संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे, ऐसा इसलिए बोला जाता है क्‍योंकि अंडा बहुत स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक होता है और इसमें शरीर के लिए जरूरी लगभग सभी पौष्टिक तत्‍व मौजूद होते हैं। लेकिन अंडे को कच्‍चा खाना स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से सही नहीं है। कच्‍चे अंडे में सैलमोनेला वॉयरस हो सकता है जो पेट में समस्‍या पैदा कर सकता है।

ग्रीन पोटैटे

पुराने आलू या फिर धूप के संपर्क में अधिक देर तक रहने के कारण आलू का कुछ हिस्‍सा हरा हो जाता है। जब भी आलू हरा हो जाता है इसमें सोलेनाइन नाम केमिकल बन जाता है। जिसके सेवन से सिर में दर्द, थकान, मतली, पेट की समस्‍या हो सकती है। इससे बचाव के लिए आलू को ठंडे स्‍थान पर रखें ।

बींस

लाल सेम को अगर आप कच्‍चा खा जायें तो इसे खाने के कुछ पल बाद आपको उल्‍टी, मतली, पेट में दर्द, पेट में सूजन जैसी समस्‍या हो सकती है। दरअसल इसमें कलप्रिट नामक एक प्रकार का विषाक्‍त पदार्थ होता है, इसके कारण ही पेट की समस्‍यायें होती हैं। इसलिए इसे प्रयोग करने से पहले कम से कम पांच घंटे तक भिगोकर रखें, फिर इसे अच्‍छे से पका कर सेवन करें।

कसावा

कसावा की जड़ में भी साइनाइड होता है। दरअसल साइनाइड इसकी पत्तियों में होता है, जो इसे की‍ड़ों और जानवरों से बचाने में मददगार है। इसकी जड़ खाने के काम आती है। लेकिन इसकी जड़ में भी साइनाइड की थोड़ी मात्रा मौजूद होती है जिसे खाना खतरनाक हो सकता है। इसे खाने से पहले अच्‍छी तरह पानी में धोयें, अच्‍छे से पकायें फिर इसका सेवन करें।

चिकन

चिकन के शौकीन इसे कच्‍चा खा जायें तो इसके कारण उनके पेट की हालत इतनी खराब हो जायेगी कि उन्‍हें अस्‍पताल के चक्‍कर लगाने पड़ जायेंगे। इसमें मौजूद बैक्‍टीरिया पेट में कई तरह की समस्‍या कर सकते हैं, इसे कच्‍चा खा लिया जाये तो फूड प्‍वॉयजनिंग हो सकती है। चि‍कन को 165 डिग्री के तापमान पर देर तक पकायें, इससे इसमें मौजूद बैक्‍टीरिया मर जायेंगे।

इस औषधि से दिल, किडनी और लिवर की हर बीमारी से मिलेगा छुटकारा

चिया सीड्स यानी तुलसी प्रजाति के बीज बहुत छोटे होते हैं परन्तु उनके गुण बहुत बड़े होते हैं। इनसे आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ाने तथा बनाए रखने में सहायता मिलती है। इनमें प्रोटीन, फाइबर तथा ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो हमारी मेटाबॉलिज्‍म प्रणाली को बढिय़ा बनाने, भूख को शांत करने तथा फैट बर्न करने वाले बड़े हार्मोन ग्लूकाजोन को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

चिया सीड्स के गुण

चिया के बीज बहुमुखी और पौष्टिक होते हैं। इन बीजों के दो महत्वपूर्ण गुण हैं-इनमें उच्च गुणवत्ता वाले फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। दूसरा यह शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में सहायक होते हैं। कुछ चिया बीजों को 10 मिनट के लिए भिगो दें और वह अपने आकार से दस गुना बड़े हो जाएंगे। चिया बीज आपको हमेशा स्‍वस्‍थ रखते है और ज्‍यादा खाने वाली आदत से भी बचाते है। आप इसे दही, सलाद या अन्‍य तरीके से भी खा सकते है।

मोटापा घटाना

वजन कम करने के लिए तुलसी प्रजाति के बीज बहुत सहायक होते हैं क्योंकि यह आपकी भूख को दबाते हैं। इनका इस्तेमाल भोजन में करने से भोजन की खपत में कमी आती है।चिया बीज पानी की बड़ी मात्रा को अवशोषित करने की क्षमता रखता है जिस कारण वह एक जेल पदार्थ बन जाता है और जब आप इसे खाते है तो पेट में जाने के बाद ये विस्तार करने लगता है। चिया बीज बहुत कम कैलोरी के साथ पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करना

ये बीज ओमेगा-3 ऑयल के सबसे बड़े वनस्पति स्रोत हैं। यह ऑयल हृदय तथा कोलेस्ट्रॉल संबंधी स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि वजन के लिहाज से देखा जाए तो चिया सीड्स में सैमन मछली के मुकाबले ओमेगा-3 ऑयल अधिक होता है। यह चुंबक की तरह काम करता है जो शरीर से अपने साथ कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकाल देता है।

हृदय रोग तथा कैंसर का बचाव

इन बीजों में एंटी ऑक्सीडैंट्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर में से फ्री रैडीकल्स को बाहर निकालने में बहुत सहायक होते हैं। फ्री रैडीकल्स का सीधा संबंध हृदय रोग तथा कैंसर से है।हृदय के स्वास्थ्य के लिए चिया सीड्स बहुत ही शानदार सिद्ध होते हैं। ये बीज असामान्य हृदय गति की दर को घटाते हैं और साथ ही ट्राइग्लिसराइड के स्तर को भी कम करते हैं।

बंद धमनियों को साफ करने के लिए और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से बचने के लिए अपनाए ये आसान जर्मन नुस्खा

आजकल गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से तमाम तरह की बीमारियां लोगों को घेर रही हैं। धमनियों का बंद होना भी ऐसी ही एक बीमारी है जो कई बार जानलेवा साबित होती है। मोटापा और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल इस बीमारी की मुख्य वजह हैं।

आमतौर पर ये बीमारी बड़ी उम्र में होती है मगर आजकल छोटे बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं।  धमनियों के बंद होने या संकरा होने से दिल की बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

क्यों महत्वपूर्ण हैं धमनियां

धमनियों का मुख्‍य कार्य हमारे शरीर में सिर से पैरों तक रक्‍त प्रवाह करना है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ, शरीर के विभिन्न हिस्सों की रक्त वाहिकाओं में, जिनमें कोरोनरी आर्टरीज भी शामिल हैं, कोलेस्ट्रॉल जम जाता है, जिससे रक्त के बहाव में धीरे-धीरे बाधा उत्पन्न होने लगती है। धमनियों का बाधित होना खतरनाक बीमारियों जैसे हार्ट डिजीज और स्‍ट्रोक आदि के मुख्‍य कारणों में से एक है।

क्यों होती हैं धमनियां ब्लॉक

धमनियों में भरे जमाव को प्‍लॉक के रूप में जाना जाता है। प्‍लॉक के निर्माण से एथेरोस्क्लेरोसिस हो सकता है, यह एक ऐसी अवस्‍था है जिसमें धमनियां सकुंचित हो जाती है, जिससे रक्‍त प्रवाह बनाये रखना मुश्किल हो जाता है।

आजमाएं ये नुस्खा

बंद धमनियों को फिर से खोलने के लिए इस जर्मन नुस्खे को आप आसानी से घर पर ही बना सकते हैं।

जरूरी सामग्री

  •  चम्मच कटे हुए अदरक
  •  मीडियम साइज के नींबू
  •  लीटर पानी
  •  गट्ठे लहसुन

इसे बनाने की विधि

इसे बनाने के लिए सबसे पहले नींबू को अच्छी तरह धुलकर उन्हें छिलके सहित छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब चारों लहसुन को छीलकर उन्हें कुचल लें। इसे थोड़े देर के लिए रख दें। अब कटे हुए अदरक, कटे हुए नींबू और लहसुन को ग्राइंडर में डालकर अच्छी तरह पीस लें।

इस मिक्चर को रख दें और गैस पर पानी उबालने के लिए रख दें। जब पानी उबलना शुरू हो जाए तो उसमें ये मिश्रण डाल दें। 10 मिनट तक बीच-बीच में चलाते हुए इसे पकाएं। पकने के बाद इसे ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद इस मिश्रण को अच्छे से छान लें और एयर टाइट कंटेनर में भर लें। आपका सिरप तैयार है।

इस तरह करें इस्तेमाल

इस सिरप को रोजाना खाली पेट सुबह और फिर खाना खाने से दो घंटे पहले पियें। दिन में तीन बार के सेवन से तीन हफ्तों में ही आपकी बंद धमनियां पूरी तरह खुल जाएंगी। इस सिरप का स्वाद थोड़ा कसैला हो सकता है इसलिए इसे पीने के बाद आप थोड़ा सा शहद खा सकते हैं।