सर्दियों में हरे चारे के लिए करे इस घास की काश्त, दूध उत्पादन में होगी 30 फीसदी तक बढ़ोतरी

सर्दियों में पशु को अगर संतुलित और सही आहार नहीं मिलता है तो वह बीमार होने लगते हैं जिस वजह से दूध के उत्पादन में भी कमी आनी शुरू हो जाती है क्योंकि पशुपालक भी सर्दियों में पशुओं को हरी बरसीम खिलाते है उससे भी दूध में ज्यादा उत्पादन नहीं हो पाता.

इसलिए पशुपालको को सर्दियों में पशुओं को हरी बरसीम की जगह ‘मक्खन घास’ खिलानी चाहिए. क्योंकि यह पशुओं के लिए काफी पौष्टिक और फायदेमंद है. इसके सेवन से पशुओं के दूध उत्पादन में 25 – 30 फीसदी तक बढ़ोतरी होती है.क्योंकि हरी बरसीम में बहुत जल्दी कीट लगता है, पर मक्खन घास में कीट लगने की समस्या नहीं होती. यह घास सर्दियों में उगाई जाती है.इसकी बुवाई यदि अक्टूबर माह में की जाए तो आप इसकी कटाई 35- 40 दिनों के अंदर कर सकते है.

इसकी दूसरी कटाई भी 20- 25 दिनों के अंदर की जा सकती है. ‘मक्खन घास’ की सालभर में 5-6 बार आसानी से कटाई की जा सकती है. इस घास के बीज एक हेक्टर प्रति किलो की दर से लगते है क्योंकि यह बरसीम की बुवाई के समय बोया जाता है. यह बरसीम की तुलना में काफी अच्छा है. पशुओ के लिए इसका सेवन करना दूध उत्पादन को बढ़ाता है.

इसके अंदर 14-15 फीसदी प्रोटीन होता है. इसके बीज बाजार से खरीदे जा सकते है. इसकी सबसे पहले शुरुआत चार साल पहले पंजाब, हरियाणा में हुई थी. सबसे पहले यह 2 हज़ार किलो से शुरू हुई और आज इसका पूरे पंजाब में 100 मीट्रिक टन से भी ज्यादा बीज लगता है. इसकी बिक्री सबसे ज्यादा पंजाब, हरियाणा में होती है. इसको 150 टन से भी ज्यादा किसानों ने ख़रीदा है. इसका बीज बाजार में 400 रुपये प्रति किलो तक बिकता है.

ऐसे करें बुवाई

इसकी खेती सभी तरह की मिट्टी में की जा सकती है, जिसका पीएच 6.5 से 7 तक हो। मक्खन ग्रास शीतकालीन चारा फसल है, जिसे घर-घर काटा जा सकता है। यह मैदानी एवं पहाड़ी इलाकों में बुवाई के लिए उपयुक्त है। सभी तरह की मिट्टी में इसकी शीतकालीन बुवाई नवंबर से दिसंबर में की जा सकती है।

ग्रीष्मकालीन चारा फसल के लिए इसे मार्च से अप्रैल के बीच बोया जा सकता है। बुवाई के समय खेत में नमी रहनी चाहिए। 10 से 15 दिनों में अंकूरण होना शुरू हो जाता है। मक्खन ग्रास के बीज वजन में हल्के होते है। वहीं बरसीम के साथ मिलाकर भी इसे बोया जा सकता है। बीजों के अंकुरण के बाद दो-तीन सप्ताह में एक सिंचाई की जरूरत होती है। इसके बाद 20 दिनों के बाद जरूरत के अनुसार पानी दिया जाना जरूरी है।

इन शहरों से होगी Jio Gigafiber की शुरुआत, पूरे 3 महीने तक फ्री मिलेगी सर्विस

हाल में ही गीगा फाइबर को लेकर ख़बर आई थी की इस सर्विस की शुरुआत सबसे पहले देशभर के 30 शहर में की जाएगी। Reliance Jio ने साल 2018 में Jio GigaFiber के साथ खुद की ब्रॉडबैंड सर्विस की शुरुआत की थी।

लेकिन साल खत्म हो चूका है और इसके लॉन्चिंग का इंतजार काफी दिनों से देशभर के लोग कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस सर्विस इस साल 2019 में शुरू किया जा सकता है। कंपनी पिछले कई दिनों से इसके लिए प्री-व्यू ऑफर भी जारी कर रही है। आइए जानते हैं जियो गीगा फाइबर के प्लान के बारे में…

कंपनी के प्री-व्यू ऑफर की माने तो इस सर्विस को लेने वाले यूजर्स को 90 दिनों तक हाई-स्पीड इंटरनेट मिलेगा। इसके अलावा हर महीने 100 जीबी डाटा भी दिया जाएगा। साथ ही खबर है कि कंपनी अपने यूजर्स को शुरुआत के तीन महीने 100Mbps की स्पीड से 100GB मंथली डेटा फ्री में देगी।

यानी तीन महीने आपको फ्री में सर्विस मिलेगी। इसके बाद आपको रकम चुकानी होगी।बता दें कि यूजर्स को शुरुआत में सिक्योरिटी डिपोजिट के तौर पर 4,500 रुपये चुकाने होंगे। इतना ही नहीं इस सर्विस को लेने के दौरान आपको गीगा फाइबर और जियो टीवी रॉउटर फ्री में मिलेगा।

इसके अलावा कंपनी 750, 999 और 1,299 रुपये का प्लान भी पेश कर सकती है।कंपनी के आने वाले ये सभी प्लान्स 1 महीने की वैधता वाले होंगे।जियो गीगा फाइबर को जिन 30 शहरों में सबसे पहले शुरू किया जाएगा इनमें बेंगलुरू, चेन्नई, पुणे, लखनऊ, कानपुर, रायपुर, नागपुर, इंदौर, ठाणे, भोपाल, गाजियाबाद,

लुधियाना, कोयंबटूर, आगरा, मदुरई, नासिक, फरीदाबाद, मेरठ, राजकोट, श्रीनगर, अमृतसर, पटना, इलाहाबाद, रांची, जोधपुर, कोटा, गुवाहाटी, चंडीगढ़, सोलापुर और नई दिल्ली शामिल हैं। मतलब इन शहरों के यूजर्स को जियो की यह सर्विस सबसे पहले मिलेगी।

सरकार के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं आप, 40 फीसदी तक मिलेगा कमीशन, ऐसे करें अप्लाई

अब आप सरकार के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं, अगर आप मेडिकल के क्षेत्र में अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है। केंद्र की मोदी सरकार आपको बिजनेस करने का एक सुनहरा मौका दे रही है। मोदी सरकार ने अमृत मेडिकल्स की फ्रेंचाईजी उन लोगों को बांटने का फैसला किया है जो यह बिजनेस करना चाहते हैं।

सरकार की इस योजना के तहत बिजनेस करने वाले लोगों को ब्रांडेड दवाएं और इंप्लांट्स सस्ते दामों में मिल सकेंगे। सरकार की इस योजना के चलते देश के कई शहरों में अमृत मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे।

9 जनवरी को निकलेगा टेंडर

स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में बोर्ड की मीटिंग में यह फैसला लिया है। इसके चलते HLL की रिटेल बिजनेस चेन अमृत मेडिकल्स की फ्रेंचाइजी बांटी जाएगी। इन दुकानों में ब्रांडेड दवाएं और इंप्लांट 35 से 75 पर्सेंट तक कम कीमतों में मिलेंगी।

इसके साथ ही दुकानों की फ्रेंचाइजी लेने वाले लोगों को दवाईयों पर 5 से 40 पर्सेंट तक का कमीशन भी मिलेगा। इस फ्रेंचाइजी के लिए 9 जनवरी को टेंडर निकाला जाएगा। यदि आप भी सरकार के साथ बिजनेस करना चाहते हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो यह मौका आपके लिए काफी खास है।

कैसे मिलेगी फ्रेंचाइजी

यदि आप भी इसके लिए फ्रैंचाइजी लेना चाहते हैं तो इसकी शहर के हिसाब से अलग फीस है। इस फीस 7.5 लाख रुपए तक हो सकती है। जिसके बाद ही कोई इसकी फ्रेंचाइजी ले सकता है। इसके बाद फ्रेंचाइजी ओनर दवाओं और इंप्लाट सप्लाई का जिम्मदार होगा। लोगों को इस फ्रैंचाईजी को लेने के लिए सरकार की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, लोकेशन पर खरा उतरना होगा।

बैंक कर रहे हैं नीलामी, सिर्फ 1.35 लाख में मिलेगी Maruti Ritz और 2.10 लाख में बस

बैंक उन गाडियों की नीलामी कर रहे हैं जो लोग बैंक का लोन नहीं लौटा पाते। आप भी इस नीलामी में हिस्सा लेकर अपनी पसंद की गाड़ी खरीद सकते हैं। कई गाड़ियां काफी सस्ते में नीलाम हो रही हैं। हम आपको ऐसी ही कुछ गाड़ियों की जानकारी देने जा रहा है। आइए, जानते हैं इन गाड़ियों की डिटेल और कैसे आप इस नीलामी में हिस्सा ले सकते हैं।

1.35 लाख में मिलेगी  Maruti Ritz

कॉरपोरेशन बैंक, महिपालपुर, दिल्ली की ब्रांच द्वारा Maruti Ritz की नीलामी की जा रही है। दिल्ली नंबर की इस गाड़ी का मॉडल मई 2016 का है। इसका रिजर्व प्राइस 1.30 लाख रुपए है और यदि आप बोली लगाना चाहते हैं तो आपको 5 हजार अधिक यानी कि 1.35 लाख रुपए से बोली शुरू करनी होगी।

22 जनवरी 2019 को 11.45 से दोपहर 1.15 बजे तक बोली होगी और इसके लिए आपको 21 जनवरी शाम पांच बजे तक अप्लाई करना होगा। यही बैंक एक और मारुति Ritz की नीलामी कर रहा है, जिसका रिजर्व प्राइस 2.10 लाख है और बिड इंक्रीमेंट 5 हजार रुपए है।

कॉमर्शियल व्हीकल 2.60 लाख में

अगर आप कॉमर्शियल व्हीकल लेना चाहते हैं तो कॉरपोरेशन बैंक द्वारा SML isuzu का sartaj CNGE truck की नीलामी की जा रही है। इसका रिजर्व प्राइस 2.60 लाख रुपए है और आपको 5 हजार रुपए बढ़ा कर बोली की शुरुआत करनी होगी।

बस की नीलामी

कॉरपोरेशन बैंक, कोडूनगलूर ब्रांच द्वारा एक अशोक लेलेंड पीसीवी बस की नीलामी की जा रही है। केरल नंबर की इस बस का रिजर्व प्राइस 2 लाख रुपए है और आपको अर्नेस्ट मनी के रूप में 50 हजार रुपए जमा कराने होंगे।

आपको 10 हजार रुपए यानी कि 2 लाख 10 हजार रुपए से बोली की शुरुआत करनी होगी। बस का मॉडल 2013 का है। आप इस बोली में शामिल होना चाहते हैं तो आपको 27 दिसंबर पांच बजे तक अप्लाई करना होगा और आप 28 दिसंबर दोपहर 11.45 से 1.15 बजे तक बोली में हिस्सा ले सकते हैं।

टाटा नैनो

चैन्नई की अक्षय इमेजिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा टाटा नैनो की नीलामी की जा रही है। 2014 मॉडल की इस कार का रिजर्व प्राइस 1 लाख रुपए है और आपको 5 हजार रुपए अधिक से बोली की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। नीलामी 28 दिसंबर 2018 को शाम 3 से 4 बजे के बीच होगी। इसके लिए आपको 27 दिसंबर शाम चार बजे तक अप्लाई करना होगा।

अगर आप इन बोली में शामिल होना चाहते हैं तो आपको bankauctions.in पर व्हीकल कैटेगिरी में सर्च करके इन नीलामी के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

अपने आप आने लगे किसानों के बैंक खातों में पैसे, देख कर किसानों के चेहरों पर आई खुशी

किसानों के बैंक खातों में अपने आप पैसे आने लगे है, अपने खाते में पैसा जमा होने से किसानों के चेहरों पर खुशी छा गई, महाराष्ट्र के बीड में एक अजीब मामला सामने आया है. वहां के लोगों के बैंक अकाउंट में अचानक से पैसे जमा होने लगे.

किसानों के बैंक अकाउंट में 500 से 2000 रुपये अचानक जमा हुए। ये बात अलग है कि अभी तक तक ये पता नहीं चल सका है कि खातों में पैसा किसने जमा कराए। बीड जिले के दासखेड गांव के किसानों के बैंक खाते में 500 रुपये,1000 और 2000 रुपये जमा कराने की खबर आई।

किसानों ने पहले सोचा की यह पैसा किसी सरकारी स्कीम का होगा या फिर फसल बीमा का है, लेकिन अब यह पैसा उस व्यक्ति के बैंक खाते में भी जमा किया जा रहा है जिसके पास कोई खेत नहीं है। अचानक अपने खाते में पैसा जमा होने से किसानों के चेहरों पर खुशी छा गई तो इससे साथ ही उनके दिल और दिमाग में तरह तरह की बातें आने लगी कि आखिर वो दिलदार शख्स या संस्था कौन जो उनके लिए मेहरबान हो गई।

कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बयान दिया था कि, “मोदी सरकार हर एक व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करेंगें | पैसे आने के बाद लोगों के बीच इस बात की अफवाह भी फैल गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पैसे खाते में भेजकर अपना चुनावी वादा पूरा कर रहे हैं. जिन लोगों के खाते में पैसे आए हैं वह काफी खुश दिखाई दे रहैं हैं.

मुफ्त में 25000 रुपए का पेट्रोल जीतने का मौका, बस करना होगा यह काम

 

अगर आप पेट्रोल के बढ़ते दामों से परेशान हैं तो अपको अब बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी आईओसीएल आपके लिए एक खास ऑफर लेकर आ रही है। देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) देशभर के लोगों के लिए एक नया कांटेस्ट लेकर आई है। इस कांटेस्ट में हिस्सा लेकर देश का कोई भी व्यक्ति मुफ्त में 25 हजार रुपए का पेट्रोल जीत सकता है।

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, लोगों के भरोसे, निष्ठा और विश्वास को धन्यवाद देने के लिए यह कांटेस्ट शुरू किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस कांटेस्ट में हिस्सा लेने वाले लोगों को 5 लाख रुपए तक के फ्यूल वाउचर दिए जाएंगे।

3 जनवरी से शुरू हो रही प्रतियोगिता

IOCL की ओर से इस कांटेस्ट को ‘आई लव इंडियन ऑयल’ नाम दिया गया है। इसमें भाग लेने वालों को #ILoveIndianOil को साथ जवाब देने होंगे। इस कांटेस्ट में 3 से 9 जनवरी तक हिस्सा लिया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए इंडियन ऑयल की शर्तों का पालन करना होगा।

इस कांटेस्ट में ट्वीटर और फेसबुक के सभी यूजर हिस्सा ले सकते हैं। इस कांटेस्ट में इंडियन ऑयल कर्मचारी और कंपनी से जुड़े एजेंट और कर्मचारियों के परिवार भी हिस्सा ले सकते हैं। सही जवाबों को कांटेस्ट में शामिल किया जाएगा। फेसबुक, ट्वीटर और अन्य सभी प्लेटफॉर्म पर विनर की घोषणा की जाएगी।

सभी को मिलेगा स्पेशल गिफ्ट कूपन

इस कॉन्टेस्ट में फर्स्ट प्राइज के लिए 5 विजेताओं का चयान किया जाएगा। फर्स्ट प्राइज वाले विजेताओं को 25 हजार रुपए का इंडियन ऑयल फ्यूल वाउचर दिया जाएगा। सेकेंड प्राइज के लिए 10 लोगों का चयन किया जाएगा और उनको इनाम के रुप में 10-10 हजार के फ्यूल वाउचर दिए जाएंगे। साथ ही थर्ड प्राइज के रुप में 30 विजेताओं को 5-5 हजार रुपए का वाउचर दिया जाएंगे। इसके साथ ही इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले 60 प्रतिभागियों को 2-2 हजार रुपए के सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

सभी विजेताओं को पहले कंपनी की ओर से मैसेज भेजा जाएगा। बाद में ट्वीटर और फेसबुक पर विजेताओं के नाम की घोषणा की जाएगी। इस कांटेस्ट के बारे में अधिक जानकारी https://www.facebook.com/notes/indian-oil-corporation-ltd/i-love-indianoil-contest-terms-conditions/2249355335089423/ से ली जा सकती है।

मोदी सरकार देगी किसानों को ये बड़ा तोहफा, हर किसान को प्रति एकड़ मिलेगी 4000 रुपए की मदद और इतने लाख का ब्याज मुक्त कर्ज

2019 साल मोदी सरकार के लिए काफी अहम माना जा रहा है. दरअसल, कुछ ही महीनों में  लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और यह मोदी सरकार के लिए किसी अग्‍निपरीक्षा से कम नहीं है. ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार अन्नदाताओं को बड़ा तोहफा देने की विचार कर रही है। सरकार किसानों को बड़ी राहत की योजना रही है। मोदी सरकार किसानों को 4, 000 प्रति एकड़ रुपए आर्थिक सहायदा देने जा रही है।

मोदी सरकार खेती के लिए हर सीजन में 4000 रुपए प्रति एकड़ की दर से आर्थिक मदद करेगी। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों का एक लाख तक ब्याज मुक्त करने की भी घोषणा करेगी। इसी हफ्ते इसका ऐलान किया जाएगा। योजना पर सालाना खर्च 2.3 लाख करोड़ का होगा।

किसानों के लिए योजनाएं लाने पर विचार

पिछले महीने केंद्र सरकार देश के किसानों को राहत देने पर विचार करने वाली खबरें आई थी । सरकार सही समय पर कर्ज भुगतान करने वाले किसानों की ब्याज माफ कर सकती है। इसके लिए सरकार लगातार उच्चस्तरीय बैठकें कर रही हैं।

अगर ऐसा होता है तो ये किसानों के लिए बड़ी राहत होगी। दरअसल तीन राज्यों में हार के बाद मोदी सरकार किसानों को लेकर ज्यादा चिंतित दिख रही है। लगातार किसानों के लिए की योजनाएं लाने पर विचार कर रही है। साथ ही मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम कर रही है। 2018 में सरकार ने किसानों को रबी फसल पर एमएसपी बढ़ा दी थी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने भी की घोषणा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा पिटारा खोला था। किसानों को ऋण मुक्त और 5 हजार रुपए प्रति एकड़ देने की घोषणा की थी। इससे पहले कांग्रेस ने तीन राज्यों में जीत के बाद किसानों का कर्ज माफ कर दिया है।

कांग्रेस ने चुनावी घोषणापत्र में कहा था कि सरकार अगर आएगी तो पार्टी किसनों का कर्जमाफ कर देगी। इससे पहले यूपी में योगी सरकार ने भी किसानों की कर्जमाफी की थी।

ऐसे शुरू करें सेनेटरी नैपकिन बनाने का बिजनेस

ऐसे शुरू करें सेनेटरी नैपकिन बनाने का बिजनेस …क्या आप भी अक्षय कुमार मूवी की तरह पैड बेच कर मुनाफा कामना चाहते है तो आप भी सेनेटरी नैपकिन बनाने का काम शुरू कर सकते है । जिसके लिए आप को सिर्फ 15000 रुपये का जुगाड़ करना होगा ।

उसके बाद आप भी छोटे शहरों और गांव में पैड बेच कर मुनाफे के साथ साथ समाज सेवा का काम भी कर सकते है ।जिस रफ्तार से भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, उसी रफ्तार से इस बिजनेस के बढ़ने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। चलिये जानते हैं कैसे?

सैनिटरी नैपकिन ब्रांड इप्सॉस और स्वतंत्र शोधकर्ताओं ने भारत के ग्रामीण इलाकों में सर्वे किया और पाया कि 66 प्रतिशत लड़कियां पीरियड्स के समय सावधानियों और साफ-सफाई के बारे में नहीं जानती हैं। वहीं 12 फीसदी लड़कियों तक सैनिटरी पैड पहुंचता ही नहीं है। पैड के बारे में मालूम भी हो, तो भी 67 प्रतिशत महिलाएं इसका इस्तेमाल नहीं करतीं। इसका मात्र एक कारण है पैड का महंगा होना।

ऐसे में यदि आप किसी गांव या छोटे कस्बे में अपना उद्योग शुरू करते हैं और कम कीमत के पैड बनाते हैं, तो आपका बिजनेस जमकर चलेगा। और तो और चूंकि यह स्वच्छता से जुड़ा बिजनेस है, इसलिये स्वास्थ्य मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, ग्रामीण मंत्रालय और समाजसेवी संगठन भी आपके उद्योग को बढ़ावा दे सकते हैं।यह स‍ब कैसे संभव होगा, उसके लिये हम आपको ले चलते हैं कर्नाटक के तोरणगल्लू।

यह एक छोटा सा कस्बा है बेल्लारी और होस्पेट के बीच। यहां पर सुरक्षा सैनिटरी नैपकिन प्रोडक्शन एवं ट्रेनिंग सेंटर में चार से पांच लोगों का स्टाफ है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिये सस्ती दरों पर सैनिटरी पैड बनाता है। यह केंद्र जेएसडब्ल्यू की सोशल सर्विस के तहत संचालित है।

बिज़नेस  की  लागत और बचत

इस बिज़नेस को 15000 रुपये की निजी लागत से भी शुरू किया जा सकता है. भारत सरकार द्वारा स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिए जाने के कारण इस बिज़नेस में और भी चमक आ गयी है .

  • स्वयं की लागत: 15,000 रुपये
  • सरकारी मदद: 1.50 लाख रुपये
  • वार्षिक कमाई : 1.8 लाख रुपये

इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होगी जिसमे 1.35 लाख का लोन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल जायेगा . यदि आप 1440 सेनेटरी नैपकिन एक दिन में तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो एक साल में 54000 पैकेट तैयार किये जा सकते हैं .

यदि एक पैकेट की कीमत 13 रुपये रखी जाती है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री के सकते हैं . और यदि इस आय में से पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो साल में 2 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है .

कॉटन नहीं पल्प से बनते हैं पैड

ये सैनिटरी पैड कॉटन यानी रुई नहीं पल्प से बनते हैं, जो सोखने की क्षमता ज्यादा रखता है।कई सामाजिक संगठन ग्रामीण महिलाओं को कपड़े से मुक्त‍ि दिलाने की दिशा में कार्यरत हैं।अगर सस्ती दरों में पैड बनने लगे तो भारत के ग्रामीण इलाके और ज्यादा हाईजीनिक होंगे।अगर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो दो मशीनों से शुरुआत कर सकते हैं।

अगर आपका बिजनेस ग्रामीण महिलाओं को मदद पहुंचाता है, तो सरकार भी आपकी मदद करेगी।कोई भी इस सेंटर में आकर ट्रेनिंग प्राप्त कर सकता है। यह सेंटर जिंदल स्टील वर्ल्ड द्वारा संचालित है।

ये मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

5.5 लाख की इस मशीन से शुरू करें पेपर बैग बनाने का बिज़नेस

आज हर शहर में प्लास्टिक बैग पर बैन लगा दिया गया है जो वातावरण के लिए काफी नुकसानदयाक था । ऐसे में आप पेपर बैग का बिजनेस कर के काफी अच्छा इनकम कर सकते हैं ।

पेपर बैग आम तौर पैकेजिंग की सामग्री है जो आज हर बेकरी स्टोर, ग्रोसरी स्टोर, मॉल शॉप, बड़ी से बड़ी ब्रांडेड कपड़े की कंपनी पेपर पैग का इस्तेमाल करते हैं ।पेपर बैग काफी यूजफुल रहता है और स्टाइलिश भी होता है जो बड़े बड़े ब्रांडेड कंपनियां आजकल यूज करते हैं । इस लिए इसके बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ने की सम्भावना है ।

पेपर बैग के बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए आपके पास आप को नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा और इसके साथ साथ उद्योग आधार नंबर भी लेना होगा । कच्चे मॉल के लिए आप को पेपर रोल ,प्रिंटिंग इंक आदि की जरूरत पड़ेगी जिसे आप आसानी से खरीद सकते है । सरकार इस बिजनेस के लिए फंड भी प्रोवाइड करवाती है ।

पेपर बैग को बनाने के लिए आपको एक मशीन खरीदना होगा । जो पेपर बैग बनाने का काम करती है । वैसे तो आप को मार्किट में बहुत सी मशीन मिल जायँगी और आप अपने हिसाब से किसी भी कंपनी की मशीन ले सकते है । लेकिन आज हम किसी एक कंपनी की मशीन के बारे बता रहे है ।

आज हम जिस कंपनी के बारे में बता रहे है उसका नाम है मोहिंद्रा इंजीनिरिंग कंपनी। यह कंपनी कई तरह की मशीन त्यार करती है जिसमे पेपर बैग मेकिंग मशीन भी है । इस मशीन से आप एक घंटे में 10000 बैग बना सकते है । बैग की चौड़ाई 100 से 430 मिलीमीटर तक हो और चौड़ाई 180 से 690 मिलीमीटर तक हो सकती है । इस मशीन की कीमत 5.5 लाख रुपये है।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

इस मशीन को खरीदने के लिए जा और जानकारी के लिए निचे दिए हुए पते पर सम्पर्क करें

Address:Mohindra Engineering Company
Azad Vinder Singh(Owner)
RZ- 73, Nursing Garden, Near Khyala Village, New Delhi – 110018, Delhi, India
Call Us:08071807710
Send SMS Mobile:+91-9999778804,+91-9212658395

नोट : कृपया कोई भी मशीन खरीदने से पहले अपनी तसल्ली कर लें यह पोस्ट सिर्फ जानकरी देने के लिए ही डाली गई है ।

पानी की कमी से परेशान किसान ने किया केसर की खेती का रुख

क्षेत्र में पानी की कमी से भले ही किसान परेशान हो लेकिन राजस्थान के बसवा तहसील क्षेत्र के गांव झूथाहेड़ा में एक किसान ने इस परेशानी को दूर कर कम पानी व कम खर्च में अच्छा मुनाफा कमाने के लिए केसर की खेती को अपनाया है।

किसान को उम्मीद है कि इस खेती को करने के बाद उसे खर्च से तीन गुना मुनाफा मिलेगा। झूथाहेड़ा गांव निवासी किसान श्री मोहन मीना ने बताया कि उनके गांव सहित आसपास के क्षेत्र में वर्षों से पानी की कमी से किसान परेशान हैं।

फसलों में पानी की अधिकता को लेकर कई किसानों ने तो खेती बाड़ी भी करना बंद कर दिया हैं। ऐसे में उन्होंने जानकारी लेकर अपने आधा बीघा खेत में इस बार केसर की फसल की पैदावार की हैं।किसान ने बताया कि इस फसल में पानी की आवश्यकता कम है। उनके द्वारा बीज लगाए गए थे जिस पर अब खेत में 720 केसर के पौधे उग आए है ।

उन्होंने बताया कि केसर के पौधों में 15-20 दिन के अंतराल में पानी देना पड़ता हैं। वर्तमान में पौधे बड़े हो गए है तथा उनमें डोडी भी उग आई हैं। 15 दिन बाद इसमें केसर आना शुरु हो जाएगी।

मुनाफा तीन गुना मिलने की उम्मीद

किसान ने बताया कि केसर की खेती में उन्होंने करीब ढाई लाख रुपए का खर्च आया हैं। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि केसर को बेचने के दौरान तीन गुना मुनाफा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि केसर बेचने के लिए उन्होंने जम्मू में केसर का कारोबार करने वाले व्यापारियों से संपर्क किया था।जहां व्यापारियों ने एक किलो केसर दो लाख रुपए में खरीदने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि उनको अपने खेत में करीब चार किलो केसर आने की उम्मीद है।

नेट बना सबसे बड़ा सहयोगी

किसान श्री मोहन मीना ने बताया कि पानी की कमी के कारण वह खेती करने को लेकर लंबे समय से परेशान था। एक दिन टेलीविजन पर उन्होंने केसर की खेती के बारे में देखा। इसके बाद उनके मन में केसर की खेती करने को लेकर उम्मीद जगी। नेट पर केसर की खेती कैसे करते है इस बारे में जानकारी ली।

इसके बाद जम्मू से बीज लाकर इस खेती को शुरु कर दिया। उन्होंने बताया कि अभी भी वे इस फसल में किसी प्रकार की परेशानी आने पर नेट पर सर्च कर उस परेशानी को दूर कर देते है।