आपके LPG कनेक्शन से जुड़ी 5 फायदे की बातें, सिलेंडर लेते वक्त जरूर ध्यान दें

सरकार समय-समय पर गैस कनेक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव करती रहती है. केंद्र सरकार ने डीबीटीएल योजना और ऑनलाइन प्रोसेसिंग के जरिए लोगों की कई परेशानियां कम की हैं. फिर भी ऐसी कई चीजें हैं, जिन्हें लोग नहीं जानते हैं. हम आज आपको LPG कनेक्शन से जुड़ी फायदे की 5 बातें बता रहे हैं, जो कभी भी आपके काम आ सकती हैं.

फायदे की बात: 1

सिलेंडर खरीदते वक्त ही उसका इन्श्योरेंस हो जाता है. 50 लाख रुपए तक होने वाले इस इन्श्योरेंस की जानकारी लोगों को नहीं होती. सिलेंडर का इन्श्योरेंस इसकी एक्सपायरी से जुड़ा होता है. अक्सर लोग सिलेंडर की एक्सपायरी डेट की जांच किए बिना ही इसे खरीद लेते हैं. ऐसे में इस बात को आप ध्यान में रखें.

ऐसे करें एक्सपायरी डेट की पहचान

  • सिलेंडर की पट्टी पर ए, बी, सी, डी में से एक लेटर के साथ नंबर होते हैं.
  • गैस कंपनियां 12 महीनों को चार हिस्सों में बांटकर सिलेंडर्स का ग्रुप बनाती हैं.
  • ‘ए’ ग्रुप में जनवरी, फरवरी, मार्च और ‘बी’ ग्रुप में अप्रैल, मई जून होते हैं. ‘सी’ ग्रुप में जुलाई, अगस्त, सितंबर और ‘डी’ ग्रुप में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर होते हैं.
  • सिलेंडर पर इन ग्रुप लेटर के साथ लिखे नंबर एक्सपायरी या टेस्टिंग ईयर दर्शाते हैं. जैसे- ‘बी-12’ का मतलब सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जून, 2012 है. ऐसे ही, ‘सी-12’ का मतलब सितंबर, 2012 के बाद सिलेंडर का इस्तेमाल खतरनाक है.

फायदे की बातः 2

शहर बदलने पर ट्रांसफर करें गैस कनेक्शन

अब आपको शहर बदलने पर गैस कनेक्शन की टेंशन नहीं होगी. आप अपना गैस कनेक्शन किसी भी शहर में जाने पर बदल सकते हैं. इसके लिए आपको थोड़ी सी मेहनत करनी होगी. यह सेवा पूरे देश में लागू है.

क्या है प्रोसेस

  • अभी आप जिस शहर में रह रहे हैं, वहां अपनी गैस एजेंसी पर जाएं. यहां अपना गैस सिलेंडर और रेग्युलेटर जमा करा दें.
  • ऐसा करने पर गैस एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर आपको जमा किए हुए पैसे लौटा देगा.
    इसके साथ ही वह आपको एक फॉर्म देगा, जिसमें आपके गैस कनेक्शन होने का प्रूफ होगा.
  • अब यदि आप शहर बदलते हैं, तो जिस शहर में रहना है वहां की गैस एजेंसी पर जाएं.
  • उस गैस एजेंसी को वह फॉर्म दिखाएं, जो आपको पुराने शहर की गैस एजेंसी से मिला है.
  • जो पैसे आपको लौटाए गए थे, वो नई एजेंसी पर जमा करवाकर आप कनेक्शन वापस पा सकते हैं.

फायदे की बातः 3

दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करें गैस कनेक्शन

अब आप परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर गैस कनेक्शन ट्रांसफर कर सकते हैं. इसके साथ ही यह भी सुविधा है कि आप किसी दूसरे का कनेक्शन उपयोग कर रहे हैं, तो वह भी अपने नाम पर ट्रांसफर कराया जा सकता है. गैस कनेक्शन ट्रांसफर कर रहे हैं तो दो शपथ पत्र की जरूरत होगी. दोनों व्यक्तियों को एक-एक शपथ पत्र भरना होगा.

फायदे की बात: 4

ऑनलाइन लें गैस कनेक्शन

अब आप (MyLPG.in) वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन गैस कनेक्शन ले सकते हैं. यह योजना लागू की जा चुकी है.

ऐसे बुक करें ऑनलाइन कनेक्शन

  • MyLPG.in वेबसाइट खोलने के बाद कॉर्नर पर ‘सहज’ पोर्टल का लिंक मिलेगा. पहले इस लिंक पर क्लिक करें. यहां आपको ‘ऑनलाइन कनेक्शन’ का ऑप्शन मिलेगा, इस पर क्लिक करें.
  • आवेदक को अपनी फोटो के साथ आधार नंबर व बैंक खाता संख्या अपलोड करना होगा.
  • आईडी प्रूफ का डिटेल देने के बाद रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
  • रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑनलाइन पेमेंट का विकल्प आएगा.
  • भुगतान करते ही आवेदक के ई-मेल पर संदर्भ संख्या आएगी. पेमेंट का डेक्लेरेशन भी ई-मेल पर मिलेगा.
  • गैस कंपनी द्वारा कनेक्शन जारी करते ही एक कॉपी कस्टमर के ई-मेल पर पहुंच जाएगी.

फायदे की बात: 5

ऐसे पूरा करें सब्सिडी का ऑनलाइन प्रोसेस

स्टेप-1:
सबसे पहले इस वेबसाइट पर क्लिक करें https://rasf.uidai.gov.in/seeding/User/ResidentSplash.aspx क्लिक करने के बाद आपके सामने आधार कार्ड की वेबसाइट खुलकर आएगी. इसमें एक स्टार्ट नाउ का बटन होगा. इस पर क्लिक करने से एक और पेज खुलेगा.
स्टेप-2:
इस पेज पर आपसे आपकी डिटेल्स मांगी जाएंगी. इनमें तीन ऑप्शन होंगे. पहला कौन से राज्य के निवासी हैं, कौन से शहर के निवासी हैं. इसके बाद किस बेनेफिट के लिए आप आधार कार्ड को लिंक करा रहे हैं. इसमें एक ही ऑप्शन आएगा LPG. इसके बाद इसमें कंपनी का नाम भरना होगा.
स्टेप-3:
तीसरे स्टेप में आपको अपना डिस्ट्रीब्यूटर, कंज्यूमर नंबर भरना होगा. इसके बाद ई-मेल आईडी, फोन नंबर और आधार नंबर देना होगा.

https://rasf.uidai.gov.in/seeding/User/ResidentSelfSeedingpds.aspx
स्टेप-4:
वेरिफिकेशन: मोबाइल, ई-मेल आईडी रजिस्ट्रर कराने के बाद आपके पास एक OTP नंबर आएगा. वेरिफिकेशन कोड की जगह ये नंबर एंटर कीजिए और फिर बॉक्स में बनी इमेज को अल्फा न्यूमरिक कोड भरना होगा. इसके बाद आखिरी में सब चेक करने के बाद सबमिट बटन दबाना होगा. इसके कुछ दिन बाद ही आपकी रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाएगी. इसके बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक अकाउंट में पहुंच जाएगी.

सावधान : फ्रॉड का नया तरीका, आपके SIM से ही मिनटों में खाली हो सकता है अकाउंट

अगर आपके पास कोई ऐसी कॉल आती है जिसमें कॉलर आपसे कहता है यदि आप अपना सिम अपडेट नहीं करते हैं तो यह डिऐक्टिवेट हो जाएगा, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. जी हां, आजकल सिम डिऐक्टिवेट का डर दिखाकर लोगों को लाखों की चपत लगाई जा रही है.

युवक को 4 लाख रुपये का चूना लगा

पिछले दिनों दिल्ली के एक शख्स को सिम स्वैपिंग के जरिये ही करीब 4 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया. इससे पहले भी पुणे के एक व्यक्ति के साथ करीब एक लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आ चुका है.

अगर आपके या आपके किसी मित्र के पास ऐसा कोई भी कॉल आता है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. इसके साथ ही आपको यह भी जानने की जरूरत है कि सिम स्वैपिंग आखिर होती क्या है और हैकर किस तरह आपको शिकार बनाते हैं.

क्या है सिम स्वैप

सिम स्वैप का सीधा सा मतलब है सिम एक्सचेंज. इसमें आपके फोन नंबर से एक नए सिम का रजिस्ट्रेशन कर लिया जाता है. ऐसा होने पर आपका सिम कार्ड तुरंत काम करना बंद कर देता है और आपके फोन में सिग्नल आना बंद हो जाता है.

यह इतना जल्दी होता है कि आप कुछ देर के लिए समझ ही नहीं पाते कि आपके साथ क्या हुआ. जब तक आप समझ पाते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है. हैकर आपके नंबर से रजिस्टर हुए दूसरे सिम पर आने वाले ओटीपी का यूज कर पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेता है.

ऐसे होती है सिम स्वैपिंग की शुरुआत

सिम स्वैपिंग की शुरुआत होती है एक कॉल से, जिसमें कॉलर यह दावा करता है वह टेलीकॉम कंपनी का एक्जिक्यूटिव बोल रहा है. वह आपको बताता है कि आपका सिम अपडेट नहीं है. सिम अपडेट होने पर आपकी कॉल ड्रॉपिंग की समस्या ठीक हो जाएगी और इंटरनेट की स्पीड भी बढ़ जाएगी.

इसी बातचीत के दौरान वह आपसे आपके सिम का 20 डिजिट का यूनिक नंबर मांगता है. कई बार आप विश्वास में आकर सिम के पीछे लिखा यूनिक नंबर उससे शेयर कर देते हैं.

यूनिक नंबर मिलने के बाद यह कॉलर आपके 1 प्रेस करने के लिए कहता है. जिससे ऑथेन्टिकेशन होता है और सिम स्वैप का प्रोसेस पूरा हो जाता है. सिम स्वैप होते ही आपके नंबर के सिग्नल गायब हो जाते हैं और दूसरी ओर आपके नंबर वाले स्कैमर के सिम कार्ड वाले फोन में सिग्नल आने लगते हैं.

अधिकतर केस में स्कैमर के पास आपकी बैकिंग आईडी और पासवर्ड होता है. अब उसे बस ओटीपी की जरूरत होती है, जो सिम पर आता है.

नाड़े वाले अंडरवियर की वजह से केस हार गयी रेप पीड़िता, जज ने दिया यह कारण

एक किशोर लड़की के साथ कथित बलात्कार के मामले में अदालत ने उसके अंडरवियर को ही सबूत मान लिया। इसके बाद अदालत ने लड़की के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि 17 वर्षीय लड़की ने रेप की कथित घटना के वक्त एक ऐसा अंडरवियर पहन रखा था जिसमें स्ट्रिप्स लगे हुए थे और उसे कस कर बंधा गया था, इसलिए वह खोला नहीं जा सकता था।

आयरलैंड की अदालत के इस फैसले के बाद देश भर में जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं। अंडरवियर को सबूत के रूप में स्वीकार करने के विरोध में कॉर्क सिटी सेंटर में एक के बाद कई रैलियां आयोजित की जा रही हैं।

क्या हैं मामला

दक्षिण पश्चिम आयरलैंड में एक शहर में किशोरी से बलात्कार करने वाले व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाली बैरिस्टर ने अदालत में सुझाव दिया कि इस मामले में जूरी 17 वर्षीय लड़की द्वारा पहने अंडरवियर पर ध्यान दे।

वकील की इस अपील के बाद 27 वर्षीय व्यक्ति जिस पर कॉर्क शहर में किशोरी से बलात्कार करने का आरोप था, उसे केंद्रीय आपराधिक न्यायालय में आठ पुरुषों और चार महिलाओं की जूरी द्वारा दोषी नहीं पाया गया।

मुकदमें के समापन भाषण में वरिष्ठ वकील एलिजाबेथ ओ’कोनेल ने जूरी से कहा कि उन्हें इस तथ्य का सम्मान करना चाहिए कि महिला फीते वाले अंडरवियर पहने हुई थी। इस मामले में अभियुक्त का कहना था कि उसके और पीड़िता के बीच संबंध सहमति से बने थे।

आयरलैंड में जमकर प्रदर्शन

17 साल की पीड़िता से बलात्कार के अभियुक्त के बरी होने के बाद आयरलैंड में सेक्स के लिए सहमति और अंडरवियर को सबूत मानने जैसे मुद्दों पर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन होने लगे हैं।

इसके विरोध में आयरलैंड की एक महिला सांसद सदन में अंडरवियर लेकर आ गईं। महिला सांसद रुथ कैपिंगर में संसद में फीतों वाला अंडरवियर दिखाते हुए कहा, “यहां इसे दिखाना शर्मनाक हो सकता है।लेकिन आपको सोचना होगा कि जब एक महिला के अंडरवियर को अदालत में दिखाया गया तो उसे कैसा लगा होगा।”

लोगों को सबसे ज्यादा आपत्ति आरोपी की वकील के उस कमेंट पर थी जिसमें उन्होंने लड़की के अंडरवियर में फीते लगे होने को उसके चरित्रहीन होने का प्रमाण मान लिया। आयरलैंड के लोगों ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बेहद कड़ी टिप्पड़ियां की हैं।

#ThisIsNotConsent हैशटैग के साथ बहुत से लोगों ने इस मामले के विरोध में ट्वीट किया है। बहुत सी महिलाओं ने अपने अंडरवियर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं।

100 साल तक भी दाढ़ी के बाल ना होने देगा सफेद, हमेशा के लिए दाढ़ी बनाए रखें काली घनी और नेचुरल

भागदौड़ भरी जिंदगी में आजकल लोगों में सफेद बाल और सफेद दाढ़ी होना आम बात हो गई है। युवावस्था में सफेद बाल और सफेद दाढ़ी होने से लोग परेशान इसलिए हैं क्योंकि इसका कोई परमानेंट इलाज नहीं है।

बता दें कि वैसे तो उम्र बढ़ने के कारण शरीर में मेलेनिन की मात्रा कम हो जाती है जिसके कारण दाढ़ी और मूंछ के बाल सफेद होने लगते हैं, जो खूबसूरती को खराब करते हैं लेकिन आज के समय में बदलती लाइफस्टाइल और सही खानपान न होने के कारण भी ऐसा होता है।

लोग बाल और दाढ़ी को काला करने के लिए मार्केट में मिलने वाले हेयर डाई कलर का इस्तेमाल करते हैं जिसके कई साइड इफैक्ट भी होते है और बाल ज्यादा सफेद होने शुरू हो जाते है। इस समस्या से छुटकारा कुछ घरेलू उपायों को इस्तेमाल किया जा सकता है। जानिए क्या हैं वे घरेलू उपाय….

  • दाढ़ी के बालों को सफेद होने से रोकने के लिए 1 गिलास पानी में कढ़ी पत्ते डाल कर उबालें और इस पानी को रोजाना पीएं। इसे पीने से दाढ़ी-मूंछ जल्दी सफेद नहीं होती।
  • दाढ़ी के बालों को सफेद से काला करने के लिए पुदीने का पत्तियों का पेस्ट बना कर इसमें 2 चम्मच प्याज का मिलाएं और इसे सफेद दाढ़ी पर अप्लाई करें।
  • दाढ़ी पर गाय के मक्खन से मालिश करने पर बाल जल्दी सफेद नहीं होते है।

  • रात के समय 1/2 कप पानी में 2 चम्मच शक्कर मिक्स करें और फिर इसमें 1/2 चम्मच नींबू का रस मिला कर इसे सफेद दाढ़ी पर लगाएं। ऐसा करने से बाल काले हो जाएंगे।
  • घर पर ही आधा कटोरी अरहर की दाल के पेस्ट में 1 आलू को पीसकर मिलाएं। फिर इस पेस्ट को आधे घंटे के लिे सफेद दाढ़ी-मूंछ पर लगाएं। ऐसा लगातार एक सप्ताह तक करने पर फर्क समझ आएगा।
  • अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होने के कारण इसे हर रोजाना 1 चम्मच खाने से दाढ़ी-मूंछ के बाल समय से पहले सफेद नहीं होते।

आने वाले इन दिनों में उत्तर भारत के इन राज्यों में होगी बारिश, साफ़ हो जाएगा मौसम

एक सक्रिय और फैलाव मे बड़ा पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर को 11 नवम्बर से प्रभावित करना शुरू होगा। इसके साथ-साथ एक ऊपरी हवाओ का परिसंचरण क्षेत्र भी कल से मध्यी पाकिस्तान पर बन जाएगा। जो उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा।

जिसके कारण मैदान इलाको मे भी हल्की से मध्यम बारिश संभव है। बारिश का दौर 3-4 दिन तक चलेगा। बारिश के बाद उत्तर भारत मे ठंड का शिकंजा और कसेगा साथ ही धुंध भी पड़नी शुरू हो जाएगी।

11_नवंबर यानि कल जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रो मे हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी शुरू हो जाएगी।

12_नवम्बर को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश मे मध्यम से भारी बारिश और भारी बर्फबारी संभव है।
उत्तरी पंजाब व उत्तरी हरियाणा मे छिटपुट जगहो पर हल्की बारिश संभव है।

13_नवंबर तक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर पर होगा। जिससे बारिश का दायरा बढ़ जाएगा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मे मध्यम से भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रो मे भारी बर्फबारी का अनुमान है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक ऊपरी हवाओ का परिसंचरण क्षेत्र उत्तरी राजस्थान और साथ लगते पाकिस्तान व पंजाब पर मौजूद होगा। जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान मे हल्की बारिश होने की संभावना है। पंजाब मे कुछ जगहो पर मध्यम दर्जे की बारिश भी हो सकती है।

14_नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ अपने शबाब पर होगा। बारिश के दायरे व तीव्रता मे काफी बढ़ोतरी होगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मे मध्यम से भारी बारिश संभव है।
ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रो मे भी भारी बारिश संभव है।

मैदानी क्षेत्रो पर बना ऊपरी हवाओ का परिसंचरण क्षेत्र हरियाणा और आसपास के क्षेत्रो पर आ जाएगा।
नतीजन दक्षिण-पश्चिम पंजाब मे हल्की से मध्यम बारिश और बाकी बचे पंजाब मे मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर मे भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राजस्थान मे हल्की बारिश होने की संभावना है।मध्यी व पूर्वी राजस्थान मे भी मेघ गर्जना के साथ हल्की-फुल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

15_नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर से गुजर कर तिब्बत की तरफ चला जाएगा जिसके कारण बारिश मे एकदम से कमी आनी शुरू हो जाएगी। लेकिन फिर भी थोड़ी बहुत नमी बरकरार रहेगी। जिसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मे हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी।

 

मैदानी इलाको मे सिर्फ उत्तरी हरियाणा और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे हल्की बारिश होने की संभावना है। शेष हरियाणा व उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और उत्तरी राजस्थान मे साफ मौसम रहेगा।

बारिश के बाद उत्तर भारत मे हवाओ का रूख उत्तर-पश्चिमी हो जाएगा जिसके कारण प्रदुषण धीरे-धीरे साफ हो जाएगा। ठंड और धुंध की जोरदार वापसी होगी। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहेगा साथ ही अधिकतम तापमान मे भी गिरावट दर्ज की जाएगी।

बनवाना चाहते हैं पासपोर्ट तो 30 रुपए में कर सकते हैं अप्लाई

अगर आप पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं तो आप मात्र 30 रुपए देकर अप्लाई कर सकते हैं। वैसे तो आप ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन में दिक्कत आ रही है तो आप कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको CSC को 30 रुपए का चार्ज देना होगा।

CSC पर कर सकेंगे ये काम

पिछले दिनों CSC – SPV के साथ विदेश मामलों के मंत्रालय ने कॉमन सर्विस सेंटर के नेटवर्क के माध्मम से पासपोर्ट से संबंधित सेवाएं लॉन्च की।

कॉमन सर्विस सेंटर पर पासपोर्ट का अप्लीकेशन फॉर्म भरने और अपलोड करने, शुल्क का भुगतान (डेबिट व क्रेडिट कार्ड के माध्यम से या एसबीआई इंटरनेट बैंकिंग या चालान मोड के माध्यम से ) और पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) जाने के लिए नियुक्ति के समय व निर्धारण की सुविधा प्रदान करेगा।

ऑनलाइन भी कर सकते हैं अप्लाई

आपके पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले पासपोर्ट सेवा पोर्टल की वेबसाइट http://passportindia.gov.in/AppOnlineProject/welcomeLink पर जाएं।

पेज पर आपको register now के लिंक पर क्लिक करें। नए यूजर होने के चलते खुद को रजिस्टर करें। इसमें अपनी डिटेल्स भरें।  ई-मेल आईडी पर आपको लॉगिन आईडी मिल जाएगी।

ऐसे करें लॉगिन

ई-मेल पर आए लिंक पर क्लिक करके अपने अकाउंट को एक्टिवेट करें। इसके बाद यूजर आईडी भरें और फिर पासवर्ड डालें। लॉगिन होने के बाद आपको अप्लाई फॉर फ्रेश पासपोर्स (Apply For Fresh Passport) या री इश्यू ऑफ पासपोर्ट (Re-issue of Passport) लिंक पर क्लिक करना होगा।

नया पासपोर्ट बनाना हो तो …

अगर आप पहली बार पासपोर्ट के आवेदन कर रहे हैं तो इसके लिए अप्लाई फॉर फ्रेश पासपोर्ट (Apply For Fresh Passport) पर क्लिक करना होगा। अप्लाई फॉर फ्रेश पासपोर्ट पर क्लिक करने के आपके सामने कई सारे फॉर्म आएंगे, इनमें आपकी जानकारी मांगी जाएगी।

इन सभी फॉर्म को सही से भरें। ध्यान रहे कि फॉर्म भरने में गलती न हो, क्योंकि एक बार पासपोर्ट की प्रक्रिया रिजेक्ट होने पर दोबारा पासपोर्ट के लिए आवेदन करने में समय लग सकता है। इससे समय की बर्बादी होती है।

ऐसे मिलेगा समय

‘व्यू सेव्ड/सबमिटेड एप्लिकेशन्स’ (View Saved/Submitted Applications) स्क्रीन पर ‘पे एंड शेड्यूल अप्वाइंटमेंट’ (Pay and Schedule Appointment) लिंक पर क्लिक करें और अपना अप्वाइंटमेंट, यानी मिलने का समय बुक करें।

फॉर्म सबमिट करने के बाद आपके सामने एक विंडो खुलेगी जहां पर आपको पासपोर्ट बनवाने की राशि का भुगतान करना होता है। यह भुगतान आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या फिर एसबीआई बैंक के चालान से कर सकते हैं।

सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रिंट एप्लिकेशन रिसीप्ट लिंक पर क्लिक करके एप्लिकेशन को प्रिंट करें। इसमें आपका एप्लिकेशन रेफेरेंस नंबर और अप्वाइंटमेंट नंबर होता है। जहां पर भी आपका अप्वाइंटमेंट बुक किया गया है वहां के पासपोर्ट सेवा केन्द्र में अपने असली डॉक्यूमेंट्स के साथ जाएं।

यहां बनती है दुनिया की सबसे खतरनाक गन AK 47, जानिए इस गन की पूरी कहानी

आज हम आपको गोलियों की फैक्ट्री में लेकर चलेंगे. जहां पर दुनिया की सबसे फेमस गन AK 47 बनती है. वैसे तो अगर देखा जाये तो हमारी फ़ौज के पास एक से बढ़ कर एक हथियार है. जिसका यूज़ अक्सर बड़ी लड़ाई में करते हैं. लेकिन एक गन ऐसी है जो कि सबकी पसंद बन चुकी है.

हम बात कर रहे है दुनिया की मशहूर गन AK-47 के बारे में. इसकी खूबियों के बारे में तो हर कोई जानता है. इसे रुस में मिखाइल कलाश्निकोव ने सबसे पहले डेवलप की थी.

कलाश्निकोव कंसर्न AK 47 बनाने वाली रुस की सबसे पुरानी कंपनी है. इजेव्स्क में इसका हेडक्वार्टर है. वैसे तो इस गन को बनाने वाले मिखाइल कलाश्निकोव इसी सिटी के थे.

जिसके कारण इजेव्स्क सिटी को इसका होम टाउन भी कहते है. इस फैक्ट्री की सबसे ख़ास बात ये है कि यहां पर कोई भी गन मशीन से नही बल्कि हाथो से बनती है. ये गन 1947 में सबसे पहले डिज़ाइन होने के बाद world war 2 में हुई थी.

Ak-47 चलाने में आसान है. इसमें से 1 मिनट में 600 गोलियां निकलती है. बात करे अगर इस गन की तो इसका वेट भी ज्यादा नही होता है. रखने उठाने में भी आसानी होती है.

weight

इसका वेट मैगजीन सहित 4.3 किलोग्राम होता है. ये गन की कारतूस 7.62*39mm की होती है. इस गन की लम्बाई 870 mm होती है. इस गन की सबसे खास बात ये है कि ये 100 से 800 मीटर तक मार कर सकती है. ये गन 1947 में बनी थी. जिसके बाद इस गन को 1949 में सोवियत सेना ने 7.62 कलाश्निकोव राइफल के रूप में स्वीकार कर लिया.

feature

इस गन की स्पेशल क्वालिटी ये है कि इसका डिज़ाइन easy,small,और बहुत ही कम लागत में बन जाती है. इसे आर्कटिक जैसी सर्दी पड़ने वाले इलाके को ध्यान में रखकर बनाया गया था इसमे बहुत ज्यादा कचरा फंसने के बाद भी ये काम कर सकती है, लेकिन इसके चलते इसके निशाने उतने अच्छे नही रह जाते है.

सोवियत लाल सेना इसे समूह में प्रयोग करने वाला हथियार मानती थी, इसकी नॉर्मल्ली लाइफ 20 से 40 साल तक ही होती है. जो इसके देखभाल पर निर्भर करता है, कुछ AK 47 के साथ संगीन भी लगा के दी जाती है.

कौन है ये मिखाइल कलाश्निकोव-

मिखाइल कलाशनिकोव रूस के प्रसिद्ध हथियार बनाने वाले थे. इनको modern time के युद्ध देवता भी माना जाता था. उन्होंने कभी किसी युद्ध में भाग नहीं लिया लेकिन उन्होंने सबसे खतरनाक हथियार एके47 अस्सौल्ट राईफ़ल के विकास के लिए जाना जाता है. इनका जन्म 10 नवम्बर 1919 में kurya में हुआ था. ये Russian lieutenant general थे. इनको कई अवार्ड्स से नवाज़ा भी गया है.

दो हफ्ते से चार महीने के मासूम को एक ही नैपी पहनाकर मां-बाप थे इस काम में मस्त, पड़े-पड़े गई बच्चे की जान

किसी भी बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित स्थान उसके मां-बाप के पास होता है जहां वह खुद को महफूज महसूस करता है। माता-पिता से बढ़कर इस दुनिया में कोई और नहीं होता है।

उनके निस्वार्थ प्रेम के बारे में महज चंद शब्दों में बयां करना असंभव है, लेकिन आज हम जिस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं उसके बारे में जानकर भले ही आपको एक पल के लिए यकीन न हो, लेकिन यह बिल्कुल सच है।

अमरीका में हुई यह घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। बता दें, अमरीका के लोवा में रहने वाले 28 वर्षीय जचरी कोहेन और उनकी 20 वर्षीय पत्नी चेयना हैरिस पर हत्या के मामले में सुनवाई चल रही है। दोनों अपने चार महीने के बच्चे की हत्या के जुर्म में दोषी पाए गए हैं।

दरअसल, पिछले साल अगस्त के महीने में लगातार दो हफ्ते तक एक ही नैपी पहनने की वजह से चार महीने के बेटे स्टर्लिंग कोहेन की मौत हो गई थी। आपका दिल यह जानकर पसीज जाएगा कि इस दौरान डायपर में इकट्ठा हुए मल में इल्लियां पड़ गई थीं और जिसके चलते इंफेक्शन की वजह से मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।

इस पूरे मामले की गवाही हॉस्पिटल की एक नर्स ने दी है। नर्स का कहना है कि, पिछले साल 30 अगस्त के दिन जब वह उनके घर पहुंची थी तो वहां उन्होंने बच्चे को बेसुध हालत में पड़े हुआ देखा। उसकी आंखें खुली हुई थीं, जो एक ही जगह टकटकी लगाकर देख रहा था।

अपनी बात को आगे जारी रखते हुए नर्स ने कहा कि, जैसे ही उसने बच्चे पर से कम्बल को हटाया तो वहां से एकाएक ढेर सारे मच्छर निकले। यह दृश्य वाकई में बेहद दर्दनाक था। चार महीने का वह मासूम एक गर्म कमरे में उस हालत में पड़ा हुआ था और उसकी देखभाल करने के लिए वहां कोई भी मौजूद नहीं था।

केस की सुनवाई के दौरान आरोपी पिता जचरी कोहेन के एक मित्र जॉर्डन क्लार्क ने बताया कि, दोनों मियां-बीवी क्रिस्टल मेथ नामक एक ड्रग का इस्तेमाल नियमित तौर पर करता था।हर हफ्ते करीब 3000 रुपये खर्च करके वे इसे परचेज करते थे।

दोनों के खिलाफ अभी सुनवाई का दौर जारी है। दुख की बात तो यह है कि बच्चे के माता-पिता को इस बात का जरा भी अफसोस नहीं कि उन्होंने किस गुनाह को अंजाम दिया है।

पराली यां पटाखों से नहीं बल्कि इस कारन हो रहा है दिल्ली में प्रदूषण

दिल्‍ली वायू प्रदूषण का स्‍तर जानलेवा हो चुका है। प्रदूषण के इस स्‍तर को लेकर लोग सोचते हैं कि दिवाली के पटाखे और किसानों द्वारा पराली जलाना प्रमुख कारण है। लेकिन सच ये नहीं है। इस गंभीर समस्‍या को लेकर कानपुर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (आईआईटी) की एक रिपोर्ट मे दावा किया गया है कि दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण सड़कों पर उड़ने वाली धूल से हो रहा है।

वाहनों से निकलने वाले धुएं का नंबर तो उसके बाद आता है। पीएम10 में सबसे ज्यादा 56 फीसदी योगदान सड़क की धूल कणों की है। जबकि पीएम 2.5 में इसका हिस्सा 38 फीसदी है।

कई कारण हैं जिम्‍मेवार

दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए केवल एक दो नहीं बल्कि कई कारण जिम्मेवार हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह दिल्ली और आसपास के इलाकों की भौगोलिक स्थिति भी है। पिछले दिनों एक वैज्ञानिक शोध के जरिए दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की तमाम वजहें जानने की कोशिश की गई। इस कोशिश में जो बातें सामने आई हैं वो इस प्रकार हैं।

भौगोलिक स्थिति

मौसम के लिहाज से दिल्‍ली लैंड लॉक्ड हिस्सा है। हिमालय का हिस्‍सा होने के कारण दिल्‍ली पर उत्‍तर भारत के मॉनसून का असर पड़ता है। यहां हवा की गति कम हो जाती है। इससे जहरीली हवा बाहर नहीं निकलत पातीं।

दक्षिण भारत में हवा का प्रवाह तेज रहता है। दोनों तरफ समुद्र होने के कारण हवा में गति रहती है और प्रदूषण का उतना असर देखने को नहीं मिलता।

हवाओं में मौजूद धूल कण

मौसम का असर भी प्रत्यक्ष तौर पर प्रदूषण पर होता है। मार्च से जून के बीच थार रेगिस्तान की धूल तेज हवाओं में घुल जाती है। यही धूल कण सर्दियों में धूल, धुआं, नमी सबकुछ घुल-मिल कर प्रदूषण को चरम पर पहुंचा देते हैं।

बिजली संयंत्रों में इजाफा

नासा के आंकड़ों के मुताबिक 2005 से 2014 के बीच दक्षिण एशिया में वाहनों, बिजली संयंत्रों और अन्य उद्योगों से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड भारी मात्रा में निकली। इसमें सबसे अधिक बढ़ोत्तरी गंगा के मैदानी इलाकों में दर्ज की गई। कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों में काफी इजाफा हुआ। इससे हवा में सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा दोगुनी हो गई है।

गोबर के उपलों से खाना बनाना

गंगा बेसिन में देश की करीब 40 प्रतिशत आबादी रहती है। ज्यादातर लोग आज भी लकड़ी और गोबर से बने उपलों से चूल्हा जलाकर खाना बनाते हैं। इससे काफी प्रदूषण फैलता है।

इन खूबसूरत 7 देशों में जाने के लिए नहीं पड़ती किसी वीज़ा की जरूरत, खर्चा भी आता है बहुत कम

विदेश में घूमने जाना हर किसी का सपना होता है। लोगों के पास पासपोर्ट तो होता है लेकिन उस पर वीजा लगवाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में उनका विदेश में जाने का सपना अधूरा ही रह जाता है। दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां घूमने के लिए आपको वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हम आपको कुछ ऐसे देश के बारें में बता रहें हैं जहां आप बिना विजा लिए हुए भी घूम सकते हैं। दरअसल, दुनियाभर में अब इंडिया के पासपोर्ट का दम दिखने लगा है। वीजा फ्री दौरान के आधार पर जारी रैंकिंग में भारत के पासपोर्ट को 66वां रैंक मिला है।

सिंगापुर इसमें सबसे आगे है। भारत के पासपोर्ट पर आप 7 देशों में वीजा फ्री और 25 देशों में वीजा आॅन अराइवल यात्रा कर सकते हैं।

भूटान

भारत के परोसी देश भूटान भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा मुक्त यात्रा की अनुमति देता है।

क्यों जाएं: भूटान दुनिया के सबसे खुशहाल देश के तौर पर जाना जाता है। देश की राजधानी थिम्फू अपनी बौद्ध स्थलों के लिए मशहूर है। भूटान में महात्मा बुद्ध की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में से एक ग्रेट बुद्ध डोरडेन्मा शाक्यमुनि बुद्ध प्रतिमा मौजूद है, इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग 169 फीट है।

भूटान की नेचुरल ब्यूटी बहुत लाजवाब है। अगर आपको एडवेंचर पसंद है तो आप यहां के पहाड़ों पर ट्रैकिंग करने का मजा ले सकते हैं। विशाल ताशिचो डोजोंग, किलेदार मठ देखने लायक है।

मालदीव

यह देश 90 दिनों की अवधि के लिए भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा मुक्त यात्रा की अनुमति देता है।

क्यों जाएं : बेजोड़ लक्जरी, बेजोड़ सफेद रेत का समुद्र तट और अद्भुत पानी के नीचे की दुनिया ही मालदीव को आपकी पहली पसंद बनाता है। दुनिया में सबसे खूबसूरत समुद्र तटों के लिए मालदीव जाना जाता है। इस देश में 1200 द्वीप शामिल हैं। भारतीय पर्यटकों के लिए मालदीव फेमस हनीमून डेस्टिनेशन है।

माॅरीशस

मॉरीशस भी भारतीय पासपोर्ट धारकों को देश के लिए 90 दिनों से अधिक की अवधि के लिए वीज़ा मुक्त यात्रा प्रदान करता है।

क्यों जाएं : अगर आप समुद्र तट और पहाड़ों के बीच अगर घूमने का शौक रखते हैं तो माॅरीशस बेस्ट आॅप्शन हो सकता है। समुद्र के किनारे मनोरंजन की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न प्रकार की जलीय क्रीड़ाएं जैसे वाटर सर्फिंग, वाटर स्कीइंग, पैरासेलिंग, सबमैरीन डाइव, जल स्कूटर, राइडिंग, ट्यूब राइडिंग, वोट सेलिंग प्रसिद्ध है।

यहां पोर्ट लुईस एक प्रमुख व्यापारिक तथा पर्यटक स्थल है। इस शहर में घूमने के लिए आप बाल्टर बीच( पुल) पर टहल सकते हैं। इस बीच का प्राकृतिक सौन्दर्य मनभावन है। मॉरीशस में मोका एक प्रमुख शहर है। यहां पर आप महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट देख सकते हैं।

नेपाल

नेपाल भारतीय नागरिकों को वीज़ा मुक्त यात्रा प्रदान करता है। नेपाल बहुत ही खूबसूरत देश है। यहां घूमने लायक कई खूबसूरत जगहें हैं जैसे काठमांडू, पोखरा, पशुपतिनाश मंदिर और नगरकोट आदि।

2015 के भूकंप ने देश को झटके में छोड़ दिया लेकिन नेपाल में पर्यटन सामान्य स्थिति में अपंग हो रहा है। पशुपतिनाथ मंदिर, दरबार स्क्वायर, रॉयल महल – नारायणहति काठमांडू में जाने के स्थानों में से एक हैं।

फिजी

भारतीय पासपोर्ट धारकों को फिजी यात्रा के लिए प्री-अागमन वीजा लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

क्यों जाएं: पैसिफिक ओशियन पर बसा यह एक आइसलैंड देश है। इस देश में आप नादी, सूवा राजधानी और लाबासा जैसी खूबसूरत जगहों पर घूमने का मजा ले सकते हैं। फिजी के द्वीपसमूह में 300 से अधिक द्वीप शामिल हैं।

सेशेल्स

भारतीयों को सेशेल्स जाने के लिए अधिकतम 30 दिनों तक रह सकते हैं।

क्यों जाएं: पूर्वी अफ्रीका के तट पर सेशेल्स, एक द्वीपसमूह है जिसमें हिंद महासागर में 115 द्वीप शामिल हैं। देश लुभावनी मूंगा चट्टानों और समुद्र तटों का घर है जो सीधे स्वर्ग से बाहर हैं। जीवों में अल्डबरा कछुए जैसे दुर्लभ जानवर होते हैं।