सिर्फ 2 लाख में शुरू करें टोमेटो सॉस बनाने का यूनिट ,4 लाख की होगी कमाई

वैसे तो अपना बिजनेस शुरू करना कौन नहीं चाहता। नौकरी करने वाले लोग भी अपना बिजनेस कर कमाना चाहते हैं, लेकिन पैसा और तकनीकी समझ न होने के कारण बिजनेस शुरू करने से लोग हिचकते हैं, लेकिन हम आपको एक ऐसे बिजनेस के बारे में बताने जा रहे हैं,

जिसे शुरू करने के लिए ज्‍यादा पैसे की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि मार्केट में डिमांड होने की वजह से बिजनेस के चलने के भी पूरे चांस हैं। इतना ही नहीं, इस बिजनेस को सरकार भी पूरा सपोर्ट करती है और आपको लोन दिलाने में मदद करती है।

शुरू करें टोमेटो सोस मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट

आप जब पिज्‍जा, बर्गर या समोसे लेते हैं तो उसके साथ सोस या कैचअप की भी जरूरत महसूस करते हैं। सोचिए, अगर आप टोमेटो (टमाटर) सोस मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट लगा लें तो आपका बिजनेस कैसा होगा। डिमांड को देखते हुए इस बिजनेस के चलने के पूरे चांस हैं।

क्‍या आएगी प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट

जैसा कि आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल ही प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम लॉन्‍च की है। इस स्‍कीम के तहत बेरोजगारों को बिजनेस शुरू करने के लिए लोन दिया जाता है। लोन किस तरह के प्रोजेक्‍ट को मिल सकता है। उससे संबंधित कुछ प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल भी वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं।

इसके मुताबिक यदि आप टोमेटो सोस मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट लगाने चाहते हैं तो आपके पास लगभग 1 लाख 95 हजार रुपए रुपए होने चाहिए। जबकि आप 1.50 लाख टर्न लोन और लगभग 4.36 लाख रुपए वर्किंग कैपिटल लोन ले सकते हैं। यानी कि प्रोजेक्‍ट की कॉस्‍ट लगभग 7.82 लाख रुपए होगी।

कितनी हो सकती है इनकम

मुद्रा की प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट बताती है कि इस प्रोजेक्‍ट से आप साल भर में लगभग 30 हजार किलोग्राम टोमेटो सोस तैयार कर सकते हैं और इस पर सालाना प्रोडक्‍शन कॉस्‍ट के तौर पर आपका लगभग 24 लाख 37 हजार रुपए लगेगा,

जबकि यदि यह 30 हजार किलोग्राम सोस आप 95 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से बाजार में सप्‍लाई करते हैं तो आपका सालाना टर्नओवर 28 लाख 50 हजार रुपए होगी। यानी कि आपको लगभग 4 लाख 12 हजार रुपए की इनकम होगी। जो अगले साल से बढ़ती जाएगी।

इन 5 चीजों में होता है चिकन से ज्यादा प्रोटीन

डायटीशियन अमिता सिंह कहती हैं कि 100 ग्राम चिकन में 20 ग्राम प्रोटीन होता है। यहां बताई जा रही चीजों में उससे ज्यादा प्रोटीन होता है।

इन चीजों को आप किसी भी फॉर्म खाएं आपको उतना ही प्रोटीन मिलेगा। आप इन्हें अपनी डाइट में शामिल करके प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं। इनमें मूंगफली से लेकर राजमा तक शामिल है।

100 ग्राम मूंगफली- 24 ग्राम प्रोटीन

100 ग्राम पनीर- 35 ग्राम प्रोटीन

100 ग्राम बादाम- 22-25 ग्राम प्रोटीन

100 ग्राम चने – 22-25 ग्राम प्रोटीन

100 ग्राम राजमा- 22-25 ग्राम प्रोटीन

विदेश जाने से पहले जान लीजिए पासपोर्ट से जुड़ी खास बातें, जानें कितने तरह के होते हैं पासपोर्ट

सफर में जाने से पहले उससे जुड़ी हुई बातों के बारे में जान लेना चाहिए। जैसे, विदेश जाने से पहले आपको उस देश की थोड़ी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।

इससे आपको वहां घूमने-फिरने में बड़ा मजा आएगा। उसी तरह विदेश जाने के लिए आपको वीजा और पासपोर्ट की जरूरत होती है। आज हम आपको पासपोर्ट से जुड़ी बातों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। एक पर्यटक और एक नागरिक होने के नाते आपको ये जरूरी जानकारी होनी ही चाहिए।

क्या है पासपोर्ट

पासपोर्ट एक ऐसा दस्तावेज है जो विदेश यात्रा के लिए अनिवार्य है। इसे सरकार जारी करती है। इस दस्तावेज से पता चलता है कि आप किस देश के नागरिक है। साथ ही आपसे जुड़ी कई जानकारियां इसमें लिखी होती है।

पासपोर्ट में दो कैटेगरी इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ECR) और इमिग्रेशन चेक नॉट रिक्वायर्ड (ECNR) होती हैं। हर पासपोर्ट बनवाने वाले व्यक्ति को इनके बारे में जानकारी होना चाहिए। आज हम इस बारे में जानकारी दे रहे हैं।

दो तरह की कैटेगरी

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क्या होता है ECR पासपोर्ट

यदि आप 10वीं पास नहीं हैं तो आपका पासपोर्ट ECR कैटेगरी में आएगा। इस कैटेगरी में आपका पासपोर्ट आता है तो आपको इंडिया से बाहर जाने पर इमिग्रेशन ऑफिसर से क्लियरेंस लेना होगा। ECR कैटेगरी में पासपोर्ट पेज पर स्टाम्प लगा होता है। इसमें क्लियरली लिखा होता है कि इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड।

किन कंट्रीज के लिए लेना होगा क्लियरेंस

सउदी अरब, कुवैत, ओमान, लीबिया, सीरिया, यमन, मलेशिया, इराक, जोर्डन, ब्रुनेई, इंडोनेशिया जैसे कंट्रीज में जाने के लिए आपको इमिग्रेशन ऑफिसर से क्लियरेंस लेना होगा। हालांकि यदि आप जॉब के पर्पस से इन कंट्रीज में नहीं जा रहे तो फिर आपको इमिग्रेशन क्लियरेंस लेने की जरूरत नहीं है।

क्या होता है ECNR पासपोर्ट

यदि आप 10वीं पास हैं तो आप ECNR कैटेगरी में आएंगे। इस कैटेगरी में आने वाले लोगों को इंडिया से बाहर जाते वक्त इमिग्रेशन क्लियरेंस लेने की जरूरत नहीं होती।

कैसे चेक करें, आपका पासपोर्ट किस कैटेगरी का है?

यदि आप 10वीं पास हैं तो आपका पासपोर्ट आटोमेटिक ECNR कैटेगरी में ही बनेगा, लेकिन यदि आप पासपोर्ट बनवाते समय यह डिकलेयर करते हैं कि आप 10वीं पास नहीं हैं तो आपका पासपोर्ट ECR कैटेगरी में आएगा। इस कैटेगरी में आने पर आपको पासपोर्ट में स्टाम्प लगा मिलेगा। इसमें इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड लिखा होगा।

नीला पासपोर्ट

नीले रंग का पासपोर्ट इंडिया के आम नागरिकों के लिए बनाया जाता है। नीला रंग भारतीयों को रिप्रजेंट करता है और इसे ऑफिशियल और डिप्लोमैट्स से अलग रखने के लिए सरकार ने यह अंतर पैदा किया है। इससे कस्टम अधिकारियों या विदेश में पासपोर्ट चेक करने वालों को भी आइडेंटिफिकेशन में आसानी होती है।

सफेद पासपोर्ट

सफेद रंग का पासपोर्ट गवर्नमेंट ऑफिशियल को रिप्रजेंट करता है। वह शख्स जो सरकारी कामकाज से विदेश यात्रा जाता है उस यह पासपोर्ट जारी किया जाता है।यह ऑफिशियल की आइडेंटिटी के लिए होता है। कस्टम चेकिंग के वक्त उन्हें वैसे ही डील किया जाता है।

मरून पासपोर्ट

इंडियन डिप्लोमैट्स और सीनियर गवर्नमेंट ऑफिशियल्स(आईपीएस, आईएएस रैंक के लोग) को मरून रंग का पासपोर्ट जारी किया जाता है। हाई क्वालिटी पासपोर्ट के लिए अलग से एप्लिकेशन दी जाती है। इसमें उन्हें विदेशों में एम्बेसी से लेकर यात्रा के दौरान तक कई सुविधाएं दी जाती हैं। साथ ही, देशों में जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा इमिग्रेशन भी सामान्य लोगों की तुलना में काफी जल्दी और आसानी से हो जाता है।

ऑयल कंपनियां जल्द ही खोलेंगी 25 हजार नए पेट्रोल पंप,आपके पास है मौका

सरकारी ऑयल कंपनियां जल्द ही 25 हजार नए पेट्रोल पंप खोल सकती हैं। ऑयल मिनिस्ट्री से हरी झंडी मिलने के बाद इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने नए पंप खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने कंपनियों को फिलिंग स्टेशंस शुरू करने के लिए खुद के नियम तैयार करने की छूट दी है।

मिनिस्ट्री से छूट मिलने के बाद कंपनियां अपने हिसाब से नए पेट्रोल पंप डीलर्स नियुक्त कर सकेंगी। बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले ही सरकारी नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं, ऐसे में डीलर अपॉइंट करने के मामले में सरकारी नियमों का बहुत ज्यादा महत्व नहीं रह गया है। कंपनियां अपनी गाइडलाइन फाइनल भी कर चुकी हैं।

25 हजार लोकेशन पर शुरू होंगे

कंपनियां जल्द ही 25 हजार लोकेशन के लिए डीलर्स अपॉइंट करने का विज्ञापन जारी कर सकती हैं। इनमें से अधिकतर पंप रूरल एरिया में शुरू होंगे। अभी सरकारी कंपनियां के देशभर में 57 हजार आउटलेट हैं। वहीं प्राइवेट फर्म्स के 6 हजार आउटलेट हैं।

हजारों जॉब के मौके आएंगे

सरकार के इस कदम से हजारों लोगों को जॉब मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी कंपनियों का नेटवर्क भी बड़ा हो जाएगा। अभी भी 90 परसेंट मार्केट पर इन कंपनियों का कब्जा है। इक्विपमेंट सप्लायर्स, ट्रासंपोर्टर्स और रिटेल नेटवर्क में बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलेगा। इन दिनों रिलायंस सहित दूसरे प्राइवेट प्लयेर भी मार्केट में अपने प्रेजेंस बढ़ा रहे हैं।

बिना जमीन के भी करार हो सकेगा

  • नई पॉलिसी के तहत अगर किसी एप्लीकेंट के पास जमीन नहीं है तो भी वह डीलरशिप के लिए अप्लाई कर सकेगा। हालांकि जमीन के मालिक के साथ उसका कॉन्ट्रैक्ट होना चाहिए।
  • एप्लीकेंट्स के अप्लाई करने के बाद ड्रॉ निकाला जाएगा। ड्रॉ में जीतने वाले ओवदक की एलिजिबिलिटी चेक की जाएगी। इसके बाद ही डीलरशिप दी जाएगी।
  • सिक्योरिटी डिपॉजिटी को लेकर भी नियमों में बदलाव कर दिए गए हैं।

महज 1400 रुपये का ये AC कमरे को बना देता है हिलस्टेशन जैसा चिल्ड

गर्मियां अपने पूरे जोर पर हैं और ऐसे में कूलर और पंखों की हवा भी काम करना बंद कर देती है, ऐसे में लोगों के पास एयर कंडीशनर खरीदने के अलावा और कोई चारा नहीं बचता है।

एयर कंडीशनर की हवा से ही इस तपती गर्मी में राहत की सांस ली जा सकती है लेकिन गर्मियों सीजन होने की वजह से इनके दाम काफी होते हैं। अगर आप भी पैसों की वजह से AC नहीं खरीद पा रहे हम आपको बेहद ही छोटे और सस्ते AC के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको गर्मी से निजात दिलाएगा।

इस AC का नाम ह्यूमिडिफाइंग है। आपको बता दें कि यह AC किसी टिफिन बॉक्स के आकर का होता है लेकिन जहां पर बात ठंडक की आए वहां पर इसका कोई मुकाबला नहीं है क्योंकि अब तक इतना छोटा AC आपने नहीं देखा होगा। इस AC की एक और खासियत यह है कि यह बैटरी से चार्ज होता है और दो घंटे चार्ज होने के बाद आप इसे 8 घंटे तक इस्तेमाल कर सकते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि इस छोटे AC का दाम कितना है तो हम आपको बता दें कि आप इसे महज 1400 रुपये में खरीद सकते हैं जो कि बेहद ही सस्ता है। इस AC में आपको एक अटैच वाटर टैंक भी मिलता है साथ ही इसमें एक चार्जिंग केबल भी दिया जाता है जिससे आप इसे अपने लैपटॉप से भी चार्ज कर सकते हैं।

सिर्फ 50 हज़ार में शुरू करें पेपर प्लेट बनाने का बिज़नेस

दोस्तों आप जब भी शादी पार्टी या किसी फंक्शन में जाते होंगे तो आप ने डिस्पोजल प्लेट का उपयोग जरूर किया होगा। यह प्लेट मार्किट में डझन से मिलती है। आप ने भी कई बार इसके ख़रीदा होगा। आज हम इसी बिज़नस के बारे में बात करने वाले है। डिस्पोजल पेपर प्लेट , छोटी कटोरी , जिसे द्रोन भी कहा जाता है। और बड़ी प्लेट जिसमे आराम से खाना खाए जा सकता है। यह बिज़नस बहोत कम इन्वेस्टमेंट में शुरू होता है। और आप अपने घर से ही इसे शुरू कर सकते है। तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते है।

यह बिज़नस बहुत ही आसान है और कोई भी इसे शुरू कर सकता है। डिस्पोजल पेपर प्लेट मशीन को इस्तेमाल करना भी बहुत ही आसान है। कोई भी इसे 10 -15 मिनट में सिख सकता है। जब भी कोई नया बिज़नस स्टार्ट करता है तो पैसे की सबसे पहली प्रॉब्लम होती है। इसलिए यह मशीन लगभग कोई भी खरीद सकता है। क्योंकि इसकी कीमत सिर्फ 40 हज़ार से शुरू हो जाती है । आप पहले सेमी पेपर प्लेट मेकिंग मशीन से शुरुवात कर कर सकते है। और धीरे -धीरे आप आटोमेटिक मशीन थर्मोकोल प्लेट , प्लास्टिक कप आदि के यूनिट शुरू कर सकते है।

पेपर प्लेट उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी सामान

  • डिस्पोजल पेपर प्लेट मशीन
  • 400 -500 sqft जगह
  • बिजली की सप्लाई
  • 80 gsm paper ( raw material )
  •  लेबर

कच्चा माल (Raw material )

Raw material मतलब वह पेपर जिससे आप प्लेट , कटोरी बनायेगे। यह पेपर 80 gsm से लेकर 200 gsm तक रहता है। gsm का मतलब होता है gram per square meter मतलब जितना ज्यादा gsm होगा उतना अच्छा आप का पेपर होगा और उतनी अच्छी क्वालिटी की आप की प्लेट होगी।

आप को अपने शहर के मार्केट में देखना होगा की वहाँ किस क्वालिटी की प्लेट चलती है , और फिर उस हिसाब से आप पेपर ले सकते हो। यह पेपर साधारण 40 से 50 kg मिलता है। अब आप सोच रहे होंगे की raw material हमे कहा मिलेगा ? raw material भी को मशीन सप्लायर दे देगा। उसकी quality और भाव देखकर आप रॉ मटेरियल का चयन कर सकते है।

मशीन की जानकारी

अब आप सोच रहे होंगे यह मशीन कितने की होगी तो जैसे की मैंने कहा था की यह कोई भी खरीद सकता है आटोमेटिक मशीन केवल 40 हजार से 75 हजार तक आप को मिल जाएगी। यदि आप फुल्ली आटोमेटिक लेगे तो या थोड़ी मंहगी होगी 1 लाख के उप्पर आप को यह मिल जाएगी। आप को एक die वाली भी मशीन मिल जाएगी। पर उसमे आप का वक़्त ज्यादा जायेगा । डबल die वाली भी मशीन में काम वक़्त में ज्यादा प्लेट बना सकते है

आप indimart नाम की वेबसाइट पर इसका कोटशन देख सकते है। वहा आप को अलग अलग prize में यह मशीन आप को मिल जाएगी। आप सब से पहले सोच ले की कोनसी मशीन आपको लेनी है उसके बाद आप अलग अलग जगह के कोटेशन निकल ले और जहा आप को इसकी कीमत ठीक लगे वहा से आर्डर कर ले। indimart वेबसाइट पर बाकि पेपर प्लेट मेकिंग मशीन की कीमत जानने के लिए निचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें

https://dir.indiamart.com/impcat/fully-automatic-paper-plate-machine.html

आज हम आपको एक मशीन का वीडियो भी दिखयँगे इस वीडियो में आपको ‘Metro Machinery Pvt. Ltd.’ नाम की कंपनी की फुल्ली आटोमेटिक मशीन के बारे में जानकरी दी गई है । यह मशीन 2000 से 2400 प्लेट एक घंटे में त्यार कर देती है ।

इस मशीन से आप 12 से 16 इंच के साइज की प्लेट त्यार कर सकते है । इस मशीन को चलने के लिए 2 HP की मोटर लगी होती है । अगर आप ‘Metro Machinery Pvt. Ltd.’ कंपनी से संपर्क करना चाहते है तो 08071675481 नंबर पर संपर्क कर सकते है । इस मशीन की कीमत 2 लाख 60 हज़ार है ।

यह मशीन कैसे काम करती है इसके लिए वीडियो भी देखें

महिंद्रा की इस Suv में 7 या 8 नहीं एक साथ बैठते हैं पूरे 9 लोग, 20km का देती है माइलेज

इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में महिंद्रा अपनी अलग पहचान बना चुकी है। कंपनी की लगभग सभी गाड़ियां SUV हैं। अब कंपनी TUV 300 Plus को लॉन्च कर चुकी है। ये TUV 300 का एडवांस मॉडल है।

इस SUV की खास बात है कि ये 9 सीटर गाड़ी है। इंडिया में अभी 9 सीटर गाड़ी में कम ऑप्शन है। इसमें सबसे पीछे 4 लोगों की सिटिंग दी है। वहीं, मिडिल सीट पर 3 और आगे 2 लोगों की सिटिंग है।

दमदार इंजन मिलेगा

  • TUV 300 Plus में 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन दिया है। जिसका मैक्सिमम पावर 120 PS है।
  • TUV 300 में 1.5-लीटर mHawk डीजल इंजन दिया था। यानी Plus का पावर कई गुना बड़ चुका है।
  • इस SUV में मैनुअल 6 स्पीड गियर बॉक्स मिलते हैं। AMT वेरिएंट के बारे में कोई डिटेल नहीं है।

  • ऐसा माना जा रहा है कि इसका माइलेज 18 से 20 किलोमीटर तक हो सकता है।
  • खबरों की मानें तो कंपनी इसकी ऑफिशियली लॉन्चिंग इसी महीने कर सकती है।
  • इस गाड़ी की लेंथ 4,398mm यानी करीब 14.5 फीट है। वहीं, चौड़ाई 1,815mm और ऊंचाई 1,837mm है।
  • इसकी दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 9.5 लाख रुपए से शुरू हो सकती है।

बुलेट ट्रेन के लिए हामी भरने से पहले गांव वालों ने रख दी है बड़ी मांग, क्या पूरी हो पाएगा बुलेट ट्रेन का सरकार का सपना

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए हामी भरने से पहले महाराष्ट्र के पालघर जिले के ग्रामीणों ने तालाब, एंबुलेंस सेवाएं, सौर उर्जा से चलने वाली स्ट्रीट लाइट और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.

अधिकारियों ने ये जानकारी दी है. गांववालों के विरोध को खत्म करने की उम्मीद में इस परियोजना को लागू करने वाली केंद्रीय एजेंसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआरसीएल) अपनी रणनीति में सुधार करते हुए ज्यादातर शर्तों को मानने पर राजी हो गया है. 2022 तक बुलेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया है.

जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए ज्यादा प्रगति नहीं कर पाने की स्थिति में एनएचआरसीएल ने अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है और वे प्रत्येक जमींदार के पास जाकर उनकी मांग सुनने के साथ ही उनको उचित मुआवजा देने की बात कर रहे हैं. एनएचआरसीएल को 23 गांवों में बहुत ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

एनएचआरसीएल के प्रवक्ता धनंजय कुमार ने बताया , “हमने अपने रुख में बदलाव किया है. पहले हम गांवों के चौक पर गांववालों को इकठ्ठा कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे थे. पर यह काम नहीं आया, इसलिए हमने तय किया है कि अब हम सिर्फ जमींदारों के पास जाएंगे और गांव के मुखिया से लिखित में देने को कहेंगे कि वह जमीन के एवज में मुआवजे के अलावा और क्या चाहते हैं.’’

बता दें कि इस 508 किलोमीटर लंबे ट्रेन गलियारे का करीब 110 किलोमीटर पालघर जिले से गुजरता है. इस परियोजना के लिए 73 गांवों की 300 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी जो इस मार्ग पर पड़ने वाले करीब 3,000 लोगों को प्रभावित करेगा. पालघर जिले के आदिवासी और फल उत्पादक इस परियोजना का जमकर विरोध कर रहे हैं.

हालांकि एनएचआरसीएल अब धीरे-धीरे गांव वालों की कुछ मांगों को लक्ष्य बनाकर चीजें अपने पक्ष में कर रहे हैं. इनमें से ज्यादातर मांगे उनकी निजी जरूरतों की नहीं बल्कि पूरे समुदाय के लिए मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी हुई है जैसे एंबुलेंस और स्ट्रीट लाइट.

गुजरात में भी इसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है हालांकि यहां बहुत बड़ा विरोध नहीं है. महाराष्ट्र और गुजरात के अलावा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर केंद्र शासित प्रदेश दादरा नागर हवेली से भी गुजरेगा.

दुबई जाने वाले भारतीयों को शानदार तोहफा, UAE सरकार देगी 48 घंटों का फ्री ट्रांजिट वीजा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकार ने एक खास तोहफा देने का ऐलान किया है। अब भारत से यूएई के रास्ते दुनिया में कहीं भी जाने वालों को मुफ्त में ट्रांजिट वीजा मिलेगा। इस सुविधा के तहत दुबई और अबूधाबी जैसे बड़े शहरों की यात्रा की जा सकेगी।

हालांकि यह सुविधा सिर्फ 48 घंटों के लिए ही रहेगी। इसके बाद 50 दिरहम (करीब 930 रुपए) का भुगतान कर इसकी अवधि को 96 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि यह सुविधा कब से मिलेगी अभी यह नहीं बताया गया है।

भारतीयों के लिए बेहद खास यूएई

भारतीयों के लिए यूएई दुनिया के सबसे बड़े पर्यटक स्थलों में से एक है। दोनों देशों के बीच यातायात सुविधाएं भी काफी अच्छी हैं। दुबई जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसके अलावा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध में काफी अच्छे हैं।

आंकड़ों से समझिए फैसले का महत्व

  • दुबई के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2017 में 21 लाख भारतीय दुबई गए थे।
  • 2016 के मुकाबले 2017 में दुबई जाने वालों की संख्या 15 फीसदी अधिक थी।
  • विदेशों की हवाई यात्रा करने वाले लगभग 75 फीसदी खाड़ी और यूएई से होकर गुजरते हैं। मुफ्त ट्रांजिट वीजा से यह संख्या बढ़ सकती है।
  • 2017 में 3.60 लाख भारतीय पर्यटकों ने अबूधाबी की यात्रा की थी।
  • 2016 के मुकाबले 2017 में अबूधाबी जाने वालों की संख्या 11 फीसदी अधिक थी।

विदेशों में भारतीयों को और भी कई सुविधाएं

  • कतर में भारत समेत 46 देशों के नागरिकों को बिना किसी अग्रिम वीजा के 60 दिनों तक रहने की अनुमति है।
  • यूएई में यूएस वीजा होल्डर भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी मिलती है।
  • ओमान में भी भारतीयों को इसी तरह की सुविधा शुरू होने वाली है। वहां अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जापान और शेंजेन स्टेट्स (26 यूरोपीय देशों का समूह) में रहने वाले या वहां का वीजा रखने वाले भारतीयों को भी ऐसी ही सुविधाएं मिलेंगी।

इंटरनेट पर दिखने वाली हर चीज़ सच नहीं होती, सबूत हैं Viral होने वाली ये 45 Fake तस्वीरें

इंटरनेट ने पूरी दुनिया के लोगों को आपस में जोड़ा है. इतनी बड़ी दुनिया में इतने सारे लोगों को सिर्फ़ एक क्लिक ने जोड़ दिया. Information का आदान-प्रदान तो होता ही है, इसके साथ ही Misleading Information का भी संचार होता है.

इंटरनेट पर ऐसी कई Fake Photos वायरल हुए हैं, जिसे हमने सच मान लिया है. ऐसी तस्वीरों को कभी मज़े के लिए, तो कभी जनता को भ्रमित करने के लिए Photoshop या Paint Brush पर Edit किया गया था.

कुछ तस्वीरें जो झूठी हैं और जिन्हें हमने सच मान लिया था

  • Statue of Liberty के ऊपर घने काले बादल

कुछ भी मतलब!

  • चीन के National Highway 110 के भयंकर ट्रैफ़िक जैम की तस्वीर

ये तस्वीर कैलिफॉर्निया की है.

  • दीवाली के मौके पर जगमगाता भारत

नासा की तस्वीरों में प्रदूषण पहले नज़र आता है.

  • विदेशी महिला के साथ Dance करते हुए बापू

बापू के पीछे पड़ गए हैं लोग.

  • नीले रंग का तरबूज़

ग़लती से भी मिल जाए तो मत खाना.

  • पहाड़ के ऊपर Lenticular Clouds

पहाड़ के ऊपर बादल की सिर्फ़ 1 Layer थी.

  • भारत के किसी हिस्से में दिखा 7 सिरों वाला सांप

1 सिर वाले सांप को Photoshop की सहायता से बना दिया 7 सिरों वाला सांप

  • स्वर्ग से धरती पर गिरा Angel

एक बूढ़े व्यक्ति की तस्वीर के साथ की गई कलाकारी.

  • ख़दाई में मिली विशालकाय मानव खोपड़ी

दिमाग़ कम ही है इंसानों का, तभी तो ये बना डाला और लोगों ने यक़ीन भी कर दिया.

  • Libyan लड़ाके की ये तस्वीर, जिसमें बड़ी सफ़ाई से Jets जोड़ दिए गए

ये लड़ाका सिर्फ़ रास्ते में खड़ा था, कोई Jet इसके सिर पर से नहीं गुज़र रहा था.

  • माता-पिता की कब्र के बीच में सोया सीरिया का एक अनाथ बच्चा

तस्वीर बच्चे के मामा ने ही खिंची है पर ये एक Act था, हक़ीक़त नहीं.

  • The Fairy Pools नामक ये तस्वीर भी Photoshop का नतीजा है

एक आम नदी को बना दिया परियों के देश की नदी.

  • नाव के ऊपर बनी ये शानदार Houseboat भी Photoshop की ही देन है

इसे इंसान ने ही बनाया है, लेकिन कंप्यूटर पर.

  • BMW पर बैठी गाय

ये गाय घास पर बैठी थी, पर Photoshop के सूरमाओं ने इसे BMW पर बैठा दिया.

  • Statue of Liberty के बगल में खड़ी उनके पति की मूर्ति

यक़ीन ना हो तो अमेरिका चले जाओ. वहां सिर्फ़ Statue of Liberty ही है, Statue of Mr. Liberty नहीं.

  • विदेशी महिला के साथ Romance करते बापू

नेहरू जी के साथ गांधी जी की एक फ़ोटो को Photoshop कर दिया गया है.

  • राष्ट्रपति Kennedy और Marilyn Monroe की आपत्तिजनक तस्वीरें

ये राष्ट्रपति Kennedy और Marilyn Monroe जैसे दिखने वाले लोग हैं.

  • Beatles Band के सदस्य John Lennon और Che Guevara

असली तस्वीर में John के साथ Guitarist Wayne ‘Tex’ Gabriel हैं.

  • बदसूरत बच्चों को कूड़ेदान में डालने की ये तस्वीर

ये तस्वीर 1928 में ली गई थी, और इस बोर्ड पर लिखा था, ‘Please Keep of The Grass.’

  • Al-Jazeera पर इज़रायली हमले के शिकार लोगों की ये तस्वीर

ये किस फ़िल्म का सीन है, ये बताने की भी ज़रूरत नहीं.

  • नेपाल में आए भूकंप के बाद की ये तस्वीर

ये नेपाल के बच्चे हैं ही नहीं.

  • भारत में मां ने 11 बच्चों को जन्म दिया

इन में से 6 बच्चे Twins थे. पर इन सबको 1 मां ने जन्म नहीं दिया था. इनका जन्म 11/11/11 को हुआ था.

  • Hawaii में एक घर के दीवार पर विशालकाय मकड़ी

ये Angolan Witch Spider है. अफ़वाहें तो ये भी उड़ी थी कि इसने कुत्ते, बिल्लयों को भी खा लिया था.

  • 2015 में पेरिस में हुए आतंकवादी हमले के बाद एक सिख की तस्वीर

वीरेंद्र जुब्बल को भी एक आतंकवादी कहा जा रहा था जब कि तस्वीर की असलियत कुछ और ही है.

  • कलाम के आखरी पलों की ये तस्वीर भी झूठी है

ये तस्वीर संगीत नाटक अकादमी के Function की है, जिसमें कलाम साहब फ़िसल गए थे.

  • कुर्दीश सैनिक जिसने कई आईएसआईएस लड़ाकों को मारा

असल में ये एक Law Student की तस्वीर है जो Kobane पुलिस के साथ Volunteering कर रही थी.

  • ओबामा से आगे चलते होस्नी मुबारक़

असल में इस तस्वीरे में भी ओबामा सबसे आगे चल रहे थे और होस्नी मुबारक़ सबसे पीछे.

  • वायुसेना के सिपाही पर हमला करती शार्क

ये तस्वीर इतनी वायरल हुई थी कि National Geographic Channel को ये घोषणा करनी पड़ी कि इस तस्वीर ने National Geographic Photo of the Year अवॉर्ड नहीं जीता है.

  • हम क्या कहें, आप ख़ुद ही देख रहे हैं क्या सच है और क्या हूतियापा है

Kwame Ross ने ये 3 अगस्त 2004 में ली थी. उस वक़्त ओबामा State Senator थे.

  • 2011 में जापान में आए सुनामि और भूकंप के बाद की तस्वीर

असल में ये तस्वीर चीन की है और 2008 में Panzhihua में आए भूकंप की है.

  • ICU में भर्ती तमिलनाडु मुख्यमंत्री जयललिता की तस्वीर

ये तस्वीर Peru की एक मरीज़ की है.

  • अमरिकी राष्ट्रपतियों की ये तस्वीर

काश असल ज़िन्दगी में ऐसा कुछ हुआ होता.

  • इंग्लैण्ड में मिली एक परी

ये तस्वीर 1 अप्रैल को वायरल हुई थी. इतना कहना ही काफ़ी है.

  • बर्फ़ से ढक गया मिस्त्र का Sphinx

ये तस्वीर जापान के एक Theme पार्क की है.

  • ऑस्ट्रेलिया में पाया गया पैनी दांतों वाला Emu

Emu एक पक्षी है और उसके दांत नहीं होते.

  • ठंड से जम गया ख़ूबसूरत वेनिस शहर

Robert Johns ने ये तस्वीरें बनाई थी, एज़ एन आर्ट फ़ॉर्म. पर सोशल मीडिया पर ये किसी और तरीके से वायरल हो गया.

  • सेल्फ़ी विड शार्क

2014 में आई ये तस्वीर ने Fakeness की सारी हदें पार कर दी.

  • Oil Rig, Tornado और धरती पर गिरती बिजली

Oil Rig की तस्वीर को बाद में जोड़ा गया, जब कि Tornado और बिजली की तस्वीर असली है.

  • Hurricane Isaac की ये तस्वीर

इसे बहुत ज़्यादा शेयर किया गया पर ये भी झूठी तस्वीर है.

  • बाढ़ के पानी के बीच कंप्यूटर चलाते Philippines के स्कूली बच्चे

2012 में Philippines में आए बाढ़ के बाद ये तस्वीर वायरल हुई थी, पर ये भी Photoshop का कमाल है.

  • काले रंग का शेर

भई, शेर कभी काले नहीं होते इतना तो मालूम होना चाहिए.

  • दुनिया को अपने अस्तित्व के बारे में बताता शिशु

ये तो अभिमन्यु भी नहीं कर पाया, जिसने चक्रव्यूह तोड़ने का तरीका गर्भ में ही सीख लिया था.

  • सागर किनारे दिल ये दिखा रे!

साफ़ पता चल रहा है कि ये नक़ली है.

  • तिरंगे के रंग में रंगा पूरा जहां

ये तस्वीर तो किरण बेदी ने भी शेयर कर डाला था. वाट्स ऐप पर ऐसी बहुत सी फ़ेक तस्वीरें शेयर की जाती हैं, ज़रा संभल कर.

  • Crescent और Star Shape का द्वी

Crescent Shape का द्वीप तो Hawaii में है. पर ये Star Fake है.

ज़रा दिमाग़ लगाया करो यार और अफ़वाहों से सावधान रहो!