जाने ड्रम ब्रेक और डिस्क ब्रेक के बीच क्या अंतर है…

आज कल लगभग हर कंपनी बाइक्स में drum ब्रेक या disc और ड्रम ब्रेक के कॉम्बीनेशन देती हैं। हालांकि अभी भी कुछ ऐसी बाइक्स हैं दो केवल ड्रम ब्रेक के साथ आती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनो में से कौन सा ब्रेक बेहतर है या फिर इनके क्या फायदे और नुकसान हैं? अगर आप अभी तक इस जानकारी से अंजान है तो पढ़े ये आर्टिकल

disc ब्रेक व्हील के बाहर लगे रहते हैं और फ्रेश एयर मिलते रहने से ये जल्दी कुल हो जाते हैं। वहीं ड्रम ब्रेक व्हील के अंदर प्लेस्ड होते हैं जिससे वे ज्यादा गर्म हो जाते हैं और गर्मी में उतने असरदार नहीं होते। इसलिए गर्मियों में disc ब्रेक ज्यादा जरूरी हो जाते हैं।

disc ब्रेक को मेंटेन करना काफी आसान होता है क्योंकि ये व्हील के बाहर ही लगा होता है। वहीं ड्रम ब्रेक व्हील के अंदर लगा होता है इसलिए इसमें कुछ भी काम करने के लिए पूरा व्हील खोलना पड़ता है।
मजबूती के मामले में ड्रम ब्रेक बाजी मार ले जाता है। ड्रम ब्रेक पर मजबूत कोटिंग की जाती है। जिससे उनके टूटने का खतरा कम रहता है। वहीं disc ब्रेक पूरी तरह से खुले रहते हैं। इसलिए इनके टूटने की आशंका बनी रहती है।

ड्रम ब्रेक के साथ एबीएस फिट नहीं किया जा सकता। वहीं disc ब्रेक के साथ एबीएस लगाने पर बाइक की सुरक्षा और भी बढ़ जाती है। disc ब्रेक का कोई पार्ट या फिर disc ब्रेक खराब हो जाता है तो उसे बदलवाया जा सकता है। वहीं ड्रम ब्रेक व्हील कें अंदर से कनेक्टेड होते हैं और वे कई बार अंदर ही अंदर व्हील को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं जो कि ज्यादा महंगा पड़ सकता है।

बारिश में जब बाइक के व्हील पूरी तरह से गीले हो जाते हैं, उस समय ब्रेकिंग का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। ऐसे में ड्रम ब्रेक जब लगाए जाते हैं, तब ब्रेक शू और लाइनिंग के बीच सही पकड़ नहीं बन पाती और ब्रेक अधिक कारगर तरीके से नहीं लगते। वहीं पर बारिश का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता। जैसे ही disc ब्रेक लगाए जाते हैं, वे बाइक को रोकने में कारगर साबित होते हैं।

सिर्फ 19,990 रुपए में मिलेगा हीरो का ये नया स्‍कूटर, 65 का देगा माइलेज

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत के इस दौर में मोटर साइकिल और कार खरीदने से ज्यादा महंगा होता है गाड़ियों को चलाना । हर कोई चाहता है कि कोई ऐसी बाइक या मोटरसाइकिल मिल जाए जो कम से कम ईंध्न के खर्च में ज्यादा से ज्यादा दूरी तय करे

यानि माइलेज शानदार हो ताकि उनकी जेब पर कम भार पड़े। आम आदमी की इसी परेशानी को दूर करने के लिए हीरो ने एक ऐसा स्कूटर मार्केट में उतारा है जो 65 किमी का माइलेज बेहद आराम से दे देता है।

हीरो ने हाल ही में अपना स्कूटर flash निकाला है। इस स्कूटर की सबसे खास बात ये है कि ये स्कूटर इको फ्रेंडली है यानि इससे पर्यावरण के ऊपर कोई भी बुरा असर नहीं पड़ता । दरअसल ये स्कूटर पेट्रोल या डीजल नहीं बल्कि सिर्फ इलेक्ट्रिक बैटरी से चलता है।

जिसे चार्ज करने के बाद आप आराम से अपने सफर पर निकल सकते हैं।ये स्कूटर रोजाना सफर करने वाले ऑफिस गोइंग लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इलेक्ट्रिक बैटरी होने की वजह से लोगों को रोज-रोज पेट्रोल भराने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है।

लुक्स और स्टाइल की बात करें तो ये स्कूटर बेहद स्टाइलिश लगता है साथ ही इसके अलॉय व्हील्स, टेलीस्कोपिक सस्पेंशन और सीट के नीचे दिया गया लगेज बॉक्स लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है।

आपको बता दें कि हीरो ने इसमें 40 v की बैटरी दी है जो 7-8 घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाती है। यानि इसके बाद आप इसे कहीं भी ला ले जा सकते हैं। कीमत की बात करें तो इस स्कूटर की शोरूम कीमत 19990 रूपए यानि ऑन रोड ये आपको 25000 तक का पड़ेगा।

अब टायर में हवा भरवाने की नहीं होगी जरूरत, आ गए हैं बिना हवा वाले टायर

अगर आप साइकिल या फिर बाइक के पंचर होने से परेशान हैं, तो जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है, क्योंकि मार्केट में ट्यूबलेस टायर के बाद अब एयरलेस टायर आ रहा है। जिसमें हवा भरवाने की जरूरत नहीं होगी।

ताईपे इंटरनेशनल साइकिल शो में एयरलेस टायर से साइकिल और ई-बाइक चलाकर दिखाया गया, जो मार्केट में अब एक नया ट्रेंड स्थापित कर रहा है। वैश्विक स्तर पर Nexo, AirFom और Tannus एयरलेस टायर के सप्लायर हैं।

2019 में आएंगे एयरलेस टायर

Tannus ने ताईपे में फोम से तैयार किए गए टायर के सेटअप को दिखाया। जिसका निर्माण पिछले एक साल से एक बड़ी टायर कंपनी के साथ मिलकर किया जा रहा था। कंपनी के मुताबकि वो 2019 में इस टायर को मार्केट में उतारेंगे, जो कि 29 इंच और 27.5 इंच MTB साइज के होंगे।

एक अन्य टायर निर्माता कंपनी निदरलैंड के SCHwalbe एयरलेस टायर बना रहे हैं। उसके दावे के मुताबिक इसे 10 हजार किमीं. बिनी किसी मेंटीनेंस के यूज किया जा सकेगा। इसे दौरान हवा भरने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे काम करेगा एयरलेस टायर

दरअलस सॉलिड एयरलेस टॉयर अभी भी मार्केट में मौजूद हैं। इन्हें बच्चों की साइकिल में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि बड़े वाहनों में इस तरह के टायर नहीं इस्तेमाल नहीं किए जा सकते हैं, क्योंकि इससे टॉयर का वेट ज्यादा हो जाता है।

साथ ही लोड बढ़ने पर टायर के फटने का खतरा होता है। ऐसे में टायर को हल्का बनाने की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए टायर के खाली स्पेस में हवा की जगह फोम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बढ़ सकता है एयरलेस टायर का इस्तेमाल

अभी इन टायर का इस्तेमाल केवल ई-बाइक और साइकिल में किया जा रहा है। लेकिन जल्द ही एयरलेस टायर का इस्तेमाल भारी कॉमर्शियल व्हीकल में भी किया जा सकेगा। हालांकि अभी यह एक शुरुआती प्रयोग है, जिसमें वक्त लग सकता है।

अब कारों का होगा नमक टैस्ट, जानिए यह कारों के लिए क्यों है जरूरी

किसी भी गाड़ी को मार्केट में उतारने से पहले कंपनी उसके अनेकों टेस्ट करती हैं। लेकिन अब कारों को एक नई परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। भारत की व्हीकल टेस्टिंग एजेंसी, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) ने कारों को जंग से बचाने के लिए ‘नमक’ (Salt Spray) टेस्ट का प्रस्ताव रखा है।

मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने इस मसले पर ICAT से राय मांगी थी। ICAT के प्रस्ताव के बाद सरकार इस पर विचार कर रही है। मिनिस्ट्री चाहती है कि ऑटो निर्माता कंपनियां कारों की बॉडी पैनल में 70 पर्सेंट गैल्वेनाइज्ड स्टील का प्रयोग करें।

दूसरे देशों में होता है यह टेस्ट

यूं तो, दुनिया के कई देशों में गाड़ियों की जंगरोधक क्षमता को दूर करने के लिए यह टेस्टिंग पहले से ही की जाती है। लेकिन भारत के लिए यह नया होगा।

10 लाख रुपए से कम कीमत वाली गाड़ियों के लिए सॉल्ट स्प्रे टेस्ट

ज्यादातर ऐसे शहर जहां उमस ज्यादा होती है वहां पर गाड़ियों में जंग की दिक्कत सबसे ज्यादा होती है आईएसटी ने मंत्रालय से कहा कि ज्यादातर यात्री कारों की सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट, एयरबैग आदि पर ध्यान देते हैं।

जल्द ही मंत्रालय जंगरोधक नियमों के तौर पर सॉल्ट स्प्रे प्रक्रिया को लागू कर सकता है। जिन गाड़ियों की कीमत 10 लाख रुपए से कम होगी उन पर यह प्रक्रिया लागू होगी। इस प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने के लिए एक रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।

सॉल्ट स्प्रे टेस्ट के लिए कार कंपनियों की मदद करेगी ICAT

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह जंग गाड़ियों की सुरक्षा पर असर डालता है। इसमें स्वीडन की एक और रिपोर्ट का भी जिक्र किया गया है कि जंग लगी गाड़ियों से जान का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है।

जंग लगने से गाड़ियों की बॉडी कमजोर पड़ जाती है और एक्सीडेंट के समय गाड़ियों को बचा नहीं पाती। सॉल्ट स्प्रे प्रक्रिया को लागू करने के लिए आईसीएटी कार कंपनियों की मदद करने को तैयार है।

ये है मारुति जिप्सी के 10 खूबसूरत मॉडिफिकेशन, देखें तस्वीरें

भारत में प्रतिष्ठित Gypsy के उत्पादन को बंद करने का फैसला ले ही लिया. डीलर्स भी इस नवम्बर माह के बाद Gypsy की बुकिंग्स लेना बंद कर देंगे. तो अगर आपको जंगल सफारी पर जाने के लिए यह गाड़ी लेनी है तो यही आखिरी मौका है.

Gypsy पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से देश में बेची जा रही है और यह एक तरह से एक युग का अंत है. इस गाड़ी में AC या पॉवर स्टीयरिंग जैसा कोई फीचर नहीं है.

मगर जो आता है वो है ऑफ-रोडिंग की असीम क्षमता और यही कारण है कि इस गाड़ी पर अनेकों कार प्रेमी जान छिड़कते हैं. इस आइकॉन को विदाई के तौर पर हम पेश कर रहे हैं 10 सबसे खूबसूरत मॉडिफाइड Gypsy जो हिंदुस्तान की सड़कों पर घूम रहीं हैं.

Subtle Charmer

Yellow Menace

Red Fury

Zebra

Off Road King

Escapade

Green Hell

Black Beauty

MKraft’s Gypsy

बुलेट को टक्कर देने के लिए भारत में आई jawa की मोटरसाइकिल, जाने फीचर और कीमत

महिंद्रा की जावा आज मुंबई में लॉन्च हो गई। इसकी शुरुआती कीमत 1.55 लाख रुपए है। इसे तीन वैरिएंट में लॉन्च किया गया है। जावा, जावा फोर्टि टू, जावा पेरॉक। जावा फोर्टि टू की कीमत 1.55 लाख रुपए है तो जावा पेरॉक की कीमत 1.89 लाख रुपए है।

जावा फोर्टि टू की कीमत 1.55 लाख रुपए रखी गई है। जावा पेरॉक 334 सीसी की बाइक है वहीं जावा और जावा फोर्टि टू 293 सीसी की बाइक है। इसमें सिंगल सिलिंडर, 4 स्ट्रोक है। इसकी मैक्सिमम पावर 27 बीएचपी है। जावा का वजन 170 किलो है।

15 नवंबर से इसकी बुकिंग शुरू हो गई है जावा की साइट पर जाकर इसकी बुकिंग की जा सकती है। कंपनी ने जावा को 3 कलर ( ब्लैक, ग्रे, मैरून)में उतारा है । कंपनी ने जावा पेरॉक को केवल ब्लैक कलर में निकाला है। यह कस्टमाइज्ड बाइक है जिसे अपनी इच्छा के मुताबिक संवारा जा सकता है।

इन सभी बाइक्स की डिलीवरी अगले साल की जाएगी। इसमें 293 सीसी का लिक्विड कूल्ड सिंगल सिलिंडर इंजन मिलने वाला है। यह इंजन 27hp का पावर और 28 न्‍यूटन मीटर का टॉर्क जनरेट करता है। अभी 64 डिलर्स ने बाइक की डिलीवरी के लिए समझौता किया है।

Maruti Alto और WagonR कारें बन जाएगी इलेक्ट्रिक कार, लगानी होगी बस ये छोटी सी किट

आजकल हर कंपनी इलेक्ट्रिक कार बना रही है। इन्हें फ्यूचर कार माना जा रहा है, लेकिन इन कारों की सबसे बड़ी खामी ये है कि ये कारें नार्मल कारों से महंगी होती है। और यही वजह है कि इन्हें आम आदमी की पहुंच से दूर माना जा रहा है।

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि आज हम आपको ऐसी खबर देने जा रहे हैं जिससे कोई भी साधारण सी Maruti Alto और WagonR जैसी कार भी इलेक्ट्रिक कार बन जाएगी।

दरअसल हैदराबाद के स्टार्टअप E-Trio ने देश की दो सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों Alto और WagonR के लिए इलेक्ट्रिक किट्स पेश की हैं। जिसका मतलब है कि Maruti Alto और WagonR के पेट्रोल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन लगाया जा सकता है जो इन्हें इलेक्ट्रिक कार बनाता है।

कंपनी ने ऐसे रेट्रो फिटेड इलेक्ट्रिक किट्स के लिए Automotive Research Association of India (ARAI) से अनुमति भी हासिल कर ली है. इससे ये किट आम सड़क पर इस्तेमाल किये जा सकते हैं। आगे चलकर, रेट्रो फिटेड इलेक्ट्रिक कार्स आफ्टरमार्केट LPG और CNG किट्स वाली कार्स जैसे ही आम बन सकती हैं।

ऐसे रेट्रो-फिटिंग वाले इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन किट के फायदे कई सारे हैं. ऐसे मालिक जिन्हें इलेक्ट्रिक कार खरीदनी थी, उन्हें एक नयी कार खरीदने की ज़रुरत नहीं होगी। इसके बदले वो अपनी आम पेट्रोल/डीजल/CNG/LPG वाली कार्स को बैटरी चालित कार्स में परिवर्तित कर पायेंगे।

अगर कई सारे कार मालिक अपने आम कार्स में इलेक्ट्रिक रेट्रो फिटिंग लगाने का निश्चय करते हैं तो इससे प्रदूषण भी काफी हद तक कम होगा। अंत में कार का मेंटेनेंस काफी कम हो जाएगा क्योंकि इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन में आम इंजन के मुकाबले काफी कम चलंत पार्ट होते हैं।

E-Trio का दावा है की हर चार्ज पर Maruti Alto इलेक्ट्रिक और WagonR इलेक्ट्रिक 150 किलोमटर तक चलेगी, जो शहर में इस्तेमाल के लिए काफी है। कंपनी ये भी दावा करती है की वो दूसरे इलेक्ट्रिक किट्स के रेट्रो फिटिंग पर काम कर रही है जिससे गाड़ियों को 250 किलोमीटर तक की रंग मिल सकती है।

लेम्बोर्गिनी नहीं यह है मारुती बलेनो, इस तरह किया हुआ है मॉडिफाई

कार मॉडिफाई करने वाली कंपनी 360 Motoring Kollam ने मारुति सुजुकी बलेनो को मॉडिफाई किया है। जिसके बाद इसका लुक लेम्बोर्गिनी की तरह हो गया है। कार में लेम्बोर्गिनी की तरह सिजर डोर लगाए गए हैं। इस कंपनी का शोरूम केरल के कुट्टीवट्टम जिला के करुणगप्पाली में है। इंडियन मार्केट में आल्टो के बाद बलेनो की सबसे ज्यादा डिमांड है।

इन चीजों को किया गया मॉडिफाइड

  • बलेनो के फ्रंट में न्यू ग्रिल और बंपर लगाए गए हैं। बंपर के नीचले हिस्से में LED लैम्प और ब्लैक स्प्लिटर लगाया है।
  • 17-इंच के आफ्टरमार्केट रिम्स लगाए गए हैं। कार का ग्राउंड क्लियरेंस भी कम किया गया है।

  • ऊपरी हिस्से को ग्लॉस रैपिंग लगाई है। जिसमें इसके विंडो रिम्स, रूफ और पिलर्स को कवर किया है।
  • हालांकि, इस कंपनी ने इस बात का जिक्र नहीं किया कि इसे मॉडिफाई करने में कितना खर्च आया है।
  • कार के इंजन और फ्यूल टैंक कैपेसिटी में कोई चेंजेस नहीं किया गया है।

दमदार माइलेज

  • मारुति की इस कार को नेक्सा ने डिजाइन किया है। ये कंपनी मारुति की सभी प्रीमियम कैटेगरी वाली कार डिजाइन करती है।

  • इसे पेट्रोल और डीजल दोनों वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। पेट्रोल में 1197cc और डीजल में 1248cc का इंजन दिया है।
  • कंपनी का दावा है कि पेट्रोल इंजन से 21.4kmpl और डीजल इंजन से 27.39kmpl का माइलेज मिलता है।
  • दोनों वेरिएंट में 37 लीटर का फ्यूल टैंक दिया है। वहीं, इसका इंजन 4 सिलेंडर से लैस है।

स्टाइलिश इंटीरियर

  • इस कॉमपैक्ट SUV में फुल लैग स्पेस मिलता है। साथ ही, इंटीरियर को लेदर फिनिशिंग दी गई है।
  • इसमें 7 इंच का इन्फोटेनमेंट सिस्टम दिया है, जो एपल की कार प्ले टेक्नोलॉजी के साथ आता है।
  • कार में एडजेस्टेबल स्टीयरिंग, ऑटो AC, ऑटो ड्राइव मोड, पावर विंडो, सेंट्रल लॉकिंग, न्यू डिजिटल स्पीडोमीटर मिलता है।
  • बलेनो को मैनुअल गियर बॉक्स के साथ AMT मॉडल में भी लॉन्च किया गया है। जो ऑटो गियर शिफ्ट करती है।

भारतीय सड़कों पर दशकों तक राज करने वाली इन 3 कारों की हो रही है वापसी

रिस्टोरेशन मॉडिफिकेशन जिसे आम भाषा में Restomod भी कहते हैं, इसमें पुरानी और विंटेज कारों को रिस्टोर या फिर मॉडिफाइड करके मौजूदा समय की तकनीक और स्टाइल से लैस किया जाता है। यानी कि कार का लुक आपको विंटेड फीलिंग देता है,

लेकिन इसका फीचर आपको मौजूदा समय का अनुभव देता है। तो आज हम आपको तीन सबसे लोकप्रिय कारों के Restomod मॉडल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको देखते ही पसंद आएंगी।

Hindustan Motors Ambassador भारत में सबसे ज्यादा चलने वाली कारों में से एक थी। घटती मांग और बढ़ते घाटे के कारण इसके उत्पादन को कुछ समय पहले ही बंद कर दिया गया। हालांकि,

अब इस कार के नए अवतार को लेकर फ्रेंज कार निर्माता कंपनी Peugeot जल्द आ रही है। इसके रेस्ट्रो-मोड Ambassador में चौड़े टायर्स के साथ पीली रिम्स दी गई है। इसके हेडलाइट में भी अपडेट्स किए गए हैं।


SS80 भारत में Maruti Suzuki ब्रांड की पहली कार थी। कंपनी ने इसे साल 1983 में लॉन्च किया था। इस कार ने कई दशक भारतीय ग्राहकों के दिलों पर राज किया। इस कार में एक डीसेंट इंजन के साथ 4 लोगों के बैठने की जगह दी गई।

इसके नए अवतार में कार के रिम्स के चौड़े रबड़ दिए गए हैं। इसके ग्रिल को BMW के M डिविजन का आइकॉनिक कलर दिया गया है। इसके इंडीकेटर को स्पोर्टी लुक दिया गया है।

एक समय था जब भारतीय सड़कों पर Ambassador का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी अगर कोई था तो वो Premier Padmini थी। Fiat बेस्ड यह मॉडल वैल्यू फॉर मनी कार थी। इसके नए अवतार में शाइनी क्रोम के साथ ब्लैक ट्रिटमेंट दिया गया है। इसमें Fiat जैसा उभरा Logo दिया गया है। इसके अलावा नए हेडलाइट्स और बंपर पर पेयर लाइट्स दिए गए हैं। इसके इंटीरियर को भी बदला गया है।

स्विफ्ट के दाम में मिल रही है BMW की ये लग्जरी SUV, जल्द करें बुक

अगर आप भी किसी लग्जरी एसयूवी को खरीदने की चाह रखते हैं और कम बजट होने की वजह से नहीं खरीद पा रहे हैं तो आज हम आपको बीएमडब्ल्यू एक्स1 एस ड्राइव20डी ( BMW X1 sDrive20d ) के बारे में बता रहे हैं जो कि सिर्फ मारुति सुजुकी स्विफ्ट के दाम में मिल रही है। आइए जानते हैं कहां से खरीद सकते हैं आप…

कीमत

कीमत की बात की जाए तो ये सेकंड हैंड बीएमडब्ल्यू एक्स1 एस ड्राइव20डी ( BMW X1 sDrive20d ) कार सिर्फ 7 लाख रुपये में मिल रही है जबकि नई कार की कीमत 40 लाख रुपये है। इतनी कम कीमत में तो मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार ही आ सकती है। आप इस कार को https://www.cardekho.com साइट से खरीद सकते हैं।

इंजन और पावर

इंजन और पावर की बात की जाए तो इस कार में 1995 सीसी का डीजल इंजन दिया गया है जो कि 184 बीएचपी की पावर और 380 न्यूटन मीटर का टार्क जनरेट करता है। 5 सीट वाली ये कार काफी ज्यादा शानदार और लग्जरी है।

माइलेज की बात की जाए तो ये कार प्रति लीटर में 17.05 किमी का माइलेज दे सकती है। इस एसयूवी में 8 स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है। रियर व्हील ड्राइव वाली ये कार मात्र 7.9 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है।

अधिकतम रफ्तार की बात की जाए तो ये कार 205 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकती है। इस एसयूवी में 17 इंच के एलॉय व्हील दिए गए हैं और ट्यूबलैस टायर हैं। बीएमडब्ल्यू एक्स1 2011 मॉडल कार है जो कि लगभग 69,000 किमी चली हुई है । फॉर्थ ऑनर वाली ये एसयूवी कापी ज्यादा बेहतरीन है।

फीचर्स

फीचर्स की बात की जाए तो इस एसयूवी में एसी, पावर स्टीयरिंग, हीटर, एडजेस्टेबल स्टीयरिंग, लैद सीट्स, लैदर स्टीयरिंग व्हील, डिजिटल लॉक, रियर वाश वाइपर जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

सेफ्टी फीचर्स की बात की जाए तो इस एसयूवी में एबीएस, सेंट्रल लॉकिंग, पावर डोर लॉक, चाइल्ड सेफ्टी लॉक, रियर सीट बेल्ट, एडजेस्टेबल सीट्स, सीट बेल्ट वार्निंग, एयरबैग्स, एंटी थेफ्ट डिवाइस, की लैस एंट्री, क्रैश सेंसर और टायर प्रेशर मोनिटर जैसे फीचर्स दिए गए हैं।