बहुत ही कम ख़र्चे में फसल काटती है यह मिनी कंबाइन ,जाने पूरी जानकारी

भारत में अब भी गेहूं जा दूसरी फसलें काटने का काम हाथ से ही होता है क्योंकि भारत में किसानो के पास जमीन बहुत ही कम है और वो बड़ी कंबाइन से फसल कटवाने का खर्च नहीं उठा सकते इस लिए अब एक ऐसी कंबाइन आ गई है जो बहुत कम खर्च में फसल काटती है ।

साथ ही अब बारिश से ख़राब हुई फसल वाले किसानो को घबरने की जरूरत नहीं क्योंकि अब आ गई है मिनी कंबाइन Multi Crop हार्वेस्टर यह कंबाइन छोटे किसानो के लिए बहुत फयदेमंद है इस मशीन से कटाई करने से बहुत कम खर्च आता है और फसल के नुकसान भी नहीं होता।

बड़ी कंबाइन से फसल का बहुत ही नुकसान होता है । लेकिन इस मशीन के इस्तेमाल करने के बहुत से फायदे है जैसे यह बहुत कम जगह लेता है ।साथ में इस कंबाइन से आप गिरी हुई फसल भी फसल को नुकसान पहुंचाए बिना अच्छे तरीके से काट सकते है ।

अगर जमीन गीली भी है तो भी हल्का होने के कारण यह कंबाइन गीली जमीन पर आसानी से चलती है ज़मीन में धस्ती नहीं । छोटा होने के कारण हर जगह पर पहुँच जाता है । यह मशीन 1 घंटे मे 2 एकड़ फसल की कटाई करती है ,यह मशीन एक दिन मे 14 एकड़ तक फसल की कटाई करती हैऔर इसमें अनाज का नुकसान भी बहुत कम होता है।इस से आप बाकी की अनाज फसलें जैसे गेहूं ,धान,मक्का अदि भी काट सकते है ।

यह कंबाइन कैसे काम करता है उसके लिए वीडियो देखें

अगर आप इस कंबाइन को खरीदना चाहते है तो नीचे दिए हुए पते और नंबर पर संपर्क करें

Address–  Karnal -132001 (Haryana), India
phone -+91 184 2221571 / 72 / 73
+91 11 48042089
Email-exports@fieldking.com

इयर बड्स से कान साफ करना पड़ा महंगा, अचानक से बेहोश होकर गिर गया शख्स

इंग्लैंड में एक आदमी को कॉटन की बड्स के कान साफ करने के कारण खतरनाक इन्फेक्शन हो गया। जिसके कारण शख्स अचानक से बेहोश होकर गिर गया। अस्पताल ले जाने पर पता चला कि उसके कान में रुई का टुकड़ा फंसा हुआ है जिसके कारण से उसके सिर में नेक्रोटाइजिंग ओटिटिस एक्सटर्ना नामक इन्फेक्शन हो गया।

मरीज को पिछले पांच साल से सुनने में और सिर दर्द व कान दर्द जैसी समस्याएं हो रहीं थी। मरीज को ठीक होने में लगभग 10 हफ्ते लग गए। डॉक्टर्स ने बताया कि रुई का टुकड़ा कान साफ करने के दौरान फंस गया था। इंफेक्शन बढ़ने पर उसकी जान भी जा सकती थी।

लोगों के नाम भूल जाता था।

अस्पताल ले जाने के बाद मरीज का सिटी स्कैन किया गया जिसमें उसके सिर में छोटे-छोटे फोड़े थे।कान – नाक के स्पेशलिस्ट डॉक्टर अलेक्जेंडर चार्लटन ने बताया- मरीज के काम में रुई का टुकड़ा फंसे होने के कारण उसे नेक्रोटाइजिंग ओटिटिस एक्सटर्ना इन्फेक्शन हो गया था। जिससे उसे 5 सालों से बांए काम में दर्द और सुनने में समस्या हो रही थी।

मरीज ने बाद में बताया- पिछले लंबे वक्त से वह नाम भी भूल रहा था। बाकि उसे कोई अन्य मानसिक समस्या नहीं थी। छोटी सी सर्जरी के द्वारा रुई के टुकड़े को बाहर निकाला गया और गंदगी भी साफ कर दी गई। मरीज को एंटीबायोटिक दवाईयां दी गईं। 6 दिन बाद सिटी स्कैन में पता चला कि सिर के फोड़े सिकुड़ गए हैं। उसे पूरी तरह से ठीक होने में करीब 10 हफ्ते लग गए।

रुई की तीलियों का नहीं करें इस्तेमाल

डॉक्टर ने बताया- कान साफ करने के लिए रुई की तीलियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कान में रुई की तीली डालने से कान और उसकी नलिका को नुकसान पहुंचता है, और भरी हुई गंदगी को नीचे धकेल देता है। रुई का टुकड़ा कान में फंस जाने के कारण इन्फेक्शन हो सकता है। कान को साफ करने के लिए कभी भी उंगलियों, रुई की तीलियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

कैसे करें अपने कान को साफ

  • अपने कान को साफ करने के लिए जैतून के तेल (Olive oil) का उपयोग कर सकते हैं।
  • गंदगी को साफ करने के लिए जैतून के तेल या बादाम के तेल की दो बूंदों का कान में डाल सकते हैं।

रोजाना रात को दूध के साथ पिएं ये चीज कभी नहीं आएगी कमज़ोरी,कई हानीकारक बीमारियों का कम हो जाता है खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर आदमी शरीर को लेकर बिल्कुल भी सजग नहीं है। वह नहीं जानता है कि उसका शरीर कब कितना नुकसान झेल रहा है। ऐसे में उसे शारीरिक कमज़ोरी महसूस होती है जिसे दूर करने के लिए कुछ खास चीजों को खाने से जल्दी ही फायदा मिल सकता है।

इस चीज़ का सेवन आपको दूध के साथ करना है और इससे शारीरिक कमज़ोरी और दुर्बलता से मुक्ति मिलती है। आज जिस लाभकारी चीज़ के फायदे के बारे में हम आपको बता रहे हैं उसे गोंद कहा जाता है।

  • अगर आप हमेशा के लिए जवान दिखना चाहते हैं तो एक गिलास दूध में गोंद और मिश्री डालकर रोज़ाना रात को पी लें इससे जल्दी ही शारीरिक कमज़ोरी में राहत मिलेगी।
  • नियमित रूप से गोंद खाने से आपके शरीर को बहुत तेजी से ऊर्जा मिलनी शुरू हो जाती है और पुरूषों को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

  • अगर कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त है तो उसे पानी में गोंद और मिश्री मिलाकर इसका घोल बनाकर पीना चाहिए इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
  • अगर आपको हाथ-पैरों में जलन की समस्या रहती है या कंपन महसूस होती है तो 2 चम्मच गोंद कतीरा रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में मिलाकर लें जल्द लाभ मिलेगा।
  • गर्मी के कारण चक्कर आने में, उल्टी या माइग्रेन का दर्द होने पर गोंद का सेवन फायदा दिलाता है इसके लिए आधा गिलास दूध में गोंद कूटकर डालें और मिश्री डालकर सेवन करें।
  • गोंद का सेवन करने से शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फॉलिक एसिड मिलता है। इससे शरीर में खून को गाढ़ा कर सकते हैं साथ ही खून की कमी भी नहीं होती है।
  • टांसिल की समस्या होने पर गोंद और मिश्री का शरबत बनाकर सेवन करना चाहिए इससे हर प्रकार के गले के रोगों में लाभ मिलता है।

  • गोंद खाने से कमर दर्द के कारण परेशान रहने वाले लोगों को फायदा मिलता ऐसे में बबूल की छाल और गोंद को पीसकर दिन में तीन बार पानी के साथ सेवन करें लाभ मिलेगा।
  • मधुमेह यानी कि डायबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को गोंद के चूर्ण में गाय का दूध मिलाकर रोज़ाना सेवन करना चाहिए इससे मधुमेह नियंत्रित रहता है।
  • गोंद का सेवन करने से पति और पत्नी को वैवाहिक जीवन में लाभ मिलता है और शरीर की ऊर्जा बढ़ती है इसलिए इसका सेवन करना लाभकारी माना जाता है।

गर्मी से पहले कर लें यह काम, सिर्फ 500 रुपए में AC बन जाएगा आपका पुराना कूलर

गर्मियों के सीजन की शुरुआत होने वाली है। इससे निपटने के लिए लोगों ने घरों और दफ्तरों में लगे Air Conditionar (AC) और कूलरों की सर्विसिंग करानी शुरू कर दी है। यदि आपके घर में भी कूलर है तो आज हम आपको एक ऐसी मशीन के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे लगाने से आपका पुराने से पुराना खटार कूलर भी AC जैसी ठंडी हवा देने लगेगा। यह एक छोटी सी हाइटेक मशीन है और यह आसानी से कूलर में फिट हो जाती है।

500 रुपए में आती है यह मशीन

आज हम जिस मशीन की मदद से आपके खटारा कूलर को AC बनाने की बात कर रहे हैं उसका नाम कूल कनेक्ट रिमोट कंट्रोलर है। इस मशीन को कूलर में अलग से फिट किया जा सकता है। बाजार में यह मशीन 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की कीमत में उपलब्ध है। इस मशीन को लगाने के बाद आपका कूलर पूरी तरह से हाइटेक बन जाता है।

इस मशीन की मदद से कूलर में टेंप्रेचर कंट्रोल करने के लिए एडवांस फीचर जुड़ जाता है, जिसकी मदद से आप अपनी इच्छा के अनुसार सेट कर सकते हैं। इस मशीन के साथ एक रिमोट भी आता है जिससे आप अपने कूलर को रिमोट की मदद से कंट्रोल कर सकते हैं।

ऑटोमैटिक तरीके से कंट्रोल होगा कूलर

इस मशीन के लगाने के बाद आपका कूलर पूरी तरह से हाइटेक हो जाएगा और आप रिमोट की मदद से इसे ऑटोमैटिक तरीके से कंट्रोल कर सकेंगे। इस मशीन के लगाने के बाद कूलर में बार-बार पानी भरने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। यानी जैसे ही टेंप्रेचर बढ़ेगा,

यह मशीन ऑटोमैटिक कूलर के वाटर पंप को चला देगा। जब टेंप्रेचर आपकी तय सीमा पर आ जाएगा तो पानी की मोटर अपने आप बंद हो जाएगी। रात के समय ठंडक अधिक होने पर आप रिमोट के जरिए भी कूलर की स्पीड सेट कर सकते हैं। इस मशीन में 1 से 9 नंबर तक की स्पीड के विकल्प दिए गए हैं।

खुद कर सकते हैं इंस्टॉल

आप इस मशीन को खुद भी इस्टॉल कर सकते हैं। इस मशीन के साथ एक कनेक्शन गाइड आती है जिसकी मदद से आप इस मशीन को अपने कूलर में इस्टॉल कर सकते हैं। यदि आप बिजली की काम करना नहीं जानते हैं तो बिजली मिस्त्री की मदद ले सकते हैं। आप इस मशीन को ऑनलाइन या फिर अपनी नजदीकी बिजली का सामान बेचने वाली दुकान से खरीद सकते हैं।

ये है दुनिया की सबसे अजीब ​डिजाइन वाली 5 विंटेज कारें, किसी में लगा है जेट इंजन तो कोई है अंडाकार

ऑटोमोबाइल की दुनिया भी कम हैरान करने वाली नहीं है। कारों की डिजाइन से लेकर उनमें प्रयोग की जाने वाली तकनीकियां सब कुछ ऐसा है कि जो आपको सोचने पर मजबूर कर सकता है। आज के समय में हर कोई कार खरीदने से पहले उसके डिजाइन की बात सबसे पहले करता है।

लेकिन पुराने दौर में कुछ ऐसी कारों का भी निर्माण हुआ है जिनके डिजाइन को देख कर शायद आप उसे खरीदने से पहले सौ बार सोचेंगे। ऐसा नहीं है कि इन कारों को मोडिफाई किया गया है या फिर किसी क्रेजी कार लॅवर द्वारा तैयार किया गया है। बल्कि इन कारों को खुद फेरारी और कैडिलैक जैसी दिग्गज कार निर्माताओं ने तैयार किया है।

तो आइये एक नजर डालते हैं दुनिया की टॉप 5 अजीबों गरीब डिजाइन वाली कारों पर

Cadillac Cyclone: अमेरिकन वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स की ब्रांड कैडिलैक ने सन 1959 में साइक्लोन नाम से इस कार को लांच किया था। इस कार में हेडलाइट्स की जगह पर दो नुकीले कोन का प्रयोग किया गया था। ये महज कोई कोन नहीं है बल्कि ये एस समय की क्रैश एवॉइडेंस सिस्टम था।

जिसे आज क्रूज कंट्रोल के नाम से जाना जाता है। ये सिस्टम इस कार में सेफ्टी फीचर्स के तौर पर प्रयोग किया गया था। ये सिस्टम सामने से होने वाली किसी भी टक्कर से पहले ही सिग्नल लाइट देता था और कार में ऑटोमेटिकली ब्रेक अप्लाई हो जाता था।

Oeuf electrique: ओउफ इलेक्ट्रिक ने सन 1942 में तीन पहिए वाली अंडे के आकार की इस इलेक्ट्रिक कार को पेश किया था। उस दौर में जब पेट्रोल और डीजल वाली कारों का जलवा था तब इस इलेक्ट्रिक कार ने सबको चौंका दिया था।

General Motors Firebird 1 XP-21: अमेरिकन कंपनी जनरल मोटर्स ने सन 1953 में इस फाइटर जेट कार को पेश किया था। जैसा कि आज के दौर में कोएनिग्सेग और पगानी जैसे कार निर्माता कंपनियां जेट इंजन का इस्तेमाल करती हैं वैसे इस कार में वाकई में I XP-21 फाइटर जेट इंजन का प्रयोग किया गया था।

Norman Timbs Special: बेशक कोई भी कार ऐसी नहीं दिख सकती है। इस कार को नॉर्मन टिम्बस ने सन 1947 में डिजाइन किया था । इस कार के पिछले हिस्से में बड़ा सा टेल बूट दिया गया था। इसके अलावा इंजन को कार के पिछले हिस्से में ही लगाया गया था। अपने खास वॉटर ड्रॉप डिजाइन के चलते ये कार काफी मशहूर रही है।

5- Ferrari (Pininfarina) 512 S Modulo: मशहूर इटैलियन स्पोर्ट कार निर्माता कंपनी फेरारी ने सन 1970 में डिजाइनिंग फर्म पेनिनफेरिना के साथ मिलकर इस कार को पेश किया था। लोगों का ध्यान आकर्षिक करने के लिए डिजाइनर ने फेरारी 512 एस पर अजीब तरह की बॉडी को डिजाइन किया था। ये कार उस समय काफी सुर्खियों में रही थी।

अगर बढ़ाना चाहते हो बाइक का माइलेज तो अपनाए ये आसान तरीके, हर महीने होगी हजारों की बचत

बाइक या कार खरीदने के बाद भी कई बार लोग इन्हें चलाने से परहेज करते हैं। दरअसल देखा जाता है जब बाइक पानी की तरह पेट्रोल पीने लगती है तो खर्च या बजट को छीक रखने के लिए लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट में धक्के खाते हैं।

लेकिन अगर आप भी सिर्फ पेट्रोल के अनाप-शनाप खर्च की वजह से बाइक होने के बावजूद उसे नहीं चलाते हैं तो हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिससे कि आपकी बाइक का माइलेज बेहतर हो जाएगा और आपकी बचत भी होगी।

लो RPM पर चलाएं बाइक- अपनी बाइक के RPM को मिनिमम रखें। अगर बाइक की रेस ज्यादा है तो यह ज्यादा ईंधन की खपत करेगी। इसके अलावा यह स्टार्ट होने पर खड़े-खड़े भी ज्यादा ईंधन की खपत करेगी। साथ ही बेवजह रेस देने से बचें।

स्पीड और गियर में रखें सामंजस्य-

सही स्पीड और समय पर गियर शिफ्ट करने से बाइक की माइलेज बढ़ती है । छोटे गियर में ज्यादा स्पीड पर बाइक दौड़ाएंगे तो इससे इंजन पर जोर पड़ने की वजह से बाइक का माइलेज कम हो जाता है। इसलिए शानदार माइलेज के लिए जरूरी है कि सही स्पीड में सही गियर का इस्तेमाल करें।

रेग्युलर साफ करें एयर फिल्टर-

इंजन में जाने वाली हवा फिल्टर्स के माध्यम से जाती है। फिल्टर के गंदे होने पर इंजन को पर्याप्त हवा नहीं मिलती है। इस वजह से बाइक की परफॉर्मेंस और माइलेज पर असर पड़ता है। इसलिए जरुरी है कि रेग्यलर इंटरवल पर बाइक के एयर फिल्टर्स को साफ करें।

स्पार्क प्लग को साफ रखें-

स्पार्क प्लग गंदा होने पर बाइक धुआं देने लगती है। इसका असर बाइक की माइलेज पर पड़ता है। गंदा स्पार्क प्लग ईंधन और हवा के मिक्स को अच्छे से जला नहीं पाता है। स्पार्क प्लग साफ करने के अलावा मार्केट में ट्विन हेड स्पार्क प्लग भी मौजूद हैं जो ईंधन का पूरा दोहन करते हैं। इससे बाइक की माइलेज बढ़ेगी।

गोशाला ने बनाया अनोखा गमला, पौधे को खाद देने की जरूरत नहीं, जाने कैसे करता है काम

हमारी संस्कृति में गाय को माता कहा जाता है। गाय एक ऐसी पालतु पशु है जिससे मिलने वाला हर एक उत्पाद हमारे लिए उपयोगी होता है। गाय के गोबर से लोग कंडे और खाद बनाते हैं, लेकिन यहां इसका ऐसा उपयोग हो रहा है जिसे देखकर लोग दंग हैं।

इस गौशाला में गायों के गोबर से अनूठी कलाकृतियां तैयार हो रही हैं। घरेलू उत्पाद बन रहे हैं और गोबर गैस सहित खाद भी बनाई जा रही है। इस गौशाला का बहुउपयोगी मॉडल पूरे देश के लिए आदर्श बन सकता है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर भलेसर स्थित श्री वेदमाता गायत्री गौशाला में नए-नए प्रयोग कर गोबर से कई अनूठे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो नरवा-गरवा-घुरवा-बारी मॉडल दिया है उस पर यह गौशाला वर्षों से काम कर रही है।

गौमूत्र से अर्क, फिनाईल, मच्छर भगाने के केमिकल बनाने, मोबाइल रेडियेशन कम करने के स्टिकर से लेकर कई तरह की औषधियां बनाने का काम यहां होता है। यही नहीं गोबर से गोबर गैस, कण्डे, गमले, माला, चूड़ी, धूपबत्ती, अगरबत्ती, गौर गणेश, कान की बालियां सहित 19 तरह के उत्पादों का निर्माण यहां हो रहा है। कुशल कारीगर बखूबी अपने हुनर से लोगों को आश्चर्यचकित कर रहे हैं।

गमला ऐसा कि पौधे में खाद डालने की जरूरत नहीं

गौशाला की कर्मचारी दुर्गा औसर बतातीं है कि गोबर से निर्मित ऐसा गमला है जिसमें पौधे को अलग से खाद देने की जरूरत नहीं है। पौधे के साथ थोड़ी मिट्टी डालें और हर दिन थोड़ा पानी। गमले से ही पौधे की खाद की जरूरत पूरी होगी।

खुद से तैयार की गमले बनाने की मशीन

गौशाला कर्मचारी ईश्वरी जोशी कहती हैं कि बाजार में गोबर का गमला बनाने के लिए मशीन नहीं मिली तब यहां के कर्मचारियों ने खुद से मशीन बनाई। यह मशीन और यहां के बने उत्पाद देखने बड़ी संख्या में किसान और कृषि के विद्यार्थी पहुंचते हैं।

इस कूलर में नहीं डालना पड़ता पानी,फिर भी देता है दूसरे कूलर जैसी ठंडी हवा,यहां पर इस की कीमत सिर्फ 300 रुपए

इंडियन मार्केट में एक ऐसा कूलर मौजूद है, जो बिना पानी के चलता है। इतनी ही नहीं, ये ठंडी हवा भी देते हैं। ऐसे में जिन घरों में पानी की कमी है, या पानी अरेंज करने में मुश्किल आती है, तब ये कूलर उनके लिए बेस्ट ऑप्शन बन सकता है।

इन्हें टावर कूलर विदाउट वाटर कहते हैं। इनकी ऑनलाइन प्राइस 1500 रुपए से शुरू हो जाती है। हालांकि, इंडियामार्ट पर इसकी कीमत 300 रुपए है, लेकिन मिनिमम 5 पीस खरीदने होंगे।

बिना पानी ठंडी हवा

आखिरी इन कूलर में ऐसा क्या होता है कि बिना पानी ये ठंडी हवा देते हैं, इसके लिए हमने एक्सपर्ट गोपाल मिश्रा से बात की। उन्होंने बताया कि इस तरह कूलर घर के सीलिंग फैन से ज्यादा बेहतर होते हैं। पानी से चलने वाले कूलर में ब्लेड होते हैं,

जबकि इस कूलर में ब्लोअर लगाया गया है। ब्लोअर में 70 वाट की हाई स्पीड मोटर होती है, जिसकी स्पीड नॉर्मल फैन से ज्यादा होती है। इनके साइज पोर्टबेल हैं जिसके चलते ये ठंडी हवा देते हैं।

इन कूलर को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि ये बिना पानी ही ठंडी हवा देते हैं। यानी इनमें पानी डालने की कोई जगह नहीं दी गई है। हालांकि, तापमान बढ़ेगा तब इसकी हवा में आने वाली ठंडक में कमी हो सकती है। पोर्टेबल होने के चलते इन्हें घर में छोटी सी जगह पर रखा जा सकता है। ये 20 फीट तक हवा फेंक सकते हैं।

इन कूलर में जो मोटर होती है उसकी स्पीड 1600 RPM होती है वहीं पावर कंजप्शन 70 वॉट है। इसमें फैन की स्पीड कंट्रोल करने के लिए 3 मोड्स हैं, जिसमें हाई, मीडियम और लो है। वहीं, विंग्स को स्विंग करने का भी ऑप्शन दिया है।

इन 5 सोलर बिजनेस आपको हो सकती है 50 हजार से 1 लाख रुपए महीना तक की कमाई, जानें पूरी जानकारी

देश में सोलर सेक्‍टर में बिजनेस के मौके भी बढ़ रहे हैं। केंद्र व राज्‍य सरकारें सोलर बिजनेस को लगातार सपोर्ट भी कर रही है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ अलग सोलर बिजनेस के बारे में बता रहे हैं, जिन्‍हें शुरू करके आप अच्‍छी खासी कमाई कर सकते हैं।

इन प्रोडक्‍टस को बेचकर कमाएं 1 लाख रुपए तक

आप सोलर पीवी, सोलर थर्मल सिस्‍टम, सोलर एटिक फेन, सोलर कूलिंग सिस्‍टम का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आप 4 से 5 लाख रुपए में यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं। अच्‍छे स्‍कोप को देखते हुए आपको स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कई बैंकों की एसएमई शाखा से लोन भी मिल सकता है। अनुमान है कि इस बिजनेस से 30 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक कमाई की जा सकती है।

इन प्रोडक्‍ट्स का भी कर सकते हैं बिजनेस

सोलर पैनल के अलावा बाजार में कई ऐसे प्रोडक्‍ट्स भी आ रहे हैं, जो सोलर से चलते हैं। ऐसे प्रोडक्ट्स काफी पापुलर भी हो रहे हैं। कई देशी व विदेशी कंपनियां सोलर मोबाइल चार्जर, सोलर वाटर हीटर, सोलर पम्‍प, सोलर लाइट्स बना रही हैं।

इनमें से कुछ प्रोडक्‍टस जैसे वाटर हीटर, पम्‍प को केंद्र व राज्‍य सरकारें सब्सिडी भी दे रही हैं। ऐसे में आप इन प्रोडक्‍ट्स का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इन प्रोडक्‍ट्स का बिजनेस शुरू करने में 1 से 2 लाख रुपए का खर्च आएगा। बैंकों से लोन भी मिल जाएगा और एक बार बिजनेस चलने के बाद आप 20 से 40 हजार रुपए महीना कमाई कर सकते हैं।

मेंटेनेंस और क्‍लीनिंग सेंटर खोलिए

आप क्‍लीनिंग सेंटर खोलकर सोलर पैनल मालिकों को रेग्‍युलर सर्विसेज दे सकते हैं। इसके अलावा आप मेंटेनेंस भी शुरू कर सकते हैं। पैनल की मेंटेनेंस के साथ-साथ सोलर प्रोडक्‍ट्स और इन्‍वर्टर्स की रिपेयरिंग एंड मेंटेनेंस का काम किया जा सकता है। इसमें खर्च भी कम आएगा। आप 50 हजार रुपए से भी काम शुरू कर सकते हैं और कमाई के तौर पर 15 से 20 हजार रुपए कमा सकते हैं। बिजनेस बढ़ने पर आप स्‍टाफ भी रख सकते हैं।

सोलर कंसल्टैंट बन कर शुरू करें बिजनेस

आप सोलर कंसल्टैंट के तौर पर भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। हालांकि कंसल्टैंट बनने के लिए आपको पहले किसी कंसल्टैंट के साथ अनुभव लेना होगा और सोलर बिजनेस की टेक्‍निकल नॉलेज लेनी पड़ेगी। ब‍हुत से लोग सोलर प्‍लांट लगाने से पहले उसकी वायबिलिटी, फायदे-नुकसान का पता करना चाहते हैं।

ऐसे में आप इंडिपेंडेंट कंसल्टैंट की भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए आपको साइट पर जाकर स्‍टडी भी करनी पड़ेगी। यह बिजनेस शुरू करने के लिए आपके पास एक ऑफिस, वेबसाइट जैसी बेसिक चीजें चाहिए, आप ऑफिस किराए पर भी ले सकते हैं। ऐसे में आपको एक से दो लाख रुपए का खर्च आएगा, लेकिन कंसल्टैंट के तौर पर आप 50 हजार रुपए तक की कमाई कर सकते हैं।

फाइनेंसिंग कंसल्टेंट बनकर शुरू करें बिजनेस

आप सोलर प्रोजेक्‍ट्स लगाने वाले लोगों को फाइनेंसिंग कंसल्टैंट के तौर पर सर्विसेस दे सकते हैं। इतना ही नहीं, आप प्राइवेट फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस से भी संपर्क करके प्रोड्यूसर के बीच कड़ी का काम कर सकते हैं। इसके लिए आप आसानी से 30 से 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं।

इस महिला ने सिर्फ 9 मिनट के अंदर इतने बच्चों को दिया जन्म, संख्या देख डॉक्टर्स भी रह गए हैरान

अमेरिका के टेक्सास में एक महिला ने एकसाथ 6 बच्चों को जन्म दिया, जिसे देख डॉक्टर्स भी शॉक्ड रह गए। उसने महज 9 मिनट के अंदर इन सभी बच्चों को जन्म दिया, जिनमें दो बेटियां और 4 बेटे हैं। इनका जन्म द वुमन हॉस्पिटल ऑफ टेक्सास में हुआ। हॉस्पिटल के मुताबिक, दुनियाभर में 4.7 अरब में से कोई एक ऐसा मामला सामने आता है।

नहीं तय कर पा रहीं लड़कों के नाम

मामला ह्यूस्टन शहर का है। हॉस्पिटल के स्टेटमेंट के मुताबिक, थेलमा चैका ने शुक्रवार को लोकल समय के मुताबिक, सुबह 4 बजकर 50 मिनट से सुबह 4 बजकर 59 मिनट के बीच चार लड़कों और दो लड़कियों को जन्म दिया।

हॉस्पिटल ने बताया कि थेलमा स्वस्थ हैं। वहीं, बच्चों का वजन एक पॉन्ड 12 ऑन्स (करीब 800 ग्राम) से दो पॉन्ड 14 ऑन्स (1.3 किलो) के बीच है। बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, उन्हें नियोनैटल इन्टेंसिव केयर यूनिट में देखभाल के लिए रखा गया है।

थेलमा ने अपनी बेटियों का नाम जीना और जुरियल रखा है। हालांकि, वो अभी चारों बेटों के नाम तय नहीं कर पाई है और इनके लिए नामों की तलाश जारी है।

महिला ने 7 बच्चों को दिया जन्म

पिछले ही महीने इराक के एक हॉस्पिटल में 25 साल की महिला ने एक साथ 7 बच्चों को पैदा करके नया रिकॉर्ड बनाया था। महिला ने सातों बच्चों को नेचुरल तरीके से जन्म दिया था। ये इराक में एक बार में एक साथ पैदा हुए सबसे ज्यादा बच्चे हैं।