राउंडअप का उपयोग करने वाले किसान को इस कारण मिलेगा 1,900 करोड़ रुपये का मुआवजा

अमरीका के सैन फ्रांसिस्को में एक माली ने एक बड़ी कंपनी के ख़िलाफ लगभग (1900 करोड़) 29 करोड़ डॉलर का मुकदमा जीत लिया है.डिवेन जॉनसन की ज़िंदगी में जीत की इस खुशी से पहले कैंसर आया जो उन्हें माली की नौकरी के दौरान हुआ.

कैंसर का पहला लक्षण दिखा लाल चकते के रूप में जो उनके लगभग 80 फ़ीसद शरीर में फैल गए थे. जॉनसन तब 42 साल के थे. साल 2012 में बेनिसिया के स्कूलों में माली का काम करने के दौरान उन्होंने पौधों में साल भर खरपतवार नाशक दवा लगाई. ये दवा थी- राउंडअप एंड रेंजर प्रो हर्बिसाइड जिसे मोन्सेंटो कंपनी बनाती है.

साल 2014 में पता चला कि उन्हें हॉजकिन लिम्फ़ोमा कैंसर है. कंपनी मोन्सेंटो के ख़िलाफ़ मुक़दमे के लिए उन्होंने साल 2015 में तैयारी शुरू की. जॉनसन का दावा इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के शोध पर आधारित था

जिसमें राउंडअप हर्बिसाइड को कैंसर का कारण बताया गया है. इस हर्बिसाइड में ग्लाइफोसेट होता है जो कैंसर पैदा कर सकता है. ये एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन से संबद्ध है.

खुशखबरी ! अब किराए पर मिलेंगे iPhone X और Samsung Galaxy Note 8 जैसे महंगे फोन, प्रति महीना देना होगा इतना किराया

अगर आप ब्रांडेड महंगे फोन के शौकीन हैं, लेकिन पैसे की कमी के कारण इसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. इन फोन्स को अब आप किराए पर लेकर अपना शौक पूरा कर सकते हैं.

ऐपल, गूगल और सैमसंग जैसी कंपनियों ने रेंट पर मोबाइल फोन मुहैया कराने के लिए रेंटिंग प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो के साथ समझौता किया है. मोबाइल पर किराया 2100 रुपये से 9300 रुपये तक है और यह मॉडल और ब्रांड पर निर्भर है. उपयोगकर्ताओं को 6, 12, 18 और 24 महीने की अवधि के अंत में इन फोन को खरीदने का भी विकल्प होगा.

ऐपल के आईफोन एक्स और 8, सैमसंग गैलेक्सी एस-9, नोट 8 और गूगल पिक्सल 12 जैसे हैंडसेट मासिक किराये की सुविधा पर मुहैया कराए जा रहे हैं. अगर कोई ग्राहक आईफोन एक्स लेता है तो 12 महीने के लिए ईएमआई लगभग 8,000 रुपये होगी. लेकिन रेंटोमोजो इसे 5,000 रुपये के मासिक किराये पर उपलब्ध करा रही है जिससे ग्राहक हर महीने 3000 रुपये की बचत कर सकता.

उपयोगकर्ता या तो किराया अवधि के अंत में फोन लौटा सकता है या फिर बकाया रकम चुकाकर इसे खरीद सकता है. हालांकि यह बकाया रकम मोबाइल की अग्रिम कीमत की तुलना में 5-10 प्रतिशत अधिक होगी.

ये हैंडसेट किसी तरह के नुकसान की आशंका से बचने के लिए स्क्रीन गार्ड और बैक कवर के साथ उपलब्ध होंगे. बेंगलूरु स्थित स्टार्टअप ने गूगल, ऐपल और सैमसंग के साथ समझौता किया है जिसके फोन में किसी तरह की निर्माण संबंधी खामी को दूर किया जाएगा. हालांकि किसी बड़ी खराबी की स्थिति में उपयोगकर्ता को अनुबंध के तहत रकम चुकानी होगी.

प्राइसवाटरहाउसकूपर्स के अनुसार, वर्ष 2025 तक साझा अर्थव्यवस्था का बाजार वैश्विक रूप से 335 अरब डॉलर का होगा. मोबाइल फोन ब्रांडों द्वारा हर साल फोन के नए मॉडल पेश किए जाने और नए फीचर जोड़े जाने से लगभग 55 प्रतिशत शहरी लोग हर 6 महीने में अपने फोन बदल रहे हैं.

पदार्थो की शुद्धता जांचने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, मिलावट मिले तो इस नंबर पर करें वॉट्सऐप

आप और हम रोजमर्रा में जिन खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं, उनकी शुद्धता की जांच अपने ही घर पर खुद कर सकते हैं। इसके लिए किसी लैब टेस्ट की जरूरत नहीं है।

फूड सेफ्टी स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डिटेक्ट एडल्ट्रेशन विथ रैपिड टेस्ट बुकलेट में 41 पदार्थों के टेस्ट बताए हैं। मिलावटी पाए जाने पर उपभोक्ता एफएसएसएआई को मोबाइल नंबर 09868686868 पर वॉट्सएप कर सकते हैं।

आपका किचन ही आपकी फूड लैब

दूध में डिटर्जेंट… 

  • 10 मिली सैंपल लेकर इसे इतनी ही मात्रा में लिए गए पानी में
    मिलाएं।
  • इसे अच्छी तरह मिलाएं।
  • यदि दूध में डिटर्जेंट मिला होगा तो मिश्रण से गाढ़ा झाग उठेगा।
  • शुद्ध दूध में हल्का झाग बनता है।

शक्कर में चॉक पाउडर… 

  • कांच के ग्लास में पानी लें
  • इसमें सैंपल के रूप में 10 ग्राम शक्कर को अच्छी तरह घोल लें।
  • अच्छी तरह घोलने के बाद भी ग्लास की सतह पर कुछ जमा हुआ दिखे तो यह चॉक पाउडर ही है।

हींग में सोप स्टोन… 

  • कांच के ग्लास में पानी भरकर हींग मिलाएं।
  • इसे अच्छी तरह मिलाकर छोड़ दें। ताकि पानी स्थिर हो जाएं।
  • यदि हींग में सोप स्टोन या मिट्टी की मिलावट होगी वह सतह पर नजर आ जाएगी

घी व बटर में मैश किए हुए आलू … 

  • पारदर्शी बाउल में आधा चम्मच घी या बटर लें।
  • इसमें दो से तीन बूंद आयोडीन का टिंचर डालें।
  • कुछ ही देर में यदि घी या बटर का रंग नीला हो जाए तो समझिए इसमें मैश्ड आलू या स्वीट आलू मिले हैं।

अनाज में रंगों की मिलावट… 

  • कांच के ग्लास में पानी भरें।
  •  दो बड़े चम्मच अनाज इसमें डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
  •  शुद्ध अनाज कलर नहीं छोड़ेगा।
  • यदि इसमें एडेड कलर होंगे तो तुरंत पानी का रंग बदल जाएगा।

हल्दी पाउडर में क्रत्रिम कलर… 

  • कांच के ग्लास में बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर डालें।अच्छी तरह मिलाएं।
  • शुद्ध प्राकृतिक हल्दी पाउडर होगा तो हल्का पीला रंग दिखेगा। मिलावटी होने पर पानी का रंग गहरा पीला हो जाएगा।

कॉफी पाउडर में चिकनी मिट्टी…

  • कांच के ग्लास में पानी लेकर आधी बड़ी चम्मच कॉफी पाउडर लें।
  • एक मिनट के लिए इसे घोलें और 5 मिनट के लिए स्थिर छोड़ दें।
  • मिलावटी होने पर चिकनी मिट्टी के कण तह में जमा हो जाएंगे।

दूध में पानी… 

  • दूध की बूंद हल्की ढलान वाली सतह पर डालें।
  • शुद्ध दूध या तो स्थिर रहेगा या फिर पीछे हल्की सफेद पूंछ छोड़ते हुए धीरे से बहेगा।
  • मिलावटी होने पर यह बिना कोई निशान छोड़ते हुए तेजी से बहेगा।

शहद में चाशनी… 

  • कांच के पारदर्शी ग्लास में पानी लें।
  •  पानी के इस ग्लास में एक बूंद शहद डालें।
  • शुद्ध शहद पानी में बिल्कुल फैलता नहीं है।
  • शक्कर या चाशनी मिली होने पर यह तुरंत पानी में फैल जाता है।

सेब पर मोम की पॉलिश… 

  • सेब लें और उसकी सतह हो चाकू से खुरचें।
  • यदि इस सेब फल पर मोम की पॉलिश होगी तो खुरचने पर यह सतह पर उभर आएगी।
  • इस तरह आप पॉलिश किए हुए सेब की पहचान कर सकते हैं।

15 अगस्त को लॉन्च होगी 600 चैनल वाली जियो गीगाफाइबर सर्विस,जाने सभी डाटा प्लान्स

जियो गीगाफाइबर के रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त से शुरू होने जा रहे हैं। इंटरेस्टेट यूजर माय जियो ऐप के साथ ही जियो डॉटकॉम के जरिए भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रिलायंस जियो ने अपनी फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विस को जियो गीगाफाइबर नाम दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो गीगाफाइबर के प्लान 500 रुपए प्रतिमाह से शुरू हो सकते हैं। यह मौजूदा सर्विस प्रोवाइड से सीधा-सीधा 50 परसेंट कम होगा। इसी साल रिलायंस जियो ने हाई-स्पीड फाइबर टू होम (FTTH) ब्रॉडबैंड सर्विस अनाउंस की थी। इसके साथ में जियोगीगा टीवी सेटटॉप बॉक्स भी आएगा।

कंपनी ने अभी तक प्लांस को लेकर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये प्लान कंपनी लांच कर सकती है….

  • 500 रुपए वाले प्लान में 50 एमबीपीएस स्पीड से 300 जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी वैलिडिटी 30 दिनों की होगी।
  • 750 रुपए में 50 एमबीपीएस की स्पीड से 450जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी लिमिट भी 30 दिनों की होगी।
  • 999 रुपए में 100 एमबीपीएस स्पीड के साथ 600जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी वैलिडिटी भी 30 दिनों की होगी।
  • 1299 रुपए में 100 एमबीपीएस स्पीड के साथ 750जीबी तक डाटा मिलेगा। वैलिडिटी 30 दिनों की होगी।
  • 1500 रुपए में 150 एमबीपीएस की स्पीड से 900 जीबी तक डाटा मिलेगा। इसकी वैलिडिटी भी 30 दिनों की होगी।

अभी कितना लग रहा चार्ज

  • अभी केबल ऑपरेटर्स 100जीबी डाटा 100Mbps की स्पीड से 700 से 1 हजार रुपए में अवेलेबल करवा रहे हैं। इसके अलावा टीवी सर्विसेज के 250 से 300 रुपए एडिशनल चार्ज किए जाते हैं। इतना डाटा जियो 50 परसेंट कम में अवेलेबल करवा सकता है।
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी होम ब्रॉडबैंड का प्राइस मौजूदा 4G मोबाइल रेट से 25 से 30 परसेंट तक कम रख सकती है।

कनेक्शन फ्री दिया जाएगा

जियो गीगाफाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन फ्री में दिया जाएगा। हालांकि कंपनी इसके लिए इंस्टॉलेशन चार्ज ले सकती है। इस सर्विस को छोड़ने वाले ग्राहकों को पूरा पैसा रिफंड दिया जाएगा। कंपनी 3 महीने फ्री में सर्विस उपलब्ध करवाने की तैयारी में है। जियो गीगाफाइबर के साथ डीटीएच कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें यूजर्स को स्मार्ट होम की सुविधा मिलेगी।

कस्टमर्स को दो सर्विसेज दी जाएंगी

  • जियो गीगाफाइबर के तहत दो सर्विसेज कस्टमर्स को दी जाएंगी। जियो गीगाफाइबर राउटर और जियो गीगाटीवी सेटटॉप बॉक्स।
  • जियो गीगाफाइबर राउटर से कस्टमर्स इंटरनेट सर्विसेज का यूज कर पाएंगे। यह मल्टीपल डिवाइसेज पर काम करेगा। इसमें 1जीबीपीएस तक की स्पीड मिलेगी।
    सेटटॉप बॉक्स टेलीविजन सर्विसेज के लिए होगा।
  • जियो ने अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग में अनाउंस किया था कि ब्रॉडबैंड सर्विस के जरिए यूजर्स टेलीविजन पर वीडियो कॉल भी कर सकेंगे।

रजिस्ट्रेशन कैसे होगा

आप MyJio app और Jio.com में से कहीं भी जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की कोई फीस नहीं है।

कितना चार्ज लगेगा

प्राइस को लेकर कंपनी की ओर से अभी तक कोई खुलासा नहीं किया गया है लेकिन 4500 रुपए का डिपॉजिट इंस्टॉलेशन के समय जमा करवाने की चर्चा है। यह रिफंडेबल होगा।

किन शहरों में कनेक्शन दिए जाएंगे

रजिस्ट्रेशन फिलहाल 1100 शहरों के लिए होगा। जिस शहर में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन होंगे, वहां पर सबसे पहले कनेक्शन दिए जाएंगे।

सावधान! 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई,जल्दी आएगा नया कानून

देश की बढ़ती हुई आबादी के मद्देनजर जनसंख्या नियंत्रण की एक कारगार नीति की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही है। हालांकि, अभी तक देश में लोकतंत्र का हवाला देकर हम कोई सख्त जनसंख्या कंट्रोल नीति नहीं बना पाएं हैं। लेकिन लगता है कि अब मामला बदल रहा है और जनसंख्या पर हमको जल्द ही एक सख्त कानून देखने को मिल सकता है।

देश में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर 125 सांसदों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर एक सख्त कानून बनाने की मांग की है। भाजपा समेत टीडीपी, शिवसेना और अन्य दलों के सांसदों ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा है। सांसदों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर जनसंख्या नियंत्रण पर कानून के मुद्दे पर चर्चा की थी।

ज्ञापन के मुताबिक, अगर कोई भी माता-पिता तीसरा बच्चा पैदा करते हैं तो उनपर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्हें सरकारी नौकरी भी न दी जाए। इसके साथ ही तीसरे बच्चे को पैदा करने वाले अभिभावक से वोटिंग का अधिकार छीन लिया जाए। जाति धर्म से ऊपर उठकर यह कानून सभी देशवासियों पर लागू हो।

एक ऐसे समय में, जब साल 2050 तक भारत की आबादी लगभग 56% तक बढ़ जाने की सरकारी रिपोर्ट आई है, देश को वास्तव में इस तरह के कानून की जरूरत है। हालांकि लोकतंत्र में ऐसे कानून बनाए जाने अासान नहीं होते। इसलिए ये कानून बनता है या नहीं ये भविष्य में देखने वाली बात होगी। इसमें कोई शक नहीं की अब जनसंख्या नियंत्रण पर सख्त कानून बनाने का समय आ चुका है।

अगर SBI में है आप का खाता तो बैंक लाया है आपके लिए ख़ुशख़बरी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने लाखों खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। अब 50 हजार से अधिक कैश जमा करने पर बार-बार पैन (स्थायी खाता संख्या) की कॉपी या विवरण नहीं देना पड़ेगा। इसके अलावा यदि किसी खाताधारक के खाते में कोई दूसरा व्यक्ति (थर्ड पार्टी) कैश जमा कर रहा है और उसका पैन नहीं है तो उसकी खाता संख्या को आधार मानकर कैश जमा कर लिया जाएगा।

हालांकि इसके लिए उसका खाता एसबीआई की किसी भी शाखा में होना और खाताधारक का नो योर कस्टमर (केवाईसी) पूरा होना जरूरी है। इस संबंध में एसबीआई मुख्यालय ने बैंक शाखाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं। शहर में एसबीआई के करीब 12 लाख से अधिक खाताधारक हैं।

जुलाई के अंतिम सप्ताह में एसबीआई के एमडी रिटेल और डिजिटल बैंकिंग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि मौजूदा समय में 50 हजार रुपये (एक दिन में) कैश जमा करने पर खाताधारक को अपने पैन की कॉपी बैंक में जमा करनी होती थी। पैन न होने पर फार्म 60 (एक प्रकार का घोषणा पत्र) जमा करना पड़ता था। इसके बाद ही कैश जमा किया जाता था।

अब इस व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया गया है। अब पैन या फार्म 60 के बिना भी कैश जमा किया जा सकता है। हालांकि उसकी सभी केवाईसी पूरी होना जरूरी है। सूत्रों ने बताया कि यह देखने में आया कि तमाम लोग बैंक में 50 हजार से अधिक कैश जमा तो करने आते हैं लेकिन पैन साथ में नहीं लाते हैं या फिर उनके पास पैन होता नहीं है। इसके बाद फार्म 60 के लिए भी संबंधित खाताधारक को परेशानी होती है। इसी को देखते हुए नई व्यवस्था की गई है।

थर्ड पार्टी कैश जमा करने के लिए खाता संख्या ही काफी

सूत्रों ने बताया कि थर्ड पार्टी कैश जमा करने मामले में एसबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था में खाता ही पैन का काम करेगा। ऐसा होने से कैश लेनदेन करने वालों को आसानी होगी। पैन का नंबर भूल जाने पर उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। उसी दिन कैश जमा हो सकेगा।

अगर बिज़नेस शुरू करने से पहले नहीं किये यह 7 काम तो हो जाओगे फेल

अगर आप बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, लेकिन बिजनेस फेल होने का डर सता रहा है तो इन 7 टिप्‍स के बारे में अवश्‍य जान लें। इन्हें फॉलो करने के बाद आपका बिजनेस फेल नहीं होगा।

छोटे कारोबारियों की सहूलियत के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया ( SIBDI) ने येे टिप्‍स तैयार किए हैं। यदि आप बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो इन टिप्‍स का ख्‍याल रखें और बिजनेस शुरू करने से पहले ये काम अवश्‍य कर लें।

बिजनेस प्‍लान बनाएं

SIBDI के मुताबिक, अगर आपने बिजनेस तो शुरू कर दिया है, लेकिन बिजनेस प्‍लान नहीं बनाया है तो आपका बिजनेस ज्‍यादा दिन नहीं चलने वाला। आप यह तो प्‍लान कर लेते हैं कि फंड कहां से आएगा और क्‍या बिजनेस करेंगे, लेकिन यह प्‍लान नहीं करते हैं कि बिजनेस आगे चलेगा कैसे।

प्‍लान करने से पहले आपको मार्केट सर्वे से लेकर उन लोगों से बातचीत करनी चाहिए, जो यह बिजनेस छोड़ चुके हैं या उनका बिजनेस फेल हो चुका है। बिजनेस के भविष्‍य पर गहनता से विचार करना चाहिए।

पहले करें ऑपरेटिंग फंड का इंतजाम

SIBDI के मुताबिक, जब भी हम बिजनेस शुरू करते हैं तो सबसे पहले यह प्‍लान करते हैं कि पैसा कहां से आएगा। लेकिन उस वक्‍त हम कैपिटल मनी के बारे में ही सोचते हैं, लेकिन ऑपरेटिंग फंड के बारे में नहीं सोचते। ऑपरेटिंग फंड से आशय बिजनेस को चलाने के लिए जरूरी फंड से है।

इसलिए हमें कैपिटल मनी के साथ साथ ऑपरेटिंग फंड का इंतजाम अवश्‍य करना चाहिए। जैसे कि हमें इतना पैसे का इंतजाम जरूर करना चाहिए, जिससे बिना किसी रिफंड के भी हम अपना प्रोडक्‍शन या सर्विसेज को चालू रख सकें।

जानें, कॉम्पिटीटर की ताकत

अगर आप बिजनेस शुरू करते हैं तो आप अपने हिसाब से प्‍लानिंग कर लेते हैं, लेकिन आप यह नहीं देखते कि जिस ट्रेड में आप जाना चाहते हैं, उस ट्रेड में पहले से काम करने वाले कॉम्पिटीटर्स की ताकत क्‍या है। उनकी संख्‍या कितनी है।

आपके बिजनेस उन्‍हें क्‍या प्रभाव पड़ेगा और वे आपका बिजनेस फेल करने के लिए क्‍या कदम उठा सकते हैं। SIBDI के मुताबिक, सबसे पहले अपने कॉम्पिटीटर की ताकत को पहचानें, जिसके बाद ही अपनी प्‍लानिंग तैयार करें, ताकि आप कपने कॉम्पिटीटर से मजबूत होकर अपना बिजनेस शुरू कर सकें।

एक्‍सपर्ट का अभाव

जब भी अपना नया बिजनेस शुरू करने जा रहे थे तो आप सबसे पहले यह जानने की कोशिश करते हैं कि आजकल कौन सा बिजनेस चल रहा है और किस बिजनेस में प्रॉफिट अधिक है। इसके बाद आप उस बिजनेस को करने की योजना तैयार करते हैं, लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए।

बल्कि सबसे पहले आपको अपनी कैपेसिटी का अंदाजा लगाना चाहिए। आपको वह बिजनेस शुरू करना चाहिए, जिसमें आपका एक्‍सपर्टाइज हो, जैसे कि आप किसी सेक्‍टर में जॉब कर रहे हैं तो आपको उसी सेक्‍टर में बिजनेस करना चाहिए, इसे जॉब के दौरान का आपका एक्‍सपीरियंस काफी काम आएगा।

लोकेशन की पहचान

कई सरकारी व गैर सरकारी आंकड़े बताते हैं कि बिजनेस फेल होने का एक बड़ा कारण बिजनेस का लोकेशन होता है। यह बेहद जरूरी है कि आप जहां अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं, वहां का लोकेशन कैसा है। लोकेशन आपके बिजनेस के नेचर के हिसाब से सही है या नहीं।

सरकार कई इलाकों में बिजनेस का प्रमोट करने के लिए टैक्‍स बेनिफिट सहित कई इन्‍सेंटिव देती है। आप भी इन इन्‍सेंटिव का फायदा उठा सकते हैं। वहीं, यह भी जानना जरूरी है कि आपके बिजनेस लोकेशन के आसपास का बेसिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर जैसे बिजली, पानी, सड़क, सीवर की क्‍या स्थिति है।

जांच लें आगे बढ़ने की संभावना

कई बिजनेस इसलिए फेल हो जाते हैं, क्‍योंकि उनके पास बिजनेस एक्‍सपेंशन की कैपेसिटी नहीं होती। आपको भी यह बात ध्‍यान रखनी चाहिए कि पहले ही यह पड़ताल कर लें कि बिजनेस चलने के बाद उसके एक्‍सपेंशन की कैपेसिटी आपमें है या नहीं।

आप समय रहते अपने बिजनेस को एक्‍सपेंड नहीं करते हैं या उसे अपडेट नहीं रखते, जैसे कि उसे टेक्‍नोलॉजी या आईटी बेस्‍ड नहीं बनाते हैं तो आप दूसरों से पिछड़ सकते हैं और एक दिन आपका बिजनेस फेल हो सकता है।

फ्री में करें पब्लिसिटी

कई लोग बिजनेस शुरू तो कर देते हैं, लेकिन उसका प्रचार सही तरीके से नहीं कर पाते। पहले के जमाने में प्रचार करना काफी महंगा होता था, लेकिन आज के दौर में प्रचार करना काफी आसान है। डिजिटल के इस जमाने में लगभग हर घर में स्‍मार्ट फोन पहुंच चुका है और ज्‍यादातर लोग सोशल साइट्स पर हैं।

आप फेसबुक, व्‍हाट्स एप जैसे माध्‍यमों से अपना बिजनेस का प्रचार कर सकते हैं। आप अपनी वेबसाइट भी बना सकते हैं, जिससे आपके लिए अपने प्रोडक्‍ट्स और सर्विसेज के बारे में लोगों को बताना बहुत आसान हो जाएगा।

क्या तुम्हारे फोन में सेव यह नंबर चुरा रहा है आपके फ़ोन का डाटा

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने रविवार को कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने गूगल की एक भूल का दुरुपयोग कर आधार की छवि खराब करने और लोगों के बीच भय फैलाने का प्रयास किया है. प्राधिकरण का कहना है कि किसी फोन के कॉन्‍टैक्ट की सूची में दर्ज नंबर के जरिये उस फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती हैं.

प्राधिकरण ने कहा कि गूगल की एक गलती से उसका (प्राधिकरण का) पुराना हेल्पलाइन नंबर 18003001947 कई मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की कॉन्‍टैक्ट सूची में आ गया था. अफवाह फैलाने वालों ने उसी को लेकर आधार की छवि खराब करने की कोशिश की. प्राधिकरण ने बयान में कहा कि वह ऐसे निहित स्वार्थी तत्वों के प्रयास की ‘निंदा’ करता है जिन्होंने गूगल की एक ‘भूल’ का दुरुपयोग आधार के खिलाफ अफवाह फैलाने के लिए किया.

प्राधिकरण ने कहा है कि कॉन्‍टैक्ट सूची में किसी हेल्पलाइन नंबर से किसी फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती ‘‘इसलिये इस नंबर को मिटाने में कोई डर नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे कोई नुकसान नहीं है. यदि लोग चाहते हैं तो वे उसकी जगह यूआईएडीआई के नये हेल्पलाइन नंबर 1947 को रख सकते हैं.’’

उल्लेखनीय है कि फ्रांस का साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ होने का दावा करने वाले एक ट्विटर यूजर ने पिछले सप्ताह ट्वीट कर इस अफवाह को जन्म दिया था. उसने प्राधिकरण को संबोधित करते हुए इस ट्वीट में कहा था, ‘‘अलग-अलग मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के ग्राहक जिनके पास आधार कार्ड है या नहीं और जिन्होंने एमआधार एप का इस्तेमाल भी नहीं किया है, उनके भी फोन की कॉन्‍टैक्ट सूची में आपका हेल्पलाइन नंबर उन्हें बताये बिना क्यों दर्ज कर दिया गया है?’’

टिप्पणियां इसके बाद सोशल मीडिया पर आधार के खिलाफ अफवाहों का दौर चलने लगा था जिसके कारण सरकार भी हरकत में आयी और गूगल को बयान जारी कर अपनी भूल माननी पड़ी.

यह 478 रु का LED बलब बिजली जाने पर भी देता है चार घंटे रोशनी, दो साल की वारंटी के साथ यहां से खरीदें

इंडियन मार्केट में अब ऐसे LED बल्ब भी मौजूद हैं, जो लाइट जाने के बाद भी घर में रोशनी करते रहेंगे। जी हां, इन्हें LED इनवर्टर बल्ब कहा जाता है। इन्हें AC और DC दोनों पर यूज कर सकते हैं।

इन बल्ब को अब कई कंपनियां बना रही हैं। वे इन पर 2 साल तक की वारंटी भी देती हैं। ये बल्ब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं। इसकी कीमत 299 रुपए से शुरू हो जाती है।

4 घंटे तक जलेगा बल्ब

पावर सॉल्यूशन कंपनी Su-Kam भी LED इनवर्टर बल्ब बना रही है। उसका दावा है कि लाइट जाने के बाद भी ये बल्ब 4 घंटे तक नॉन-स्टॉप जलता रहता है। इतना ही नहीं, ये डायरेक्ट बंद नहीं होता, बल्कि इसकी रोशनी कम होती जाती है।

लाइट जाने के ये माइक्रो सेकंड में ऑन हो जाता है। इन बल्ब में रिचार्जेबल बैटरी होती है, जो चार्ज होती रहती है। फुल चार्ज होने के बाद ये ऑटो कट हो जाती है। ऐसे बल्ब में 3 अलग-अगग मोड दिए होते हैं।

इनवर्टर LED बल्ब के मोड

Mode 1 : इसे होल्डर में फिक्स कर दिया जाता है, जहां ये चार्ज होता रहता है। लाइट जाने पर ये ऑटो ऑन हो जाता है।
Mode 2 : इसे होल्डर में लगाकर स्विच से चार्जिंग आउटपुट बंद कर सकते हैं। यानी बैटरी की मदद से इसका बैकअप मिलेगा।
Mode 3 : ये चार्ज होगा, लेकिन लाइट जाने पर ऑन नहीं होगा। यानी आप इस अपनी मर्जी से ऑन कर पाएंगे।

यह बल्ब बज़ार में आसानी से मिल सकता है और इसको आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हो । ऑनलाइन खरीदने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें

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बेरोजगारों को 1000 रुपए प्रति महीने भत्ता देगा ये राज्य, जानिए स्कीम

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ा दांव चला है।

गुरुवार को कैबनिट मीटिंग में फैसला लिया गया कि राज्य में मौजूद बेरोजगारों को सरकार 1000 रूपए प्रति महीना देगी।

‘मुख्यमंत्री युवा नेस्तम’ नाम की इस योजना की जानकारी आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने दी।
उन्होंने कहा कि ‘योजना के तहत यह बेरोजगारी भत्ता उन लोगों को दिया जाएगा जिनके पास नौकरी नहीं है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु ने 2014 के चुनावी प्रचार में इस योजना को लाने की बात कही थी लेकिन अब सरकार इसे जल्द लागू करेगी।

मीडिया में जारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, 22 से 35 साल के युवाओं को यह भत्ता दिया जाएगा।