नोटबंदी के दौरान आप ने तो नहीं की यह गलती, 10 हजार लोगों को जारी हुए नोटिस

नोटबंदी के बाद अगर आपने खाते में अपनी आय से ज्यादा राशि जमा की है तो फिर बेनामी कानून के तहत कार्रवाई होने के लिए तैयार हो जाइये। आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद पूरे देश में 10 हजार लोगों को इस तरह का नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। आने वाले हफ्तों में कई लोगों को ऐसा नोटिस भेजा जाएगा।

हो सकती है जेल

बेनामी कानून के तहत भेजे गए इस नोटिस में अगर कोई भी व्यक्ति सवालों का जवाब संतोषपूर्वक नहीं देता है तो फिर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। विभाग ने जिस व्यक्ति के नाम खाता है और जिसने इस खाते में पैसा जमा कराया है,

उन सभी को नोटिस भेजा है। कई लोगों ने नोटबंदी के बाद दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसा जमा करा दिया था। इससे जिसकी आय कम थी, उसके खाते में भी कई गुणा ज्यादा पैसा जमा हो गया था। खासतौर पर जनधन खातों में सबसे ज्यादा पैसा जमा किया था।

जमा हुए 80 हजार करोड़ रुपये

जनधन खातों की कुल जमा राशि 80,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई थी। यह बात वित्त मंत्रालय के एक आंकड़े में कही गई है। आंकड़े के मुताबिक इन खातों की कुल जमा राशि मार्च 2017 के बाद से लगातार बढ़ती जा रही है और नोटबंदी के बाद इसमें सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। ये 11 अप्रैल 2018 को 80,545.70 करोड़ रुपये के स्तर पर थी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन खातों की जमा नवंबर 2016 के आखिरी दिनों में तेजी से बढ़कर 74,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई थी, जो माह के शुरू में करीब 45,300 करोड़ रुपये थी, क्योंकि 500 रुपये और 1,000 रुपये मूल्य के खारिज किए गए नोटों को लोगों ने तेजी से अपने-अपने खातों में जमा किया था। इसके बाद इन खातों की जमा में गिरावट आई थी और फिर मार्च 2017 के बाद से इसमें लगातार वृद्धि दिख रही है।

इन लोगों को भेजे गए नोटिस

जिन लोगों को आयकर विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जा रहा है उनमें अमीर व्यक्तियों के ड्राइवर, पत्नियां और रिश्तेदार तक शामिल हैं।

पेट्रोल पंप पर इस तरह आपके साथ होता है धोखा, बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

कार चलाने वालों के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है पेट्रोल और डीजल का खर्च। अगर आपसे कहा जाए कि पेट्रोल और डीजल पर आप जितना खर्च करते हैं आपका वास्तविक खर्च उससे कहीं कम है तो। हैरान हो गए न।

दरअसल कई बार हम अन्जाने में हम ख्याल नहीं रख पाते और पेट्रोल पंप वाले अपनी चालाकियों से और परेशान कर देते हैं पैसे 1 लीटर पेट्रोल के देते हैं और बदले में मिलता है सिर्फ आधा लीटर।

इतनी चालाकी से आपकी जेब काटी जाती है कि आपको पता भी नहीं चलता। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अपने इस ऑर्टिकल में हम आपको हर उस तरीके के बारे में बताएंगे जिससे कि पेट्रोल पंप वाले आपको ठगते हैं।

पेट्रोल भराने के लिए टंकी खाली होने का इंतजार न करें-

टंकी में तेल रहते हुए उसमें पेट्रोल-डीजल जलवाएं क्योंकि एक दम खाली हो जाने पर टंकी में हवा भर जाती है जिससे कि आप जितना तेल डलवाते हैं उससे कम भरता है लेकिन पैसा आपको पूरा देना पड़ता है।

रोक-रोक कर भरा जाए पेट्रोल-

पेट्रोल भरते समय अगर मीटर बार-बार रुक रहा है तो आप भी रूक जाएं। इस तरह से पेट्रोल की मात्रा कम हो जाती है। इसलिए अगर किसी पेट्रोल पंप पर ऐसी मशीन है तो इस मशीन पर पेट्रोल भरवाने से बचें, क्योंकि इसमें आपका ही नुकसान है।

मीटर की स्पीड पर रखें नजर-

मीटर अगर बहुत तेज भाग रहा हो तो भी चौंकन्ने हो जाए। और काम कर रहे कर्मचारी को स्पीड नार्मल करने को बोलें।

तो अगली बार जब भी आप पेट्रोल पंप पर टंकी फुल कराएं तो ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखते हुए ही सारा काम करें।

इन 10 देशों में मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी, 12.50 लाख रु महीने तक औसत इनकम

नौकरी करने के लिए यदि आप विदेश जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। बहुत से लोग भारत से बाहर काम की तलाश में जाते हैं लेकिन सभी देशों में आपको आजीविका के बेहतर संसाधन मिले ये जरूरी नहीं होता।

ऐसे में स्विट्जरलैंड, अमेरिका और हांगकांग कुछ ऐसे देश हैं जहां की कंपनियां अपने अप्रवासियों यानी दूसरे देशों से काम करने के लिए आने वालों को आकर्षक सैलरी देती हैं। एचएसबीसी की एक रिपोर्ट के आधार पर हम यहां दुनिया के टॉप 10 देशों के बारे में बता रहे हैं, जहां अप्रवासियों को ज्यादा सैलरी मिलती है।

28 फीसदी को मिला प्रमोशन

एक सर्वे के मुताबिक, 45 फीसदी अप्रवासियों ने कहा कि उनकी कंपनियां बाकी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की तुलना में ज्यादा सैलरी देती हैं, जबकि 28 फीसदी लोगों को कंपनी की तरफ से प्रमोशन भी दिया गया। एक सर्वे में HSBC ने उन देशों की एक लिस्ट जारी की है जो अप्रवासियों को सालाना सबसे अधिक सैलरी देते हैं।

सैलरी के मामले में टॉप 10 देश

देश                         वार्षिक वेतन (करोड़ रुपए)
स्विट्जरलैंड             1.50
अमेरिका                  1.37
हांगकांग                  1.30
चीन                         1.28
सिंगापुर                   1.20
यूएई                        1.15
भारत                      0.98
इंडोनेशिया              0.95
जापान                    0.94
ऑस्ट्रेलिया              0.93

सैलरी के मामले में टॉप पर स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड की बात की जाए तो यहां पर स्काई-हाई माउंटेंस और कीमतें दोनों ही फेमस हैं। यहां पर वार्षिक आय में 61,000 डॉलर की वृद्धि देखी गई है।

जबकि अप्रवासियों का सालाना औसत वेतन 2,03,000 डॉलर (1.50 करोड़ रुपए) है जो वैश्विक स्तर से दोगुना है। लेकिन अगर बच्चों के पालन-पोषण की बात की जाए तो यह देश काफी महंगा है।

रहने और काम करने के लिए बेस्ट है सिंगापुर

एचएसबीसी के वार्षिक एक्सपैट एक्सप्लोरर में, सिंगापुर रहने और काम करने के लिहाज से दुनिया का सबसे बेहतर देश है और उसने लगातार चौथे साल यह उपलब्धि हासिल की है।

इसके बाद न्यूजीलैंड, जर्मनी और कनाडा आते हैं। वार्षिक एक्सपैट एक्सप्लोरर में कहा गया है कि सिंगापुर रहने और नौकरी करने के लिए सबसे अच्छी जगह है।

HSBC ने भी कहा है कि सिंगापुर एक ऐसा देश है जहां अप्रवासियों को हर वह चीज मिलती है जो उन्हें चाहिए। वहीं परिवार के पालन-पोषण के लिए स्वीडन को भी सबसे अच्छा देश माना गया है।

विदेश जाने में पीछे हैं महिलाएं

22,318 लोगों पर हुए इस सर्वेक्षण से खुलासा हुआ है कि महिलाओं की संख्या विदेश जाने वाले पुरुषों की संख्या में काफी कम है।

महिलाओं की सैलरी में 27 फीसदी बढ़ोतरी करने के बावजूद केवल एक तिहाई महिलाएं ही अपने करियर के प्रति सजग हैं। सर्वे में पाया गया कि पुरुषों के मुकाबले आधी से भी कम महिलाएं फुलटाइम काम करती हैं।

भारत में आ सकता है सबसे बड़ा तूफान, इन राज्यों में हाई अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने सोमवार को ओडिशा के लिए चक्रवात की चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।

जिसकी वजह से ओडिशा के कई हिस्सों में 9 से 12 अक्टूबर भारी बारिश की संभावना है। कहा गया है कि दक्षिणी ओडिशा तट के कुछ इलाकों में  मूसलाधार बारिश हो सकती है।

इसके अलावा यह भी कहा गया कि तटीय इलाकों में कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश और अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश के मद्देनजर मछुआरों को 9 से 12 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्री इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तूफानी हवाएं 45-55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलन सकती हैं।।

भुवनेश्वर मौसम विभाग केंद्र के निदेशक एच.आर. बिस्वास ने कहा कि दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों के आस-पास के जिलों में 11 अक्टूबर शाम से तूफानी हवाओं के 70-80 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

गांव के छोरे ने पायलट बन पूरा किया वायदा, मां-बाप सहित बुजुर्गों को करवाई हवाई सैर

हिसार के सारंगपुर गांव के विकास ज्याणी ने पायलट बनते ही अपना व गांव के बुजुर्गों का सपना पूरा कर दिया। विकास ने गांव के बुजुर्गों को वायदा किया था कि अगर उसकी पायलट की नौकरी लगती है तो वे गांव के बुजुर्गों को उपने खर्चे पर हवाई सफर करवाएगा।

विकास की कड़ी मेहनत रंग लाई और वे पायलट लग गया। अपना वायदा पूरा करते पुए उसने बुजुर्गों को हवाई जहाज में सफर करवाया और दर्शनीय स्थलों के दर्शन करवाए।

जानकारी के मुताबिक विकास ने बुजुर्गों से वादा किया था कि उसकी नौकरी लगने के बाद वो सभी बुजुर्गों को हवाई जहाज में जरूर घूमा कर लाएगा। अब नौकरी लगते ही विकास ने गांव के बुजुर्गों को इंडिगो हवाई जहाज में 3 अक्टूबर को दिल्ली से लेकर गए और अमृतसर गए।

यहां पर पांच अक्टूबर तक स्वर्ण मंदिर, बाघा बॉर्डर समेत कई जगहों पर बुजुर्गों को घुमाया और पांच अक्टूबर को वापस लौट आए।

हिसार से करीब 15 किलोमीटर दूर सारंगपुर गांव है। ग्रामीण क्षेत्र के इन बुजुर्गों को अब यह सपना हकीकत में बदलने के बाद खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे है। यहां पर गांव के 70 साल से ज्यादा उम्र के 22 महिला और पुरुषों को हवाई जहाज में यात्रा करवाई और सारा खर्च भी विकास ने उठाया।

बुजुर्गों को प्लेन में सफर कराना किसी तीर्थ से कम नहीं

विकास के पिता महेंद्र ज्याणी ने कहा कि बुजुर्गों को प्लेन में सफर कराना किसी तीर्थ से कम नहीं है। बेटे ने नेक काम किया है। 90 वर्षीय जीता देवी ने कहा कि, उन्होंने कभी ऐसी चीज का सपना तक देखा नहीं था।

बहुत से लोग बुजुर्गों से वादे करते हैं लेकिन कुछ लोग अपने बचन पर कायम रहते हैं। 78 वर्षीय राममूर्ति औऱ 78 वर्षीय कांकरी ने कहा कि, यह उनकी जिंदगी का सबसे शानदार अनुभव था। उन्होंने साथ के लोगों की भी प्रशंसा की जिन्होंने उन्हें फ्लाइट में मदद की

कभी नहीं सोचा था कि हवाई जहाज का सफर करेंगे

दिल्ली से अमृतसर की यात्रा करने वाले लोगों में 90 वर्षीय जीता देवी, 82 वर्षीय बिमला, 78 वर्षीय राममूर्ति, 78 वर्षीय कांकरी, 75 वर्षीय गिरदावरी, 80 वर्षीय अमर सिंह, 75 वर्षीय सुरजाराम, 75 वर्षीय खेमाराम, 72 वर्षीय आत्माराम, इंद्र, जगदीश, सतपाल शामिल है।

उन्होंने बताया कि, उनके लिए ये सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि, वह हवाई जहाज का सफर करेंगे।

इन बीमारीओं के मरीजों को फ्री में मिलती है ट्रेन की टिकट, जानें बीमारीओं के नाम

भारतीय रेलवे गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को टिकट में कन्सेशन देता है। कुछ बीमारियों में तो कन्सेशन 100 % तक है। आप भी यदि ऐसी बीमारी से जूझ रहे हैं या आपका कोई परिचित इनका शिकार है तो आप रेलवे द्वारा दिए जाने वाले कन्सेशन का फायदा उठा सकते हैं।

रेलवे ने खुद इसकी जानकारी अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर दी है। हम बता रहे हैं कौन-कौन सी बीमारियों के लिए रेलवे यात्रा में कन्सेशन देता है। खास बात ये है कि इसमें मरीजों के साथ ही सहायकों को भी कन्सेशन दिया जाता है।

कैंसर

कैंसर पेशेंट को अकेले या सहायक के साथ यात्रा करने पर फर्स्ट क्लास, सेकंड क्लास और एसी चेयरकार में 75 परसेंट कन्सेशन मिलता है। स्लीपर और थर्ड एसी में सौ परसेंट कन्सेशन मिलता है। फर्स्ट एसी और सेकंड एसी में 50 परसेंट कन्सेशन मिलता है।

थैलेसीमिया, हार्ट, किडनी

थैलेसीमिया, हार्ट और किडनी के पेशेंट को भी कन्सेशन मिलता है। थैलेसीमिया पेशेंट यदि चेकअप के लिए जाते हैं तो वे कन्सेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसी तरह हार्ट सर्जरी या किडनी ट्रांसप्लांट, डायलिसिस वाले मरीज को भी कन्सेशन मिलता है।

इन्हें सेकंड क्लास, स्लीपर, फर्स्ट क्लास, थर्ड एसी, एसी चेयरकार में 75 परसेंट कन्सेशन मिलता है। फर्स्ट एसी और सेकंड एसी में 50 परसेंट तक कन्सेशन मिलता है। पेशेंट के साथ एक सहायक भी कन्सेशन के दायरे में आते हैं।

हीमोफीलिया

इस बीमारी से जूझ रहे पेशेंट को सेकंड क्लास, स्लीपर, फर्स्ट क्लास, थर्ड एसी, एसी चेयरकार में 75 परसेंट तक कन्सेशन मिलता है। एक सहायक भी कन्सेशन के दायरे में आता है।

टीबी, लुपस, एड्स

टीबी, लुपस पेशेंट को सेकंड क्लास, स्लीपर और फर्स्ट क्लास में 75 परसेंट तक कन्सेशन मिलता है। नॉन इन्फेक्टियस कुष्ठ मरीजों को भी यही कन्सेशन मिलता है। इनके साथ जाने वाले सहायक भी कन्सेशन के पात्र होते हैं।

एड्स, ऑस्टोमी

एड्स, ऑस्टोमी पेशेंट को सेकंड क्लास में 50 परसेंट कन्सेशन मिलता है। सहायक भी कन्सेशन के लिए पात्र होते हैं। ऑस्टोमी के मरीजों के लिए मासिक और तिमाही पास बनते हैं। इन्हीं पास के आधार पर इन्हें छूट मिलती है।

सिकल सेल एनीमिया

सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों को स्लीपर, एसी सेकंड, थर्ड एसी, एसी चेयरकार क्लास में 50 परसेंट तक कन्सेशन मिलता है।

जापान का पासपोर्ट बना दुनिया में सबसे ‘पावरफुल’, जानें किस पायदान पर है भारत

किसी भी देश का पासपोर्ट दुनिया में उस देश की साख को प्रस्तुत करता है. और पॉवरफुल पासपोर्ट का मतलब ये है कि आप कितने अधिक देशों की यात्रा बिना वीजा के कर सकते हैं. यानी पावरफुल पासपोर्ट पर वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाती है.

अगर आपके पास जापान का पासपोर्ट है तो आप खुद को सबसे पावरफुल कह सकते हैं, क्योंकि पूरी दुनिया में जापान के पासपोर्ट को सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट का दर्जा दिया गया है. पासपोर्ट की ग्लोबल इंडेक्स रैंकिंग को जापान के पासपोर्ट को सबसे ज्यादा वजनी यानी पावरफुल बताया गया है.

इस लिस्ट में हमेशा से यूरोपीय देशों का दबदबा रहा है, लेकिन पिछले दो साल से एशिया के देशों ने इस पर कब्जा जमा लिया है.

हैनले (Henley) पासपोर्ट इंडेक्स ने वर्ष 2018 के पावरफुल वीजा की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट के मुताबिक, जापान के पासपोर्ट इस इंडेक्स में शीर्ष स्थान पर रखा गया है. जापान के पासपोर्ट को 190 देशों से वीजा ऑन अराइवल का दर्जा मिला हुआ है.

जापान यह टॉप पोजीशन सिंगापुर को पछाड़ कर हासिल की है. बीते साल सिंगापुर इस लिस्ट में शीर्ष पर था. सिंगापुर के पासपोर्ट पर बिना पूर्व वीजा के 189 देशों की यात्रा कर सकते हैं. जापान की रैंकिंग में इस साल म्यांमार से अराइल ऑन वीजा की सुविधा मिलने के बाद सुधार हुआ है.

इस तरह सिंगापुर इस लिस्ट में अब पहले स्थान से खिसककर दूसरे स्थान पर और जर्मनी दूसरे स्थान से नीचे आकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. तीसरे स्थान पर जर्मनी के साथ दक्षिण कोरिया और फ्रांस भी शामिल हो गए हैं. तीसरे स्थान के पासपोर्ट धारक 188 देशों की यात्रा कर सकते हैं. फ्रांस और दक्षिण कोरिया को म्यांमार और उज़्बेकिस्तान ने अराइवल की सुविधा दी है.

बीते साल सिंगापुर इस लिस्ट में टॉप पर था और उसके बाद दूसरे नंबर पर जर्मनी, तीसरे नंबर पर स्वीडन और दक्षिण कोरिया थे. भारत 75वें स्थान पर था और भारत का वीजा फ्री स्कोर 51 था. अफगानिस्तान इस लिस्ट में सबसे नीचे था. उसके पास सिर्फ 22 अंक थे.

भारत 81वें स्थान पर

इस इंडेक्स में भारत को 81वीं रैंक पर रखा गया है. भारत के पासपोर्ट पर 60 देशों की यात्रा की अनुमति है. वहीं अगर पाकिस्तान की बात की जाए वह 104वें स्थान पर है. पाकिस्तानी पासपोर्ट होल्डर 33 देशों की यात्रा कर सकता है.

अमेरिका और ब्रिटेन, दोनों ही देशों के पासपोर्ट 186 देशों की यात्रा के साथ इस इंडेक्स में 5वें स्थान पर है. इंडेक्स के अंतिम पायदान पर अफगानिस्तान और इराक को जगह दी गई है. इन देशों के पासपोर्ट पर केवल 30 देशों के यात्रा की अनुमति मिली हुई है.

रूस और चीन की बात की जाए तो दोनों ही देश अपनी बॉडर लाइन को पकड़े हुए हैं. रूस एक अंक गिरकर 46 से 47वें स्थान पर पहुंच गया है. चीन की रैंकिंग में भी दो अंक गिरे हैं और इस तरह चीन 71वें स्थान पर पहुंच गया है.

हैनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनियाभर के देशों के पासपोर्ट को उनकी देशों की वैधता के स्थान पर रैंकिंग देता है. ये आंकड़े इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से इकट्ठा किए जाते हैं.

अब आपको इतना सस्ता मिलेगा पेट्रोल डीज़ल, वित्त मंत्री ने की ये बड़ी घोषणा

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर डेढ़ रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला लिया है। गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि तेल कंपनियां भी एक रुपए रेट कम करेंगी। इस तरह पेट्रोल-डीजल 2.5 रुपए सस्ता हो जाएगा।

राज्यों से भी इतनी ही कीमतें कम करने के लिए कहा गया है। ताकि उपभोक्ताओं को तत्काल 5 रुपए तक की राहत मिल सके।

केंद्र सरकार पेट्रोल पर अभी 19.48 रुपए और डीजल पर 15.33 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। इससे पहले सरकार ने अक्टूबर 2017 में एक्साइज ड्यूटी दो-दो रुपए घटाई थी

क्या बोले वित्त मंत्री अरुण जेटली?

वित्त मंत्री ने कहा- ‘केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल में 5 रुपए प्रति लीटर की कमी लाना चाहती है,
ढाई रुपए की राहत तुरंत मिलेगी,

क्योंकि तेल कंपनियों को भी रेट एक रुपए घटाने के निर्देश दिए गए, वहीं राज्य से भी पेट्रोल-डीजल में 2.5 रुपए प्रति लीटर की कटौती करने को कहा गया है।’

जेटली ने बताया कि इस फैसले से इस साल एक्साइस डयूटी पर 10,500 करोड़ रुपए का असर पड़ेगा। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल में 15 पैसे की बढ़ोतरी की गई।

इसके साथ यहां रेट 84 रुपए प्रति लीटर हो गया है। मुंबई में 14 पैसे महंगा होकर 91.34 प्रति लीटर पर पहुंच गया। दिल्ली में डीजल में 20 पैसे और मुंबई में 21 पैसे का इजाफा किया गया।

AC गैस लीक होने से हो सकती है मौत, इस तरह करो गैस लीक होने की पहचान

बुधवार को चेन्नई में एयर कंडीशनर (AC) तीन लोगों की मौत की वजह बना। पुलिस के मुताबिक, बत्ती गुल होने के बाद इन लोगों ने इन्वर्टर ऑन किया। फिर एसी ऑन करके सो गए। रात में बत्ती आ गई थी लेकिन इन्वर्टर चलता रहा। इसी दौरान एयर कंडीशनर से गैस लीक हुई।कमरे का कोई भी दरवाजा या खिड़की खुली हुई नहीं थी।

संभवत इसी कारण लीक हो रही गैस में दम घुटने से कमरे में सो रहे तीनों लोगों की जान चली गई। हमने इस बारे हमने  डॉ. अशोक शर्मा से बात कर जाना कि आखिर एसी में ऐसी कौन सी गैस होती है जो किसी की जान तक ले सकती है और यह किन कंडीशन में लीक हो सकती है।

ऐसी कौन सी गैस होती है एसी में…

  • डॉ. शर्मा ने बताया कि कुछ सालों पहले तक जो एसी मार्केट में आ रहे थे, उनमें मुख्यरुप से क्लोरोफ्लोरो (CFC) गैस का उपयोग हो रहा था।
  • इसके लीक होने से ग्लोबल वॉर्मिंग का खतरा तो बढ़ता ही है साथ ही गैस का अधिक मात्रा में एक्सपोजर हो और यह सांसो के जरिए बॉडी में जाए तो हद्य की गति को अनियंत्रित कर सकती है।
  • एसी में इसका यूज कूलिंग के लिए किया जाता है।

गैस लीक क्यों हुई?

  • पुलिस के मुताबिक, एसी में खराबी थी। इसी कारण गैस लीक हुई।

गैस लीक होने की पहचान क्या है?

  • पैनासोनिक कंपनी के एग्ज्युकेटिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि तीन से चार साल पहले जो एसी आ रहे थे, उनमें क्लोरोफ्लोरो गैस का इस्तेमाल हो रहा था। अब नए एसी में R32 गैस का यूज हो रहा है।
  •  जिस तरह गैस सिलेंडर के लीक होने पर स्मैल आती है, उसी तरह एसी की गैस लीक होने पर भी स्मैल आती है। ऐसी स्मैल आने पर तुरंत एक्सपर्ट को एसी दिखाना चाहिए।

कौन सी बातों का ध्यान रखना जरूरी…

  • साल में कम से कम 3 बार एसी का मेंटेनेन्स करवाएं। दो बार तो करवाना ही चाहिए।
  • एसी के लिए हमेशा ब्रांडेड केबल का इस्तेमाल करें।
  • नया एसी खरीद रहे हैं तो कोशिश करें कि सबसे लेटेस्ट रेटिंग वाला एसी ही खरीदें। इससे बिजली की भी बचत होगी।
  • एसी की सर्विसिंग के दौरान अंदर और बाहर से उसकी अच्छे से क्लीनिंग करवाएं।
  • एसी के साथ सेपरेट एमसीबी भी लगा सकते हैं। इससे पावर का लोड एसी पर नहीं आता। पावर लोड आने से भी शॉर्ट सर्किट हो सकता है। जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
  • पावर एक्सटेंशन कार्ड में भी एसी को कभी न लगाएं।

  • इन्वर्टर जब चलाएं तो एसी का यूज अवॉइड करें। यूज कर ही रहें हैं तो लाइट आते ही इन्वर्टर को बंद करना न भूलें।
  • एसी का कोई भी पार्ट डैमेज हो जाए तो उसे तुरंत रिपेयर करवाएं।
  • एयर फिल्टर को रेग्युलरी चेंज करवाते रहें।
  • हमेशा किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन से ही एसी रिपेयर करवाएं। आप ऑफिशियल सर्विस सेंटर में एसी को रिपेयर के लिए ले जाएं तो बेहतर होगा।

AC की वजह से एक परिवार की हुई मौत, अगर आपके पास भी है ऐसा AC तो हो जाइए सावधान

चेन्नई के तिरुवल्लुवर नगर में रात में सोते वक्त एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसी से जहरीली गैस रिसने की वजह से हादसा हुआ।

पड़ोसियों को तब शक हुआ जब सुबह के वक्त परिवार के लोग अखबार और दूध का पैकेट उठाने के लिए नहीं आए। मृतकों में एक आठ साल का बच्चा भी शामिल है।

पुलिस के मुताबिक रात इलाके में बिजली चली गई थी, जिसकी वजह से दंपत्ति ने इंवर्टन चालू किया। कुछ देर बाद बिजली तो आ गई, लेकिन खराब एसी की वजह से उससे गैस का रिसाव होने लगा। उसी गैस की वजह से दंपत्ति समेत बच्चे की मौत हो गई।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए किल्पौक मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।