इस तरह से पढ़ना शुरू कर दें श्री हनुमान चालीसा, हो जायेंगे मालामाल

Hanuman Chalisha के बारे में श्री गोस्वामी तुलसीदास जी ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि इसका पाठ करके कोई भी अपने जीवन के सभी दुखों से छुटकारा पा सकता है। उसकी धन संबंधित समस्या, पारिवारिक समस्या, व्यापार, नौकरी की चिंता या न अन्य कोई समस्या ही क्यों न हो श्री हनुमान जी दूर कर ही देते हैं।

श्री गोस्वामी जी कहते हैं मालामाल होने का एकमात्र यही अर्थ नहीं की व्यक्ति को केवल धन मिल जाये तो वही मालामाल कहलायेगा। वे कहते मालामाल का मतलब यह भी हैं कि जिनके उपर भगवान श्री हनुमान जी की विशेष कृपा हो जात हैं, वास्तव ऐसा व्यक्ति ही मालदार या मालामाल कहलाता है, अर्थात उनके जीवन के सारे अभाव दूर हो जाते हैं।

।। अथ श्री हनुमान चालीसा ।।

।। दोहा ।।

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि ।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥
बुद्धिहीन तनु जानिकै सुमिरौं पवनकुमार ।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥

।। चौपाई ।।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥
राम दूत अतुलित बल धामा ।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥
महावीर विक्रम बजरंगी ।
कुमति निवार सुमति के संगी ॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुंडल कुंचित केसा ॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै ।
काँधे मूँज जनेऊ साजै ॥
शंकर सुवन केसरी नंदन ।
तेज प्रताप महा जग बंदन ॥

विद्यावान गुनी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया ।
राम लखन सीता मन बसिया ॥
सूक्ष्म रूप धरी सियहिं दिखावा ।
बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥

भीम रूप धरि असुर सँहारे ।
रामचन्द्र के काज सँवारे ॥
लाय सँजीवनि लखन जियाए ।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाए ॥
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई ।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं ।
***** कहि श्रीपति कंठ लगावैं ॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा ।
नारद सारद सहित अहीसा ॥
जम कुबेर दिक्पाल जहाँ ते ।
कबी कोबिद कहि सकैं कहां ते ॥

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा ।
राम मिलाय राजपद दीन्हा ॥
तुम्हरो मन्त्र बिभीषन माना ।
लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥
जुग सहस्र जोजन पर भानू ।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥
दुर्गम काज जगत के जेते ।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥
राम दुआरे तुम रखवारे ।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥

सब सुख लहै तुम्हारी शरना ।
तुम रक्षक काहू को डरना ॥
आपन तेज सम्हारो आपै ।
तीनौं लोक हाँक ते काँपे ॥
भूत पिशाच निकट नहिं आवै ।
महाबीर जब नाम सुनावै ॥

नासै रोग हरै सब पीरा ।
जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै ।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ॥
सब पर राम तपस्वी राजा ।
तिन के काज सकल तुम साजा ॥

और मनोरथ जो कोई लावै ।
सोहि अमित जीवन फल पावै ॥
चारों जुग परताप तुम्हारा ।
है परसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु संत के तुम रखवारे ।
असुर निकंदन राम दुलारे ॥

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता ।
***** बर दीन्ह जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा ।
सदा रहो रघुपति के दासा ॥
तुम्हरे भजन राम को पावै ।
जनम जनम के दुख बिसरावै ॥

अंत काल रघुबर पुर जाई ।
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥
और देवता चित्त न धरई ।
हनुमत सेइ सर्व सुख करई ॥
संकट कटै मिटै सब पीरा ।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ३६ ॥

जय जय जय हनुमान गोसाईं ।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥
जो शत बार पाठ कर कोई ।
छूटहि बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा ।
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा ।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा ॥

।। दोहा ।।

पवनतनय संकट हरन मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप ॥

।। श्री हनुमान चालीसा समाप्त ।।

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सिर्फ एक मशीन दूध से बना देती है दही, पनीर, घी, छाछ और क्रीम, दूध से चौगुणा मुनाफा लेने के लिए आज ही खरीदें

देश में डेयरी उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है। जैसे-जैसे लोगों की आय में बढ़ोतरी हो रही है और जीवन स्तर सुधर रहा है डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर, घी, छाछ, क्रीम आदि की खपत बढ़ती जा रही है। यानी अब पहले की तरह डेयरी से जुड़े लोग सिर्फ दूध के व्यापार तक सीमित नहीं हैं। बल्कि अब डेयरी उद्योग में लगे किसानों और व्यापारियों के लिए दही, पनीर, देसी घी, खोया बनाकर बेचेने में भी अपार संभावनाएं हैं।

दूध की नहीं मिलती वाजिब कीमत

अक्सर देखा जाता है कि दूध गांवों और छोटे शहरों में पशुपालन करने वाले किसान अपना ध्यान सिर्फ दूध बेचने पर ही केंद्रित रखते हैं। जो किसान या डेयरी फार्म संचालक दूध सीधे बाजार में बेच देते हैं यानी सीधे ग्राहकों तक पहुुंचाते हैं उन्हें तो काफी फायदा हो जाता है लेकिन जो लोग ऐसा नहीं कर पाते उन्हें मजबूरन दूध को तमाम निजी डेयरी कंपनियों के केंद्रों पर ओने-पौने दाम पर बेचना पड़ता है।

पनीर, खोया, देसी घी बनाने में है फायदा

इन डेयरी किसानों को लगता है कि वो आखिर करें भी तो क्या?, आखिर उन्हें दूध की कीमत कैसे मिले। ऐसे में हम आपको कुछ तरीके बताते हैं जिनसे आप इसी दूध से ज्यादा पैसा कमा सकते हैं। जिन किसानों या डेयरी संचालकों के पास रोजना 100 लीटर से ज्यादा का दुग्ध उत्पादन होता है वे लोग खुद का पनीर, दही, छाछ, खोया और देसी घी बनाकर बेचे तो उन्हें काफी फायदा हो सकता है।

बाजार में गाय का दूध चालीस से पैंतालीस रुपये और भैंस का दूध 50 से 55 रुपये प्रति लीटर आसानी से बिकता है लेकिन किसान इसे सीधे ग्राहकों को नहीं बेच पाते हैं और उन्हें डेयरी कंपनियों की तरफ से गाय के दूध का 25 से 30 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 35 से 40 रुपये प्रति लीटर दाम मिलता है। लेकिन यही किसान यदि दूध के कुछ हिस्से का देसी घी, खोया, पनीर और दही बनाकर बाजार में बेचें तो उन्हें अच्छे दाम मिल सकते हैं।

एक मशीन से बनते हैं सभी डेयरी उत्पाद

इसके लिए आपको एक खोया, पनीर और देसी घी बनाने वाली मशीन खरीदनी होगी। एलपीजी गैस और बिजली से चलने वाली इस मशीन के जरिए मिनटों में दूध को गर्म किया जा सकता है और जरूरत के हिसाब से खोया, पनीर, दही और देसी घी बनाया जा सकता है। बाजार में 100 लीटर दूध की क्षमता वाली मशीन की कीमत करीब 80 हजार के आस-पास है।

ये मशीन 150 लीटर, 200 लीटर, 300 लीटर की क्षमता में भी मिलती है और इसका इस्तेमाल करना काफी आसान है। इन प्रोडक्ट को बनाने का फायदा ये भी है कि दूध को दो से चार घंटे तक ही रखा जा सकता है लेकिन यदि इससे खोया, देसी घी और पनीर जैसी चीजें बना दी जाएं तो एक से दो दिनों तक रखा जा सकता है और अच्छी कीमत पर बाजार में बेचा जा सकता है।

अपना ब्रांड भी बनाकर बेच सकते हैं

जिन डेयरी संचालकों के पास दूध की अधिकता है और मार्केट भी है तो वो अपना ब्रांड बनाकर भी इन उत्पादों को बेच सकते हैं। बाजार में शुद्ध और मिलावट रहित दूध, पनीर और देसी घी की खासी मांग है और ये अच्छे दामों पर आसानी से बिक जाते हैं।

खोवा बनाने वाली मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो देखें

इस जंगली फल का है यह कमाल, सिर्फ 48 घंटों में ठीक होगा कैंसर

कैंसर जैसी भयानक बीमारी की चपेट में आकर अब तक बहुत सारे लोग मौत की नींद सो चुके हैं। जागरूकता और सही समय पर इलाज की कमी के चलते लोग इस बीमारी को मात नहीं दे पा रहे लेकिन इन दिनों इंटरनेट पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि एक ऐसा फल खोजा गया है जो मिनटों में ही कैंसर का इलाज करने में सक्षम है।

जंगली फल के बीज का कमाल

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कैंसर की प्राकृतिक दवा खोज ली है, जिसे मिनटों में इस बीमारी को मात मिलेंगी। सोशल मीडिया में भी इस बात को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि एक जंगली फल के बीजों में यह जादुई इलाज छिपा है। दरअसल, कैंसर की दवाइएं बनाने में जिस चीज का इस्तेमाल होता हैं, वह इस फल के बीजों में भरपूर मात्रा में पाई जाती है।

आस्ट्रेलिया के जंगलों में है यह वृक्ष

उत्तरी आस्ट्रेलिया के जंगलों में पाए जाने वाला यह पेड़ दुर्लभ वनस्पति हैं जो कुछ खास इलाकों में ही पाई जाती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों को भी यह कैंसर की दवा इत्तेफाक से मिल गई है। आस्ट्रेलिया में किसी चीज का शोध करते वैज्ञानिकों ने देखा कि आस्ट्रेलियन ब्लशवुड नाम के एक जंगली पेड़ पर कुछ फल लगे हुए थे, जैसे ही जंगली जानवर इन फलों को खाते तो बीजों को तुरंत थूक देते थे।

जानवरों के इन अजीब व्यवहार की जांच करने के लिए वैज्ञानिकों ने इन बीजो की जांच की और पाया कि इनमें कैंसर नष्ट करने वाले तत्व इतनी ज्यादा मात्रा में हैं कि इन्हें खाने से कैंसर कुछ ही मिनटों में ठीक हो सकता है। इस फल को “ब्लशवुड बेर(blushwood berry )” कहा जाता है।

कम बजट में चाहते हैं विदेश घूमना तो यह हैं 5 बेस्ट देश, सिर्फ 20 हज़ार आएगा खर्च

अगर आप कम बजट में विदेश घूमना चाहते हैं तो अब आपके सामने काफी विकल्प हैं। इन पांच देशों में घूमने के लिए बहुत कम खर्चा करना पड़ेगा, कई बार होता है कि हमें घूमना तो होता है लेकिन हमें पता नहीं होता कि कौन सी जगह घूमने के लिए सही है। हम आपको सबसे सस्ते इंटरनेशनल टूर के बारे में बता रहे हैं, जो आपके बजट में होंगे।

भूटान: अगर आप शांत और हरियाली भरी जगह पर जाना चाहते हैं तो भूटान सबसे सही जगह है। यहां की हवाओं में आपको भगवान बुद्ध के विचार महसूस होंगे।

रोड़ ट्रिप: बस का किराया 1900 रुपए है और 5 घंटे में आप भारत से भूटान पहुंच जाएंगे।
स्टे: आपको यहां पर 500 रुपए में अच्छे होटल मिल जाएंगे।
खाना: 480 रुपए में यहां पर दो लोग आराम से खाना खा सकते हैं।
जगहें: पारो, थिम्पू, पुनाखा, मंदिर, फार्म हाउस, तकिन ज़ू।
बजट: चार दिन के लिए 20000 रुपए।

सिंगापुर: अगर आप नाइट लाइफ के शौकीन हैं तो आपके लिए सिंगापुर सबसे अच्छी जगह है। यहां पर आप सबसे पहला कसिनो देख सकते हैं।

किराया: 27,877 रुपए।
स्टे: 4 दिन के लिए अगर आप यहां रहते हैं तो आपको 2 से 3 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ेंगे।
जगहे: नेशनल म्यूजियम ऑफ सिंगापुर, अंडरवाटर वर्ल्ड, डॉलफिन लगुन।
बजट: 55 से 60 हजार।

वियतनाम: घूमने के लिए वियतनाम भी एक अच्छी जगह है। यहां आकर आपको ना केवल शांति मिलेगी साथ ही एक तरह की संतुष्टि भी मिलेगी।

फ्लाइट टिकट: 16 हजार रुपए।
स्टे: एक दिन के 400 से 700 रुपए तक लगेंगे।
जगहे: हनोई, हा लॉन्ग वे, न्हा ट्रैंग, हो ची मिन सिटी।
बजट: 40 हजार रुपए

चीन: अगर तेजी से बसे हुए शहरों को देखना चाहते हैं तो चीन से बेहतर कोई जगह नहीं है।

किराया: 17,000 रुपए।
स्टे: एक रात का 500 रुपए।
जगहें: चीन की दीवार, शंघाई बंड्स, फोरबिडन सिटी, टेराकोटा आर्मी, वेस्ट लेक।
बजट: 40,000 रुपए।

श्रीलंका : यह बेस्टपैकिंग डेस्टिनेशन के नाम से जाना जाता है।

किराया: दिल्ली से 20 हजार रुपए और चेन्नई से 8000 रुपए।
स्टे: एक रात का के लिए 600 से 1000 रुपए तक।
जगहें: कोलम्बो, केंडी, नुवारा इल्लैया, टीफैक्ट्री।
बजट: 35,000 रुपए

सूरज ढलने के बाद कभी भूलकर भी न करें ये 10 काम, रूठ जाएँगी मां लक्ष्मी

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग तमाम उपाय करते हैं, जिससे घर में उनका वास हो। मगर जाने-अनजाने कई बार हम ऐसी चीजें कर जाते हैं जिससे देवी मां रूठ सकती हैं। इससे घर में दरिद्रता
भी आ सकती है। तो कौन-सी हैं वो चीजें जो हमें रात के समय नहीं करनी चाहिए, आइए जानते हैं।

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूरज ढलने के बाद हमें किसी को भी दूध, दही या अन्य कोई सफेद चीज नहीं देना चाहिए। क्योंकि इन सभी में चंद्र का वास होता है। शाम को इन्हें किसी दूसरे व्यक्ति को देने से आपका चंद्र ग्रह कमजोर हो सकता है।
  • शाम ढलने के बाद कभी भी बिस्तर पर बैठकर खाना नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इससे सोते समय आप पर नकारात्मकता हावी हो सकती है। इससे बुरे सपने दिख सकते हैं।

  • सूरज ढलने के बाद कभी भी घर में झाडू नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि इससे मां लक्ष्मी घर से जा सकती हैं। इससे धन का नाश हो सकता है।
  • सूरज ढलने के वक्त किसी को भी उधार नहीं देना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी रूठ सकती हैं। इससे आपका भाग्य का शुभ फल भी दूसरे व्यक्ति को मिल सकता है।
  • सूरज ढलने के बाद कभी भी तुलसी के पत्ते या किसी दूसरे पेड़ के पत्ते भी नहीं तोड़ने चाहिए। इससे नकारात्मकता आती है। शास्त्रों के अनुसार पेड़ में भी जीवन होता है और रात को वो भी आराम करते हैं। मगर उस वक्त पत्तियां तोड़ने से उनका अपमान होता है। इससे घर में दरिद्रता आ सकती है।
  • बहुत से लोग कामकाज से थककर आते ही सो जाते हैं, लेकिन हिंदू शास्त्रों के मुताबिक सूरज ढलने के समय कभी भी नहीं सोना चाहिए। क्योंकि इस बीच सुबह और शाम दोनों समय का मेल होता है। इस वक्त सोने से घर में कभी भी बरक्कत नहीं होती है।

  • सूरज ढलने के बाद कभी भी घर के किसी कोने में कूड़ा इक्कट्ठा नहीं रखना चाहिए। इससे घर में नकारात्मकता आती है। साथ ही मां लक्ष्मी घर से चली जाती हैं।
  • सूरज ढलने के बाद कभी घर में अंधेरा न रखें। ऐसा करने से घर में नेगेटिविटी आ सकती है। इससे बचने के दिए भगवान के सामन दीपक जरूर जलाएं।
  • शाम ढलने के बाद घर आए मेहमान को कभी खाली हाथ न भेजें, न ही उसे भूखे जाने दें। क्योंकि माना जाता है कि उस वक्त किसी का आना देवी-देवता का प्रतीक होता है। इसलिए उन्हें सम्मान के साथ विदा करें। इससे घर में खुशहाली आएगी।

जाने आखिर भारत में सूर्योदय से पहले ही क्यों दी जाती है फांसी

कानून लोगों को उनके जुर्म के अनुसार सज़ा सुनाता है. हमारे देश में मौत की सज़ा सबसे बड़ी सज़ा मानी जाती है. आपने देखा होगा कि फांसी की सज़ा होते वक़्त वहां गिनती के लोग ही मौजूद होते हैं. उन लोगों में एक तो फांसी देने वाला ज़ल्लाद होता है, कैदी की स्वास्थ्य जांच करने वाला एक डॉक्टर होता है, एक न्यायाधीश या उनके द्वारा भेजा गया कोई प्रतिनिधि और पुलिस के कुछ अधिकारी होते हैं.

नियम ये भी है कि फांसी खुले आम नहीं देनी है, ये कुछ बंद दीवारों के बीच ही होती है, सबसे आश्चर्य की बात तो ये है कि आख़िर गुनहगारों को फांसी सूर्योदय के पहले ही क्यों सुनाई जाती है? जी नहीं! ये महज़ एक इत्तिफ़ाक नहीं है, ये अनुदेशित है कि फांसी की सज़ा सुबह ही होनी चाहिए. आइये आपको बताते हैं आखिर क्यों फांसी सूर्योदय के पहले ही दी जाती है?

प्रशासनिक कारण:

जेल प्रशासन के लिए फांसी एक बड़ा काम होता है. इसलिए इसको सुबह ही निपटा दिया जाता है, ताकी फिर इसकी वजह से दिन के दूसरे काम प्रभावित ना हों. फांसी के पहले और बाद में कई तरह की प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं,

जैसे मेडिकल टेस्ट, कई रजिस्टरों में एंट्री और कई जगह नोट्स देने होते हैं. इसके बाद लाश को उसके परिवार वालों को भी सुपुर्द करना होता है. ये भी एक कारण है फांसी सुबह दिए जाने का.

नैतिक कारण:

ऐसा माना जाता है कि फांसी की सज़ा जिसको सुनाई गयी हो, उसको पूरा दिन इंतज़ार नहीं कराना चाहिए, इससे उसके दिमाग पर गहरा असर पड़ता है. इसका एक कारण ये भी है कि उसके परिवार वालों को इतना समय दे दिया जाए कि वो आराम से उसका अंतिम संस्कार कर दें.

सामाजिक कारण

किसी आदमी को फांसी देना समाज के लिए एक बड़ी ख़बर होती है. इसका समाज में गलत प्रभाव न हो और समाज में किसी भी प्रकार की अनिष्ट होने की सम्भावना को दबाने के लिए सुबह ही फांसी दे दी जाती है.

मीडिया और जनता इस वक़्त उतनी सक्रिय नहीं होती और ये समय काफी शांत होता है, जिससे कैदी मानसिक तौर पर भी कुछ हद तक तनावमुक्त रहता है.

मेहंदी में केवल यह चीज मिलाकर लगा लें, बुढ़ापे तक बाल रहेंगे काले और घने

बदलती लाइफस्टाइल में हर दूसरे इंसान के साथ ये प्रॉब्लम है कि या तो उसके बाल झड़ लग रहे है या फिर बालों के सफेद होने की समस्या आ रही है। यंगस्टर्स इस समस्या को लेकर काफी सजग हो गया है। खूबसूरती को यदि पूरी तरह से बरकरार रखना है, तो बालों का ध्यान तो रखना ही होगा।

ब्यूटीशियन रचना बजाज बताती है कि यदि आप भी अपने बालों की खूबसूरती बनाए रखना चाहती हैं तो जब भी अपने बालों में मेहंदी लगाएं तो उसमें कुछ चीजों को जरूर मिला लें। अग आप ऐसा करती है तो एक हफ्ते आपके बाल घने और चमकदार हो जाएंगे।

मिला लें ये एक चीज

जिस दिन आप मेंहदी लगानी जा रही हो उससे एक दिन पहले मेहंदी के पाउडर और बादाम के तेल की जरुरत होगी। इसके लिए आपको सबसे पहले एक बर्तन में पानी डालकर मेहंदी का पाउडर डाल कर मिलाना है। इसे हलकी आंच पर गैस पर रख कर चलाते रहना है। कुछ देर बाद इसमें बादाम का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाना है।

तैयार मिश्रण को आंच से उतार कर ठंडा होने दें। इस मिश्रण को बालों पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें। सूख जाने के बाद इसे अच्छी तरह धो लें। ऐसा चार सप्ताह तक करने आपके बाल मजबूत, घने और काले हो जाएंगे। इस उपाय का इस्तेमाल आपको सप्ताह में सिर्फ एक बार करना है।

सुंदर बालों के लिए अपनाएं ये टिप्स

  • बालों को सुंदर बनाना है तो बालों में तिल का लगाएं साथ ही, इसका सेवन बहुत लाभ पहुंचाता है। यदि आप अपने भोजन में तिल को शामिल कर लें तो आपके बाल लंबे समय तक काले और घने बने रहेंगे।
  • जब भी आप अपना सिर धोएं तो शिकाकाई पाउडर या माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें।
  • बालों को धोने से पहले एक कप चाय का पानी उबालकर उसमें एक चम्मच नमक मिलाएं। इस मिश्रण को बाल धोने से एक घंटे पहले बालों में लगाएं। बाल काले होने लगेंगे।
  • अदरक को पीसकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं और अपने सिर पर लगाएं। इस उपाय को रोजाना अपनाने से सफेद बाल फिर से काले होने लगते हैं।

दुनिया में हो रहे विनाश को दर्शाती हैं यह 15 फोटोस, देखिये 10 साल में कितनी बदल गयी है दुनिया

आज कल सोशल मीडिया पर #10yearschallenge की धूम है. इस दौरान कई लोगों ने पृथ्वी और प्रकृति के भी 10 Years Challenge की तस्वीरें शेयर की, जो वाकई काफ़ी दुख़भरी हैं. इन फ़ोटोज़ को देख कर एक बात साफ़ कही जा सकती है कि आज उत्पन्न होने वाली कई समस्याओं के ज़िम्मेदार हम हैं …

1. इतने सालों में Arctic कैप में आये इस अंतर को देख सकते हैं.

2. पेड़ों की ये दुर्दशा हमने की है.

3. एक ख़ूबसूरत समुद्र का ये हाल देख कर काफ़ी दुख़ हो रहा है.

4. ये तस्वीर परेशान कर देने वाली है.

5. कुछ कहने की आवश्यकता है क्या?

6. फ़र्क दिख रहा है न?

7. तस्वीर में पृथ्वी की चमक फ़ीकी पड़ती हुई देख सकते हैं.

8. मन वचलित कर देने वाला दृश्य.

9. स्विट्ज़रलैंड की दोनों तस्वीरें देखने के बाद, सोचिएगा.

10. क्या हम सही रास्ते पर हैं?

11. क्या आप इसे महसूस कर सकते हैं?

12. विनाश का रूप.

13. आख़िर कब सुधरेंगे हम?

14. कहने के लिये कुछ नहीं.

15. हरे-भरे पौधों को नष्ट करना हमारा फ़ितरत बन गई है.

 

चारा काटने और कुतरा करने वाली मशीन,1 घंटे में काटती है 3 टन हरा चारा

हरा चारा काटने वाली मशीने तो आप ने बहुत देखी होंगी लेकिन काटने के बाद चारे का कुतरा(छोटा छोटा काटना ) भी करना पड़ता है ।  जिस से पशु अच्छी तरह से चारे चारे को खा सकते है । इस लिए आप को पहले चारा काटना पड़ता है फिर कुतरना पड़ता है ।

लेकिन आज हम जिस मशीन की बात कर रहे है उसकी बात ही अलग है यह मशीन काटने के साथ साथ चारे के कुतरने का भी काम करती है और साथ में इतनी तेज़ी काम करती है के सिर्फ एक घंटे में 3 टन हरा चारा और 1 टन सूखा चारा काट कर कुतर भी देती है । इस मशीन से आप हर तरह का चारा आसानी से काट सकते है चाहे वो किसी भी फसल का क्यों ना हो ।

इस मशीन का नाम है मल्टी क्रॉप चॉपर – 2227 ( MULTI CROP CHOPPER- 2227 ) ।  यह मशीन संतोष एग्री मशीनरी द्वारा त्यार की गई है । इस मशीन को किसी भी ट्रेक्टर से जोड़ा जा सकता है जिसकी क्षमता 80HP जा उस से ज्यादा हो । यह मशीन चारे का साइलेज बनाने के लिए और डेरी फार्म के लिए बहुत ही उपयोगी है क्योंकि उनको बड़ी मात्रा में चारा चाहिए होता है और वह भी बहुत ही कम समय में ।

यह मशीन कैसे काम करती है उसके लिए वीडियो भी देखें

अगर आप इस मशीन की कीमत जानना चाहते है तो निचे दिए हुए पते पर संपर्क कर सकते है

  • Company Name : SANTHOSH AGRI MACHINERY
  • Address : No.282, Kartar Complex, Salem to cuddalur Main Road, Coimbatore – 636108, Tamil Nadu , India
  • Contact Person : Mr. Prem Kumar (Manager)
  • Mobile : +917373032415, +917373032411

क्या आप भी लगवाना चाहते है अपने खेत में jio का टावर, उससे पहले जरूर पढ़े ये खबर

दुनिया में जिस चीज की मांग सबसे ज्यादा होती है, उसी के नाम पर धोखाधड़ी होती है। भारतीट टेलीकॉम की बात करें तो इस समय रिलायंस जियो सहसे हट टॉपिक है। ऐसे में जियो के नाम पर धड़ल्ले से धोखाधड़ी हो रही है।

खास बात यह है कि जियो के नाम पर नई धोखाधड़ी जियो टावर को लेकर हो रही है और इसके लिए बकायदा जियो के नाम से वेबसाइट भी तैयार की गई है। जियो के टावर लगाने के नाम पर लोगों से 25 लाख रुपये ठगे जा रहे हैं और जियो का टावर लगवाने के नाम पर कई लोगों को लाखों का चूना लगाया गया है।

इस समय भारत में अधिकतर लोग गूगल में Jio tower के बारे में सर्च कर रहे हैं लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि गूगल में Jio tower सर्च करने पर जिस वेबसाइट का लिंक आ रहा है और वह एक फर्जी वेबसाइट है। इन वेबसाइट्स पर लोगों को कहा जा रहा है कि उन्हें जियो के टावर लगवाने के बदले हर महीने 15-35 हजार रुपये किराये के तौर पर मिलेंगे।

इसके बाद लोगों से एडवांस में 10-25 लाख रुपये तक लिए जा रहे हैं। लोगों से सिक्योरिटी के नाम पर ये पैसे लिए जा रहे हैं। साथ ही कई लोगों से 10-50 हजार रुपये तक प्रोसेसिंग फीस के तौर पर लिए जा रहे हैं।

जियो टावर के नाम पर लोगों से पैसे लूटने वाली ये वेबसाइट्स कुछ इस तरह हैं। www.jiotowerinstallation.in, jiotower.org.in, https://www.industowers.com/our-portfolio/reliance-jio/, https://reliancejiotoweronline.com/ , JioTowerInstallation.in., इन वेबसाइट्स के अलावा इंडियामार्ट वेबसाइट पर जियो टावर के नाम पर ठगी करने वाले बैठे हैं।

खास बात यह है कि इन वेबसाइट को पढ़े-लिखे लोग चला रहे हैं जो तकनीकी तौर पर भी मजबूत हैं, क्योंकि ये सभी वेबसाइट वेब सिक्योर हैं। इन वेबसाइट्स पर जियो का असली लोगो भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों को बकायदा फर्जी लेटर भी जारी किया जा रहा है। इसका खुलासा द क्विंट एक रिपोर्ट में हुआ है।

वेबसाइट्स के अलावा ये ठग लोगों को फोन कर रहे हैं और रिलायंस जियो का 4जी टावर लगवाने का ऑफर दे रहे हैं। लोगों से यहां तक कहा जा रहा है कि आपको लॉटरी लगी है और आप जियो का टावर अपनी खाली जमीन या छत पर लगवा लें।

जियो टावर के नाम पर मध्य प्रदेश के अनिल सिंह भदौरिया को 10 लाख रुपये का चूना लगाया गया है। अनिल से व्हाट्सऐप के जरिए जरूरी कागजात भी मांगे गए। बता दें कि टावर लगवाने के लिए सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होता है।