जल्द लांच होगी नई Mahindra Scorpio, पहले से होगी लंबी और ज्यादा पावरफुल

देश की प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा घरेलु बाजार में अपनी लोकप्रिय एसयूवी Mahindra Scorpio के नए अवतार को लांच करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में महिंद्रा स्कार्पियो के नए संस्करण को टेस्टिंग के दौरान स्पॉट भी किया गया है। नई स्कॉर्पियो मौजूदा मॉडल से उंचाई में कम होगी लेकिन इसकी लंबाई ज्यादा होगी।

कंपनी ने नई स्कॉर्पियो को बिलकुल ही नए प्लेटाफॉर्म पर तैयार किया है, जिससे इसका डिजाइन और आकार भी बदल गया है। हालांकि ये एक 7 सीटर एसयूवी ही होगी लेकिन इसका केबिन स्पेश मौजूदा मॉडल से ज्यादा होगा। आपको इस गाड़ी के भीतर ज्यादा लेग रूम मिलेगा।

इसके अलावा इसके तीसरी पंक्ति में साइड सीट के बजाय फ्रंट फेसिंग सीट का इस्तेमाल किया जा सकता है। नई Mahindra Scorpio में कंपनी भारत स्टेज 6 (BS6) इंजन का प्रयोग कर रही है। महिंद्रा ने बिलकुल नया 2 लीटर की क्षमता का इंजन तैयार किया है। इसी इंजन का प्रयोग कंपनी नई स्कॉर्पियो में कर रही है।

ऐसा माना जा रहा है कि ये इंजन कंपनी के मौजूदा 2.2 लीटर mHawk डीजल इंजन से ज्यादा पावरफुल होगा। इसके अलावा नई स्कॉर्पियो का माइलेज भी पहले से बेहतर होगा। ऐसी उम्मीद है कि कंपनी स्कॉर्पियो को पेट्रोल इंजन के साथ भी लांच करेगी। जैसा कि कंपनी के पास पहले से ही 2.0 लीटर की क्षमता का BS6 मानक वाला टर्बो पेट्रोल इंजन है,

जिसका प्रयोग कंपनी ने XUV500 में किया है। आने वाली स्कॉर्पियो में आपको बिलकुल ही नए लुक और अंदाज में मिलेगी, इसका ड्राइविंग एक्सपेरिएंस भी पहले से बेहतर होगा। क्या होगी कीमत: महिंद्रा स्कॉर्पियो में कंपनी बड़े बदलाव कर रही है। इसका सीधा असर इसकी कीमत पर भी देखने को मिलेगा।

चूकिं नए बीएस6 इंजन का प्रयोग किए जाने के बाद वाहनों की कीमत में उछाल आना सामान्य बात है। ऐसा माना जा रहा है कि इसकी कीमत मौजूदा मॉडल के मुकाबले तकरीबन 1.5 लाख रुपये से लेकर 2.0 लाख रुपये तक ज्यादा होगी। इस समय महिंद्रा स्कॉर्पियो की कीमम 9.92 लाख रुपये से लेकर 15.93 लाख रुपये तक है।

जरूरी है कार के टायर का रोटेशन! कभी भी ना करें ये गलतियां, वरना हो सकती है दुर्घटना

आपके पास कोई लग्जरी कार हो या फिर साधारण बजट वाली कार, आपकी कार में चाहते तमाम सेफ्टी फीचर्स ही क्यों न हो। लेकिन कार के टायर से मामूली सी लापरवाही भी आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है। समय समय पर कार के टायर का रोटेशन बेहद जरूरी होता है। तो आइये जानते हैं कि कार के टायर के साथ ​किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिएं।

टायर का प्रेसर: कार के टायर का प्रेसर पर नजर रखना बेहद जरूरी होता है। सामान्य तौर पर हर 15 दिन में एक बार टायर के प्रेसर की जांच करें। टायर में कभी भी ज्यादा या कम हवा न रखें। कार के मैनुअल में दिए गए आंकड़े के अनुसार ही टायर में हवा भरवाएं।

टायर रोटेशन: कार के अगले हिस्से के पहियों पर सबसे ज्यादा भार होता है क्योंकि इंजन का पूरा हिस्सा यहीं लगा होता है। इसके चलते पिछले पहियों के मुकाबले आगे का पहिया ज्यादा घिसता है। क्रॉस रोटेशन सबसे सही माना जाता है। यानी कि आगे के दोनों पहियों को पिछे पहिए से क्रॉस पोजिशन में रिप्लेस करें। सामान्य तौर पर हर 2,000 किलोमीटर के बाद टायर का रोटेशन करना सही होता है।

टायर का ट्रेड: आप महज एक सिक्के से भी टायर के ट्रेड की जांच कर सकते हैं। टायर पर जो लाइन्स बनी होती हैं उनके बीच के गैप को ट्रेड कहा जाता है। आप टायर के इस इस गैप में एक सिक्का डाले यदि सिक्का आधा या उससे ज्यादा अंदर जाता है तो टायर ठीक है। यदि सिक्के का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा बाहर रहता है तो टायर बदलने की जरूरत है।

पुराने टायर: टायर की स्थिति कितनी सही है ये टायर के गुणवत्ता और उसके मेंटेनेंस पर निर्भर करता है। लेकिन सामान्य तौर पर 5 साल से ज्यादा पुराने टायर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिएं। सामान्य तौर पर टायर की लाइफ 40,000 किलोमीटर तक की मानी जाती है।

बैलेंस और एलाइनमेंट: कार के टायर पर उसके एलाइनमेंट और बैलेंस का बहुत असर पड़ता है। सामान्य तौर पर 4,000 से 5,000 किलोमीटर पर आपको अपने कार के व्हील्स का एलाइनमेंट और बैलेंस चेक करवाते रहना चाहिएं। इसके अलावा यदि आपने हाल में ही किसी ऐसी रोड पर ड्राइव किया है जहां गड्ढे ज्यादा थें तो आपको तत्काल एलाइनमेंट चेक करवाना जरूरी है।

लीकेज: यदि आपके कार के टायर से हवा बार बार निकल रही है तो आपको इसे तत्काल बदलना चाहिएं। क्योंकि ऐसी यदि ऐसी स्थिति में आप ड्राइव करते हैं तो टायर के ब्लॉस्ट होने का डर रहता है जो कि दुर्घटना का कारण बन सकता है।

पुरानी साइकिल को बनाएं इलेक्ट्रिक बाइक,पैडल मारे बिना नॉनस्टॉप चलेगी

आप अपनी पुरानी साइकिल को इलेक्ट्रिक बाइक में कन्वर्ट कर सकते हैं। यानी बिना पैडल मारे आपकी साइकिल नॉनस्टॉप तब तक चलेगी जब तक बैटरी डिस्चार्ज नहीं हो जाती। इसके लिए आपको सिर्फ एक रिचार्जेबल बैटरी और DC मोटर की जरूरत होती है।

ये दोनों चीजें मार्केट से आसानी से मिल जाती हैं। इतना ही नहीं, इस तरह की साइकिल को बनाने की प्रॉसेस भी बहुत आसान है। इसे बनाने में सिर्फ 5 मिनट का वक्त लगता है।

इन चीजों की होगी जरूरत

  • 24V DC गियर मोटर
  • 12V की रिचार्जेबल बैटरी
  • लकड़ी का छोटा टुकड़ा
  • कोल्ड ड्रिंक बोतल का कैप
  • ग्लू, एक नट-बोल्ट, 5 पैकिंग स्ट्रिप्स
  • 2 मीटर वायर और एक स्विच

सबसे पहले 24V DC गियर मोटर के साइज से थोड़ी सी बड़ी एक लकड़ी ले लें। इस लकड़ी में आपको पांच होल करने हैं। ये सभी एक-दूसरे से 1 इंच की दूरी पर होंगे। इनमें 3 होल ऊपर की तरफ सेंटर में और 2 होल नीचे की तरफ आखिरी छोर पर होंगे।

अब लकड़ी पर ग्लू लगाकर DC गियर मोटर को चिपकाएं और सेंटर वाले 3 होल में पैकिंग स्ट्रिप डालकर मोटर को अच्छी तरह फिट कर लें। अब कोल्ड ड्रिंक की कैप को सेंटर में एक होल बनाएं और अंदर की तरफ से उसमें एक बोल्ट नट के साथ डालें। अब इसमें बाहर से भी एक बोल्ट लगाकर अंदर की तरफ ग्लू से पैक कर लें।

अब इस नट को DC गियर मोटर में फिक्स कर लें। इस बात का ध्यान रहे कि ये लूज नहीं होना चाहिए। क्योंकि साइकिल के टायर को घुमाने का काम ये कोल्ड ड्रिंक कैन का कैप ही करेगा। अब मोटर की लकड़ी में नीचे की तरफ ग्लू लगाएं और साइकिल में उस जगह फिक्स करें जहां से कोल्ड ड्रिंक कैप पहिए को घुमा सकें।

अब बैटरी को साइकिल के कैरियर पर फिक्स कर लें। इसके बाद, वायर को बैटरी के प्लस और माइनस प्वाइंट में कनेक्ट कर लें। अब उस वायर को गियर मोटर के एक छोर से कनेक्ट करें। वहीं, दूसरे छोर से एक नया वायर जोड़ें। फिर दोनों वायर के बचे हुए वायर को आपस में कनेक्ट कर लें। जो नए वायर का दूसरा छोर बचा है उसे स्विच में कनेक्ट करके हैंडल पर फिट कर लें।

इस तरह से आपकी साइकिल इलेक्ट्रिक बाइक में कन्वर्ट हो जाएगी। अब आप जैसे ही स्विच को दबाएंगे साइकिल का पहिया घूमाना शुरू हो जाएगा। आप साइकिल को बैटरी के डिस्चार्ज होने तक चला सकते हैं।

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क्या ज्यादा AC चलाने से कार की माइलेज पर असर पड़ता है ? जानिये

गर्मी शुरू हो चुकी है ऐसे में बिना AC के गाड़ी में चलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बार-बार AC को ऑन और ऑफ करते हैं उन्हें लगता है ज्यादा AC चलाने से गाड़ी की माइलेज पर असर पड़ता है। लेकिन क्या सच में ऐसा होता है या महज ये एक वहम है, आइये जानते हैं…

जब भी हम कार का AC ऑन करते हैं तो यह अल्टरनेटर से मिलने वाली एनर्जी का इस्तेमाल करता है। यह एनर्जी इसे इंजन से ही मिलती है। इंजन फ्यूल टैंक से फ्यूल का इस्तेमाल करता है। खास बात यह है कि जब तक कार स्टार्ट नहीं होती तब तक AC भी ऑन नहीं होता,

क्योंकि AC कंप्रेसर से जुड़ी बेल्ट तभी घूमेगी जब इंजन चलेगा। यह वही बेल्ट भी होती है जो कार के अल्टरनेटर को चलते रहने और बैटरी को चार्ज करने का काम करती है। AC कंप्रेसर कूलेंट को कंप्रेस करके इसे ठंडा करता है। और इस तरह कार का AC काम करता है।

ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन के बताते हैं कि गाड़ी चलाते समय AC ऑन करने से कार की माइलेज पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मेरे हिसाब से माइलेज में सिर्फ 5 से 7 फीसदी तक का ही असर पड़ेगा। इसलिए ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है कार के AC को जरूरत पड़ने पर आराम से इस्तेमाल करें।

हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं तो कार की विंडो बंद रखें। क्योकिं कार की रफ्तार तेज होती है ऐसे में हवा के दबाव से खुली खिड़कियां कार की रफ्तार को कम कर देती हैं जिससे इंजन की क्षमता कम होगी। विंडो बंद करके ही AC ऑन करें, अक्सर देखने में आता है कि लोग थोड़ी-थोड़ी विंडो नीचे करके AC चलाते हैं जोकि सही नहीं है।

तेज रफ्तार में AC ऑन रखने से कार की माइलेज में कोई खास फर्क नहीं पड़ता। कुल मिलाकर AC चलाने से कार की माइलेज पर उतना फर्क नहीं पड़ता कि आपको बार बार AC ही बंद करना पड़ जाए, इसलिए जब जरूरत हो आप AC का मजा ले सकते हैं।

अपनी पुरानी कार बेचते समय जरूर रखें इन चीजों का ध्यान, मिलेगी ज्यादा कीमत

यदि आप भी अपनी कार को बेचकर ज्यादा से ज्यादा पैसा पाना चाहते हैं तो ये लेख आपके लिए ही है। तो आइये जानते हैं कि किस तरह से आपनी पुरानी कार से ज्यादा पैसा पा सकते हैंं —

पुराने बिल और दस्तावेज: कार बेचने से पहले आप कार के दस्तावेज जैसे कि रजिस्ट्रेशन पेपर इत्यादि को सहेज कर रखें। इसके अलावा पिछले दो सालों में आपने कार में जो कुछ भी बदलाव या फिर सर्विसिंग इत्यादि करवाई है उसके बिल अपने साथ जरूर रखें।

सर्विसिंग हिस्ट्री: कोशिश करें कि आपके पास अपनी कार के सर्विसिंग की पूरी हिस्ट्री मौजूद हो। डीलरशिप पर जब आप अपनी कार ​सर्विस करवाते हैं तो उसके ​साथ सर्विस बुक और बिल भी दिया जाता है। इससे ग्राहक को विश्वास होगा कि आपने कार के मीटर के साथ या फिर अन्य तकनीक पहलुओं से कोई छेड़खानी नहीं की है।

सही कीमत: कार को बिक्री के लिए रखने से पहले उसकी सही कीमत को तय करना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप ऑनलाइन भी अपनी कार की वैल्यू चेक कर सकते हैं। या फिर लोकल मार्केट में क्या रेट चल रहा है इस बात की भी जानकारी ले सकते हैं।

कीमत तय करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यदि आपको यही कार खरीदनी होती तो आप कितना पैसा खर्च करतें। कीमत तय करने के दौरान थोड़ा सा मार्जिन जरूर रखें, ताकि आप ग्राहक से मोल भाव कर सकें।

प्रमोशन और प्रचार: कार को बेचने के लिए आप सोशल मीडिया या फिर वेबसाइट का भी सहारा ले सकते हैं। इसके लिए आप अपनी कार के अलग अलग एंगल से कई तस्वीरें लें। कार के एक्सटीरियर, फ्रंट बम्फर, बैक बम्फर, साइड प्रोफाइल, ग्राउंड फ्लोर, हेडलाइट्स इत्यादि की अलग अलग तस्वीरें खीचें। इन तस्वीरों को आप सोशल मीडिया और अन्य कमर्शियल वेबसाइट जैसे ओएलएक्स, क्वीकर इत्यादि पर डालें। पोस्ट करते समय कम शब्दों में कार के बारे में पूरी जानकारी दें और कीमत के बारे में भी बताएं।

जल्दबाजी न करें: किसी भी बात को फाइनल करने में जल्दबाजी न करें, ग्राहक की भी पूरी जानकारी लें। इसके अलावा कार की कीमत को तय करते समय जल्दबाजी न करें। ग्राहक को ऐसा महसूस न होने दें कि आप जल्द से जल्द अपनी कार बेचना चाहते हैं। आप अपनी कार के फीचर्स और अन्य गुणों के बारे में ग्राहक को ज्यादा से ज्यादा बताएं, मसलन कार की कंडीशन, सर्विसिंग और माइलेज इत्यादि।

रजिस्ट्रेशन पेपर ट्रांसफर: कार की बिक्री तय करने के बाद आरटीओ से रजिस्ट्रेशन पेपर को ट्रांसफर करवाएं। इस दौरान आप स्वयं सजग रहें ग्राहक के भरोसे न बैठें। आरटीओ से इस बात की तस्दीक जरुर करें कि अब कार के पेपर से आपका नाम हटकर ग्राहक का नाम चढ़ गया हो।

अब नहीं करा सकेंगे नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन, सरकार ने लगाई रोक

केंद्र सरकार ने भारत में बिकने वाली सभी कारों और दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है. केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का फैसला लिया है. यह रोक 2 मई से लागू की गई है.

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने यह कदम हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चलते लिया है. बताया जाता है कि अभी तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को वाहन के डाटा के साथ नहीं जोड़ा जा सका है.

वाहन डेटाबेस के साथ रजिस्ट्रेशन प्लेट के इंटीग्रेशन को लेकर 4 अप्रैल को दिल्ली में परिवहन मंत्रालय की बैठक हुई थी. इस बैठक में सिक्योरिटी नंबर प्लेट को वाहन के डाटा के जोड़ने की बात कही गई थी लेकिन ये काम अभी तक नहीं किया गया, जिसके बाद वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी गई.

परिवहन मंत्रालय के नए नियम के मुताबिक एक अप्रैल 2019 से देश में चल रहे सभी प्रकार के वाहनों पर टेंपर प्रूफ यानि एचएसएनपी लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. इस नियम के मुताबिक पूरे देश में एक जैसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

खास बात यह है कि यह आदेश मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि इन राज्यों के पास वाहन से अलग अपना सॉफ्टवेयर है.

इस नंबर को देखकर पता लगाएं कितनी पुरानी है बाइक, 5 सेकंड की है प्रॉसेस

इंडिया में बाइक सेलिंग का मार्केट हर महीने बढ़ रहा है। 2016-17 में सिर्फ टू-व्हीलर्स की सेल का आंकड़ा 1.7 करोड़ से भी ज्यादा था। 2015-16 में ये आंकड़ा 1.6 करोड़ का था। वैसे, देश में सेकंड हैंड बाइक की सेलिंग भी तेजी से बढ़ रही है। इस तरह के मार्केट में कम पैसे में ज्यादा पावरफुल बाइक मिल जाती है।

कई सेकंड हैंड बाइक मार्केट में तो 70 से 80 हजार रुपए की बाइक 10 से 15 हजार में ही मिल जात है। ऐसे में जरूरी है कि बाइक कितनी पुरानी है इसका पता हो। बाइक की उम्र का पता उसमें दिए गए चेसिस या व्हीकल आइडेंटटीफिकेशन नंबर (VIN) से आप आसानी से पता लगा सकते हैं।

कहां होता है चेसिस नंबर

लगभग सभी बाइक में चेसिस नंबर हैंडल के नीचे की तरफ होता है। यानी हैंडल के सपोर्टिंग पाइप पर लेफ्ट या राइट में कहीं भी हो सकता है। जैसे, बजाज एवेंजर में ये नंबर लेफ्ट हेंड की तरफ पाइप पर होता है। ये नंबर 13 डिजिट का होता है। जिसमें अल्फाबेट और न्यूमैरिक दोनों होते हैं। इन सभी को अलग-अलग तरह से डिवाइस किया गया है। यानी हर नंबर का एक अलग मतलब होता है।

बाइक की उम्र चल जाएगी पता

13 डिजिट वाले चेसिस नंबर में 10वें नंबर से किसी बाइक की उम्र यानी वो कितनी पुरानी है, इस बात का पता लगाया जा सकता है। जैसे, 10वां नंबर अल्फाबेट या न्यूमैरिक हो सकता है। इन दोनों का अलग मतलब है। मान लीजिए यदि आपकी बाइक के चेसिस नंबर का 10वां अक्षर G है। तब इसका मतलब है कि गाड़ी 2016 में मैन्युफैक्चर हुई है। भले ही कंपनी इस मॉडल को 2017 या आगे के साल में सेल करे।

आपकी बाइक के चेसिस नंबर का 10वां नंबर 1 है तब उसका प्रोडक्शन ईयर 2001 है। ठीक इसी तरह, 2 का मतलब 2002, 3 का 2003 होगा। यानी 9 का मतलब 2009 होगा। इसके बाद अल्फाबेट शुरू हो जाते हैं। यानी A का मतलब 2010 होता है। ठीक इसी तरह, B का मतलब 2011, C का मतलब 2012, D का मतलब 2013, E का मतलब 2014 होगा।

इस तरह अल्फाबेट को देखकर बाइक की मैन्युफैक्चरिंग ईयर का पता लगा सकते हैं। हालांकि, इस लिस्ट में I, O, Q और Z को शामिल नहीं किया गया है। यानी H का मतलब 2017 है, तो फिर J का मतलब 2018 हो जाएगा। ठीक ऐसे ही इस सीरीज में Y का मतलब 2031 से होगा।

इस मार्केट में खरीदें सिर्फ 500 रूपए में किसी भी कार के टायर, कारों के अन्य पार्ट भी मिलते है बहुत कम दाम में

कार के सभी पार्ट्स के लिए हम आपको एक ऐसी मार्केट के बारे में बताएंगे जहां न सिर्फ आपकी जरूरत का सारा सामान मिल जाता है बल्कि ये बेहद ही सस्ती कीमतों पर मिलता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि कारों के टायर यहां मात्र 500 रूपए में मिल जाते हैं।

हम बात कर रहे हैं दिल्ली के गोकुलपुरी में शाहदरा ऑटो मार्केट की। इस मार्केट में आपक कार और बाइक से जुड़े किसी भी कल पुर्जे को आधी से भी कमं कीमत पर खरीद सकते हैं। दिल्ली में रहने वाले लोग मैट्रो से आसानी से इस मार्केट तक पहुंचना बेहद आसान है। शाहदरा मेट्रो स्टेशन पर उतरकर ऑटो ले सकते हैं और आसानी से इस मार्केट में पहुंच जाएंगे।

दरअसल इस बाजार में ज्यादातर प्रोडक्‍ट्स सेकंड हैंड मि‍लते हैं और इसी कारण ये पार्ट्स बेहद कम कीमत में उपलब्ध होते हैं। आप चाहें तो नया भी ले सकते हैं और नए की भी कीमत अन्य बाजारों से काफी कम होती है। अगर आपको बाइक में टायर लगवाना है इस बाजार में अच्छी कंडीशन का टायर 200 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल जाएगा।

अगर कार में टायर लगवाना है तो कार का टायर 500 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल जाएगा। जितने रुपये में टायर की ट्यूब भी नहीं आती है उतने रुपये में यहां टायर मिल जाते हैं। बाइक के अन्य पार्ट्स जैसे गार्ड, कवर, स्पेयर पार्ट्स, लाइट्स जैसी चीजें बहुत ही कम कीमत में मिल जाती हैं।

आपको बता दें कि इस मार्केट में खरीदारी करने के लिए आपको मोल-भाव करना जरूर आना चाहिए क्योंकि यहां पर आपको पार्ट्स की कीमत पहले अधिक बताई जाएगी, लेकिन बार्गेनिंग करने के बाद कीमत बेहद कम हो जाती है।

बिना कहीं जाए, सिर्फ 24 रुपए खर्च करके अपनी पुरानी बाइक को नए जैसी चमकाएं

बाइक या स्कूटर का कलर एक समय के बाद फीका होने लगता है। यानी उसकी शाइनिंग धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। ऐसे में फिर से नई जैसी शाइनिंग के लिए नया पेंट करना होता है, या किसी मैकेनिक के यहां ले जाकर पॉलिश करना होती है।

कुल मिलाकर ये खर्चे वाला काम होता है। हालांकि, एक पॉलिश ऐसी है जिसे लगाने से आपकी गाड़ी नई जैसी चमकने लगती है। इतना ही नहीं, इस पॉलिश के लिए आपको सिर्फ 24 रुपए ही खर्च करने होते हैं।

24 रुपए में चमकाएं गाड़ी

  • बाइक, स्कूटर को चमकाने वाली इस पॉलिश का नाम Sheeba Body Polish है। जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदा जा सकता है।
  • ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन पर इसकी कीमत सिर्फ 24 रुपए है। यहां 240 रुपए में पॉलिश के 10 पैकेट आते हैं।
  • इन 10 पैकेट में 100ml पॉलिश आती है। यानी एक पैकेट में 10ml पॉलिश होती है।
  • इस पॉलिश का यूज करना काफी आसान है। सबसे पहले बाइक या स्कूटर को अच्छी तरह से धो लें।

  • जब गाड़ी का पानी पूरी तरह सूख जाए तब एक फॉम पर इस पॉलिश को थोड़ा सा निकाल लें।
  • इसके बाद इस पॉलिश को गाड़ी की पूरी बॉडी पर लगा दें। पॉलिश को ज्यादा लेने की जरूरत नहीं होती।
  • जब पॉलिश पूरी गाड़ी पर लग जाए, तब कॉटन का कपड़ा लेकर इस पॉलिश को साफ कर लें।
  • जैसे ही पॉलिश साफ होती जाएगी गाड़ी में चमक आने लगेगी। कुछ समय बाद पूरी गाड़ी चमकने लगेगी।
  • पॉलिश की खास बात है कि पानी का इस पर कोई असर नहीं होता और ये गाड़ी की चमक बरकरार रखती है।

जून में भारत में लांच होगा Vespa का नया स्कूटर, पेट्रोल डलवाने का झंझट भी खत्म

गुजरे जमाने का सबसे पसंदीदा स्कूटर वेस्पा की भारतीय बाजार में वापसी होने जा रही है. वेस्पा का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर अब यहां की सड़कों पर एक बार फिर दौड़ता हुआ नजर आएगा. एक दशक पहले तक वेस्पा स्कूटर सेगमेंट में पसंदीदा स्कूटर हुआ करता था.

बजाज के चेतक से इसकी सीधे टक्कर होती थी. सबसे भरोसेमंद स्कूटर की श्रेणी में भी वेस्पा शामिल था. हालांकि, कुछ वक्त पहले यह बंद हो गया था. लेकिन, अब फिर से यह स्कूटर भारतीय बाजार में नजर आने वाला है.

वेस्पा का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर

भारत में वेस्पा को ऑपरेट करने वाले पियाजियो ग्रुप का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर, Elettrica इस साल जून 2019 में लॉन्च हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल सितंबर 2018 में कंपनी ने इसका प्रोडक्शन भी शुरू किया था. इसे पहले कंपनी के इटली स्थित प्लांट में तैयार किया जाएगा. इसके बाद भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा.

4 KW का होगा इलेक्ट्रिक मोटर

वेस्पा इलेक्ट्रिका में 4 KW का इलेक्ट्रिक मोटर दिया जाएगा, जो कि 5.36 हॉर्सपावर का पीक पावर और 20 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क जेनरेट करेगा. इसमें 4.2 KWh लिथियम आयन बैटरी होगी, जो कि मोटर को पावर देगी और इसको चार घंटे में फुल चार्ज किया जा सकेगा. कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज होने पर यह अधिकतम 100 किलोमीटर का माइलेज देगा.

इलेक्ट्रिक मोटर और रेग्युलर कंबशन इंजन का कॉम्बिनेशन

इस स्कूटर में इलेक्ट्रिक मोटर और एक रेग्युलर कंबशन इंजन का कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा. इसमें 100सीसी, 4 स्ट्रोक पेट्रोल इंजन होगा, जो कि इसके टॉप X hybrid की रेंज को 200 किलोमीटर तक पहुंचाएगा. इसमें बैटरी लेवल और राइडिंग स्टाइल के हिसाब से राइड मोड दिए जाएंगे.

इस साल भारत में आएगा इलेक्ट्रिका

वेस्पा इलेक्ट्रिका की अमेरिका और एशियन बाजारों में 2019 से बिक्री शुरू हो जाएगी. ऐसी उम्मीद है कि भारत में इसे जून 2019 में ही लॉन्च किया जाएगा. भारत में लॉन्च होने के बाद वेस्पा इलेक्ट्रिका का मुकाबला Ather 340 इलेक्ट्रिक स्कूटर से होगा, जो कि पहले से ही भारतीय बाजार में बिक रहा है.

कितनी होगी कीमत

इलेक्ट्रिक स्कूटर होने के चलते वेस्पा के इलेक्ट्रिका की कीमत थोड़ी ज्यादा होगी. अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय बाजार में इसकी कीमत 90 हजार रुपए के आसपास हो सकती है. कंपनी इसे स्टैंडर्ड मॉडल में ही लॉन्च करेगी.