गोबर से बनाई गैस, अब भरकर बेचेंगे सिलेंडर

औरैया (हरेंद्र प्रताप सिंह)। नौकरी के लिए दर-दर भटकने के बाद स्वरोजगार की ओर रुख किया और सफलता हासिल की। अब दूसरे के लिए प्रेरणा भी बने हैं। पहले पशुपालन कर दूध का कारोबार किया। गोबर गैस प्लांट लगा कर घरेलू उपयोग के लिए ईंधन की व्यवस्था की। अब उसे छोटे सिलेंडरों में भरकर बेचने की तैयारी है।

यह कहानी है उप्र के औरैया जिर्लािस्थत कटिघरा ब्रह्मनान गांव के किसान कविंद्र सिंह की। कविंद्र को जब नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने परिवार के भरण पोषण के लिए शहर के लिए पलायन नहीं किया। पशुपालन कर पहले दुग्ध उत्पादन से आय बढ़ाई। अब पशुओं के गोबर से गैस बनाकर उसे सिलेंडरों में भरकर बेचने की तैयारी में जुटे हैं। इससे उनकी आय और बढ़ेगी। अभी वह जरूरतमंद लोगों को छोटे सिलेंडर में गैस भरकर मुफ्त में दे रहे हैं।

कविंद्र ने तीन वर्ष पूर्व नौ नवंबर 2014 को खेती में पैदा हुए अनाज को बेचकर जुटाए एक लाख रुपये से तीन पशु खरीदे। दूध बेचकर उन्होंने पशुओं की संख्या बढ़ा ली है। अब उनके पास आठ भैंसें व 10 गाय हैं। इनका दूध बेचकर वह प्रतिमाह 30 हजार की बचत करते हैं। गोबर का सदुपयोग करने के लिए उन्होंने तीन टन का गोबर गैस प्लांट बनाया। इससे रोजाना करीब 30 किलोग्राम गोबर गैस मिलती है। इसका इस्तेमाल वह घर में खाना बनाने के लिए करते हैं।

जरूरतमंद लोगों को छोटे सिलेंडर में कंप्रेशर से गैस भरकर मुफ्त में देते हैं, लेकिन अब वह मुफ्त में गैस को नहीं बांटेंगे। उन्होंने गैस को सिलेंडरों में भरकर बेचने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 10 टन का गोबर गैस प्लांट बनवाने की भी तैयारी है। इससे रोजाना करीब 200 किलोग्राम गैस का उत्पादन होगा। जिससे 14 बड़े एलपीजी सिलेंडर भरे जा सकेंगे। वह एक सिलेंडर सिर्फ 400 रुपये में भरेंगे। इसके लिए उन्होंने कंप्रेशर मशीन खरीद ली है।

25 किलोग्राम गैस से चार घंटे चलता है नलकूप

कविंद्र गोबर गैस से ही पंपसेट भी चलाते हैं। 25 किलोग्राम गैस से उनका दस हार्सपावर का इंजन चार घंटे चलता है। इससे वह अपने खेतों की सिंचाई कर लेते हैं। इंजन को चालू करते समय उन्हें थोड़ा डीजल खर्च करना पड़ता है।

कैसे भरते हैं सिलेंडर में गैस

गोबर गैस प्लांट से निकलने वाली गैस के पाइप को वह कंप्रेशन मशीन से जोड़ देते हैं। कंप्रेशर मशीन के दूसरे हिस्से से निकलने वाले पाइप को सिलेंडर से जोड़ देते हैं। इसके बाद मशीन को बिजली या बैटरी से चालू कर देते हैं। कुछ ही देर में छोटा गैस सिलेंडर भर जाता है।

अब नहीं डिश एंटीना की जरूरत

फतेहगढ़ साहिब, [प्रदीप शाही]। विज्ञान में नित होते आविष्कार इंसान के जीवन को सुखद बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक जमाना था जब छतों पर लगे टीवी एंटीना के घूम जाने मात्र से ही सिग्नल समाप्त हो जाता था। इसके बाद छतों पर से पाइप वाले एंटीना गायब हो गए।

इनके स्थान पर तश्तरीनुमा डीटीएच छतरी आ गई। अब जल्द ही ये तश्तरीनुमा डीटीएच छतरी भी छतों पर से उड़नछू हो जाएंगी। जो नया एंटीना आने वाला है, उसे छत की दरकार नहीं। न छत चाहिए, न लंबा तार।

सीधे सेट टॉप बॉक्स में कनेक्ट कर दीजिए और टेलीविजन का मजा लीजिए। दुनिया माइक्रो स्ट्रिप एंटीना की ओर बढ़ रही है। भारत में भी स्वदेशी माइक्रो स्ट्रिप एंटीना तैयार कर लिया गया है।

भारतीय वैज्ञानिक ने बनाया सस्ता-टिकाऊ स्वदेशी माइक्रो एंटीना

यह माइक्रो स्ट्रिप एंटीना पंजाब फतेहगढ़ साहिब स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जसपाल सिंह ने तैयार किया है।

सेट अप बॉक्स से होगा कनेक्ट

दो से तीन सेंटीमीटर आकार के चिपनुमा माइक्रो स्ट्रिप एंटीना को कमरे के अंदर रखे सर्विस बॉक्स में लगाया जा सकेगा। यह बॉक्स फिलहाल घर के बाहर या छत पर लगे डिश एंटीना से तार के जरिये कनेक्ट होता है, जबकि दूसरी ओर टीवी सेट से। अब डिश एंटीना केस्थान पर इसमें माइक्रो स्ट्रिप एंटीना को कनेक्ट कर सब्सक्राइब्ड चैनलों को देखा जा सकेगा।

पंजाब फतेहगढ़ साहिब स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जसपाल सिंह ने स्वदेशी माइक्रो स्ट्रिप एंटीना बनाने में सफलता हासिल की है। प्रोफेसर जसपाल सिंह ने बताया कि शोध कार्य को पूरा करने में पांच साल लग गए। इसे पेटेंट के लिए इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया ने स्वीकार कर लिया है।

लागत मात्र 50 रुपये

माइक्रो स्ट्रिप एंटीना से उपभोक्ता ही नहीं कंपनियों को भी लाभ होगा। इसके निर्माण में समय व कीमत दोनों में बचत होगी। इस एंटीना को बनाने में अधिकतम 50 रुपये तक का खर्च आएगा।

इसके लिए किसी लेबोरेट्री की आवश्यकता नहीं होगी। चिप को प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) पर ही बनाया जा सकेगा। इसका आकार दो सेंटीमीटर से लेकर तीन सेंटीमीटर तक रहेगा। साथ ही इससे सिग्नल भी बेहतर हो जाएगा।

नॉवेल से लेकर स्कूली किताबें भी वेबसाइट पर उपलब्ध

22-23 साल की उम्र में युवा अपने करियर के बारे में सोचना शुरू करते हैं कि वो क्या करें लेकिन इलाहाबाद की रहने वाली 23 साल की रितिका श्रीवास्तव ने कम उम्र में ही एक क्रिएटिव बिजनेस शुरू करके सबको ये साबित कर दिया कि उम्र प्रतिभा की मोहताज नहीं होती।

रितिका ने सेंकेड हैंड किताबें बेचने के लिए एक वेबसाइट http://www.bookthela.com की शुरूआत की जहां पुरानी किताबें सस्ते दामों पर आसानी से मिल जाती है। यह साइट किताबों को पसंद करने वालों के लिए काफी फायदे वाली है।

रीतिका बताती हैं, मुझे बचपन से ही पढ़ने का शौक था, “मैं घंटों किताबें पढ़ती थीं। हम जब हॉस्टल में थे तो हमारे साथ यही दिक्कतें आती थी कि टीवी होती नहीं थी, खाली समय में हम किताबें पढ़ते थे लेकिन किताबें भी बहुत मंहगी होती थीं जो सभी छात्रों की पहुंच से दूर थी।” रीतिका के पास खुद की एक लाइब्रेरी है जिसमें 1000 से ज्यादा किताबें हैं।

पापा ने की मदद

मैं ग्रेजुएशन लास्ट सेमेस्टर में थी और इंटर्नशिप करने के लिए कंपनी ढूंढ रही थी। तभी मेरे पिताजी जो खुद एक लेखक हैं उन्होंने मुझे सेकेंड हैंड बुक्स ऑनलाइन बेचने का आईडिया बताया जो कि मुझे बहुत पसंद आया। रीतिका आगे कहती हैं, मेरा शुरूआत से मन था कि मैं खुद का कोई काम शुरू करुं। इसपर मेरे पिता ने मुझे सलाह दी कि मैं अपने शौक को करियर में बदल सकती हूं और 2017 में मैंने नींव रखी बुकठेला डॉट कॉम की।

दोस्तों का भी मिला साथ

मेरे परिवार के साथ मेरे दोस्तों ने भी मेरा साथ दिया। मैंने जब अपना ये आइडिया बताया तो लोगों ने काफी सराहा और हर संभव मदद करने को भी ये कहा। इससे मेरा आत्मविश्वास और बढ़ गया।

नॉवेल से लेकर स्कूली किताबें भी उपलब्ध

इस वेबसाइट पर फ्रिक्शन, नॉनफ्रिक्शन किताबें ज्यादा हैं। इसके साथ ही कुछ एकडेमिक किताबें भी हैं, जो इस प्लेटफार्म पर आपको अपने पसंद की किताबें सस्ते दामों में तो मिल ही सकती हैं साथ ही जो किताबें आप पढ़ना चाहते हैं, उसे विशलिस्ट में भी डाल सकते हैं।

सक्सेस मंत्र

रीतिका ने हमें बताया कि मेरे हिसाब से एक सफल उद्यमी बनने के लिए हमारे अंदर काम के प्रति दृढ़ संकल्प और धीरज होना चाहिए। अपने काम या बिजनेस के लिए जुनून होना जरूरी है। इसके साथ ही आपके पास लोगों का समर्थन भी होना चाहिए जो आपके आइडिया को सराहे इससे आपका मनोबल बढ़ता है। आजकल क्रिएटिव लोगों की जरूरत है आप जितना नया सोचगें उतना आगे बढ़ेंगें।

अगर गैस सिलेंडर एजेंसी से लेकर आएंगे तो आपको होगा इतना बड़ा फायदा

हर घर में गैस सिलेंडर का यूज होता है, लेकिन अधिकतर लोगों को इसके नियम कायदों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। शायद आप नहीं जानते होंगे कि अगर गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी नहीं होती है और आपको गैस एजेंसी के गोडाउन जाकर सिलेंडर लाना होता है, तो आप वहां कंपनी से एक तय राशि ले सकते हैं।

महीनेभर पहले ही इस राशि को बढ़ा दिया गया है। किसी भी एजेंसी के गोडाउन से आप सिलिंडर लाते हैं तो आप एजेंसी से 19 रुपए 50 पैसा वापस ले सकते हैं। कोई भी एजेंसी यह राशि देने के लिए किसी भी ग्राहक को मना नहीं कर सकती। सभी कंपनियों के सिलिंडर के लिए यह राशि तय है। पहले यह 15 रुपए थी, बाद में इसे बढ़ाकर 19 रुपए 50 पैसा किया गया है।

कोई भी एजेंसी संचालक आपको यह राशि देने से मना करता है आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर उसकी शिकायत कर सकते हैं। अभी ग्राहकों को सब्सिडी वाले 12 सिलिंडर दिए जाते हैं। यह कोटा पूरा होने के बाद मार्केट रेट पर सिलेंडर खरीदना होता है।

इतना ही नहीं रेगुलेटर लीकेज है तो आप फ्री में एजेंसी से चेंज करवा सकते हैं। इसके लिए आपके पास एजेंसी का सब्सक्रिप्शन वाउचर होना चाहिए। आपको लीकेज हो रहे रेगुलेटर को भी साथ लेकर जाना होगा। सब्सक्रिप्शन वाउचर व रेगुलेटर के नंबर को मिलाया जाएगा। दोनों एक होंगे, तभी रेगुलेटर चेंज हो पाएगा।

मारुति‍ सुजुकी को बना दि‍या मर्सडीज, ऐसे कि‍या कार को मोडि‍फाई

आपके सड़कों पर चलती हुई कई मोडि‍फाइड कारों को देखा होगा जि‍नका लुक पूरी तरह से चेंज कर दि‍या जाता है। लेकि‍न क्‍या कभी आपने सोचा है कि‍ मारुति‍ सुजुकी को मर्सडीज बना दि‍या हो। ऐसा हुआ है। केरल में एक शख्‍स ने मारुति‍ सुजुकी बलेनो को मर्सडीज ए स्‍टार में बदल दि‍या।

इस कार का न केवल केवल डि‍जाइन चेंज कि‍या गया बल्‍कि‍ इसमें मर्सडीज के असकी लोगो का भी यूज कि‍या गया। मोडि‍फाई की गई मारुति‍ सुजुकी बलेनो के स्‍टॉक बंपर्स को मर्सडीज ए-क्‍लास के बंपर से बदल दि‍या गया। इतना ही नहीं, इसमें आफटर मार्केट से ज्‍यादा बड़े और चौड़े व्‍हील्‍स को भी लगाया गया।

माना जा रहा है कि‍ मोडि‍फाइ करने का काम कि‍सी चोर का है क्‍योंकि‍ इसमें केवल ए-क्‍लास बंपर को मर्सडीज डायमंड ग्रि‍ल के साथ लगाया है। इतना ही नहीं, बंपर में ‘8’ शेप एयर वेंट भी है जोकि‍ मौजूदा जेनरेशन वाले मॉडल्‍स में दि‍खाई देता है।

कार के रीयर बंपर को भी बदला गया है। रीयर बंपर भी मर्सडीज ए-क्‍लास का है जि‍समें क्‍वाड एक्‍गजॉस्‍ट टि‍प्‍स और रीयर डि‍फ्यूजर का यूज है। इसके अलावा, इसमें 16 इंच, 5 स्‍पॉक अलॉय व्‍हील्‍स के साथ लो प्रोफाइल टायर्स हैं। इसके इंटीरि‍यर में भी मोडि‍फि‍केशन की गई है।

टीमबीएचपी की रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, ट्रांसपोर्ट कमि‍शन ऑफ केरल को इस चोरी के काम के संबंध में शि‍कायत मि‍ली है। आरटीओ अथॉरि‍टी ने व्‍हीकल के ओनर के खि‍लाफ केस फाइल कर दि‍या है। पुलि‍स की मदद से आरटीओ ने मोडि‍फाइड मारुति‍ बलेनो को जब्‍त कर लि‍या है और ओनर को कार को डीरजि‍स्‍टर करते हुए कारण बताओ नोटि‍स जारी कि‍या है। जवाब के लि‍ए 15 दि‍न का समय दि‍या गया है।

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ये हैं नैनो से भी फ्लॉप कारें, फिर भी बंद करने को राजी नहीं कंपनियां

ऑटो बॉडी सियाम के मुताबिक, टाटा नैनो की बिक्री अपने रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गई है। देश भर में कारों की अक्‍टूबर की टोटल बिक्री पर नजर डालें तो टाटा की फ्लैगशिप कार को देशभर में खरीददार नहीं मिल रहे हैं। श्रीलंका और बांग्‍लादेश जैसे पड़ोसी देशों में कभी धूम मचाने वाली इस कार का एक्‍सपोर्ट भी अब जीरे के लेवल पर पहुंच गई है। हालांकि इसके बाद भी कंपनी नैनो का प्रोडक्‍शन बंद नहीं कर रही है।

लिस्‍ट में अकेली नहीं है नैनो

हालांकि सियाम के डाटा पर नजर डालें तो नैनो देश की अकेली ऐसी कार नहीं है, जिसके बुरी तरह फ्लाप होने के बाद भी कंपनी उसे बंद करने को राजी नहीं है। महिंद्रा और फोर्ड जैसी कंप‍नियों के कई मॉडल्‍स को भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। इन कारों की बिक्री भी 100 यूनिट प्रतिमाह से नीचे पहुंच गई है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही कंपनियों के बारे में, सुपर फ्लाप होने के बाद भी जिनका प्रोडक्‍शन ऑटो कंपनियां बंद करने को राजी नहीं हैं।

  • मॉडल- नैनो
  • कंपनी- टाटा मोटर्स
  • अक्‍टूबर की सेल्‍स- 57 यू‍निट
  • एक्‍सपोर्ट- 0

  • मॉडल:  वाइब
  • कंपनी: महिंद्रा एंड महिंद्रा
  • सेल्‍स- 0   यू‍निट
  • एक्‍सपोर्ट: 0

  • मॉडल:पल्‍स
  • ब्रांड: रेनो
  • सेल्‍स: 0 यूनिट
  • एक्‍स्‍पोर्ट: 0

  • मॉडल:वेरिटो
  • कंपनी:महिंद्रा एंड महिंद्रा
  • सेल्‍स: 33 यूनिट
  • एक्‍स्‍पोर्ट: 0

Free मिलेगा पेट्रोल-डीजल, बस ऐसे करना होगा भुगतान

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. इसकी वजह से आम आदमी की जेब पर काफी ज्यादा असर पड़ रहा है.गुरुवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 69.43 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. वहीं, एक लीटर डीजल के लिए आपको 58.30 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है.

लेक‍िन पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच एक खास ऑफर आपके लिए आया है. इसके तहत आप फ्री पेट्रोल और डीजल भरवा सकते हैं. इस ऑफर का फायदा पाने के लिए आपको सिर्फ अपने भुगतान का तरीका बदलना होगा.

दरअसल मोबाइल वॉलेट मोबिक्व‍िक ने यह ऑफर लाया है. एक तय समय के भीतर पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए अगर आप इस मोबाइल वॉलेट से भुगतान करते हैं, तो आपको 100 फीसदी कैशबैक दिया जा रहा है.

हालांकि अब इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए आपके पास सिर्फ आज और कल का दिन बचा हुआ है. यह ऑफर सीमित समय के लिए लाया गया है. इस ऑफर की शुरुआत 20 नवंबर से हुई और यह 24 नवंबर को खत्म होगा.

इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए आपको शाम के 6 बजे से 9 बजे के बीच ही पेट्रोल-डीजल भरवाना होगा. इस दौरान आपको मोबिक्विक मोबाइल वॉलेट से भुगतान करना होगा.

इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए आपको कम से कम 10 रुपये का ईंधन भरवाना होगा. दूसरी बात यह है कि इस ऑफर में भले ही 100 फीसदी कैशबैक मिल रहा है, लेक‍िन आप अध‍िकत 100 रुपये का कैशबैक हासिल कर सकते हैं.

पेट्रोल पंप पर जैसे ही आप ईंधन भरवाएं. आपको QR कोड स्कैन कर के इस वॉलेट के जरिये भुगतान करना है. इसके बाद आपके वॉलेट में 24 घंटों के भीतर कैशबैक आ जाएगा.

इस कैशबैक को भी आप बाद में पेट्रोल और डीजल भरने के लिए यूज कर सकते हैं. आप इस ऑफर का लाभ किन-किन पेट्रोल पंप पर उठा सकते हैं. इसकी पूरी लिस्ट मोबिक्विक ने दी है. इस लिस्ट को देखने के लिए आप यहां क्ल‍िक कर सकते हैं.

न लगाई फैक्ट्री और न जॉब की, इस शख्स ने 35 हजार से ऐसे बना दिए 500 करोड़

आजकल हर कोई अमीर बनना चाहता है। लेकिन अमीर वही बन पाते हैं जो किसी खास स्ट्रैटजी पर काम करते हुए आगे बढ़ते हैं। आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने 35 हजार को अपनी मेहनत के बल पर 500 करोड़ रुपए बना दिया। इसके लिए इस शख्स ने न कोई फैक्ट्री लगाई और न जॉब किया। आइए जानते हैं कौन है ये शख्स और कैसे हासिल किया यह मुकाम।

हम बात कर रहे हैं केडिया सिक्युरिटीज के एमडी विजय केडिया की। विजय केडिया ने बताया कि महज 18 साल की उम्र में उन्‍होंने स्‍टॉक मार्केट में ट्रेडिंग का काम करना शुरू किया था। एक स्टॉक ब्रोकर के परिवार में जन्में केडिया को ब्रोकिंग में कोई रुचि नहीं थी। लेकिन आज इन्वेस्टमेंट की दुनिया में उनकी एक पहचान बन चुकी है। ट्रेडिंग में गलतियों से सबक लेते हुए आज वो स्टॉक मार्केट के एक सफल इन्वेस्टर बन गए हैं।

मुश्किल काम था ट्रेडिंग

विजय केडिया ने 18 साल की उम्र में कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग की शुरुआत की। 10 साल तक ट्रेडिंग के दौरान उन्होंने पाया कि मार्केट में ट्रेडिंग बड़ा कठिन काम है। मार्केट से पैसे बनाने से ज्यादा नुकसान हो रहा था। इस वजह से वो ट्रेडिंग से ज्यादा पैसा नहीं बना पा रहे थे। वो कहते हैं कि ट्रेडिंग में सफलता की दर महज 1 फीसदी ही है। कुछ पाने के लिए कुछ करना पड़ता है। इसलिए मैंने कोलकाता से मुंबई जाने का फैसला किया। वो कहते हैं कि शेयर मार्केट एक समंदर है और आपके पर्सेप्शन से शेयर मार्केट ट्रिट करता है।

उन्होंने बताया कि वो 15 से 20 हजार रुपए लेकर मुंबई आए थे। शुरुआती दौर में यहां काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वो कहते हैं कि कभी उनके पास खाने तक के पैसे नहीं रहते थे। मुंबई आकर उन्होंने ट्रेडिंग का काम शुरू किया था।

एसीसी में मिला शानदार रिटर्न

स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट की शुरुआत केडिया ने पंजाब ट्रैक्टर्स से की। उन्होंने अपनी जमा पूंजी 35 हजार रुपए पंजाब ट्रैक्टर्स के स्टॉक्स में निवेश किए। पंजाब ट्रैक्टर्स में उनको का भी मुनाफा हुआ। इसमें से मिले पैसे से उन्होंने एसीसी के 10,000 शेयर 300 रुपए प्रति शेयर के भाव से खरीदे। पहले साल एसीसी की चाल सपाट रही। लेकिन अगले 6 महीने में एसीसी के स्टॉक की कीमत 3000 रुपए प्रति शेयर हो गई।

एसीसी से मिले पैसे से खरीदा पहला फ्लैट

केडिया ने एसीसी में प्रॉफिट बुकिंग की और इससे मिले पैसे से उन्होंने जोगेश्वरी में एक फ्लैट खरीदा। 1993 में इस फ्लैट की कीमत 4 लाख रुपए थी। इसके बाद केडिया ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वो एक सफल इन्वेस्टर हैं और वो कई कंपनियों में सफलतापूर्वक इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। आज उनका पोर्टफोलिया करीब 500 करोड़ रुपए का हो चुका है।

सफल इन्वेस्टर्स विजय केडिया ने नए इन्वेस्टर्स के लिए कुछ सुझाव दिए हैं- 

  • नए इन्वेस्टर्स सबसे पहले म्युचुअल फंड में पैसे लगाएं।
  • ट्रेडिंग की जगह इन्वेस्टमेंट करें।
  • खुद को समझें, फिर निवेश करें।
  • स्टॉक मार्केट में निवेश करने से पहले स्टडी करें।
  • लॉन्ग टर्म का अप्रॉच रखें।

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डायल करें ये नंबर और जानें अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स

अगर आप अपने मोबाइल पर बैंक अकाउंट की डिटेल जानना चाहते हैं तो ये खबर बेहद काम की है. आप बिना इंटनेट इस्तेमाल किए भी अपने फोन पर बैंक अकाउंट का डिटेल चेक कर सकते हैं. यानि कुछ स्पेशल नंबर को डायल कर आप ये जानकारी आसानी से पा सकते हैं.

इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए आपका फोन नम्बर खाते में रजिस्टर्ड होना जरुरी है. अगर आपका नम्बर रजिस्टर है तब आप आपने फोन पर कुछ नम्बर डायल कर अपने खाते में बची राशी का ब्यौरा जान सकते हैं.

ये कुछ नंबर हैं जिसे आप डायल कर अपने खाते की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. फस्ट टाईम यह कोड डायल करने पर बैंक की तरफ से आपसे कुछ जानकारी जैसे नाम और कार्ड नंबर मांगी जाएगी. लेकिन दूसरी बार से आप इन नंबर को डायल कर बड़ी आसानी से अकाउंट बैलेंस पता कर सकेंगे.

ये हैं नंबर;

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया – * 99* 41#
  • पंजाब नेश्नल बैंक – * 99* 42#
  • एचडीएफसी बैंक – * 99* 43#
  • आईसीआईसी बैंक – * 99* 44#
  • ऐक्सिस बैंक – * 99* 45#
  • कैनरा बैंक – * 99* 46#
  • बैंक ऑफ इंडिया – * 99* 47#
  • बैंक ऑफ बड़ौदा – * 99* 48#
  • आईडिबीडिआई–* 99* 49#
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया – * 99* 50#

मारुति‍ ने चुपके से पेश कि‍या Swift का लि‍मि‍टेड एडि‍शन

मारुति‍ सुजुकी की स्‍वि‍फ्ट सबसे ज्यादा पॉपुलर कारों में से एक है. अब मारुति ने अपनी इस कार का लिमिटेड एडिशन पेश किया है. मारुति सुजुकी स्विफ्ट के लिमिटेड एडिशन की कीमत में कोई खास बदलाव नहीं किया है.

हालांकि फीचर्स के मामले में इसे अपग्रेड किया गया है. स्विफ्ट का नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल भी अगले साल 2018 में ऑटो एक्सपो में पेश किया जाना है. लेकिन, उससे ठीक पहले मारुति ने अपने इस मॉडल को बाजार में उतारकर उत्सुकता बढ़ा दी है. हालांकि, कंपनी की ओर इस मॉडल की वेटिंग पीरियड 4 से 6 हफ्तों का रखा गया है.

क्या है कीमत

मारुति‍ सुजुकी स्‍वि‍फ्ट के लि‍मि‍टेड एडिशन की कीमत 5.45 लाख से 6.34 लाख रुपए (एक्‍स शोरूम दि‍ल्‍ली) रखी गई है. लि‍मि‍टेड एडि‍शन में कंपनी ने कई बदलाव किए हैं. साथ ही फीचर को अपग्रेड कि‍या गया है. स्विफ्ट के बोनट, डोर और रूफ को एकदम अलग और नया लुक दि‍या गया है जबकि‍ कैबि‍न में मैचिंग सीट अपहोल्‍सट्री और स्‍टीयरिंग व्‍हील दि‍ए गए हैं.

कैसे हैं अपग्रेडेड फीचर्स

मारुति‍ ने स्‍वि‍फ्ट लि‍मि‍टेड एडि‍शन में बलेनो, इग्‍नि‍स और एस-क्रॉस में लगे टचस्‍क्रीन इंफोसि‍स्‍टम को शामि‍ल कि‍या है. एप्‍पल कारप्‍ले और एंड्रॉयड ऑटो के साथ ब्‍ल्‍यूटुथ कनेक्‍टि‍वि‍टी का फीचर्स भी है. कंपनी ने लि‍मि‍टेड एडि‍शन के कुल चार वैरिएंट पेश किए हैं. बेस मॉडल Lxi के साथ LDi और मि‍ड लेवल VXi और VDi वेरि‍एंट दिए गए हैं. कंपनी की ओर से दि‍ए गए ऐड में एक्‍स्‍ट्रा बेस के साथ स्‍पि‍कर और कारपेट मैट्स के तौर पर नए फीचर्स दि‍ए गए हैं.

कैसा है इंजन

स्विफ्ट के इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पहली स्विफ्ट जैसा ही इसमें भी 1.2 लीटर पेट्रोल और 1.3 लीटर डीजल इंजन लगा है. पेट्रोल इंजन करीब 83 बीएचपी पावर और 115 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है, वहीं डीजल इंजन 74 बीएचपी पावर और 190 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है. स्‍वि‍फ्ट 5 स्‍पीड मैनुअल गि‍यर के साथ बाजार में उपलब्ध होगी