जानिए कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कैसे दर्ज कराएं…

आप अपने लिए या अपने घर के लिए कोई न कोई सामान लेते ही होंगे. जैसे कपड़ों से लेकर कई अन्य चीजें, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपको कोई चीज खराब या घटिया क्वालिटी की दे दी जाती हैं. इसके बाद जब आप उसे वापस करने जाते हैं तो कंपनी उसे लेने से मना करती है. ऐसी हालत में आप कंज्यूमर कोर्ट का सहारा ले सकते हैं.

जीहां उपभोक्ता अपने हितों की रक्षा के लिए कंज्यूमर कोर्ट को सहारा ले सकता है, जिसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत बनाया गया है.

हालांकि हमारे पास कुछ कानून हैं तो कुछ हद तक उपभोक्ताओं की रक्षा करते हैं, जोकि निम्नलिखित हैं.

  • भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872
  • वस्तुओं की ब्रिक्री अधिनियम, 1936
  • खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006
  • वजन और माप अधिनियम, 1976
  • खतरनाक ड्रग्स एक्ट, 1952
  • कृषि उत्पाद अधिनियम, 1937
  • भारतीय मानक संस्थान (ISI) अधिनियम, 1952

आपको बता दें कि इन कानूनों में सिविल सूट दाखिल करना बहुत महंगा पड़ता है और निर्णय आने में समय भी लगता है. इसलिए इस समस्या के समाधान के रूप मे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को बनाया गया.

  • उपभोक्ता वह है, जिसने रुपयों का भुगतान कर कुछ खरीदा हो.
  • एक व्यक्ति जिसने खुद कोई सामान खरीदा नहीं है, लेकिन खरीदार की अनुमति के सामान का उपयोग करता है.
  • जो व्यक्ति सामान को बेचने के उद्देश्य से खरीदता है.
  • स्वरोजगार के लिए सामान खरीदने वाला व्यक्ति भी उपभोक्ता है.
  • वह व्यक्ति जो कि वस्तु या सेवा का लाभार्थी हो.
  • मृतक उपभोक्ता के कानूनी वारिस
  • उपभोक्ता के पति या पत्नी
  • उपभोक्ता के रिश्तेदार
  • सबसे पहले आप फोरम के न्यायक्षेत्र की पहचान कर लें, जहां शिकायत दर्ज करनी है. इसका निर्धारण करने के दो तरीके हैं.
  • वस्तु या सेवा प्रदाता की दुकान या सेंटर किश क्षेत्र में है.
  • वस्तु या सेवा की कीमत कितनी है.

इसके आधार पर उपभोक्ता मंचों का आर्थिक क्षेत्राधिकार इस प्रकार है

  • जिला मंच – 20 लाख रुपये तक का केस
  • राज्य आयोग – 20 लाख से 1 करोड़ तक का केस
  • राष्ट्रीय आयोग – 1 करोड़ से अधिक का केस
  • आपको अपने केस के अनुसार, जिला फोरम, राज्य फोरम और राष्ट्रीय आयोग के समक्ष अपनी शिकायत के साथ एक निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा.
  • इसके बाद आपको अपनी शिकायत का ड्राफ्ट तैयार करना होगा, जिसमें य बताना जरूरी है कि आप केस क्यों दाखिल करना चाहते हैं.
  • इस शिकायत में बताएं कि मामला इस मंच या फोरम के क्षेत्राधिकार में कैसे आता है.
  • शिकायच पत्र में अंत में आपको अपने हस्ताक्षर करने जरूरी है. अगर आप किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो शिकायत पत्र के साथ एक प्राधिकरण पत्र लगाना होगा.
  • शिकायतकर्ता का नाम, पता, शिकायत का विषय, विपक्षी या पार्टिंयों के नाम, उत्पाद का विवरण, पता, क्षति पूर्ति राशि का दावा इत्यादि का उल्लेख करना न भूलें.

  • अपने आरोपों का समर्थन करने वाले सभी दस्तावेजों की प्रतियां, जैसे खरीदे गए सामान का बिल, वॉरंटी और गारंटी कार्ड, कंपनी या व्यापारी को की गई लिखित शिकायत और उत्पाद को सुधारने का अनुरोध करने के लिए व्यापारी को भेजे गए नोटिस की कॉपी भी लगाई जाएगी.
  • आप अपनी शिकायत में क्षतिपूर्ति के अलावा, धनवापसी, मुकदमेबाजी में आई लागत और ब्याज, उत्पाद की टूट-फूट और मरम्मत में आने वाली लागत का पूरा खर्चा मांग सकते हैं. ध्यान देने वाली बात ये है कि आपको इन सभी खर्चों को अलग-अलग मद में लिखना होगा.
  • अधिनियम में शिकायत करने की अवधि घटना घटने के बाद से 2 साल तक है. अगर शिकायत दाखिल करने में देरी हो तो इसके साथ देरी होने का कारण भी देना होता है.
  • आपको शिकायत के साथ एक हलफनामा दर्ज करने की जरूरत होगी कि शिकायच में बताए गए तथ्य सही हैं.
  • शिकायतकर्ता किसी भी वकील के बिना किसी व्यक्ति या उसके अपने अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा शिकायत पेश कर सकता है. शिकायत पंजीकृत डाक द्वारा भेजी जा सकती है. शिकायत की कम से कम 5 प्रतियों को फोरम में दाखिल करना होता है. इसके अलावा आपको विपरीत पक्ष के लिए अतिरिक्त प्रतियां भी जमा करनी होती हैं.

अब 2 मई से इस तरह बनेंगे आपके ड्राइविंग लाइसेंस

ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया 2 मई से ऑनलाइन शुरू हो जाएगी. अप्लीकेंट्स ऑनलाइन आवेदन के साथ ही फीस भी घर बैठे जमा कर सकेंगे. नई सुविधा के बाद मैनुअली आवेदन एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे. अप्लीकेंट्स को फोटो, सिग्नेचर, बर्थ और एड्रेस का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा. जिसके बाद लाइसेंस बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

समय और डेट चुनने का ऑप्शन

नई व्यवस्था के तहत अपनी सुविधा के मुताबिक, समय भी बुक कराया जा सकता है. अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के समय ही टेस्ट के लिए डेट भी फाइनल हो जाएगी. निर्धारित डेट और समय पर अप्लीकेंट्स आरटीओ जाकर थम्ब इम्प्रेशन, आई स्कैन सहित अन्य प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इससे एक फायदा यह होगा कि बेवजह अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. समय की बर्बादी नहीं होगी.

26 अप्रैल तक पेंडिंग काम पूरा करें

एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि वर्तमान काम सारथी-2 सॉफ्टवेयर पर हो रहा है. नई सुविधा सारथी-4 के तहत लोगों को मिलेगी. ऐसे में जिन लोगों के काम पेंडिंग पड़े हैं वह अपना काम 26 अप्रैल तक करा लें. अन्यथा पुराने सॉफ्टवेयर पर जमा फीस नए सॉफ्टवेयर पर मान्य नहीं होगी.

4 दिन तक नहीं होगा कोई काम

नई व्यवस्था शुरू करने से पहले सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए 27 अप्रैल से 1 मई तक आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा कोई काम नहीं होगा. लर्निग, परमानेंट लाइसेंस सहित अन्य कार्य बंद रहेगा.

लर्निग लाइसेंस फीस

  • 350 रुपए कार व बाइक दोनों का बनवाने पर.
  • 200 रुपए किसी एक का बनवाने पर.
  • 50 रुपए प्रति टेस्ट का यदि एक बार फेल होने पर दोबारा टेस्ट दे रहे हैं, तो.

परमानेंट लाइसेंस फीस

  • 700 रुपए कार या बाइक का लाइसेंस बनवाने पर.
  • 1,000 रुपए कार व बाइक दोनों का लाइसेंस बनवाने पर.

करेक्शन फीस

  • लर्निग में एक भी रुपए नहीं.
  • 400 रुपए परमानेंट लाइसेंस में.
  • 200 रुपए कार्ड और 200 रुपए करेक्शन फीस.
  • 150 से 200 लर्निग लाइसेंस रोजाना बनते हैं.
  • 100 से 125 परमानेंट लाइसेंस रोजाना बनते हैं.

अप्लीकेंट्स की सुविधा के लिए 2 मई से ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. आवेदन और फीस जमा करने के लिए लोगों को ऑफिस आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

बेटी के जन्म पर 11 हजार रु देगी ये कंपनी

देश में लिंग असमानता की खाई को भरने के लिए देश की सबसे बड़ी हेल्थकेयर नेटवर्क ऑक्सी भारत में पैदा होने वाली हर बेटी को 11 हजार रुपए देगी। कंपनी के मुताबिक, ऑक्सी गर्ल चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत रजिस्ट्रेशन कराने वाले पैरेंट्स को बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपए मिलेंगे। कंपनी बेटी के नाम पर इस रकम को फिक्स्ड डिपॉजिट करेगी। कंपनी का मकसद बेटियों को फाइनेंशियल रूप से स्वतंत्र बना है।

कंपनी ऐसे देती है ये रुपए

इस प्रोग्राम के तहत बेटी का जन्‍म होने के तुरंत बाद उसके नाम पर 11 हजार रुपए बैंक में जमा किए जाते हैं। कंपनी बेटी के नाम पर सेविंग्‍स अकाउंट खुलवाती है और उसमें पैसे जमा करवाती है। इन पैसों को बेटी 18 साल के होने पर निकाल सकती है। इसके अलावा कंपनी मां और बेटी के स्‍वास्‍थ्‍य की देखभाल करने की जिम्‍मेदारी भी लेती है।

ऐसे करें अप्‍लाई

ऑक्‍सी गर्ल डेवलपमेंट प्रोग्राम में इस बेनेफिट को हासिल करने के लिए मां को 3 महीने की प्रेग्‍नेंसी के दौरान ही खुद को रजिस्‍टर करना होगा। प्ले स्टोर पर मौजूद ऑक्सी हेल्थ ऐप पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। बेटी पैदा होने के बाद कंपनी नवजात के स्‍वास्‍थ्‍य की जांच कराएगी। इसके बाद बेटी के नाम पर 11 हजार रुपए बैंक अकाउंट खुलाकर उसमें जमा कर देगी जो आधार से लिंक होगा।

1500 शहरों में है कंपनी का नेटवर्क

1500 शहरों में ऑक्सी हेल्थकेयर के 2 लाख से ज्यादा सेंटर्स मौजूद हैं। 1.5 लाख हेल्थकेयर नेटवर्क पार्टनर्स के जरिए कंपनी फंड जुटाती है।

इन देशों की करेंसी इंडियन्स के लिए है सस्ती

डॉलर,पाउंड और यूरो जैसी मुद्राओं के मुकाबले भारतीय रुपए के कमजोर या मजबूत होने की खबर अक्‍सर देखते-सुनते हैं। हालांकि दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां की मुद्रा भारतीय रुपए के मुकाबले काफी कमजोर है। मतलब भारतीय कंरसी इन देशों के मुकाबले काफी महंगी है। इन देशों में घूमने के दौरान आपको करेंसी एक्सचेंज करने पर उनकी करेंसी के ज्यादा या लगभग बराबर नोट मिलेंगे। अधिकांश देशों में इन्फलेशन बहुत कम है या सामान्य है। आइए जानते हैं ऐसे देशों के बारे में..

थाईलैंड

2रुपए = एक थाई बाट

भारतीयों के बीच थाईलैंड का बैंकॉक शॉपिंग और घूमने के लिए सबसे ज्यादा फेमस है। थाईलैंड को टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है इसलिए यहां होटल सस्ते होटल से लेकर लग्जरी होटल मिल जाएंगे। थाईलैंड की करेंसी बाट ज्यादा महंगी नहीं है। इंडिया के 2 रुपए एक थाई बाट के बराबर है। यहां महंगाई नहीं होने के कारण यहां बजट में ब्यूटी प्रोडक्ट से लेकर बैग, कपड़े, शूज खरीद सकते हैं। यहां भारतीय रूपए में 125 रुपए से लेकर 500 रुपए में अच्छे बैग मिल जाएंगे। लेकिन यहां बारगेन करना न भूले।

श्रीलंका

1 रुपए = 2 श्रीलंकाई रुपए

भारतीयों के बीच घूमने के लिए श्रीलंका काफी फेमस है। श्रीलंका के बीच बहुत खूबसूरत हैं। यहां आपको एक रात के लिए बजट होटल और बेड एंड ब्रेकफास्ट टाइप अकमडेशन 800 रुपए से लेकर 4,000रुपए के बजट में आसानी से मिल जाएंगे। यहां ठहरने के कई विकल्प हैं और चार सितारा होटल भी अपने बजट के मुताबिक बुक कर सकते हैं। श्रीलंका की करेंसी ज्यादा महंगी नहीं है। इंडिया का 1 रुपए 2 श्रीलंकाई रुपए के बराबर है। यहां महंगाई अधिक नहीं है।

वियतनाम

1 रुपए = 332.70 वियतनाम डॉन्ग

वियतनाम बहूत खूबसूरत देश है। वियतनाम अपने खास व्‍यंजनों और मंदिरों के लिए फेसम है। वियतनाम में घूमना बहुत सस्ता है, क्योंकि वहां भारत का 1 रुपया 332.70 वियतनाम डॉन्ग (वियतनाम की करेंसी) के बराबर है। यहां इन्फलेशन है लेकिन इंडियन के लिए तब भी यहां घूमना सस्ता पड़ेगा।

भूटान

1 रुपए = 1 भूटानी रुपए

भारतीयों को भूटान जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरुरत नहीं है। यहां आप भारतीय आईडी प्रूफ के साथ ट्रैवल कर सकते हैं। यहां गेस्ट हाउस और बजट होटल 1,000 रुपए में भी मिल जाएंगे। भूटान में इंडियन करेंसी भी चल जाती है। यहां भारतीय नोट को शॉपिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे एक रुपए 1 भूटानी रुपए के बराबर हैं। यहां महंगाई अधिक नहीं है इसलिए यहां बजट में आसानी से शॉपिंग कर सकते हैं।

नेपाल

1 रुपए = 1.60 नेपाली रुपए

भारतीयों को नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरुरत नहीं है। यहां आप भारतीय आईडी प्रूफ के साथ ट्रैवल कर सकते हैं। यहां बजट होटल बजट होटल 1,000 रुपए से लेकर 3,500 रुपए में मिल जाएंगे। नेपाल घूमने में एक फायदा है कि वहां की करेंसी इंडिया के मुकाबले सस्ती है लेकिन यहां महंगाई है। नेपाल में इंडियन शॉपिंग कर सकते हैं लेकिन क्योंकि इंडिया और नेपाल में शॉपिंग करना प्राइस के मामले में लगभग एक जैसा है।

प्रधानमंत्री मोदी से करना है संपर्क तो अपनाएं ये तरीका…

आप सभी को पता होगा नरेंद्र मोदी हमारे देश के प्रधानमंत्री है और इनकी पूरी दुनिया फैन है. हर कोई आजकल नरेंद्र मोदी से पर्सनली मिलना चाहता है लेकिन बिज़ी शेड्यूल के वजह से वो सभी को टाइम नही दे सकते लेकिन इसमें आपको परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है मैं आज आपको बहुत ही सिंपल तरीका बताऊंगा

नरेंद्र मोदी से कांटेक्ट या संपर्क करने के लिए बस आपको हमारे बताए हुए स्टेप्स फॉलो करने है. आज हमने प्रधानमंत्री से कांटेक्ट या संपर्क करने के लिए टॉप 10 तरीके खोज निकले है और यह बिल्कुल फ्री तरीका है मतलब आपके जेब से कुछ नही जाने वाला. इसलिए दोस्तों चलिए जानते है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कांटेक्ट या संपर्क कैसे करे ?

नरेंद्र मोदी से कांटेक्ट या संपर्क :

अगर आप पुराने ज़माने की बात करे तो पहले प्रधानमंत्री से सीधे संपर्क करना पॉसिबल नही था और सिर्फ़ VIP लोग ही प्रधानमंत्री से कांटेक्ट या संपर्क कर सकते थे लेकिन आज के टाइम में टेक्नालजी इतनी आगे बढ़ गयी है की आप सीधा अपने देश के प्रधानमंत्री को सन्देश के जरिये अपने सुझाव पहुचा सकते हो.

अगर आपके साथ कोई कुछ ग़लत कर रहा है और उसके खिलाफ पुलिस कोई एक्शन नही ले रही तब भी आप नरेंद्र मोदी को कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो जिसमे हम आपकी पूरी मदद करेंगे. इस पोस्ट को लिखने का मेरा एक ही मकसद है की लोगो के मन में अगर कोई सवाल हो तो वो नरेंद्र मोदी को इस बारे में बता सके या फिर कोई प्रश्न जो उनके मन में हो वो उसका जबाब जान सके.

नरेंद्र मोदी ने लोगो को अपनी बात रखने के लिए पूरी छूट दी है और कोई भी इंसान चाहे वो ग़रीब हो या आमिर नरेंद्र मोदी से सीधे संपर्क कर सकता है. नरेंद्र से आप सोशल मीडीया के जरिये भी कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो क्यूकी वो सोशल मीडीया पर बहुत एक्टिव रहते है.

अगर आप चाहे तो नरेंद्र मोदी की अफीशियल साइट या मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये भी कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो वैसे और भी बहुत से तरीके है नरेंद्र मोदी से कांटेक्ट या संपर्क करने के जिसके बारे में आज मैं आप सभी को बताने वाला हू इसलिए इस पोस्ट को ध्यान से पढ़े और पूरा पढ़े अगर पसंद आए तो इसे शेयर भी करे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कांटेक्ट या संपर्क कैसे करे :

अफीशियल वेबसाइट:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आप उनके अफीशियल वेबसाइट http://pmindia.gov.in के जरिये भी कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो. आप जो भी संदेश सेंड करोगे वो सीधा नरेंद्र मोदी तक पहुचेगा. सो सबसे पहले आपको उनके अफीशियल साइट पर जाना है वहां पर अपना न्यू अकाउंट रजिस्टर करना है. अकाउंट रजिस्टर करने के बाद आप नरेंद्र मोदी से आसानी से कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर/कॉल/फैक्स कैसे करें :

अब आप नरेंद्र मोदी को लेटर के जरिये भी कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो. बस आपको करना यह है की जो भी आपके मन में सवाल या सुझाव हो उसे नीचे बताए हुए एड्रेस पर सेंड कर देना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डेली पूरे इंडिया से 2000+ लेटर प्राप्त होते है अब आप सोच सकते है की लोग किस हद तक नरेंद्र मोदी से कांटेक्ट या संपर्क करने के लिए बेताब है. सो अब आप भी अपना सुझाव इस एड्रेस पर सेंड कर सकते हो.

वेब इन्फर्मेशन मैनेजर
साउथ ब्लॉक, रैयसीना हिल
न्यू दिल्ली -110011
फोन नंबर: +91-11-23012312
फैक्स: +91-11-23019545, 23016857

नरेंद्र मोदी का मोबाइल एप्लीकेशन:

नरेंद्र मोदी ने खुद का अफीशियल एप्प लॉंच किया है जिसका नाम नरेंद्र मोदी है. आप इस एप्प से उनके लेटेस्ट न्यूज़, अप्डेट्स, ब्लॉग्स और बहुत कुछ उनसे रिलेटेड जान सकते हो. आप इस एप्प के जरिये डाइरेक्ट उनको ईमेल भी सेंड कर सकते हो और जो भी आपका सजेशन हो उन्हे बता सकते हो. नरेंद्र मोदी एप्लीकेशन आंड्राय्ड, आई-फ़ोन और विंडोस फोन के लिए अवेलबल है. इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए 18002090920 पर मिस्ड कॉल करे आपको अपने नंबर पर डाउनलोडिंग लिंक मिल जाएगा.

प्रधानमंत्री का फ़ेसबुक पेज:

फ़ेसबुक आजकल सभी यूज़ करते है आप सब में से भी बहुत से लोग फ़ेसबुक के बारे में जानते भी होंगे और आपको यह भी पता ही होगा की फ़ेसबुक कैसे यूज़ करे सो मुझे नही लगता इस बारे में आप सभी को बताने की ज़रूरत है. आप चाहे तो फ़ेसबुक के जरिये भी नरेंद्र मोदी को डाइरेक्ट कांटेक्ट या संपर्क कर सकते हो बस इसके लिए आपको करना यह है की उनके अफीशियल फ़ेसबुक पेज पर आपको अपना संदेश सेंड कर देना है आप चाहे तो अपना मेसेज उनके वॉल पर भी पोस्ट कर सकते हो.

फ़ेसबुक पेज https://www.facebook.com/narendramodi

ट्वीट ऑन ट्विटर:

प्रधानमंत्री नरेंद्र ट्विटर पर भी बहुत ज़्यादा एक्टिव रहते है और लोगो तक ट्वीट के ज़रिए अपने मेसेजस को पहुचते रहते है. आप भी चाहे तो नरेंद्र मोदी तक अपने मेसेजस ट्वीट के ज़रिए पहुचा सकते हो. पुराने रिकार्ड्स के आधार पर बहुत से लोगो को नरेंद्र मोदी ने रि-ट्वीट किया है सो आप भी एक बार ट्राइ कर सकते हो. ट्विटर पर उन्हे ट्वीट करने के लिए आप @PMOIndia या @Narendramodi मेंशन कर सकते हो आपका ट्वीट उन तक पहुच जाएगा.

आप चाहे तो नरेंद्र मोदी के ट्वीट्स भी सबस्क्राइब कर सकते हो ताकि जब भी वो कोई न्यू ट्वीट करे तब आपको सीधा वो ट्वीट अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो जाए. बस आपको करना यह है की 011-3006-3006 पर मिस्ड कॉल देना है और NaMo’s ट्वीट आपके मोबाइल नंबर पर सबस्क्राइब हो जाएगा.

कांटेक्ट या संपर्क करें लिंकडिन और इंस्टाग्राम के जरिये:

जैसे की मैने आपको उपर बताया था नरेंद्र मोदी सोशल मीडीया पर बहुत एक्टिव रहते है. सो आप चाहे तो उन्हे लिंकडिन ओर इंस्टाग्राम की मदद से भी अपना मेसेज पहुचा सकते हो

http://in.linkedin.com/in/narendramodi
http://instagram.com/narendramodi

ईमेल अड्रेस ऑफ नरेंद्र मोदी:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अफीशियल मोबाइल एप्लीकेशन पेज पर हमें उनका ईमेल एड्रेस मिला है आप चाहे तो इस ईमेल पर भी अपना मेसेज सेंड कर सकते हो: narendramodi1234@gmail.com

इस वेबसाइट MyGov.nic.in के जरिये भी संपर्क कर सकते है :

आप अपने सुझाव, समस्या और सवालों को MyGov पोर्टल के जरिये भी उन तक पहुचा सकते हो, बस इसके लिए आपको करना यह है की MyGov पोर्टल वेबसाइट पर अपना अकाउंट रजिस्टर करना है. अकाउंट रजिस्टर करने के बाद आप अपने सजेशन्स नरेंद्र मोदी से शेयर कर सकते हो.

नरेंद्र मोदी का व्हाट्सएप्प नंबर:

क्षमा करे दोस्तों, अभी आप प्रधानमंत्री से व्हाट्सएप्प के जरिये कांटेक्ट या संपर्क नही कर सकते. अगर फ्यूचर में हमें ऐसी कोई न्यूज़ मिलती है तो हम इस पोस्ट को ज़रूर अपडेट करेंगे.

केरल घूमने से सस्ता है बैंकाक और दुबई जाना

देश में केरल, अदंमान निकोबार, गोआ या नॉर्थ ईस्ट घूमने के मुकाबले इन देशों में घूमना ज्यादा सस्ता है। यहां 3-4 महीने पहले बुकिंग कराकर केरल के टूर पैकेज के कॉस्ट में थाईलैंड, दुबई जैसे देश घूम सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं ऐसे फॉरेन टूर पैकेज के बारे में जो देश में घूमने के मुकाबले सस्ते हैं।

महंगे घरेलू पैकेज से सस्ते हैं ये फॉरेन ट्रिप
केरल के पैकेज के लगभग बराबर हैं ये फॉरेन ट्रिप

देश के सबसे बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन केरल, नॉर्थ ईस्ट, अंदमान निकोबार के टूर पैकेज प्रति व्यक्ति 25 से 35 हजार रुपए में मिलेंगे। इतने ही खर्च पर आप ये फॉरेन डेस्टिनेशन घूम सकते हैं। यहां हम आपको ऐसे ही देशों के बारे में बता रहे हैं।

थाईलैंड

  • पैकेज: 25000 रुपए
  • भारतीयों के बीच थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक काफी पॉपुलर है। बैंकॉक को सबसे सस्ता टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। 25,000 रुपए के बजट में आप बैंकॉक घूम सकते हैं। यहां भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी मिलती है। थाईलैंड में रहना, खाना-पीना सब कुछ आपको बजट में मिल जाएगा। यहां के ऑटो ‘टुक-टुक’ की सवारी करना न भूले।
  • प्लेन की टिकट: अगर बैंकॉक जाने के लिए फ्लाइट टिकट 2-3 महीने पहले बुक कराते हैं तो दिल्ली से 15-17 हजार रुपए में आपकी बुकिंग हो जाएगी। वहीं केरल की बुकिंग कराते हैं तो इसमें 12 से 14 हजार रुपए के आस पास ही खर्च आएगा।
  • बजट होटल – यहां ग्रुप या अकेले घूमने के लिए बजट होटल हैं। यहां हॉस्टल, सस्ते बजट होटल होटल 1,573 रुपए से लेकर 3,000 रुपए में मिल जाएंगे। इन्हें आप अपने बजट के मुताबिक चुन सकते हैं।

बैंकॉक

  • 3 रात और 4 दिन का पैकेज
  • टूर कॉस्ट: पैकेज की शुरूआत 25,000 रुपए
  • वीजा ऑन अराइवल: 1909 रुपए
  • क्या हैं शामिल – फ्लाइट टिकल, होटल, वीजा ऑन अराइवल

भूटान

  • भारतीयों को भूटान जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरुरत नहीं है। यहां आप भारतीय आईडी प्रूफ के साथ ट्रैवल कर सकते हैं। भूटान में पारो, थिम्पू, हा वैली घूमना न भूले।
  • हवाई सफर – भूटान के लिए डायरेक्ट फ्लाइट लेने से बेहतर होगा कि आप सिक्किम के बागडोगरा एयरपोर्ट तक के लिए फ्लाइट लीजिए। ये भूटान बॉर्डर के सबसे पास है। यहां से आप आगे के लिए बस ले सकते हैं। बस आपको 5 घंटे में भूटान बॉर्डर पहुंचा देगी। सिक्किम आने-जाने की टिकट 6 से 7 हजार रुपए में मिल जाएगी। बस का किराया 2,000 रुपए तक आएगा।
  • रहना – यहां गेस्ट हाउस और बजट होटल 1,000 रुपए में मिल जाएंगे।
  • पैकेज कॉस्ट: 28,000 रुपए
  • पैकेज: 3 रात और 4 दिन के लिए
  • क्या हैं शामिल – फ्लाइट टिकट, होटल, ब्रेकफास्ट, साइटसीन

वियतनाम

  • पैकेज: 32,000 रुपए
  • प्लेन की टिकट: वियतनाम की आने जाने के लिए पलेन की टिकट 3 से 4 महीने पहले बुक कराने पर 16,000 रुपए में मिल जाएगी।
  • होटल: वियतनाम में कई बजट होटल हैं, आपको 1,000 से 5,000 रुपए के एक दिन के किराए पर मिल जाएंगे। इन्हें आप अपने बजट के मुताबिक ले सकते हैं।
  • पैकेज:3 रात और 4 दिन के लिए
  • क्या हैं शामिल – फ्लाइट टिकट, होटल, वीजा फीस

नेपाल

  • भारतीयों को नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरुरत नहीं है। यहां आप भारतीय आईडी प्रूफ के साथ ट्रैवल कर सकते हैं। नेपाल में नगरकोट, काठमांडू, भक्तापुर और पुराना बाजार घूमना न भूलें।
  • प्लेन की टिकट: दिल्ली से नेपाल की आने-जाने की टिकट 9,000 रुपए में मिल जाएगी। आप कोलकाता से बस भी ले सकते हैं।
  • पैकेज: 25000 रुपए होटल: नेपाल में बजट होटल 1,000 रुपए से लेकर 3,500 रुपए में मिल जाएंगे।
  • क्या हैं शामिल – फ्लाइट टिकट, होटल, ब्रेकफास्ट, साइटस

दुबई

  • दुबई शॉपिंग का हब है। यहां रेडीमेड गारमेंट से लेकर ज्वैलरी शॉपिंग के बहुत सारे विकल्प हैं। दुबई में पाल्म ट्री, खलीफा बुर्ज, बीच और दुबई नाइट सफारी जैसे काफी सारे घूमने की जगह है।
  • पैकेज कॉस्ट: 30,000 रुपए
  • हवाई सफर – दुबई की आने-जाने की टिकट आपको 12 से 13 हजार रुपए में मिल जाएगी। दुबई की टिकट का प्राइस आपके घूमने के समय और बुकिंग पर ज्यादा निर्भर करता है।
  • होटल – यहां आपको बजट होटल 3,000 से 5,000रुपए में मिल जाएंगे।
  • दुबई टूर पैकेज: 3 रात और 4 दिन के लिए
  • पैकेज कॉस्ट: 30,000 रुपए
  • क्या हैं शामिल – फ्लाइट टिकट, होटल, वीजा फीस

किन तरीकों से बचा सकते हैं आप टूर पैकेज का खर्च

  • फॉरेन घूमने से पहले पूरा रिसर्च कर लें।
  • करीब 3 से चार महीने पहले एडवांस बुकिंग करा लें
  • फॉरेन में सस्ते तीन स्टार होटल बुक कराएं। वहां टैक्सी लेने की जगह लोकल मेट्रो ट्रेन या बस में सफर करें। इससे न सिर्फ आप उस देश के कल्चर को समझ पाएंगे बल्कि पैसे भी बचाएंगे।

यहां भैंस चराने वालों की हो रही अच्छी कमाई

ज्यादा पैसा कमाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है लेकिन यहां तो सिर्फ भैैंस चराने के बदले मस्त कमाई हो रही है। अगर आप इस बारे में जान लेंगे तो आपको भी हैरानी होगी। एक रिपोर्ट की मानें तो इस काम के लिए यहां स्पेशल मजदूर हायर किए जाते हैं और मजदूर भी खुशी-खुशी यह काम करते हैं। ऐसा शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा कि भैंसों को चराने के लिए भी अच्छी सैलरी मिलती है।

एक रिपोर्ट की मानें तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के पास एक गांव है जिसका नाम है ‘झट्टा’… यहां भैंस चराने के लिए लोग अपने मजदूरों को अच्छे पैसे देते हैं। गांव के किसानों ने अपनी भैंसों को चराने के लिए बिहार और पूर्वी यूपी के बेरोजगार युवकों को नौकरी पर रखा है। यह सुबह जल्दी उठकर किसानों के घर जाकर भैंसों को खोल लेते हैं और उन्हें गांव के बाहर खेतों में चराने ले जाते हैं।

रिपोर्ट की मानें तो 50 भैंसे चराने के एवज में यहां एक मजदूर कम से कम 25 हजार रुपए महीना कमा लेता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें बिहार और यूपी के कई लोग इसी काम में लगे हुए हैं। दरअसल, जो लोग चरवाहों का काम कर रहे हैं, वे मुख्य रूप से एनसीआर में फसल की बुआई और कटाई के लिए आते थे।

इधर किसानों के पास इतना समय ही नहीं रहता कि वे दिनभर भैंसों को चराने में लगे रहें। किसानों ने ही इन मजदूरों को कहा कि वे उनकी भैंसों को चरा दिया करें और बदले में प्रति भैंस 500 से 700 रुपये महीना ले लें।मजदूरों को यह बात जच गई। बस फिर क्या था फॉर्मूला हिट हो गया और अब आसापास के इलाके के गांवों में भी इसी तर्ज पर भैंसों के लिए चरवाहे काम पर लग गए हैं।

किसानों ने बड़ा सोच समझ कर हिसाब लगाने के बाद अपने मजदूरों को यह काम सुझाया। हिसाब ये लगाया कि एक भैंस औसतन 8 से 10 किलो दूध रोजाना देती है। इस तरह महीने में 15 हजार रुपये की कमाई हो जाती है।

ऐसे में 500 रुपये लेकर कोई अगर भैंसों को चरा देता है तो इससे फायदा तो है ही, साथ ही वक्त की भी बचत होती है अब ये चरवाहे गांव में ही किसी के भी मकान में किराए पर परिवार के साथ रहते हैं। भैंसों को चराने के बाद हिंडन या यमुना नदी में नहला देते हैं। उसके बाद शाम पांच बजे भैंसों को वापस गांव ले आते हैं।

गोवा घूमने का है बेस्ट टाइम

अगर आप गर्मी की छुट्टी में गोवा में हॉलिडे प्लान कर रहे हैं लेकिन अभी तक ठहरने को लेकर जगह फाइनल नहीं कर पाए हैं। यहां हम आपको गोवा में ठहरने के ऑप्शन बता रहे हैं जहां आप अपनी जरूरत के मुताबिक हॉस्टल से लेकर बजट होटल में ठहर सकते हैं। आइए जानते हैं इन ऑप्शन के बारे में…

गोवा में ये है फेमस

भारत में गोवा को अल्टीमेट पार्टी डेस्टिनेशन माना जाता है। गोवा के कसीनो सबसे ज्यादा फेमस है। यहां के बीच, लैंडस्केप, कसीनो, नाइट क्लब, पब्स, रेस्टोरेंट और बेस्ट होटल यहां सभी आसानी से मिल जाएंगे। यहां वाटर स्पोर्ट्स, स्ट्रीट मार्केट और नाइट मार्केट का भी ऑप्शन है।

गोवा के लिए ले सकते हैं फ्लाइट

गर्मी का सीजन गोवा जाने के लिए पीक समय नहीं होता क्योंकि यहां उमस वाला मौसम होता है लेकिन अगर आप कम बजट में गोवा घूमना चाहते है, तो यह अच्छा समय है। अभी बुकिंग कराने पर गोवा की एयर टिकट दिल्ली से 2,946 रुपए से लेकर 3,500 रुपए में मिल जाएगी। थोड़ा एडवांस में बुक करने से आपको फ्लाइट की अच्छी डील आसानी से मिल सकती है। गोवा ट्रेन से आसानी से जाया जा सकता है। इसके अलावा मुंबई, पुणे जैसे कम दूरी की जगहों से वोल्वो से भी जाया जा सकता है।

गोवा के ऑफ सीजन में मिलते हैं सस्ते ऑप्शन

गोवा में अक्टूबर से लेकर मार्च महीने तक टूरिज्म का पीक सीजन होता है। तब यहां के लिए फ्लाइट, होटल, किराए पर बाइक और कार सब महंगे मिलते हैं लेकिन ऑफ सीजन में सब कम प्राइस पर आसानी से मिल जाता है। गोवा में अप्रैल से लेकर सितंबर ऑफ सीजन माना जाता है जब टूरिस्ट का फ्लो पीक सीजन की तुलना में कम होता है।

कैसे बुक करें ठहरने का ऑप्शन

गोवा में ठहरने के लिए लग्जरी होटल से लेकर बजट होटल और हॉस्टल जैसे तमाम ऑप्शन हैं जिन्हें आप अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक चुन सकते हैं। हॉस्टल के ऑप्शन ज्यादतर लड़के लेते हैं जो कम खर्च में घूमना पसंद करते हैं।

हॉस्टल

अगर आप लड़कों या लड़कियों के ट्रिप पर जा रहे हैं और आपका ठहरने का बजट बहुत ज्यादा नहीं है तो गोवा में ठहरने के लिए हॉस्टल के कई ऑप्शन हैं। यहां ब्रिक्स एंड बाम्बू हॉस्टल में एक रात का 267 रुपए चार्ज है।

इसमें सिर्फ आपको 6 लोगों के लिए डॉर्मिटरी सर्विस मिलती है। इसमें बेड, नहाने का बाथरूम और बेसिक चीजें मिलती है। यहां अराबेल कॉटेज, गोवा टूरिस्ट डॉर्मिटरी, एम्पायर गेस्ट हाउस, बैकपैकर पांडा गोवा, रस्टिक विलेज जैसे सैंकड़ों की संख्या में ऑप्शन मौजूद है। ये हॉस्टल और गेस्ट हाउस 267 रुपए से 750 रुपए में आसानी से मिल जाएंगे। इनकी बुकिंग ट्रैवल कंपनियों जैसे मेक माई ट्रिप, ट्रिवागो और एक्सपीडिया के जरिए कर सकते हैं।

बजट होटल के लिए ये हैं ऑप्शन

गोवा में ठहरने के लिए बजट होटल और गेस्ट हाउस के कई ऑप्शन हैं। यहां 1,100 रुपए से लेकर 3,000 रुपए में बजट होटल ओयो रूम्स से लेकर बजट होटल आसानी से मिल जाएंगे। इनकी बुकिंग ट्रैवल कंपनी जैसे मेक माई ट्रिप, ट्रिवागो और एक्सपीडिया के जरिए कर सकते हैं। होटल के ये ऑप्शन आप अपने बजट के मुताबिक चुन सकते हैं।

फाइव स्टार होटल

गोवा में गर्मियों के सीजन में विवांता बाई ताज, रामडा, द लीला जैसे फाइव स्टार होटल 6,700 से लेकर 14,000 रुपए में मिलेंगे। ये खर्च एक रात का एक कमरे का है। इसके अलावा कंट्री इन, लेमन ट्री, हाईलैंड बीच रिजॉर्ट जैसी फोर स्टार प्रॉपर्टी 3,500 से लेकर 6,000 रुपए में आसानी से मिल जाएंगे।

घर पर ही ऐसे बना सकते हैं 500 वाट का इन्वर्टर

यदि आपके घर में लाइट की प्रॉब्लम है, तो इसके लिए 500 वाट का इन्वर्टर बना सकते हैं। इस इन्वर्टर से घर में लाइट की प्रॉब्लम को दूर किया जा सकता है, क्योंकि इस इन्वर्टर से आप 10 घंटे तक LED बल्ब जला सकते हैं। इस इन्वर्टर को आप आसानी से बना सकते हैं। वहीं, इस तरह के इन्वर्टर में 500 रुपए का खर्च आता है।

इन चीजों की होती है जरूरत

  • फैन कैपिसिटर 4.00uF
  • फैन कैपिसिटर 3.15uF
  • 100-120 MFD रन कैपेसिटर

इन तीनों आइटम को किसी भी इलेक्ट्रिक शॉप से खरीद सकते हैं। फैन कैपिसिटर की कीमत 30 रुपए करीब होती है। यानी 120 रुपए में आपके चारों कैपिसिटर आ जाएंगे। वहीं, रन कैपिसिटर को 300 रुपए से 350 रुपए में खरीद सकते हैं। ये सभी कैपिसिटर 440 वोल्ट को सपोर्ट करते हैं।

सबसे पहले चारों कैपिसिटर को आपस में कनेक्ट करना होगा। इसके लिए एक 4.00uF फैन कैपिसिटर के वायर को दूसरे से जोड़ लें। जैसा कि ऊपर फोटो में दिख रहा है। ठीक इसी तरह, 3.15uF कैपिसिटर को भी एक-दूसरे से कनेक्ट कर लें। अब इन दोनों को आपसे में जोड़ लें। जैसे ऊपर दिख रहा है। वायर को कैसे भी जोड़ सकते हैं। उसमें प्लस या माइनस को डर नहीं होता।

अब तैयार हुए चार कैपिसिटर के ग्रुप को 100-120 MFD रन कैपिसिटर के साथ कनेक्ट करना है। इसके लिए लिए इनके वायर को आपसे में कनेक्ट कर लें। यहां भी प्लस या माइनस को डर नहीं होता। अब एक होल्डर में वायर लगाकर इस कैपिसिटर के साथ कनेक्ट कर लें। जैसा फोटो में दिख रहा है।

अब आपका इन्वर्टर तैयार हो चुका है, लेकिन इसमें पावर नहीं है। इसके लिए आपको बिजली के स्विच से एक वायर लगाकर दोनों प्वाइंट को टच करके हटा लेना है। इस प्रॉसेस को 5 से 6 बार करना है। इस तरह से कैपिसिटर में पावर आ जाएगा। अब होल्डर में LED बल्ब लगा सकते हैं। यदि बल्ब 7 वाट का है तब ये 8 से 10 घंटे का बैकअप देगा।

एक्टिंग छोड़ मुंबई से बिहार जा पहुंचा यह एक्टर

टीवी के फेमस शो ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ में नजर आने वाले एक्टर राजेश कुमार ने एक्टिंग की दुनिया से दूरियां बना ली है और अब उन्होंने बिहार के एक गांव को स्मार्ट गांव बनाने का फैसला किया है.

दरअसल, साराभाई में राजेश, रोसेश की भूमिका में नजर आते थे और इस शो में वह एक कॉमेडी एक्टर के रूप में नजर आए थे. हालांकि, अब उन्होंने एक्टिंग को छोड़ बिहार के गांव बर्मा के हालात सुधारने का फैसला किया और इस वजह से उन्होंने खेती के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ शून्य-बजट आध्यात्मिक खेती करना शुरू किया है.

गांव के हालात सुधारने में जुटे हैं राजेश

हिंदी वेबसाइट भास्कर डॉट कॉम में प्रकाशित एक खबर के अनुसार बिहार की राजधानी पटना में जन्में राजेश ने बताया कि जब वह एक दिन आम के पेड़ के नीचे बैठे हुए थे तो उन्हें यह आइडिया आया कि उन्हें बर्मा के हालात सुधारने के लिए काम करना चाहिए.

उसके बाद राजेश ने बर्मा जाने का फैसला किया और जब वह वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां पानी और बिजली की भी व्यवस्था नहीं है. इसके बाद उन्होंने बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए गावं वालों की मदद की. अब वह धीरे-धीरे इस गांव के हालात सुधार रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं.

यहां से शुरू हुई थी एक्टर बनने की जर्नी

गौरतलब है कि, राजेश 1998 में अपनी प्रेग्नेंट बहन की देख-रेख के लिए मुंबई आए थे. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन बिहार यूनिवर्सिटी से पूरी की और वह मुंबई के सेंट जेविअर कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करना चाहते थे.

इसी बीच उनके एक दोस्त ने उन्हें एक छोटा सा रोल प्ले करने को कहा,इसमें राजेश को एक छोटी सी लाइन बोलनी थी, हैप्पी मैरिज एनिवर्सरी कांग्रेचुलेशन ये रही आपकी टिकट, इसे बोलने में उन्होंने 20 रीटेक लिए थे और इस रोल के लिए उन्हें 1,000 रुपये मिले थे. इसके बाद ही राजेश के एक्टर बनने की जर्नी शुरू हुई थी.