1 लाख में शुरू करें प्‍लास्टिक बोतल बनाने की यूनिट, हो सकती है 3 लाख तक इनकम

पिछले कुछ सालों में देश में कोल्‍ड ड्रिंक और बोतलबंद पानी की मार्केट कई गुणा बढ़ी है। ऐसे समय में यदि आप प्लास्टिक बोतल बनाने की यूनिट शुरू करते हैं तो आपका बिजनेस अच्‍छा खासा ग्रोथ कर सकता है। इतना ही नहीं, मार्केट पोटेंशियल को देखते सरकार और बैंक द्वारा प्‍लास्टिक बोतल मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट को लोन और सपोर्ट भी दिया जा रहा है।

खादी एवं विलेज इंडस्‍ट्रीज कमीशन, मुंबई ने प्‍लास्टिक बोतल का मॉडल प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल तैयार किया है, ताकि आप इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर लोन के लिए अप्‍लाई कर सकें। आप इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।

आज हम आपको इसके बारे में विस्‍तृत जानकारी देंगे, ताकि अगर आप अपना बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आप प्‍लास्टिक बोतल की यूनिट शुरू करने पर विचार कर सकें।

प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट

इस मॉडल प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के मुताबिक अगर आप लगभग 2.5 लाख बोतल बनाने वाली यूनिट शुरू करते हैं तो आपको लगभग 4 लाख रुपए के इक्‍वीपमेंट खरीदने होंगे, जिनमें मोल्डिंग मशीन, हैंडलिंग टूल्‍स, फर्नेश आदि शामिल हैं। इसके अलावा आपको लगभग 1 लाख 80 हजार रुपए का वर्किंग कैपिटल की जरूरत होगी और वर्कशाप किराया पर लेनी होगी, जिस पर लगभग 3 लाख रुपए का खर्च आएगा। यानी कि आपकी प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट 8 लाख 80 हजार रुपए होगी।

कितना मिलेगा लोन

अगर आप इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर खादी एवं विलेज इंडस्‍ट्रीज योजना या प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के तहत लोन के लिए अप्‍लाई करते हैं तो आपको लगभग 90 फीसदी लोन मिल सकता है।

कितनी होगी कमाई

यदि आप 2.5 बोतलों को 4 रुपए 50 पैसे प्रति बोतल के रेट से मार्केट में सप्‍लाई करते हैं तो आपको लगभग 13 लाख 82 हजार रुपए की टोटल सेल्‍स होगी, जबकि आपकी कॉस्‍ट ऑफ प्रोडक्‍शन लगभग 11 लाख हजार रुपए होगी, इस तरह आपको लगभग 2 लाख 82 हजार रुपए से अधिक की बचत होगी।

इस बिजनेस से 1.5 लाख रुपए महीना कमा सकते हैं आप, जानें पूरा प्रोसेस

अगर आप घर बैठे कम पैसे में ज्‍यादा प्रॉफिट के बारे में सोच रहे हैं तो चप्‍पल बनाने का कारोबार आपके लिए बेहतरीन मौके दे सकता है। इस बिजनेस की खास बात यह है कि चाहे गांव हो या शहर हर जगह चप्‍पलों की डिमांड होती है।आप इसे किसी छोटी जगह पर भी शुरू कर सकते हैं और डिमांड बढने के साथ साथ इसे आसानी के साथ बढ़ा सकते हैं।

आम तौर पर इस बिजनेस में लगभग 2 लाख रुपए की लागत आती है। काम चल गया तो आप डेढ़ लाख रुपए महीने तक भी कमा सकते हैं।

बिजनेस शुरू करने के लिए जरूरी चीजें

  •  सोल कटिंग मशीन: 70 हजार से शुरू
  •  सोल प्रिंटिंग मशीन: 20 हजार से शुरू
  • ग्राइंडिंग मशीन: 8 हजार से शुरू

रॉ मैटेरियल

  • शीट: 300 से 750 रुपए प्रति
  • स्ट्रिप (फीता): 5 रुपए प्रति पेयर

ऐसे तैयार होती है चप्‍पल

आप चप्‍पल बनाने का काम घर पर या किसी छोटे कॉमर्शियल स्‍पेस में शुरू कर सकते हैं । इसके लिए आपको एक दो तीन छोटी मीशीनों की ही जरूरत होती है। सबसे पहले आपको रबर शीट को किसी खास नंबर के सांच में डाल कर सोल कटिंग मशीन में काटना होता है। सामान्‍य मशीन में कटिंग के साथ चप्‍पल की स्ट्रिप के लिए सुराख भी हो जाता है।

आप ग्राइंडिंग मशीन से चप्‍पल के खुरदुरे हिस्‍सों को चिकना कर सकते हैं। इसके बाद नंबर के हिसाब से स्ट्रिप डाल दें। बस आपकी चप्‍पल तैयार हो गई।

कितनी कमाई ?

आमतौर पर एक जोड़ी चप्‍पल की लागत 20 से 30 रुपए के बीच आती है। वहीं इन्‍हें आप थोक में आसानी से 40 से 50 रुपए में आसानी से बेच सकते हैं। बिजली समेत अन्‍य खर्चों को निकाल दिया जाए तो एक चप्‍पल पर मैन्‍युफक्‍चरर को 10 रुपए का मुनाफा होता है। मशीन एक घंटे में करीब 80 चप्‍पलें तैयार कर देती है।

दिन के आठ घंटों में करीब 640 जोड़ी चप्‍पलों का प्रोडक्‍शन हो सकता है। इसमें आपको करीब 6400 रुपए की इनकम होती है। हफ्ते में दिन प्रोडक्‍शन के हिसाब से यह इनकम 38,400 रुपए और महीने में करीब 1.5 लाख ठहरती है।

कैसे कराएं रजिस्‍ट्रेशन ?

अगर आप छोटे लेवल पर चप्‍पलें बनाकर खुद ही मार्केट में बेचना चाहते हैं तो आप घर पर छोटी मशीन लगाकर शुरू कर सकते हैं। हालांकि अगर आपको बड़े लेवल पर कारोबार शुरू करना है तो आपको अपने बिजनेस को एमएसएमई के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन या उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके अलावा आपको अपने ब्रांड का पंजीकरण दाखिल कराना होगा।

साथ ही ट्रेड लाइसेंस, फर्म का चालू खाता, पैन कार्ड आदि की भी जरूरत पड़ेगी। उद्योग आधार रजिस्टेशन होने पर आप स्लीपर मैन्युफैक्चरिंग उद्योग के लिए मुद्रा लोन भी हासिल कर सकते हैं।

ट्रेनिंग ?

ट्रेनिंग के लिए आप खादी ग्रामो उद्योग से संपर्क कर सकते है। आप kvic.org.in पर विजिट करके ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने क्षेत्र के जिला उद्योग केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं। यहां आपको ट्रेनिंग और बिजनेस से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगा।

कहां से खरीदें रॉ मैटेरियल ? ​

आप अपने आस-पास के बड़े इंडस्ट्रियल क्षेत्रों जैसे यूपी में कानपुर, गाजियाबाद, पंजाब में लुधिआना, दिल्‍ली, मुंबई, इंदौर जैसे शहरों मशीनों और रॉ मैटेरियल की खरीददारी कर सकते हैं। अगर ज्‍यादा जानकारी नहीं है तो आप अलीबाबा होल सेल और इंडिया मार्ट जैसी वेबसाइट पर भी आसानी के साथ मशीन और रॉ मैटेरियल सेलर्स से कॉन्‍ट्रैक्‍ट कर सकते हैं।

ऐसे शुरू करें अपना फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

हम ऐसे ही एक बिजनेस के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसकी ना सिर्फ डिमांड सालों भर रहती हैं, बल्कि इसे शुरू करने लिए आपको सिर्फ 2 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करना होगा। बिजनेस के एस्टीमेट के हिसाब से सभी खर्च काटने के बाद आप मंथली 50 हजार रुपए तक की कमाई कर सकते हैं।

शुरू करें वुडन फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

देश में वुडन फर्नीचर जैसे कुर्सी, कोट, खिड़कियां और दरवाजे की डिमांड सालों भर रहती है। लकड़ी से बनी अलग-अलग डिजाइन की कुर्सियां, दरवाजे और पलंगें डिमांड बढ़ी है। यही नहीं, बढ़ती डिमांड को देखते हुए अब फॉरेन कंपनियां अपने अनोखे डिजाइन के साथ इस बिजनेस में उतरी हैं। ऐसे में बेहतर क्वालिटी और आकर्षक डिजाइन का प्रोडक्ट तैयार कर आप अपनी मार्केट बना सकते हैं।

मांग बनी रहने से आपका कारोबार सफल होने की उम्मीद भी ज्यादा है। खास बात है कि इस बिजनेस के लिए सरकार अपनी मुद्रा स्कीम के तहत सपोर्ट भी कर रही है।

कितना होगा खर्च  कुल खर्च

इस बिजनेस शुरू होने में पूरा खर्च 9.35 लाख रुपए लगेगा, लेकिन इसमें से आपको खुद के पास से करीब 2 लाख रुपए ही निवेश करना होगा। बाकी खर्च के लिए योजना के तहत सरकार आपको सपोर्ट करेगी।

  • प्लांट एंड मशीनरी पर खर्च– 3.55 लाख रुपए
  • फर्नीचर एक्सपेंस- 10,000 रुपए
  • लैंड एंड बिल्डिंग– 2,000 रुपए
  • वर्किंग कैपिटल– 1.90 लाख रुपए
  • फिक्सड कैपिटल– 3.65 लाख रुपए

वर्किंग कैपिटल में एक महीने का रॉ मैटेरियल खर्च, वेजेज और सैलरी के अलावा यूटिलिटज और कन्टिन्जन्सीज खर्च शामिल है।

सरकार से कितनी मदद मिल सकती है?

बिजनेस शुरू करने के लिए आपको प्रोजेक्ट कॉस्ट का 20 फीसदी यानी 1.87 लाख रुपए अपने पास से लगाने होंगे। बैंक से कम्पोजिट लोन-7,48,600 रुपए मदद मिल सकती है । ये लोन मुद्रा स्कीम के तहत किसी भी बैंक से आसानी से मिल जाएगा।

ऐसे होगी 50 हजार तक मंथली इनकम

9.35 लाख रुपए के निवेश पर जो एस्टीमेट तैयार किया गया है, उसमें सालाना 12 लाख रुपए का फर्नीचर में कोट और 18.10 लाख रुपए की खिड़कियां, दरवाजे और कुर्सियों का प्रोडक्शन हो सकता है।

  • सालाना टर्नओवर- 30.10 लाख रुपए
  • कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन- 2.42 लाख रुपए
  • नेट प्रॉफिट-5.82 लाख रुपए (टैक्स रहित)

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत करें अप्लाई

इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी.. नाम, पता, बिजनेस शुरू करने का एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए। इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती।

10 हजार में शुरू करें घर बैठे चॉकलेट का बिजनेस, 40% फीसदी तक होगा प्रॉफिट

कोई भी घर बैठे चॉकलेट बनाने का बिजनेस शुरू कर सकता है। अगर आप भी घर बैठे चॉकलेट बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यहां हम आपको बता रहे हैं कि कम इन्वेस्टमेंट में आप घर बैठे कैसे बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

होममेड चॉकलेट

चॉकलेट की सेल ज्यादा होती है। फेस्टिव टाइम में घर में ही चॉकलेट बनाकर बेचने वाली सोनिया वर्मा ने  बताया कि अब होममेड चॉकलेट का ट्रेंड भी बढ़ रहा है। अगर आपको घर में चॉकलेट बनाने और उसे क्रिएटिव पैकिंग में सजाने का शौक है, तो इस शौक को कारोबार में तब्दील कर सकते हैं।

कितना करना होगा इन्वेस्ट

वैलेंटाइन पर चॉकलेट कारोबार 5 से 10 हजार रुपए के इन्‍वेस्‍टमेंट से शुरू किया जा सकता है। पैकिंग मैटेरियल लोकल थोक मार्केट से खरीद सकते हैं।

फेसबुक, ट्विटर, ब्लॉग के जरिए करे प्रचार

आप अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। फेसबुक, ट्विटर पर अपना पेज बनाकर अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकते हैं, ताकि कस्टमर आप तक आसानी से पहुंच सके।

 कहां से खरीदें रॉ मैटेरियल

चॉकलेट बनाने के लिए रॉ मैटेरियल और पैकेजिंग का सामाना आपको आसानी से होलसेल मार्केट में मिल जाएगा। कई सारी कंपनियां भी ऑनलाइन कमर्शियल इस्तेमाल के लिए चॉकलेट बनाने के लिए रॉ मैटेरियल बेचती है।

आप चॉकलेट बनाने वाली कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर बल्क प्रोडक्ट खरीद सकते हैं। इसमें कंपनियां 20 से 30 फीसदी का मार्जिन देती हैं। अलग-अलग कंपनियों का मार्जिन डिफरेंट है। ये गिफ्ट पैक थोक मार्केट के थोक कारोबारियों से भी खरीदे जा सकते हैं।

कैसे जुड़ सकते हैं ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म से

ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर कारोबारी को रजिस्टर कराना होगा .पैन और बैंक अकाउंट की डिटेल देनी होगी . जीएसटी पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अपना जीएसटीएन नंबर ई-कॉमर्स कंपनी को देना होगा। कंपनी आपके साथ एमओयू या करार करेगी ,करार के बाद आप वेबसाइट पर अपने प्रोडक्ट को अपलोड कर सकते हैं।

वेरिफिकेशन के बाद प्रोडक्ट साइट पर दिखने लगते हैं।  ज्यादातर कंपनियां सेलर से प्रोडक्ट ऑनलाइन बिकने के बाद कारोबारी से 1 से 9 फीसदी कमीशन लेती हैं। ऑनलाइन पेमेंट में प्रोडक्ट कस्टमर के पास पहुंचने के बाद सेलर यानी कारोबारी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।

ऐसे शुरू कर सकते हैं बिस्कुट बनाने का उद्योग, जाने पूरी जानकारी

एक आंकड़े के मुताबिक इंडिया में बिस्कुट उद्योग का सालाना व्यापार 4.5 हज़ार करोड़ से भी ज्यादा का है | भारतवर्ष USA और China के बाद सबसे बड़ा बिस्कुट उत्पादन करने वाला देश है | Federation of Biscuit Manufacturers of India (FBMI) के मुताबिक भारतवर्ष में  बिस्कुट industry आने वाले 10 सालों में प्रति वर्ष 15% की Growth Rate के साथ आगे बढ़ सकती है |

बिस्कुट उद्योग स्टार्ट करने हेतु निम्नलिखित मशीन एवं उपकरणों की जरुरत होती है |

  • आटा छानने या बीनने वाली मशीन: Flour sifter एक उपकरण है जो आटे या मैदे में से अशुद्धियो को अलग करने के काम में लाया जाता है | ताकि एक उच्च गुणवत्ता वाले बिस्कुट का उत्पादन किया जा सके |
  • चीनी पीसने का उपकरण: Sugar grinder का उपयोग बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया में चीनी को पिसने हेतु किया जाता है |
  • मिक्सींग मशीन: इसका उपयोग Ingredients अर्थात सामग्री को मिलाने हेतु किया जाता है | जिससे एक अच्छा मिश्रण बन सके |
  • ऑयल स्प्रेयर: बिस्कुट बनाने की प्रक्रिया में oil sprayer का उपयोग बिस्कुट में तेल वगेरह छिडकने हेतु किया जाता है | यह प्रक्रिया तब की जाती है, जब बिस्कुट गरम हो अर्थात बिस्कुट को ठंडा करने की प्रक्रिया से पहले इनमे तेल वगेरह छिड़का जाता है |

  • Dough Making Machine: इस मशीन का उपयोग बिस्कुट तैयार करने हेतु लोई बनाने के लिए किया जाता है | इस प्रक्रिया को करते वक़्त तैयार मिश्रण में वसा और पानी को मिला दिया जाता है | और आवश्यकतानुसार लोई को सख्त और नरम किया जाता है |
  • Molding and cutting Machine: इस मशीन का काम बिस्कुट को आकार देना और आकार के हिसाब से बिस्कुट को काटने का होता है |
  • ओवन: oven का उपयोग आकार दी हुई लोई को गरम करना अर्थात पकाना होता है | ताकि आकार दी हुई लोई बिस्कुट के रूप में परिवर्तित हो सके |
  • Cooling conveyor: इसका उपयोग गरम बिस्कुटों को ठंडा करने में किया जाता है |

बिस्कुट तैयार करने के लिए भिन्न भिन्न कच्चा माल चाहिए होता है

  • गेहूं का आटा या मैदा
  • पीसी हुई चीनी
  • Glucose
  • वनस्पति तेल
  • अनाज का सत्व
  • दूध पाउडर
  • साधारण नमक
  • क्रीमबेकिंग पाउडर
  • कई प्रकार के Chemicals जैसे सोडा बाइकार्बोनेट इत्यादि |

बिस्कुट बनाने की विधि

  • बिस्कुट बनाने के लिए सबसे पहले सामग्री की आवश्यकतानुसार मात्रा लेकर, उसको Mixer में अच्छी तरह मिला दिया जाता है | लेकिन ध्यान देने वाली बात है की मिक्सर में आटे को नहीं डाला जाता |
  • उसके बाद इस मिश्रण का पेस्ट तैयार कर लिया जाता है | अब इस पेस्ट में आवश्यकतानुसार आटा मिलाकर लोई (dough) तैयार कर लिया जाता है |
  • अब इस लोई को कटिंग मशीन में डाला जाता है | जिससे लोई बिस्कुट के आकार में कट जाती है |
  • अब इन कटे हुए बिस्कुट के आकार को oven में गरम करने अर्थात पकाने हेतु रख दिया जाता है |और जब बिस्कुट तैयार हो जाते हैं | तो इनमे आवश्यकतानुसार तेल छिडक लिया जाता है, जिसमे ऑयल स्प्रेयर मशीन उपयोग में लायी जाती है |
  • तेल छिडकने के बाद बिस्कुटों को ठंडा करने हेतु cooling conveyor मशीन में डाला जाता है | उसके बाद अगला स्टेप पैकेजिंग एवं मार्केटिंग का होता है |

1.5 लाख से ऐसे शुरू करे आटा चक्की का काम, हर महीने होगी 20 हजार तक की कमाई

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग अक्सर व्यवसाय की तलाश में शहर का रुख करते हैं. इसका कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कम उपलब्धता. हालांकि यह बात कुछ हद तक सही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रो में रोजगार के अवसर तो बहुत कम है.

सिर्फ खेती, पशुपालन जैसे जरिए ही हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगो की आजीविका चल पाती है. लेकिन वही थोड़ा सा अपनी सोच को बड़ा कर ले तो कुछ और व्यवसाय के जरिए वो लोग अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगो के लिए व्यवसाय के अवसर है.

ऐसे में हम आपको बता रहे हैं ग्रामीण क्षेत्र के एक ऐसे व्यवसाय के विषय में जिससे किसान आसानी अच्छी कमाई कर सकते हैं.यह व्यवसाय है आटा चक्की व्यवसाय. खाने की जरुरत हर किसी को होती है सभी आटे की रोटी खाते है ऐसे में आटा हर किसी की जरुरत है. इसलिए यह एक अच्छा व्यवसाय है, जिसको कम पूँजी लगाकर शुरू किया जा सकता है.

कैसे करे शुरुआत : ऐसा नहीं है कि इस व्यवसाय के लिए किसी भी ख़ास प्रशिक्षण की आवश्यकता होना अनिवार्य है. कोई भी सामान्य व्यक्ति इस व्यवसाय का आरम्भ कर सकता है. यदि किसी को लगता है कि इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसको थोड़ी जानकारी की जरुरत है इसके लिए वो किसी व्यावसायिक कंसल्टेंसी से सलाह ले सकते हैं, या फिर भारत सरकार के सूक्ष्म,

लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं. यह प्रशिक्षण बहुत ही कम शुल्क पर कराया जाता है. यहाँ से प्रशिक्षण लेकर भी इस व्यवसाय को आसानी से शुरू किया जा सकता है.

मशीनरी एवं कच्चा माल : इस व्यवसाय की शुरुआत सोच पर निर्भर करती है कि आप किस स्तर पर इस व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं. यदि आप एक छोटे स्तर पर व्यवसाय को शुरू करना चाहता है तो इसके लिए छोटी आटा पिसाई की मशीन लगाकर शुरू किया जा सकता है. यदि आप दो छोटी अनाज पिसाई मशीन लगाते हैं तो इनकी कीमत 25000 से 30000 रूपये तक आ जाती है.

इसके अलावा बिजली का बिल और मोटर की कीमत लगाकर यह पूरा बारदाना 50,000 के आस-पास हो जाता है. इसके बाद आप अपने गावों और आस-पड़ोस के गावों की आटा पिसाई शुरू करके कमाई कर सकते हैं.

अधिक मुनाफे के लिए : यदि आप इससे अधिक मुनाफा इस व्यवसाय लेना चाहते है तो फिर आपको थोडा बड़ा सोचना पड़ेगा. इससे अधिक मुनाफा लेने के लिए आपको एक बड़ी चक्की लगानी होगी. इसके लिए कुछ मुख्य तथ्यों को ध्यान में रखे.

जगह का चुनाव : व्यवसाय को शुरू करने के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करें जो शहर या कस्बें के थोडा नजदीक हो. इससे आपको दोगुना फायदा मिलेगा.

मशीनरी : आटा चक्की व्यवसाय को बड़े पैमाने पर करने के लिए कम से कम 4 आटा पिसाई मशीन को लगाने की आवश्यकता है. 4 पिसाई मशीन लगाने के लिए कम से 1.50 से 2 लाख तक का खर्च आ जाता है. इस समय जितना कच्चा माल यानि गेहूं अधिक मात्रा में आपके पास होगा उतना ही ज्यादा अच्छा है.

इसके लिए आप सीजन में कच्चा माल स्टोर करके रख सकते हैं. कच्चा माल आपको अन्य क्रेताओं से भी खरीदना पड़ता है. ऐसे में कम से कम 1 लाख रुपए का बजट आपके पास होना अनिवार्य है. कुल मिलाकर आपको लगभग साढ़े तीन लाख का बजट लेकर चलना जरुरी है.

बाजार : यदि आप सिर्फ आटा पिसाई करते हैं तो आपको किसी बाजार की कोई आवश्यकता नहीं है. लेकिन आप आटा पिसाई करके अपने ब्रांड नाम से आटा सप्लाई करके का सोच रहें हैं तो आपको आवश्यकता है कि आप शहर या कस्बें का बाजार चुने क्योंकि शहर या कस्बें में तो कोई गेहूं उत्पादन नही होता है.

ऐसे में आप छोटे शहरों और कस्बों में आटे को सप्लाई करके अपना ब्रांड शुरू कर सकते हैं. इससे और अधिक व्यवसाय और आय के अवसर बढ़ जाते हैं. यदि खुले आटे की बात करें तो अभी 20 रूपये प्रतिकिलो इसकी कीमत है और 50 किलो आटे के कट्टे की कीमत लगभग 800 से 900 रूपये प्रति कट्टा होती है.

यदि व्यवसायी एक दिन में 50 किलो के 200 कट्टे भी सप्लाई करता है तो उसकी कुल बिक्री 200 कट्टे X 800 रुपए = 1,60,000 रुपए. इसमें से यदि 1,40,000 लागत कम कर दी जाए तो फिर भी 20,000 रुपए की बचत आसानी की जा सकती है.इसमें आसानी से लेबर और सभी खर्चे कम करके आसानी से अच्छी कमाई की जा सकती है.

शुरू करें दूध, दही, मक्खन बनाने की यूनिट, 8 लाख तक हो सकती है सालाना इनकम

देश में दूध और दूध से बने प्रोडक्‍ट्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। आप भी यदि कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इन प्रोडक्‍ट्स की यूनिट लगा सकते हैं। इसके लिए सरकारें लोन भी देती हैं और सपोर्ट भी। आप प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम के तहत अप्‍लाई कर सकते हैं। आपको लगभग 70 फीसदी लोन मिल जाएगा और आपको लगभग 5 लाख रुपए का इंतजाम करना होगा।

आज हम आपको इस बिजनेस के बारे में विस्‍तार से बताएंगे ओर यह भी जानकारी देंगे‍ कि इस बिजनेस को शुरू करके आप कैसे हर साल अच्‍छी कमाई कर सकते हैं।

यह है प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट

अगर आप दूध या दूध से बने प्रोडक्‍ट्स की यूनिट शुरू करना चाहते हैं तो आप फ्लेवर मिल्‍क, दही, बटर मिल्‍क और घी बनाकर बेच सकते हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम द्वारा तैयार किए प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के मुताबिक आप लगभग 16 लाख 50 हजार रुपए से ऐसा एक प्रोजेक्‍ट तैयार कर सकते हैं। इसमें से आपको लगभग 5 लाख रुपए का इंतजाम करना पड़ेगा,

जबकि 70 फीसदी पैसा बैंक आपको मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन दे सकते हैं। इनमें टर्म लोन के तौर पर 7.5 लाख रुपए और वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर 4 लाख रुपए मिलेगा।

इन रॉ मैटीरियल की जरूरत पड़ेगी

इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक, आपको महीने में लगभग 12 हजार 500 लीटर कच्‍चा दूध लेना होगा, जबकि 1000 किलोग्राम शुगर खरीदना होगा। इसी तरह आपको 200 किलोग्राम फ्लेवर और 625 किलोग्राम स्‍पाइस और नमक का भी इंतजाम करना होगा। इन चीजों पर आपका हर महीने लगभग 4 लाख रुपए का खर्च आएगा।

कितने स्‍पेस की पड़ेगी जरूरत

अगर आप यह प्रोजेक्‍ट लगाना चाहते हैं तो आपको लगभग 1000 वर्ग फुट स्‍पेस की जरूरत पड़ेगी। लगभग 500 वर्ग फुट में आपको प्रोसेसिंग एरिया बनाना होगा। इस प्रोजेक्‍ट के लिए रेफ्रिजरेशन की बहुत जरूरत पड़ेगी।

इसलिए लगभग 150 वर्ग फुट में रेफ्रिजरेशन रूम बनाना होगा। वाशिंग एरिया 150 वर्ग फुट, ऑफिस स्‍पेस 100 वर्ग फुट और टॉयलेट जैसी सुविधा के लिए 100 वर्ग फुट स्‍पेस की जरूरत होगी।

 

कौन-कौन सी मशीनरी की पड़ेगी जरूरत

प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक, आपको क्रीम स्‍परेटर, पैकिंग मशीन, ऑटोक्‍लेव, बोतल कैपिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, फ्रीजर, केन कूलर, कॉपर बॉटम हीटिंग वेसल्‍स, स्‍टेनलेस स्‍टील स्‍टोरिंग वेसल्‍स, प्‍लास्टिक ट्रे, डिस्‍पेंसर, फिलर, साल्‍ट कंवेयर्स और सीलर्स आदि मशीनरी की जरूरत पड़ेगी।कितनी होगी आपकी टर्नओवर यदि आप प्रधानमंत्री मुद्रा स्‍कीम के प्रोफाइल इस प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के मुताबिक बिजनेस करते हैं

तो आप एक साल में लगभग 75 हजार लीटर फ्लेवर मिल्‍क सेल कर सकते हैं, इसके अलावा लगभग 36 हजार लीटर दही, बटर मिल्‍क 90 हजार लीटर और 4500 किलोग्राम घी बना कर सेल कर सकते हैं। इससे आप लगभग 82 लाख 50 हजार रुपए की टर्नओवर कर सकते हैं।

कितना होगा प्रॉफिट

यदि आप एक साल में 82 लाख 50 हजार रुपए की सेल करते हैं और आपका साल भर खर्च लगभग 74 लाख 40 हजार रुपए होगा, जिसमें कॉस्‍ट के साथ साथ लोन पर 14 फीसदी की दर से ब्‍याज भी शामिल होगा। इस तरह आपको एक साल में लगभग 8 लाख 10 हजार रुपए का नेट प्रॉफिट होगा।

1 लाख खर्च में 15 हजार हर महीने कमाई का मौका, शुरू करें ये काम

अगर आप सिर्फ 1 लाख रुपए में कोई ऐसा काम शुरू करने की सोच रहे हैं, जिसमें हर महीने 14 से 15 हजार रुपए तक आपकी बचत होती रहे तो यह रिपोर्ट आपके काम की हो सकती है। अगर आप 1 लाख रुपए निवेश करने को तैयार है तो सरकार आपको कारोबारी बनाने के लिए तैयार है।

1 लाख रुपए में आप मेटल से बनने वाले कुछ प्रोडक्ट बनाने की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं। इन प्रोडक्ट में कटलरी, हैंड टूल और एग्रीकल्चर में काम आने वाले कुछ टूल की मैन्युफैक्चरिंग की जा सकती है। इसके लिए आपके पास 300 से 500 वर्गफुट की जगह होनी चाहिए।

अगर नहीं है तो इसे आप रेंट पर भी ले सकते हैं। खास बात है कि डिनर टेबल पर कटलरी की डिमांड अच्छी खासी है। वहीं, घरों में काम आने वाले कई हैंड टूल हैं, जिनकी मार्केट काफी अच्छी है। रिपोर्ट में आपको बताएंगे कि यह बिजनेस कैसे शुरू कर सकते हैं।

सेट-अप में कितना खर्च

स्पेस या बिल्डिंग:अपना खुद का स्पेस हो या रेंट पर
मशीनरी पर खर्च: 1.5 लाख रुपए
मशीनरी: वेल्डिंग सेट, बफिंग मोटर, ड्रिलिंग मशीन, बेंच ग्रिंडर, हैंड ड्रिलिंग, हैंड ग्रिंडर, बेंच, पैनल बोर्ड व अन्य टूल्स
अन्य खर्च: 30 हजार रुपए
कुल खर्च: 1,80,000 रुपए

वर्किंग कैपिटल

रॉ मैटेरियल पर खर्च: 1,20,000 रुपए (2 माह के लिए रॉ मैटेरियल)
बिजनेस शुरू करते समय 2 महीने के लिए रॉ मैटेरियल होना जरूरी है, जिससे 100 फीसदी कैपेसिटी का इस्तेमाल हो सके।
इतने खर्च में हर महीने 40 हजार कटलरी, 20 हजार हैंड टूल और 20 हजार एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट तैयार हो सकेंगे।
रॉ मैटेरियल में स्टील, वेल्डिंग रॉड, हैंडल, एमएस आइटम सहित कुछ और मेटल जरूरी होंगे।

सैलरी व अन्य खर्च: 30 हजार रुपए प्रति माह
वर्किंग कैपिटल: 1,50,000 रुपए प्रति माह

बिजेनस शुरू करने में कितना होगा खर्च

कुल खर्च: 3.3 लाख रुपए
वर्किंग कैपिटल+सेट-अप पर खर्च
1.8 लाख+1.5 लाख= 3.3 लाख रुपए
खुद के पास से निवेश: 1.14 लाख रुपए
टर्म लोन: 1.26 लाख रुपए
वर्किंग कैपिटल लोन: 90 हजार रुपए

बिजनेस शुरू करने के लिए खुद के पास से सिर्फ 1 लाख 14 हजार रुपए निवेश करना होगा। बाकी खर्च के लिए सरकार मदद करेगी।

ऐसे होगा आपको प्रॉफिट

1.5 लाख वर्किंग कैपिटल में जितना प्रोडक्ट तैयार होगा, उस लिहाज से मंथली सेल 1 लाख 10 हजार रुपए हो सकती है।

मंथली सेल: 1,10,000 रुपए
प्रोडक्शन कास्ट: 91,833 रुपए
ग्रास प्रॉफिट: 18,167 रुपए
लोन की ब्याज दर पर खर्च: 2340 रुपए (13% प्रति माह )
इंसेंटिव का खर्च 1%: 1100 रुपए
नेट प्रॉफिट: 14427 रुपए मंथली (18167-(2340+1100)=14427)

मुद्रा योजना के तहत करें अप्लाई

इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी…
नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए।इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती। लोन का अमाउंट आसान किस्तों में लौटा सकते हैं।

80 हजार में शुरू हो जाएंगे ये 5 बिजनेस, महीने में होगी 40 हजार तक इनकम

ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों में आंत्रप्रेन्‍योरशिप की भावना पैदा करने के लिए मोदी सरकार मुद्रा योजना के तहत लोगों को बड़े पैमाने पर लोन दे रही है। इसके चलते बिजनेस करने के बहुत से मौके पैदा हो रहे हैं।

मुद्रा योजना में कुछ पैसा आपको लगाना होगा बाकी का पैसा सरकार मुहैया कराएगी।हम आपको कुछ ऐसे ही बिजनेस के बारे में बता रहे हैं, जिसके तहत 15 से 80 हजार रुपए लगाकर आप ठीकठाक बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इसमें आपको 15 से 40 हजार रुपए के बीच कमाई हो सकती है।

80 हजार रुपए में शुरू करें यह बिजनेस

  •  इन दिनों रेडीमेड गारमेंट के बिजनेस में बहुत स्‍कोप है और अगर आपके पास केवल 80 हजार रुपए हैं तो आप बाकी पैसा मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन लेकर अपना यह बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
  •  मुद्रा स्‍कीम के तहत आपको 1 लाख 10 हजार रुपए टर्म लोन और 2 लाख 25 हजार रुपए वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर मिल सकता है।
  • इस पैसे से आप छह मशीनें, छह मोटर और एक ओवरलॉक मशीन ले सकते हैं।
  • इसके अलावा वर्किंग टेबल, कटिंग टेबल, फाइबर स्‍टूल, स्‍टील अलमारी, स्‍टील रेक, आयरन बॉक्‍स पर लगभग 50 हजार रुपए खर्च होंगे।
  •  बिजनेस पूरी तरह शुरू होने के बाद आपको सालाना लगभग 5 लाख 30 हजार रुपए का प्रॉफिट होगा। यानी कि लगभग 44 हजार रुपए महीना कमाई हो सकती है।

85 हजार रुपए में शुरू करें बेकरी बिजनेस

  • आप मात्र 85 हजार रुपए में बेकरी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
  •  आप मु्द्रा स्‍कीम के तहत लगभग 2 लाख 95 हजार रुपए का टर्म लोन और एक लाख 50 हजार रुपए का वर्किंग कैपिटल लोन ले सकते हैं।
  • इस पैसे से किसी शहर में बेकरी प्रोडक्‍ट्स बनाने का काम शुरू कर सकते हैं।
  • इस बिजनेस में आप अपना सारा खर्च निकाल कर लगभग 4 लाख रुपए सालाना बचा सकते हैं। – यानी कि लगभग 34 हजार रुपए महीना कमा सकते हैं।

25 हजार रुपए में खोलें जनरल इंजीनियरिंग वर्कशॉप

  • अगर आपके पास 25 हजार रुपए हैं तो आप जनरल इंजीनियरिंग वर्कशॉप के साथ ही वेल्डिंग, मेटल वर्क का काम शुरू कर सकते हैं।
  • मुद्रा स्‍कीम के तहत आपको टर्म लोन के तौर पर 62 हजार रुपए और वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर लगभग 90 हजार रुपए का लोन मिल जाएगा।
  • इतना ही नहीं, डिस्ट्रिक्‍ट इंडस्‍ट्री सेंटर से 25 हजार रुपए मार्जिन मनी ग्रांट मिलेगी। इस तरह दो लाख रुपए से आप काम शुरू कर सकते हैं।
  • प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल के मुता‍बिक इस काम में सालाना 2 लाख 3 हजार रुपए का प्रॉफिट होगा, यानी कि लगभग 17 हजार रुपए की कमाई कर सकते हैं।

60 हजार रुपए में शुरू करें ब्‍यूटी पॉर्लर बिजनेस

  • अगर आप महिला हैं तो आपके लिए मात्र 60 हजार रुपए में बिजनेस शुरू करने का आसान मौका है। हालांकि अब पुरुष भी इस बिजनेस में तेजी से उतर रहे हैं।
  • हमारा आशय ब्‍यूटी पॉर्लर से है।
  • यह बिजनेस शुरू करने के लिए मुद्रा स्‍कीम से 1 लाख 85 हजार रुपए टर्म लोन और 54 हजार रुपए वर्किंग कैपिटल लोन मिल जाएगा।
  • इस तरह आप 3 लाख रुपए में आप पार्लर शुरू कर सकते हैं। मुद्रा स्‍कीम केे प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल बताते हैं कि आप यदि खुद पॉर्लर का काम करें तो सालाना 3 लाख 30 हजार रुपए कमा सकते हैं।

15 हजार रुपए में शुरू हो जाएगा सेनेटरी नैपकिन बिजनेस

  • अगर आपके पास सिर्फ 15 हजार रुपए हैं तो आप सेनेटरी नैपकिन बनाने की यूनिट शुरू कर सकते हैं।
  • इस प्रोजेक्‍ट पर आपका लगभग 1 लाख 50 हजार रुपए का इंवेस्‍टमेंट होगा और 1 लाख 35 हजार रुपए आपको मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन मिल जाएगा।
  •  मुद्रा स्‍कीम के तहत आप फिक्‍सड कैपिटल लोन के रूप में 73 हजार रुपए और वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर 57 हजार रुपए के लोन के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं।
  •  मुद्रा स्‍कीम की प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक यदि आप एक दिन में 1440 सेनेटरी नैपकिन तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन रखते हैं तो आप एक साल में 54000 पैकेट तैयार कर लेंगे।
  • अगर आप एक पैकेट की कीमत 13 रुपए रखते हैं तो आप साल भर में 7 लाख 2 हजार रुपए की सेल्‍स कर लेंगे।
  • इतनी सेल्‍स में सभी खर्चे निकालने के बाद आप कम से कम 1 लाख 80 हजार रुपए बचा सकते हैं।