इन 10 देशों में आप मना सकते हैं छुट्टियां, नहीं पड़ेगी किसी वीज़ा की ज़रूरत

भारत की विदेश नीति और अन्य देशों से मित्रता का ही नतीजा है कि कई देशों में भारतीय नागरिकों को वीज़ा नहीं लेना पड़ता और कईयों में वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाती है. वीज़ा ऑन अराइवल का मतलब है, आप सीधे उस देश में पहुंच जाइए और वहीं ज़रूरी औपचारिकता पूरी कल लीजिए.

यहां पर एंबेसी के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं है. वीज़ा ऑन अराइवल के तहत यात्री को कई अन्य प्रक्रियाओं से राहत मिल जाती है. जाने वो कौन से 10 देश हैं जहां आपको भारतीय होने का फ़ायदा मिलता है.

थाईलैंड


कम्बोडिया

इंडोनेशिया

जॉर्डन

मकाउ

मालदीव

भूटान

तंज़ानिया

मॉरिशियस

नेविस

जानिए क्या है सैरोगेसी, जिस की मदद से बेऔलाद किसी भी उम्र में बन सकते हैं माता-पिता

सैरोगेसी की मदद से किराये की कोख लेकर कोई भी किसी भी उम्र में माता पिता बन सकता है, आइये जानते हैं कैसे…टीवी क्वीन कही जाने वालीं एकता कपूर 43 साल की उम्र में मां बनी हैं। उन्हें बेटा हुआ है। वे सरोगेसी के जरिए मां बनी हैं।

बता दें कि कुछ सालों पहले उनके भाई तुषार कपूर भी सरोगेसी के जरिए पिता बने थे। इसके पहले शाहरुख खान और करण जौहर जैसे सेलेब्स भी सेरोगेसी के जरिए बच्चा पैदा कर चुके हैं।

जानिए क्या होती है सरोगेसी

सरोगेसी में तीन लोग शामिल होते हैं। कुछ कपल्स जब किन्हीं कारणों से माता-पिता नहीं बन सकते तो वे तीसरी महिला की मदद लेते हैं। आईवीएफ टेक्नोलॉजी के जरिए पति के स्पर्म और पत्नी के एग्स से बना एंब्रियो तीसरी महिला की कोख में इंजेक्ट किया जाता है। इससे जो बच्चा जन्म लेता है उसका डीएनए, सरोगेसी कराने वाले कपल का ही होता है।

कब ली जाती है सरोगेसी Surrogacy की मदद?

सरोगेसी की मदद तब ली जाती है जब किसी कपल को बच्चा पैदा करने में प्रॉब्लम हो रही हो। बार-बार मिसकैरिज हो रहा हो या बार-बार आईवीएफ टेक्नीक भी फेल हो रही हो।

कौन अरेंज करवाता है सरोगेसी Surrogacy?

सरोगेसी Surrogacy इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की गाइडलाइन फॉलो करने वाली कुछ खास एजेंसियों द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है।

सरोगेसी Surrogacy का एक एग्रीमेंट बनवाया जाता है। इसमें दो अजनबियों से सिग्नेचर करवाए जाते हैं जो कभी नहीं मिले। सरोगेट मदर कपल्स की कोई नजदीकी रिश्तेदार ही हो सकती है।

449 रूपये में लें यह सलाना प्लान, बीमार होने पे हर बार मिलेंगे 1000 रूपये

कब किसी पर क्या आफत आ जाए इसका अंदाजा बहुत सी बार पहले से नहीं होता। ऐसे में इंश्योरेंस बहुत काम आते हैं। एक कंपनी ने सिर्फ 449 रु वाला इंश्योरेंस प्लान पेश किया है। सालभर वाला ये प्लान बुरे समय में आपकी मदद करेगा।

इस प्लान के अनुसार आप सिर्फ 449 रूपये खर्च करके अपनी पूरी सैलरी बचा सकते हैं।प्लान के अनुसार अगर आप बीमार होते हैं तो आपको प्रतिदिन 1000 रूपये मिलेंगे। यह प्लान गुड़गांव के एक स्टार्ट अप Toffee इंश्योरेंस ने यह प्लान पेश किया है। कम्पनी द्वारा इस प्लान को ‘कमाई बचाओ योजना’ का नाम दिया गया है।

कम्पनी का कहना है की यह प्लान लेने के बाद अगर आप कभी भी हॉस्पिटल में एडमिट होते हैं तो आपको कम्पनी 1000 रूपये प्रति दिन देगी। यह प्लान पुरे एक साल के लिए वैलिड होगा। इसमें आपको अधिकतम 30 दिनों तक भुगतान किया जा सकता है।

क्लेम लेने के लिए आपको इंश्योरेंस कम्पनी को आधार कार्ड और हॉस्पिटल का डिस्चार्ज कार्ड भेजना होगा और उसके बाद 7 से 8 दिन के अंदर कम्पनी की और से ऑनलाइन ही अकाउंट में पैसा आ जायेगा। पूरी जानकर के लिए आप toffeeinsurance.com पर जा सकते हैं।

अब पेट्रोल पंप और किराना स्टोर पर भी मिलेंगी दवाइयां, सरकार करेगी यह बड़ी घोषणा

किराना स्टोर से अकसर लोग घर का सामान खरीदते हैं लेकिन अब जल्द ही इन स्टोर्स से दवाईयां भी खरीदी जा सकेंगी। सीएनबीसी आवाज की एक खबर के मुताबिक फार्मा कंपनियों के लिए बाजार का दायरा बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इस नए कानून के तहत ओवर द काउंटर बिकने वाली दवाइयां की एक नई परिभाषा तय की जाएगी।

इसे लेकर सरकार आने वाले समय में नई गाइडलाइन तैयार करेगी। आपको बता दें कि पैरासीटामॉल इब्रूफेन एंटासिड, रैंटाडीन, पेंटाप्रोजॉल, डाइजीन, वोवरान, क्वार्डीडर्म, ब्रोजोडेक्स जैसी दवाएं ओटीसी के तहत आती हैं।

फार्मा सेक्टर को मिलेगी राहत

सूत्रों के मुताबिक, OTC दवाइयों के नाम, डोज, पोटेंसी, लेबलिंग, पैकिंग और संख्या तय करेगी। सरकार के इस फैसले से फार्मा सेक्टर को राहत मिलेगी। इस फैसले से सनफार्मा, एबॉट, वॉकहार्ड, डा.रेड्डीज, ल्यूपिन जैसी कंपनियों की बिक्री बढ़ोतरी होगी।

इसके साथ ही OTC (ओवर द काउंटर ) बिकने वाली दवाइयों की परिभाषा बदल जाएगी। इसके अलावा ये सभी दवाएं केमिस्ट शॉप जैसे सिंगल सेलिंग प्वाइंट पर मिलेंगी।

OTC दवाओं पर होगी खास तरह की पैकेजिंग

इसके साथ ही यह दवाएं सुपर मार्केट्स, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप्स और किराने की दुकानों पर भी मिलेंगी। मौजूदा कानून के तहत ऐसा करना गैरकानूनी है लेकिन सरकार फैसला लेगी कि किन दवाओं को बिना डॉक्टरी प्रिसक्रिप्शन के लिया जाए।

इसके अलावा इन OTC दवाओं की खास तरह की पैकेजिंग की जाएगी। साथ ही, 10 से 15 गोली वाली पैकिंग की जगह तीन से आठ गोली की पैकिंग होगी।

ख़ुशख़बरी ! अब नेशनल हाईवे पर नहीं होगा टोल प्लाजा

अब आपको बहुत जल्द नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों से छुटकारा मिल सकता हैं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही टोल प्लाजा को खत्म करने की तैयारी में है। NHAI जल्द ही टोल प्लाजा को बंद कर ऑन-बोर्ड यूनिट डिवाइस की सुविधा देने की तैयारी कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब वाहनों में ही ऑन-बोर्ड यूनिट डिवाइस लगाये जाएंगे। इन डिवाइसेज की मदद से नेशनल हाइवे पर आपकी यात्रा पूरी होने के बाद खुद ही आपके खाते से पैसे काट लिए जाएंगे।

पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद किया जाएगा लागू

एनएचआई ने पहले ही दिल्ली-मुंबई में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू भी कर दिया है। इस पाइलेट प्राेजेक्ट के सफल घोषित होने के बाद नीतिन गडकरी की अध्यक्षता में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इसे देशव्यापी स्तर पर लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर देगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई और दिल्ली हाइवे पर जाने वाले कुछ वाहनों में ऑन-बोर्ड यूनिट डिवाइस लगाया जा रहा है। यह डिवाइस वाहनों में म्युजिक सिस्टम के करीब लगाया जा रहा है जो कि सीधे सेटेलाइट से जुड़ा होगा। इस डिवाइस को वाहनधारकों के खाते से लिंक किया जाएगा जिससे यात्रा करने के बाद बिना किसी झंझट के पैसे कट जाएं।

फास्टैग की वजह से टोल रेवन्यू में हुई थी बढ़ोतरी

पिछले साल सितंबर माह में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि फास्टैग डिवाइसेज की बढ़ते उपयोग से कुल टोल राजस्व में इजाफा हुआ है। फास्टैग की मदद से नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्राॅनिक माध्यम से भुगतान किया जाता है।

इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीका का प्रयोग हाेता है। फास्टैग लगने की वजह से टोल प्लाजा पर वाहन नाॅन-स्टाॅप चलते हैं। इससे हाइवे पर वाहन चालकों को घंटो लंबी लाइन से राहत मिलती है।

1 मिनट की ये एक्सरसाइज है 45 मिनट की जॉगिंग के बराबर, चर्बी हो जाएगी गायब

यदि आप लंबे समय तक स्वस्थ रहकर जीना चाहते हैं, तो नियमित व्यायाम करना बहुत जरूरी है। हालांकि व्यायाम से बचने और न करने से संबंधित आपके मन में कई विचार आएंगे और कई बाधाएं भी आएंगी। इसमें सबसे बड़ा जॉब के साथ टाइट निकालना है।

अगर आप भी अपनी व्यस्त दिनचर्या के चलते एक्सरसाइज या वर्कआउट के लिए टाइम नहीं निकाल पाते हैं तो परेशानी की कोई बात नहीं है। आज हम आपको एक ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बता रहे हैं जिसे करने में सिर्फ 1 मिनट लगता है। जबकि यह 45 मिनट की जॉगिंग के बराबर है। तो आइए जानते हैं क्या हैं वो ऐसी एक्सरसाइज—

सीढ़ियां चढ़ना

सीढ़िया चढ़ना एक ऐसी एक्सरसाइज है तो फिटनेस के लिहाज से बहुत जरूरी है। जिन लोगों की थाइज यानि कि जांघें बहुत मोटी होती है उनके लिए यह एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस एक्सरसाइज को आप कहीं भी कर सकते हैं।

चाहे आप जॉब पर हों, कॉलेज में हों या घर पर आराम से बैठे हों। हर बार जब आप बाहर निकलें तो लिफ्ट लेने के बजाय सीढ़ियों का चयन करें। यदि आप अपने स्तर को एक पायदान ऊपर ले जाना चाहते हैं, तो एक मिनट में ऊपर और नीचे चढ़ने का प्रयास करें। इससे आप हमेशा युवा बने रह सकते हैं।

यह है महिलाओं के प्रेग्नेंट होने के लिए सही उम्र, इंटेलिजेंट होगा बच्चा

आजकल करियर की भागदौड़ में WOMEN पहले की तुलना में अब देर से प्रग्नेंट हो रही हैं. यहां तक की बहुत- सी महिलाएं अपने फिगर को MAINTAIN करने के चक्कर में भी जल्दी प्रेग्नेंट नहीं होती हैं. अब तो महिलाएं अपने एग्स यानी अंडों को फ्रीज करके बाद में अपनी इच्छा के मुताबिक मां बन सकती हैं.

इस वजह से उन्हें कई बार बहुत-सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है.मगर अब देर से मां बनने वाली महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है . दरअसल एक शोध में सामने आया है कि जो महिलाएं 30 की उम्र में बच्चा पैदा करती हैं, उनका बच्चा तेज-तर्रार और होशियार होता है.

एक रिसर्च के मुताबिक जो महिलाएं 30 या इसके बाद बच्चै पैदा करती हैं उनमें यूट्रस कैंसर का खतरा कम होता है. साथ ही इस उम्र में बच्चा तेज और होशियार भी पैदा होता है. रिसर्च के दौरान इसके पीछे की मुख्य वजह पता चली है कि इस उम्र तक महिलाएं एक तो पूरी तरह से सेटल हो जाती हैं.

दूसरा वो मानसिक तौर पर बच्चा पैदा करने के लिए तैयार भी हो जाती हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक भी बच्चा पैदा करते वक्त मां का मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से स्वथ्य रहना बेहद जरूरी है. अगर मां स्वस्थ नहीं रहेगी तो इसका नकारात्मक असर बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ेगा.

‘दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला’ की सच्चाई आई सामने, लोग समझते हैं सऊदी अरब की रानी

इंटरनेट पर आपने ऐसी कई पोस्ट और तस्वीरें देखी होंगी, जिसे बिना कुछ सोचे-समझे आपने आगे शेयर कर दिया होगा। आमतौर पर लोग ऐसा ही करते हैं, बजाए उसकी सच्चाई जानने के। इस लड़की की तस्वीर भी आपने सोशल मीडिया पर कई बार देखी होगी।

इसे ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला’ भी बताया जाता है। कई लोग इस महिला को सऊदी अरब की रानी बताते हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही है। सोशल मीडिया पर कई लोग इस महिला का नाम फातिमा कुलसुम जोहर गोदाबरी बताते हैं।

हैरानी की बात तो ये है कि कई न्यूज साइट्स ने भी इस महिला की सच्चाई जाने बिना इसे सऊदी शेख अव्दी अल मोहम्मद की पत्नी बता दिया है। लेकिन हम आपको बता दें कि ये सारी बातें बिल्कुल झूठ हैं। इंटरनेट सेंशेशन बन चुकी इस लड़की की फोटो की सच्चाई कुछ और ही है।

सोशल मीडिया पर आए दिन शाएमा की तस्वीरें लोग शेयर करते हैं और कोई उन्हें ओमान के सुल्तान की बहू कहता है तो कोई उन्हें सऊदी शेख की बीवी समझता है, लेकिन किसी ने हकीकत जानने की कोशिश नहीं की।असल में इस महिला का नाम शाएमा अल-हम्मादी है।

ओमान की रहने वाली शाएमा शादीशुदा तो हैं, लेकिन न तो वो किसी सऊदी शेख की पत्नी हैं और न ही सऊदी अरब की रानी हैं बल्कि वो एक फेमस टीवी होस्ट हैं।शाएमा फिलहाल कतर के एक न्यूज चैनल में एंकरिंग करती हैं। उन्होंने ओमान के सरकारी चैनल ‘सल्तनत ऑफ ओमान टीवी’ पर सबसे पहले शो होस्ट किया था। शाएमा सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं।

टेलीकाॅम कंपनियां उठाने जा रही हैं ये बड़ा कदम, आपके मोबाइल का खर्च हो जाएगा दोगुना

आने वाले दिनों में आपको अपने फोन का रिचार्ज कराने के लिए दोगुने से भी अधिक राशि देनी पड़ सकती है। दूरसंचार कंपनियां प्रीपेड प्लान्स के अपने न्यूनतम रिचार्ज अमाउंट को बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। दरअसल Jio के आने के बाद सभी टेलीकॉम कंपनियां वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। ऐसे में वे अपने प्रीपेड ग्राहकों से ज्यादा रुपए वसूलकर अपने घाटों को कम करने की योजना बना रही हैं। इसके तहत आपके मोबाइल की मिनिमम बैलेंस राशि 75 रुपए हो जाएगी। ऐसे में इनकमिंग चालू रखने के लिए ग्राहकों को हर 28 दिनों में यह कीमत चुकानी पड़ेगी।

एयरटेल कर सकती है रिचार्ज शुल्क में बढ़ोतरी

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के सीएमडी सुनील भारती मित्तल ने न्यूनतम रिचार्ज की दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि की वैधता के दिन अब लद गए हैं। कभी कंपनियां ग्राहकों को नेटवर्क पर जोड़े रखने के लिए लाइफ टाइम रिचार्ज के ऑफर दिया करती थीं। फिलहाल ग्राहकों को नेटवर्क से जुड़े रहने के लिए कम से कम हर महीने 35 रुपये का रिचार्ज कराना अनिवार्य है, लेकिन मीडिया रिपोट्स की मानें तो जो आने वाले दिनों में प्रति माह 75 रुपये तक पहुंच जाएगा।

ग्राहकों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा

जानकारी के अनुसार उन ग्राहकों की कोर्इ कमी नहीं है जो सिम रखने के साथ सुविधा भी लेते हैं आैर रिचार्ज नहीं करवाते हैं। ऐसे ग्राहकों की संख्या करीब 1 करोड़ से भी ज्यादा है। देश में तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां हैं, जिसमें जियो द्वारा सेवाएं शुरू करने पर फ्री इनकमिंग जारी रखने को लेकर कोई प्लान नहीं लाया गया, इसके बाद वित्तीय संकट झेल रही कंपनियों ने न्यूनतम रीचार्ज राशि प्रणाली लेकर आईं।

ट्राई भी दे सकता है कंपनियों को अनुमति

कंपनियों की इस योजना पर दूरसंचार नियामक ट्राई छह माह तक रोक लगा सकता है, लेकिन अनुमान है कि वित्तीय संकट के मद्देनजर नियामक कंपनियों के खिलाफ ऐसा कदम नहीं उठाएगा। पिछले साल नवंबर में जब न्यूनतम रिचार्ज की दर अचानक 35 रुपये की गई थी, तब ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस जारी किया था और ग्राहकों को पूरी जानकारी देने को कहा था। हालांकि तब भी ट्राई ने इन कंपनियों पर कोई शुल्क नहीं लगाया था, न कोई कार्रवाई की थी।हालांकि, भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने फिलहाल इस मसले पर कोई कदम नहीं उठाया है।

सलमान की जिस फिल्म का विरोध कर रहे थे किसान, उसी ने बना दिया लखपति, एक दिन के मिल रहे हैं इतने लाख रूपये

सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म ‘भारत’ (Bharat) इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। वजह है हाल ही में रिलीज हुआ फिल्म का टीजर, जिसे बेहद पसंद किया जा रहा है। इसके पहले भी ‘भारत’ (Bharat) चर्चा में आई थी जब फिल्म की शूटिंग लुधियाना (Ludhiana) में की जा रही थी।

यहां के लोगों ने फिल्म की शूटिंग का विरोध किया था लेकिन खबरों की मानें तो इसी फिल्म की वजह से लुधियाना के गांव के किसान लखपति बन गए हैं। कुछ ऐसी है किसानों के लखपति बनने की कहानी…

सलमान की ‘भारत’ की स्क्रिप्ट में भारत-पाकिस्तान विभाजन का हिस्सा भी शामिल है। स्क्रिप्ट की डिमांड के हिसाब से सीन वाघा बॉर्डर पर शूट होना था लेकिन सुरक्षा कारणों से बीएसएफ ने शूटिंग की परमिशन नहीं दी। फिर मेकर्स ने वाघा बॉर्डर के सीन को शूट करने के लिए लुधियाना के गांव बल्लोवाल में सेट बनाया गया।

मेकर्स ने सेट को बनाने के लिए बल्लोवाल गांव के कुछ किसानों की जमीन किराए पर ली। मेकर्स ने किसानों को किराए के तौर पर प्रति एकड़ 80 हजार रुपए दिए और 19 एकड़ की जमीन किराए पर ली थी। इसके चलते किसानों को प्रति दिन 15 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया था।

किसानों ने किया था विरोध

रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म के सेट लगने से पास के गांव के किसानों को परेशानी भी हुई थी। जोधा गांव के किसानों को फिल्म की शूटिंग के दौरान खेतों में जाने नहीं दिया जा रहा था। इसी वजह से गांव के लोग मेकर्स का विरोध करने लगे थे।

हालांकि, डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने इन खबरों को अफवाह बताया था। उन्होंने कहा था कि शूटिंग में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। बता दें कि इसी साल ईद पर रिलीज होने वाली फिल्म भारत में सलमान के अलावा कैटरीना कैफ, तब्बू, दिशा पाटनी, जैकी श्रॉफ, सुनील ग्रोवर लीड रोल में हैं।