इन विशेषता के साथ अगले महीने आ रहा है 100 रुपये का नया नोट

अब आपकी जेब में 100 रुपए का नया नोट जल्द ही पहुंचने वाला है। डीबी की रिपोर्ट के मुताबिक 100 रुपए के नए नोट की देवास की बैंक नोट प्रेस में छपाई होने लगी है। ये नोट बैंगनी रंग होगा और अगस्त से सितंबर तक आपकी जेब में पहुंच जाएगा।

इस नोट में गुजरात के पाटण स्थित रानी की बाव का फोटो होने की खबरें हैं। ये बावड़ी यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल है। नोटबंदी के बाद से रिजर्व बैंक ने अब तक 10 रुपए, 50 रुपए, 200 रुपए, 500 रुपए और 2000 रुपए के नए नोट प्रिंट किए हैं।इस नोट के आने के बाद भी पुराने नोट चलते रहेंगे। इस नोट में देशी स्याही और पेपर का प्रयोग किया गया है।

रिजर्व बैंक ने नए नोट में कई सुरक्षा फीचर भी जोड़े हैं। रिजर्व बैंक के इस नए नोट के बाद मौजूदा करेंसी के सभी नोट बदल जाएंगे। नोटबंदी के दौरान मोदी सरकार ने 1000 और 500 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए थे। इन नोटों के बदले 2000 और 500 रुपए के नोट छापे गए। लोगों के पास पर्याप्त पैसा हो इसलिए सरकार 2000 रुपए के नोट लाई थी।

इन नोटों के बाद रिजर्व बैंक ने 200, 50 और 10 रुपए के नए नोट छापे। इसके अलावा 1 रुपए के नए नोट भी छापे गए। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 18.5 लाख करोड़ रुपए की करेंसी सर्कुलेशन में है। नोटबंदी के दौरान लोगों के पास सिर्फ 7.8 लाख करोड़ रुपए थे। नोटबंदी के दौरान 1000 और 500 रुपए की अधिकतर करेंसी बैंकों में जमा हो गई थी।

रिजर्व बैंक ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें पूरे देश में 19.3 लाख करोड़ रुपए होने की बात कही गई थी। जनता के पास अभी अधिकतर 2000 और 500 के नए नोट हैं। बीच में नकदी की दिक्कत होने के कारण सरकार ने नए नोट छापे।

अब बिना सिम के सालभर होगी ऑडियो/वीडियो कॉलिंग

BSNL ने इंटरनेट टेलीफोनी सर्विस ‘Wings’ को लॉन्च किया है। इसके जरिए अब आप बिना सिम कार्ड के भी कॉल कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने मोबाइल में सिर्फ Wings ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके जरिए ऑडियो और वीडियो दोनों ही कॉल की जा सकेंगी।

भारत में यह सुविधा देने वाली BSNL पहली कंपनी बन गई है। 1099 रुपए का रिचार्ज कराने पर पूरे साल अनलिमिटेड ऑडियो, वीडियो कॉलिंग कर सकेंगे। इंटरनेशनल कॉल्स के लिए एडिशनल 2 हजार रुपए डिपॉजिट करना होंगे। खास बात ये है कि इससे सिर्फ मोबाइल ही नहीं बल्कि लैंडलाइन पर भी कॉल लगाया जा सकेगा।

बिना सिम के कैसे होगी कॉलिंग

इंटरनेट की मदद से बिना सिम के कॉलिंग की जा सकती है। ऐसा मोबाइल टेलीफोनी या इंटरनेट टेलीफोनी टेक्नोलॉजी से होता है। ये मोबाइल ऐप की मदद से काम करती है और इसके लिए पब्लिक वाई-फाई होना जरूरी है।इंटरनेट टेलीफोनी में इंटरनेट प्रोटोकॉल की मदद से कॉल की जाती है इसलिए इसे वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) टेक्नोलॉजी कहा जाता है।

बीएसएनएल की इस सर्विस के लिए अपने मोबाइल पर ‘Wings’ ऐप को डाउनलोड करना होगा।इस ऐप को स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट पर डाउनलोड किया जा सकता है, इसके जरिए ही ऑडियो-वीडियो कॉलिंग की जा सकेगी। इस सर्विस के जरिए लैंडलाइन से भी कॉलिंग की जा सकती है। बस इसके लिए लैंडलाइन को ब्रॉडबैंड से कनेक्ट करना होगा।

वीडियो कॉलिंग के लिए दूसरे नंबर पर भी Wings जरूरी

आपके पास Wings सर्विस का रजिस्ट्रेशन है, तो आप किसी को भी ऑडियो कॉल कर सकते हैं। हालांकि वीडियो कॉलिंग के लिए दूसरे नंबर पर भी Wings ऐप होना जरूरी है। खास बात ये है कि इस सर्विस के जरिए सिर्फ बीएसएनएल ही नहीं बल्कि किसी भी कंपनी के नंबर पर ऑडियो-वीडियो कॉलिंग की जा सकती है।

25 जुलाई से शुरू होगी सर्विस

इस सर्विस की शुरुआत 25 जुलाई 2018 से पूरे देशभर में शुरू होने जा रही है। इसके लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर कनेक्शन दिए जाएंगे। इस सर्विस से न सिर्फ देश में बल्कि विदेश में भी कॉलिंग की जा सकती है। लेकिन इसके लिए यूजर्स को 2000 रुपए चुकाने होंगे। आप किसी भी सर्विस प्रोवाइडर के वाई-फाई से कनेक्ट करके कॉल कर सकते हैं।

इंटरनेट का कनेक्शन जरूरी

इंटरनेट टेलीफोनी के लिए इंटरनेट कनेक्शन का होना जरूरी है। इसके लिए वाई-फाई, ब्रॉडबैंड सर्विस, 3जी, 4जी डेटा से भी कॉल कर सकते हैं। किसी भी मोबाइल सिम की जरूरत इसमें नहीं होगी।

बच्चों का टेलकम पाउडर दे रहा कैंसर, कंपनी पर लगा अरबों का जुर्माना

हम और आप अपने मासूम बच्चों की कितनी देखरेख करते हैं। हमारी हर संभव कोशिश होती है कि मासूम को किसी तरह से कोई दिक्कत न हो। उस मासूम के लिए हर चीज जांच-परखकर चुनते हैं। बच्चों के तेल, साबुन और पाउडर से लेकर कपड़े तक हर चीज का चुनाव करते समय सावधानी बरतते हैं। लेकिन इतनी सावधानी के बावजूद हम अपने बच्चों के लिए कुछ ऐसा चुन लेते हैं जो उन्हें कैंसर जैसी घातक बीमारी के संपर्क में ला सकता है।

अपने मासूम बच्चों की केयर करते हुए हम जॉनसन एंड जॉनसन का तेल, पाउडर आदि उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसी कंपनी के पाउडर में कुछ ऐसा मिला है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह गर्भाशय कैंसर का कारक होता है। इसके लिए कंपनी पर अमेरिका में 32 हजार करोड़ रुपये का हर्जाना भी लगाया गया है।

बच्चों के लिए उत्पाद बनाने वाली मशहूर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन को अमेरिका की एक अदालत ने 22 महिलाओं को 470 करोड़ डॉलर (लगभग 32,000 करोड़ रुपये) हर्जाना देने को कहा है। इन महिलाओं ने जॉनसन एंड जॉनसन के टैलकम पाउडर में एसबेस्टस होने और इसके इस्तेमाल से गर्भाशय का कैंसर होने का आरोप लगाया था। इसी मामले में फैसला सुनाते हुए मिसौरी की अदालत ने महिलाओं को हर्जाना देने को कहा है।

जॉनसन एंड जॉनसन पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने के मामले में कई बार कंपनी पर जुर्माना लगाया जा चुका है। लेकिन, यह इसके लिए अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक दंड है। इस समय कंपनी पर लगभग 9,000 मुकदमे चल रहे हैं। इनमें पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने और इसमें एसबेस्टस होने के आरोप लगाए गए हैं।

अभियोजन पक्ष के वकील मार्क लैनियर ने अदालत को बताया कि कंपनी इस बात को जानती थी कि उसके टैलकम पाउडर में एसबेस्टस मिला हुआ है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को इसके प्रति आगाह नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी को इस तरह से खतरे में नहीं डाला जा सकता है। यह सही नहीं है।

दशकों से हम और आप अपने बच्चों के लिए जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं। महिलाएं तो टेलकम पाउडर को अपने जननांगों में भी इस्तेमाल करती हैं, ताकि यह नमी को सोख ले और किसी तरह की बदबू न आए।

पिछले साल अमेरिका में एक शिकायत दर्ज हुई, जिसके अनुसार महिलाएं जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर व शावर टू शावर पाउडर का नियमित तौर पर इस्तेमाल करती हैं। इसे महिलाओं में जेनेटाइल हाइजीन के लिए काफी इस्तेमाल किया जाता है। महिलाओं ने बताया कि बाद में उन्हें गर्भाशय का कैंसर होने का पता चला।

यह बात भी गौर करने वाली है कि जॉनसन एंड जॉनसन को इस बारे में पहले से ही पता है और कंपनी पिछले 40 साल से इस बात को छिपाए हुए है। हालांकि जॉनसन एंड जॉनसन ने इस मामले में चली सुनवाई को एकतरफा बताया है।

कंपनी के शेयरों में गिरावट

लगभग पांच सप्ताह तक चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी ओर से विशेषज्ञ पेश किए। हालांकि अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंपनी ने कहा कि मामले की सुनवाई सही तरीके से नहीं हुई है और वह फैसले को चुनौती देगी। अदालत का फैसला आने के बाद शेयर बाजार में जॉनसन एंड जॉनसन के शेयर का मूल्य गिर गया।

यहां लगती है मर्दों की मंडी, मनचाहे दाम पर खरीदती हैं औरतें…

दिल्ली के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां रात 10 बजे के बाद लड़कियों का नहीं बल्कि लड़कों का जाना मुश्किल हो जाता है। इन इलाकों में जाने से लड़के डरते हैं। दरअसल यहां औरतों की नहीं मर्दों की बोलियां लगती हैं। दिल्ली में ऐसी कई जगह हैं जहां शाम के बाद ही मर्दों का बाजार सजता है। आपको बता दें कि इन इलाकों को जिगोलो मार्केट कहा जाता है। यहां अमीर घरों की औरतें मर्दों को खरीदने आती हैं।

जिगोलो मार्केट’ में मर्दों की मुंहमांगी कीमत दी जाती है। यह सब कारोबार रात के 10 बजे के बाद शुरू होता है और सुबह 4 बजे तक चलता रहता है। आपको बता दें कि वैसे तो ये कारोबार छुपकर किया जाता है लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में यह खुलेआम होता है। सरोजनी नगर, लाजपत नगर, पालिका मार्केट और कमला नगर मार्केट समेत कई इलाकों में रात होते ही मर्दों की बिक्री है।

कुछ घंटों के लिए जिगोलो की बुकिंग की कीमत 1800 से 3000 रुपए और पूरी रात के लिए 8000 रुपए तक में डील होती है। इस कारोबार को दिल्ली के कई युवा अपना प्रोफेशन बना चुके हैं तो कई अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसा करते हैं। आपको बता दें कि यहां डीलिंग का काम पूरी तरह से सिस्टमैटिक तरीके से होता है।

कमाई का 20 प्रतिशत हिस्सा बिकने वाले मर्द को अपनी संस्था को देना पड़ता है, जिससे वह जुड़ा हुआ होता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मर्दों की पहचान के लिए उनके गले में जिगोलो रुमाल और पट्टे बांध दिए जाते हैं। इससे ही उनकी पहचान होती है। बता दें कि कौन सा लड़का कितना महंगा है ये जिगोलो रुमाल की लंबाई से पता चलता है।

भारत में यहाँ बनेगा दुनिया का सबसे ऊँचा मंदिर, जानें क्‍या है खासियत ,लेकिन आ रही ये बड़ी रूकावट

एनजीटी की दाखिल की गई एक याचिका में इस्‍कॉन के नेतृत्‍व में मथुरा में बनने वाले चंद्रोदय मंदिर का निर्माण रोकने की मांग की गई है। इसके लिए धार्मिक सोसाइटी और केंद्रीय ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (सीजीडब्‍लूए) को नोटिस जारी किया गया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस्‍कॉन द्वारा बनाए जाने वाले वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के निर्माण से यमुना के आसपास का पर्यावरण प्रभावित होगा और क्षेत्र का भूजल स्‍तर पर भी असर पड़ेगा। एनजीटी के जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने इंटरनेशनल सोसाइटी फार कंससनेस (इस्‍कॉन) और सीजीडब्‍लूए से 31 जुलाई से पहले जवाब मांगा है।

पर्यावरण कार्यकर्ता मणिकेश चतुर्वेदी ने दुनिया के सबसे बड़े मंदिर के निर्माण को रोकने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि प्रस्‍तावित मंदिर की बाउंड्री के चारों ओर कृत्रिम तालाब होगा। इसके लिए जमीन से बड़े पैमाने का पानी का दोहन किया जाएगा। इससे यमुना नदी की अस्तित्‍व की सीमा तक पानी में कमी आ सकती है।

दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर

चंद्रोदय मंदिर दो सौ मीटर से अधिक ऊंचा होगा। साढ़े पांच एकड़ के इलाक़े में बनने वाले इस मंदिर में 70 मंजिलें होंगी। अभी दुनिया की सबसे ऊंची धार्मिक इमारत मिस्र के पिरामिड हैं, जो कि 128.8 मीटर ऊंचा है। वहीं वेटिकन का सेंट पीटर बैसेलिका 128.6 मीटर ऊंचा है। रॉकेट के आकार का चंद्रोदय मंदिर भूकंप प्रतिरोधी होगा।इसके निर्माण में 45 लाख घन फीट कंक्रीट और करीब साढ़े 25 हज़ार टन लोहे का इस्तेमाल होगा।

सबसे बड़े मंदिर की क्‍या है खासियत

  • मंदिर के निर्माण पर 300 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
  • इस्‍कॉन बेंगलुरु द्वारा दुनिया के सबसे महंगे मंदिर का निर्माण मथुरा में किया जाएगा।
  • मंदिर की ऊंचाई 7 सौ फीट होगी और इसका निर्माण 5,40,000 वर्ग फीट में किया जाएगा।
  • शानदार मंदिर के लिए सशक्‍त जंगल का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
  • यह मंदिर 26 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा।
  • इसमें ब्रज के 12 जंगलाेें का निर्माण होगा, जिसमें सुंदर वनस्‍पतियां, झीलें और झरने शामिल होंगे।
  • मंदिर का कुल क्षेत्रफल 62 एकड़ होगा, जिसमें 12 एकड़ पार्किंग और हेलीपैड के लिए होगा।

भारत दुनिया का चौथा सबसे ताकतवर देश, पाकिस्तान है इतना पीछे

भारत हर क्षेत्र में अपने झंडे गाड़ रहा है। आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ भारत की सैन्‍य ताकत को बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास हो रहे हैं। अब इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दुनियाभर के देशों की सेनाओं और रक्षा शक्ति का आकलन करने वाली संस्था ग्लोबल फायर पावर (जीएफपी) के मुताबिक, भारत सैन्य ताकत के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर है।

पाकिस्‍तान की ओर से भले ही भारत को परमाणु हमले की धमकी दी जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत की बात करें तो सैन्‍य ताकत के मामले में पाक हमसे बहुत कमजोर है। इस सूची में पाकिस्‍तान शीर्ष 10 देशों में भी नहीं है।

भारत ने फ्रांस-ब्रिटेन को पीछे छोड़ा

ग्लोबल फायर पावर ने सैन्य ताकत के मामले में साल 2017 के अपने विश्लेषण में 133 देशों को शामिल किया है। इस सूची में हथियारों और बुनियादी सैन्य सुविधाओं के लिहाज से भारत सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन से पीछे है, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन से आगे है।

बता दें कि ग्लोबल फायर पावर ने सैन्य ताकत पर अपने विश्लेषण में परमाणु हथियारों को शामिल नहीं किया है। इसमें बिंदुओं को आधार माना गया है, जिसमें रक्षा बजट, सैन्य संसाधनों, प्राकृतिक संसाधनों, उद्योग और भौगोलिक सुविधाओं और उपलब्ध जनशक्ति को शामिल किया गया है।

भारत के सामने कहीं न‍हीं टिकता पाकिस्‍तान

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास लड़ाकू जहाज़ों की संख्या 2000 से भी ज्‍यादा है। एक्टिव आर्मी यानि सक्रिय सैनिकों की संख्या 13 लाख से अधिक है। इसके अलावा 28 लाख रिज़र्व जवान भी हैं, जो ज़रूरत पड़ने पर सेना की मदद करने के लिए तैयार हैं।

भारत में टैंकों की संख्या तकरीबन 4400 है। सक्रिय युद्ध पोतों की संख्या दो है। उधर पाकिस्तान दुनिया में 13वीं सबसे बड़ी सैन्‍य शक्ति है। पाकिस्तान ने पिछले कुछ सालों के मुक़ाबले 2017 में अपनी ताक़त में बढ़ोत्तरी की है और शीर्ष 15 देशों की सूची में जगह बना ली है। 2017 से पहले तक पाकिस्‍तान टॉप 15 देशों की सूची में भी शामिल नहीं था।

13वें पायदान पर पाकिस्‍तान

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया का 13वां सबसे शक्तिशाली देश है। उसका रक्षा बजट सात अरब डॉलर है और सक्रिय सैनिकों की संख्या 6 लाख 37 हजार। इसके अलावा लगभग 3 लाख रिज़र्व सैनिक भी हैं।

हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट जहाज़ों समेत लड़ाकू जहाज़ों की संख्या लगभग एक हज़ार और टैंकों की संख्या तीन हज़ार के क़रीब है। पाकिस्तान के पास युद्ध पोत नहीं है, लेकिन दूसरे प्रकार के समुद्री जहाज़ों की तादाद तक़रीबन 200 है।

अगर आप है मरीज तो रेल टिकट पर मिलती है 100% तक छूट,जाने अपने अधिकार

भारतीय रेलवे कुछ विशेष लोगों को ट्रेन से सस्‍ते में सफर कराता है। इस कैटेगरी में 13 तरह के लोग आते हैं, जिनमें बुजुर्गों और दिव्‍यांगों के अलावा कुछ खास बीमारियों के मरीज भी शामिल हैं।

मरीज अपने इलाज के लिए एक शहर से दूसरे शहर आ जा सकें और उन पर किराए का बोझ थोड़ा कम पड़े, इसके लिए रेलवे उन्‍हें ट्रेन टिकट पर 100 फीसदी तक की छूट देता है। मरीजों के साथ-साथ उनके साथ सफर करने वाले एक सहायक की टिकट पर भी यह छूट लागू होती है। आइए आपको बताते हैं कि किन बीमारियों के मरीजों को रेलवे किराए से राहत उपलब्‍ध कराता है-

कैंसर के मरीज

अगर किसी को कैंसर है तो उसे इलाज या समय-समय पर होने वाले चेकअप के लिए आने-जाने के लिए ट्रेन टिकट पर 50 से 100 फीसदी तक की छूट मिलती है। अगर वह अकेला नहीं है और उसकी देखभाल के लिए कोई एक व्‍यक्ति उसके साथ है तो उस व्‍यक्ति को भी टिकट पर छूट मिलती है।

कैंसर के मरीज को ट्रेन के सेकंड, फर्स्‍ट क्‍लास और एसी चेयर कार में सफर पर 75 फीसदी, स्‍लीपर और 3AC में सफर करने पर 100 फीसदी और 1AC और 2AC में सफर करने पर 50 फीसदी की छूट मिलती है।

थैलेसीमिया, दिल और किडनी के मरीज

थैलेसीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है। इसके चलते शरीर में हीमोग्‍लोबिन के बनने में गड़बड़ी पैदा हो जाती है और मरीज को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है। इसके मरीज और उसके एक सहायक को इलाज या चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने पर टिकट पर छूट मिलती है।

वहीं दिल की बीमारी से पीडित लोगों को हार्ट सर्जरी के लिए और किडनी पेशेंट्स को किडनी ट्रांसप्‍लांट ऑपरेशन या डायलिसिस के लिए अकेले या एक सहायक के साथ ट्रेन टिकट पर छूट मिलती है। यह छूट इस तरह होती है-

  • सेकंड क्‍लास, स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास, 3AC,ACचेयर कार में सफर के लिए 75 फीसदी
  • 1AC और 2AC में 50 फीसदी

हीमोफीलिया पेशेंट्स

हीमोफीलिया में खून का थक्का बनना बंद हो जाता है। इसके चलते जब शरीर का कोई हिस्सा कट जाता है खून ज्‍यादा समय तक बहता रहता है। इसमें मरीज की जान भी जा सकती है। इस बीमारी से पीडित मरीजों को भी इलाज या चेकअप के लिए ट्रेन टिकट पर छूट मिलती है, जो सेकंड, स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास, 3AC, AC चेयर कार में सफर करने पर 75 फीसदी रहती है। एक सहायक की टिकट पर भी यही छूट रहती है।

टीबी और नॉन इन्‍फेक्‍शन वाले कुष्‍ठ रोग के मरीज

टीबी और नॉन इन्‍फेक्शियस कुष्‍ठ रोग के पीडितों को भी रेलवे इलाज के लिए सस्‍ते में आने-जाने को लेकर टिकट पर छूट देता है। इसके तहत सेकंड, स्‍लीपर और फर्स्‍ट क्‍लास में अकेले या एक सहायक के साथ सफर करने पर टिकट पर 75 फीसदी छूट मिलती है।

एड्स पेशेंट

एड्स के मरीजों को नॉमिनेटेड आर्ट सेंटर्स में इलाज, चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने के लिए टिकट पर 50 फीसदी छूट मिलती है। यह छूट सेकंड क्‍लास से सफर के लिए होती है।

सिकल सेल एनीमिया और एप्‍लासिटक एनीमिया के मरीज

इन दोनों बीमारियों के पीडितों को इलाज और चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने पर टिकट में 50 फीसदी की छूट मिलती है। यह छूट स्‍लीपर, AC चेयर कार, AC 3 टीयर और AC 2 टीयर क्‍लासेज से सफर में लागू होती है।

ऑस्‍टोमी के मरीज

ऑस्‍टोमी के मरीजों को किसी भी उद्देश्‍य के लिए ट्रेन से सफर करने पर 50 फीसदी छूट मिलती है। हालांकि यह छूट उनके मासिक और तिमाही पास पर होती है। इसके अलावा उनके साथ एक सहायक के लिए भी यह छूट लागू होती है।

सोर्स

http://www.indianrailways.gov.in/railwayboard/uploads/directorate/traffic_comm/Pass

Xiaomi की बर्थडे सेल आज से, 4 रुपये में बेचेगी 45 हजार का टीवी

भारत में अपनी चौथी सालगिरह के मौके पर Xiaomi भारत में आज से कई ऑफर्स देने जा रहा है. कंपनी भारत में चौथी बार Mi एनिवर्सरी सेलिब्रेट कर रही है. गौरतलब है कि Xiaomi ने भारत में चार साल पहले Mi 3 स्मार्टफोन्स की लॉन्चिंग के साथ अपनी एंट्री ली थी.

Mi एनिवर्सरी सेल आज यानी 10 जुलाई से शुरू होकर 12 जुलाई तक जारी रहेगी. इस दौरान कई ऑफर्स ग्राहकों को दिए जाएंगे. ऑफर्स के लिए ग्राहकों को Mi.com का रूख करना होगा.सबसे खास डील की बात करें तो कंपनी 4 रुपये वाले फ्लैश सेल का आयोजन करेगी.

इसमें ग्राहक Mi LED Smart TV 4 (55-इंच) (कीमत- 44,999 रुपये), Redmi Y2, Redmi Note 5 Pro और Mi Band 2 को महज 4 रुपये में खरीद सकेंगे. साथ ही इस दौरान Mi Mix 2 और Mi Max 2 जैसे स्मार्टफोन्स पर भी ग्राहकों को छूट का लाभ मिलेगा.

इंस्टैंट डिस्काउंट्स और कैशबैक के लिए Xiaomi ने SBI, Paytm और MobiKwik के साथ साझेदारी भी की है. सेल के दौरान SBI क्रेडिट कार्ड से कम से कम 7,500 रुपये की खरीदारी पर ग्राहकों को 500 रुपये का फ्लैट का डिस्काउंट दिया जाएगा.

इसी तरह Paytm से कम से कम 8,999 रुपये की शॉपिंग पर फ्लैट 500 रुपये का कैशबैक ग्राहकों को मिलेगा. इसी तरह MobiKwik से खरीदारी पर 25 प्रतिशत तक सुपरकैश ग्राहकों को दिया जाएगा.

कंपनी अपने 4 रुपये वाले फ्लैश सेल का आयोजन 10 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक रोज Mi.com पर शाम 4 बजे करेगी. सेल के दौरान कंपनी अपने Redmi Y1, Mi LED Smart TV 4 (55 इंच), Mi बॉडी कम्पोजिशन स्केल, Redmi Note 5 Pro, Redmi Y2 और Mi Band 2 को 4 रुपये में सेल करेगी.

हालांकि ग्राहक इस बात का ध्यान रखें कि ये फ्लैश सेल है. इसी तरह के बाकी बड़े ऑफर्स और डिस्काउंट्स शाओमी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देखे जा सकता हैं.

देह व्यापार है मेरी मजबूरी, भाई और पिता लाते हैं ग्राहक

”मेरे माता-पिता ने मुझे वेश्‍यावृत्ति में डाला था” ये कहना है यूपी के हरदोई जिले के नटपुरवा गांव की चित्रलेखा का, जो अब एक समाज सेविका है। कहा जाता है कि इस गांव में पिछले 300-400 सालों से अपनी बेटियों की बोली लगाई जा रही है। नटपुरवा गांव की आबादी लगभग चार से पांच हजार है और यहां लड़की होना गुनाह माना जाता है।

लगाई जाती है लड़कियों की बोलियां

इस गांव में लड़कियों की बोलियां और कोई नहीं बल्कि उनके अपनी ही लगाते हैं। हालांकि पिछले कई सालों से यहां के लोगों और कुछ समाज सेविकाओं की वजह से काफी बदलाव आया है। चित्रकला का कहना है कि वो समझती थीं कि उनके गांव की प्रथा यही है।

”गांव में शादी नहीं होती थी”

चित्रलेखा का कहना है, ”गांव में शादी नहीं होती थी, लोग जानते ही नहीं थे कि शादी क्या होती है।” इस गांव में लड़कियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जाता है। यहा परंपराओं की बेड़ियां इतनी मजबूत हैं कि लड़कियों को ये सब मानना करना पड़ता है।

गांव के लड़कों पर भी पड़ता है असर

चंद्रलेखा का कहना है कि इस प्रथा का असर गांव के लड़कों पर भी पड़ता है क्योंकि उन्हें अपनी बहनों के लिए ग्राहक लाने पड़ते हैं। चंद्रलेखा का कहना है कि वो चाहती हैं कि उनके गांव में सबसे पहले ये प्रथा खत्म हो जाए।

गांव का विकास चाहती हैं लड़कियां

गांव की एक लड़की का कहना है, ”वो चाहती है कि गांव में विकास हो और गांव की लड़कियां पढ़ें। पढ़ाई से ही यहां के लोगों में जागरुकता आएगी।” चित्रलेखा का भी मानना है कि उनके गांव में शिक्षा की कमी है, जिसके कारण यहां की लड़कियों को इतनी मुश्किलों का सामना करना पढ़ रहा है।

गांव में एक स्कूल है

गांव के हालात को सुधारने के लिए चित्रकला काफी काम कर रही हैं। शिक्षा के लिए गांव में एक प्राथमिक स्कूल भी है जो चंद्रलेखा की ही देन है। कुछ साल पहले जिलाधिकारी ने उनसे पूछा कि उनकी क्या मांग है तो उन्होंने प्राथमिक विद्यालय की मांग की, जिसके बाद गांव में स्कूल बन गया।

फोन की इंटरनल मेमोरी को ऐसे करें 4GB से 16GB

फोन की इंटरनल मेमोरी फुल हो चुकी है, तब उसे आसानी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए फोन की सेटिंग में कुछ चेंजेज करना होते हैं, जिसके बाद फोन का मेमोरी कार्ड ही इंटरनल मेमोरी में कन्वर्ट हो जाता है। इसके लिए किसी ऐप की भी जरूरत नहीं होती।

इंटरनल मेमोरी बढ़ाने की ट्रिक

इस ट्रिक में आपके फोन की इंटरनल मेमोरी और SD कार्ड की मेमोरी मर्ज हो जाती है। फोन की इंटरनल मेमोरी 4GB और मेमोरी कार्ड 32GB का है तब फोन की कुल इंटरनल मेमोरी 36GB हो जाएगी।

ये फायदा मिलेगा

कई ऐप्स जैसे वॉट्सऐप, फेसबुक या अन्य, ऐसे होते हैं जो फोन की इंटरनल मेमोरी में ही इन्स्टॉल होते हैं और इन्हें मेमोरी कार्ड में मूव नहीं किया जा सकता।

इंटरनल मेमोरी बढ़ाने की प्रॉसेस

  • सबसे पहले फोन की Settings में जाकर Storage पर टैप करें।
  • Settings में जाकर Storage पर क्लिक करें, यहां Portable Storage का ऑप्शन आएगा उस पर टैब करें।
  • अब नया पेज ओपन होगा यहां टॉप दिख रहे 3 डॉट को टैब करें। अब Settings का ऑप्शन दिखेगा। उसे ओपन करें।
  • Settings में जाने के बाद Format as internal पर टैप करें। अब Erase&Format पर टैप करें और आगे की प्रॉसेस फॉलो करते जाएं।
  • प्रोसेस कम्पलीट होने 5 मिनट लग सकते हैं, इसके बाद दोनों मेमोरी मर्ज होकर इंटरनल मेमोरी में कन्वर्ट हो जाएंगी।